यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: सीनियर केयर एजिंग ग्रोथ इंजन (Senior Care Aging Growth Engine - SAGE)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): सीनियर केयर एजिंग ग्रोथ इंजन (Senior Care Aging Growth Engine - SAGE)

सीनियर केयर एजिंग ग्रोथ इंजन (Senior Care Aging Growth Engine - SAGE)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में भारत सरकार ने बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए एसएजीई (सीनियर केयर एजिंग ग्रोथ इंजन) कार्यक्रम और एसएजीई पोर्टल को वर्चुअल तरीके से लांच किया है। एसएजीई पोर्टल भरोसेमंद स्टार्टअप के जरिए बुजुर्गों की देखभाल में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों और सेवाओं को प्रदान करने वाला "वन-स्टॉप एक्सेस" होगा।

स्टार्ट-अप का चयन

  • बुजुर्गों की मदद के लिए स्टार्ट-अप का चयन नवीन उत्पादों और सेवाओं के आधार पर किया जाएगा- एसएजीई के तहत चुने गए स्टार्ट-अप वे होंगे जो स्वास्थ्य, यात्र, वित्त, कानूनी, आवास, भोजन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बुजुर्ग व्यक्तियों को नए और इन्नोवेटिंग उत्पाद और सेवाएं प्रदान करेंगे।
  • एसएजीई कार्यक्रम बुजुर्गों के लिए स्टार्ट-अप पर अधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति (EEC) रिपोर्ट की सिफारिशों पर बनाई गई है।
  • स्टार्ट-अप का चयन विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक चयनित स्टार्ट-अप को एकमुश्त इक्विटी के रूप में 1 करोड़ रुपये तक का फंड दिया जाएगा।

एसएजेई कार्यक्रम

  • एसएजेई कार्यक्रम का उद्देश्य सीधे हितधारकों के लिए उत्पादों, समाधानों और सेवाओं की पहचान करना, मूल्यांकन करना, सत्यापित करना, एकत्र करना और वितरित करना है।
  • सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय इन चयनित स्टार्ट-अप के माध्यम से बुजुर्गों को उत्पादों तक पहुंचने में सक्षम बनाने के लिए एक सुविधा के रूप में कार्य करेगा।
  • अधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति (ईईसी) की रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि इस क्षेत्र में व्यापार के अवसर सामाजिक उद्यमों (गैर-लाभकारी, अनौपचारिक नेटवर्क), प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप (फिनटेक, एडुटेक, फूडटेक, हेल्थटेक, वेल्थटेक), कानूनी और वित्तीय सेवाओं (योजना समाधान, बीमा, मेडिको-लीगल), इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रबंधित देखभाल प्रणाली (वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवास, रहने की सुविधाएं, देखभाल केंद्र) जैसे क्षेत्रों में हैं।
  • अनुसंधान और डेटा-संचालन कंपनियां और सोशल इंटरप्राइजेज इन्क्यूबेटरों को भी एसएजेई का हिस्सा बनने के लिए आगे आने की उम्मीद है।

इस कार्यक्रम की आवश्यकता क्यों?

  • भारत में बुजुर्गों की आबादी बढ़ रही है और सर्वेक्षणों के अनुसार, देश में कुल आबादी में बुजुर्गों की हिस्सेदारी 2001 में 7.5 प्रतिशत से बढ़कर 2026 तक लगभग 12.5 प्रतिशत और 2050 तक 19.5 प्रतिशत से अधिक होने की उम्मीद है।
  • परिस्थिति को देखते हुए, भारत में विशेष रूप से कोविड के बाद के समय में एक अधिक मजबूत वरिष्ठ नागरिक देखभाल ईको सिस्टम बनाने की तत्काल आवश्यकता है। सीनियर केयर एजिंग ग्रोथ इंजन परियोजना बुजुर्गों के लिए स्टार्ट-अप्स पर अधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति (ईईसी) की रिपोर्ट की सिफारिशों के अनुसार बनाई गई है।

बुजुर्गों के लिये अन्य सरकारी पहलें

  • वृद्ध व्यक्तियों के लिये एकीकृत कार्यक्रम (IPOP): वरिष्ठ नागरिकों के लिए (वृद्धावस्था गृह)/निरंतर देखभाल गृह, मोबाइल मेडिकल यूनिट के संचालन और रख रखाव के लिए सहायता अनुदान प्रदान किया जाता है।
  • राष्ट्रीय वयोश्री योजनाः राष्ट्रीय वयोश्री योजना की शुरुआत वर्ष 2017 में देश के वृद्धजनों को लाभ पहुंचाने के लिए की गयी है। इस योजना के अंतर्गत देश के वृद्ध नागरिको को केंद्र सरकार के द्वारा जीवन सहायक उपकरण उपलब्ध कराये जायेगे। इस योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के जीवन यापन के लिये आवश्यक उपकरणों को शिविरों के माध्यम से वितरित किया जाएगा।
  • वय वंदना योजनाः बुजुर्गों पर विशेष ध्यान के लिए भारत सरकार ने इस योजना की शुरुआत वर्ष 2017 में की। प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई PMVVY) 60 वर्ष और उससे ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक पेंशन योजना है। इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को मासिक पेंशन विकल्प चुनने पर 10 वर्षों के लिए 8 फीसदी के गारंटी के साथ रिटर्न की व्यवस्था की गई है।
  • माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007: माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधि नियम, 2007 (Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007) वृद्ध व्यक्तियों एवं माता-पिता के भरण-पोषण एवं देखरेख का एक प्रभावी व्यवस्था करती है।