यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (विषय: सतत पहल (SATAT Scheme)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): सतत पहल (SATAT Scheme)

सतत पहल (SATAT Scheme)

चर्चा का कारण

  • इंडियन ऑयल, एनटीपीसी और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने गैसीकरण तकनीक का उपयोग करते हुए दिल्ली के ओखला लैंडफिल साइट पर अपशिष्ट से ऊर्जा सुविधा विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • गौरतलब है कि पिछले वर्ष नीति आयोग ने दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के अलावा उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने भलस्वा लैंडफिल साइट को खत्म करने के लिए 1200 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान लगाया था।

प्रमुख बिन्दु

  • यह संयंत्र प्रति वर्ष नगरपालिका अपशिष्टों के दहनशील घटकों से उत्पन्न होने वाले 17,500 टन अपशिष्ट व्युत्पन्न ईंधन (त्मनिेम क्मतपअमक थ्नमसदृ त्क्थ्) को संसाधित करेगा, जिसका उपयोग बिजली उत्पन्न करने में किया जाएगा।
  • संयुक्त उपक्रम द्वारा स्थापित किए जाने वाले संयंत्र से, ठोस अपशिष्ट से बिजली, बायो-मीथेन गैस और अन्य उत्पाद बनाएं जाएंगे, साथ ही यह लैंडफिल साइट पर कचरे के भार को भी कम करने में मदद करेगा।

सतत पहल क्या है?

  • सतत पहल एक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य विकास से जुड़े एक ठोस प्रयास के रूप में किफायती परिवहन या आवाजाही के लिए टिकाऊ विकल्प मुहैया कराना है जिससे वाहनों का इस्तेमाल करने वालों के साथ-साथ किसान एवं उद्यमी भी लाभान्वित होंगे।
  • देश भर में स्थापित इस हजारों संयंत्रें से प्राप्त सीबीजी पर आधारित गैस ग्रिड के विस्तारीकरण से भारत का आयात बोझ काफी घट जाएगा और इसके साथ ही पारंपरिक पेट्रोलियम ईंधनों का एक किफायती एवं पर्यावरण अनुकूल विकल्प मिलेगा।
  • यह अपशिष्ट या कचरे से संपदा सृजित करने का एक उद्यम है। यह योजना भावी उद्यमियों के लिए लाभदायक है क्योंकि इसके तहत गारंटीड रिटर्न मिलता है। तेल विपणन कंपनियों द्वारा इसका निश्चित उठाव किया जाता है, इसके लिए पर्याप्त मात्र में कच्चा माल उपलब्ध है और इसके लिए किसी विशेष प्रौद्योगिकी के होने की शर्त शामिल नहीं है।
  • बैंक इन परियोजनाओं की लाभप्रदता को ध्यान में रखते हुए इनके लिए आवश्यक सहयोग देने को तैयार है। सरकार इस तरह की परियोजनाओं के लिए उदार शर्तों पर ऋण मुहैया कराने हेतु संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण कोष और जापानी सरकार से बात कर रही है।
  • शहरी गैस वितरण (सीजीडी) प्रणाली 400 जिलों में उपलब्ध होगी जो कंप्रेस्ड बायो-गैस के लिए तैयार बाजार उपलब्ध कराएंगे।

अपशिष्ट को ऊर्जा में परिवर्तित करने के लाभ

  • शहरों में अपशिष्ट प्रबंधन से वायु प्रदूषण में कमी आएगी, साथ ही कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। इससे किसानों को लाभ होगा जो काफी मात्र में अपशिष्ट उत्पन्न करते हैं।
  • इस प्रकार के संयंत्रें से जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं में सहायता मिलेगी। साथ ही प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के आयात में कमी होगी जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

बायोगैस

  • यह गैस का वह मिश्रण है जो ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में जैविक सामग्री के विघटन से उत्पन्न होती है। इसका मुख्य घटक मीथेन है, जो ज्वलनशील है जिसे जलाने पर ताप और ऊर्जा मिलती है।
  • बायोगैस का उत्पादन एक जैव-रासायनिक प्रक्रिया द्वारा होता है, जिसके तहत कुछ विशेष प्रकार के बैक्टीरिया जैविक कचरे को उपयोगी बायोगैस में बदलते है। इस गैस को जैविक गैस या बायोगैस इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका उत्पादन जैविक प्रक्रिया (बायोलॉजिकल प्रॉसेस) द्वारा होता है।
  • यह गैस विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रें में खाना पकाने और प्रकाश व्यवस्था के लिए उर्जा की आपूर्ति को पूरा करती है। साथ ही बायोगैस तकनीक अवायवीय पाचन (।दंमतवइपब कपहमेजपवद) के बाद उच्च गुणवत्ता वाली खाद प्रदान करती है जो कि सामान्य उर्वरक की तुलना से बहुत अच्छी होती है।