यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: कश्मीरी चेरी के निर्यात को बढ़ावा (Promotion of Kashmir's Mishri Cherry Export)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): कश्मीरी चेरी के निर्यात को बढ़ावा (Promotion of Kashmir's Mishri Cherry Export)

कश्मीरी चेरी के निर्यात को बढ़ावा (Promotion of Kashmir's Mishri Cherry Export)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में कश्मीर से मिश्री किस्म की चेरी का पहला वाणिज्यिक शिपमेंट दुबई को निर्यात किया गया है। इसमें एपीडा ने भी मदद की है।

मुख्य बिन्दु

  • बागवानी फसलों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कश्मीर घाटी से मिश्री किस्म की स्वादिष्ट चेरी का पहला वाणिज्यिक शिपमेंट श्रीनगर से दुबई के लिए निर्यात किया गया है। एपीडा ने एमएस देसाई एग्री-फूड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दुबई के लिए हुए चेरी के इस शिपमेंट में मदद की है।
  • शिपमेंट से पहले चेरी को एपीडा से पंजीकृत निर्यातक द्वारा चेरी की तुड़ाई, सफाई और पैकिंग की गई थी, जबकि तकनीकी जानकारी कश्मीर के शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई है।
  • उल्लेखनीय है कि एपीडा सेब, बादाम, अखरोट, केसर, चावल, ताजे फलों और सब्जियों तथा प्रमाणित जैविक उत्पादों जैसे कृषि उत्पादों की कश्मीर से निर्यात करने की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए किसानों, कृषि उत्पादक संगठनों (एफपीओ), सरकारी अधिकारियों और अन्य हितधारकों के साथ कार्य कर रहा है।
  • इस क्षेत्र से समशीतोष्ण फलों का निर्यात सुनिश्चित करने के लिए कश्मीर के स्थानीय उत्पादकों, आपूर्तिकर्ताओं, एफपीओ और निर्यातकों को शामिल करते हुए वर्चुअल जागरूकता निर्माण कार्यक्रम के अनेक दौर आयोजित किए जा रहे हैं।
  • वैश्विक मानकों का पालन करने वाले गुणवत्तायुक्त कृषि उत्पादों का निर्यात सुनिश्चित करने के लिए एपीडा ने नेशनल जैविक उत्पादन कार्यक्रम और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के अधि कारियों के लिए आईएसओ-17065 जरूरतों के बारे में जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू किया है। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य जैविक उत्पादों के साथ-साथ जैविक उत्पादों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए इस केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारियों को तृतीय-पक्ष प्रमाणन प्रणाली से परिचित कराना भी है।

कश्मीरी चेरी

  • मिश्री किस्म की यह चेरी न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि इसमें स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ विटामिन, खनिज और वनस्पति यौगिक भी भरपूर मात्रा में होते हैं।
  • उल्लेखनीय है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में देश की वाणिज्यिक किस्मों की चेरी के कुल उत्पादन का 95% से अधिक उत्पादन होता है।
  • यहां चेरी की चार किस्मों- डबल, मखमली, मिश्री और इटली का मुख्य रूप से उत्पादन होता है।

एपीडा के बारे में

  • कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (Agriculture and Processed Food Products Eñport Development Authority- APEDA) की स्थापना दिसंबर, 1985 में संसद द्वारा पारित कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण अधिनियम के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा की गई थी।
  • एपीडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रलय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन स्थापित एक प्राधिकरण है।
  • इसे फल, सब्जियों और उनके उत्पाद, मांस और मांस उत्पाद, पॉल्ट्री उत्पाद, डेयरी उत्पाद, कन्फेक्शनरी, बिस्कुट और बेकरी उत्पाद, शहद, गुड़ और चीनी उत्पाद, कोको आदि उत्पादों के निर्यात संवर्धन और विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • इसके अतिरिक्त, एपीडा को सभी प्रकार के चॉकलेट, मादक और गैर-मादक पेय, अनाज और अनाज उत्पाद, मूंगफली और अखरोट, अचार, पापड़ और चटनी, ग्वार गम, फूल और फूल उत्पाद, हर्बल और औषधीय पौधे जैसे उत्पादों के निर्यात संवर्धन और विकास की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जम्मू और कश्मीर

  • जम्मू और कश्मीर 5 अगस्त 2019 तक भारत का एक राज्य था जिसे अगस्त 2019 में द्विभाजित कर जम्मू और कश्मीर एवं लद्दाख नमक दो केंद्र शासित प्रदेश के रूप में स्थापित कर दिया गया।
  • यह राज्य पूर्वतः ब्रिटिश भारत में जम्मू और कश्मीर रियासत नामक शाही रियासत हुआ करता था।
  • जम्मू और कश्मीर हिमालय पर्वत शृंखला के सबसे ऊँचे हिस्सों में स्थित है, और इसे अपनी प्राकृतिक सौंदर्य एवं संसाधनों के लिए जाना जाता है।
  • साथ ही जम्मू , कश्मीर और लद्दाख का इलाका अपनी विशिष्ट संस्कृति के लिए जाना जाता है।
  • यहाँ स्थित वैष्णो देवी तथा अमरनाथ की गुफाएँ हिंदुओं के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ का केंद्र रहा है।