यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme)

पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme)

चर्चा का कारण

  • लॉकडाउन के कारण रेहड़ी-पटरी लगाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा है। इनकी आजीविका पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है। भारत सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रलय ने ऐसे लोगों के लिए पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना शुरू की है। सरकार ने स्ट्रीट वेंडरों की मदद की खातिर इस स्कीेम के लिए 5000 करोड़ रुपये की राशि रखी है।

आवश्यकता क्यों?

  • रेहड़ी विक्रेताओं द्वारा आपूर्ति की जाने वाली वस्तुओं में सब्जियां, फल, रेडी-टू-ईट स्ट्रीट फूड, चाय, पकौड़े, ब्रेड, अंडे, वस्त्र, परिधान, जूते, कारीगर उत्पाद, किताबें/स्टेशनरी आदि शामिल हैं। सेवाओं में नाई की दुकानें, मोची, पान की दूकानें व कपड़े धोने की दूकानें भी शामिल हैं।
  • वे लोग कोविड-19 संकट के मद्देनजर जिन समस्याओं का सामना कर रहें है, उनके प्रति भारत सरकार संवेदनशील है। ऐसे समय में उन्हें अपने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सस्ती क्रेडिट प्रदान करने की तत्काल आवश्यकता है।

प्रमुख बिन्दु

  • यह योजना ठप्प पड़ चुके रोजगारों को दोबारा चालू करने में काफी मददगार साबित होगा। इस योजना के तहत छोटे कामकाजियों की आर्थिक मदद की जाएगी। इस योजना को पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM Street Vendor AatmanirbharNidhi scheme) नाम दिया गया है। इस योजना का लाभ लगभग 50 लाख लोगों को मिलेगा।
  • इस योजना के तहत सड़कों के किनारे सामान बेचने वाले, रेहड़ी-पटरी वालों को 10 हजार रुपये तक का कर्ज सरकार द्वारा 1 साल के लिए दिया जाएगा। लिए गए कर्ज को 1 साल के अंदर किश्तों में इन्हें वापस लौटाना होगा।

सरकार की महत्वाकांक्षी योजना

  • यह भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है कि शहरी/ग्रामीण क्षेत्रें के आस-पास सड़क पर माल बेचने वाले विक्रेता शहरी आजीविका कार्यक्रम के लाभार्थी बन गए हैं। वेंडर 10,000 रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण का लाभ उठा सकते हैं जिसे वे एक वर्ष में मासिक किस्तों में चुका सकते हैं।
  • ऋण की समय पर/जल्दी चुकौती करने पर 7% प्रति वर्ष की दर से ब्याज सब्सिडी लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से छह मासिक आधार पर जमा की जाएगी। ऋण के समय से पहले चुकाने पर कोई पेनल्टी नहीं ली जाएगी।
  • इस योजना में ऋण सीमा को समय पर/शीघ्र चुकाने के लिए ऋण की सीमा में वृद्धि करने में मदद मिलती है ताकि विक्रेता को आर्थिक सीढ़ी पर ऊपर चढ़ने की अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने में मदद मिल सके।
  • यह पहली बार है कि एमएफआई/गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान/स्वयं सहायता समूह बैंकों को उनके जमीनी स्तर की उपस्थिति और सड़क पर माल बेचने वालों सहित शहरी गरीबों के साथ निकटता के कारण शहरी गरीबों की इस योजना में अनुमति दी गई है।

सशक्तिकरण के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग

  • प्रभावी वितरण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस योजना को एंड-टू-एंड समाधान के साथ संचालित करने के लिए वेब पोर्टल/मोबाइल ऐप के साथ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है।
  • यह आईटी प्लेटफॉर्म वेंडर्स को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में समाहित करने में भी मदद करेगा। यह प्लेटफॉर्म क्रेडिट प्रबंधन के लिए सिडबी के उद्यमी मित्र पोर्टल और आवास और शहरी मामलों के मंत्रलय के पैसा पोर्टल के साथ एकीकृत करेगा ताकि ब्याज सब्सिडी को स्वचालित रूप से नियंत्रित किया जा सके।

डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करना

  • यह योजना सड़क पर माल बेचने वालों को मासिक नकद वापसी के जरिये डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करेगी।

आगे की राह

  • जानकार मानते हैं कि रेहड़ी-पटरी वाले आमतौर पर सूदखोरों के चंगुल में फंस जाते हैं। सूदखोर छोटी सी रकम के बदले उनसे जमकर ब्याज वसूलते हैं। यह स्कीम सूदखोरों के जाल से उन्हें बचाएगी।