यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: 09 देशों में ‘वन स्टॉप सेंटर’ ('One Stop Center' in 09 Countries)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): 09 देशों में ‘वन स्टॉप सेंटर’ ('One Stop Center' in 09 Countries)

09 देशों में ‘वन स्टॉप सेंटर’ ('One Stop Center' in 09 Countries)

चर्चा में क्यों?

  • महिला और बाल विकास मंत्रालय (WCD), भारत सरकार ने 26 मई, 2021 को यह घोषणा की है कि, सार्वजनिक या निजी स्थानों पर हिंसा से प्रभावित भारतीय महिलाओं को समर्थन और सहायता प्रदान करने के लिए WCD विदेश मंत्रालय (MEA) के सहयोग से 09 देशों में 10 वन-स्टॉप सेंटर स्थापित करेगा।
  • जिन 09 देशों में ‘वन-स्टॉप सेंटर’ हैं, वे हैं- ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, कनाडा, कुवैत, ओमान, कतर, सिंगापुर, सऊदी अरब और यूएई- सऊदी अरब को छोड़कर हर देश में एक केंद्र होगा। सऊदी अरब में दो केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

वन स्टॉप सेंटर (OSC) क्या हैं?

  • वन-स्टॉप सेंटर राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण मिशन के तहत एक ऐसी योजना है जो सार्वजनिक और निजी जगहों पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक एकीकृत सहायता प्रणाली प्रदान करती है।
  • OSC योजना निर्भया कोष द्वारा वित्त पोषित है। केंद्र सरकार OSC के लिए राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों को 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
  • दिसंबर, 2012 में निर्भया गैंगरेप के बाद उषा मेहरा आयोग ने फरवरी, 2013 में ‘वन स्टॉप सेंटर’ की सिफारिश की थी।
  • वर्तमान में, भारत में 700 वन स्टॉप सेंटर हैं। भारत की योजना वर्ष, 2021 तक पूरे देश में 300 और OSC स्थापित करने की है।

जिन सेवाओं के लिए ये योजना बनी है

  • आपातकालीन प्रतिक्रिया और बचाव सेवाएं
  • चिकित्सा सहायता
  • प्राथमिकी दर्ज करने में महिलाओं की सहायता
  • मनो-सामाजिक सहयोग एवं परामर्श
  • कानूनी सहायता और परामर्श
  • आश्रय
  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा

वन-स्टॉप सेंटरः उद्देश्य

  • निजी या सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा का शिकार बनने वाली महिलाओं को आवश्यक सहायता प्रदान करना।
  • हिंसा से प्रभावित महिलाओं की तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया और बचाव सेवायें, चिकित्सा सहायता, प्राथमिकी दर्ज करने में महिलाओं की सहायता, मनोवैज्ञानिक या परामर्श सहायता, कानूनी सहायता, रहने के लिए आश्रय सुविधा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा के साथ-साथ मुफ्रत पुलिस और अदालती कार्यवाही के दौरान सहायता करना है।

सुरक्षा की आवश्यकता क्यों

  • लिंग आधारित हिंसा (GBV): यह एक वैश्विक स्वास्थ्य, मानवाधिकार और विकास संबंधी मुद्दा है, और यह, भूगोल, वर्ग, संस्कृति, उम्र, नस्ल और धर्म को पार करते हुए दुनिया के हर कोने में हर समुदाय और देश को प्रभावित करता है। इससे बचने के लिए ‘वन-स्टाप सेंटर’ की आवश्यकता है।
  • ‘हिंसा उन्मूलन’ पर वर्ष 1993 की संयुक्त राष्ट्र घोषणा के अनुच्छेद 1, में लिंग आधारित दुर्व्यवहार की परिभाषा निर्धारित की गई है। इसके अनुसार- लिंग आधारित दुर्व्यवहार में, लैंगिक हिंसा से संबंधित किसी भी कृत्य, जिसके परिणामस्वरूप शारीरिक, यौन या मनोवैज्ञानिक नुकसान होता है, या होने की संभावना है, तथा सार्वजनिक या निजी जीवन में महिलाओं को पीड़ा पहुंचाने, ऐसे कृत्यों की धमकी देने, जबरदस्ती करने या मनमाने ढंग से उन्हें स्वतंत्रता से वंचित करने, को शामिल किया गया है।