यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (विषय: गैर-व्यक्तिगत डेटा (Non-Personal Data)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): गैर-व्यक्तिगत डेटा (Non-Personal Data)

गैर-व्यक्तिगत डेटा (Non-Personal Data)

चर्चा का कारण

  • सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक क्रिस गोपाल कृष्णन की अध्यक्षता में गठित समिति ने सुझाव दिया है कि भारत को ऑनलाइन एकत्र की गई जानकारी के शेयरिंग, मुद्रीकरण (monetization) और सूचनाओं की प्राइवेसी की निगरानी के लिए एक नए डेटा रेगुलेटर की जरूरत है।
  • समिति ने रिपोर्ट में सरकार को गैर-व्यक्तिगत डेटा की रूपरेखा के प्रस्तावित नियमों पर सुझाव दिये हैं।

प्रमुख बिन्दु

  • समिति ने सुझाव दिया है कि देश में उत्पन्न गैर-व्यक्तिगत डेटा को विभिन्न घरेलू कंपनियों और संस्थाओं द्वारा दोहन करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
  • इसने एक नए प्राधिकरण की स्थापना का भी सुझाव दिया है जो इस तरह के गैर-व्यक्तिगत डेटा के उपयोग और उसकी निगरानी के लिए सशत्तफ़ होगा।

गैर-व्यक्तिगत डेटा क्या है

  • गैर-व्यक्तिगत डेटा उन जानकारी से संबंधित है जिसमें नाम, आयु या पता जैसे कोई विवरण शामिल नहीं हैं, जिसका उपयोग किसी व्यक्ति की पहचान करने के लिए किया जा सकता है।
  • उदाहरण के लिये किसी खाद्य वितरण सेवा प्रदान करने वाली कंपनी द्वारा मुख्य रूप से व्यक्ति का नाम, आयु, लिंग और अन्य संपर्क (contact) संबंधी जानकारी मांगी जाती है। अब यदि डेटा के इस समूह से नाम और संपर्क संबंधी सूचना हटा दी जाए तो यह गैर-व्यक्तिगत डेटा बन जाएगा और इसके आधार पर किसी व्यक्ति विशिष्ट की पहचान करना संभव नहीं होगा।
  • सरकारी समिति (जिसने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है) ने डेटा के स्रोत और इस तथ्य के आधार पर कि डेटा के माध्यम से व्यक्ति विशिष्ट की पहचान की जा सकती है अथवा नहीं गैर-व्यक्तिगत डेटा को तीन मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया है-सार्वजनिक गैर-व्यक्तिगत डेटा, सामुदायिक गैर-व्यक्तिगत डेटा और निजी गैर-व्यक्तिगत डेटा।

सार्वजनिक गैर-व्यक्तिगत डेटा

  • सार्वजनिक गैर-व्यक्तिगत डेटा में शामिल हैं - सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा एकत्र किये गए सभी प्रकार के डेटा जैसे- जनगणना, नगर निगम द्वारा कर रसीद के माध्यम एकत्र डेटा और सभी सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित कार्यों के निष्पादन के दौरान एकत्र की गई जानकारी इत्यादि।

सामुदायिक गैर-व्यक्तिगत डेटा

  • सामुदायिक गैर-व्यक्तिगत डेटा के अंतर्गत व्यक्तियों के एक विशिष्ट समूह से संबंधित डेटा को शामिल किया गया है, जैसे- एक ही भौगोलिक स्थिति साझा करने वाले लोगों का डेटा, धर्म, नौकरी, या अन्य सामान्य सामाजिक हित समुदाय, एक जैसा रोजगार करने वाले लोगों का डेटा आदि। उदाहरण के लिए सार्वजनिक परिवहन संबंधी सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनियों, टेलीकॉम कंपनियों, बिजली वितरण कंपनियों आदि द्वारा एकत्र डेटा।

निजी गैर-व्यक्तिगत डेटा

  • निजी गैर-व्यक्तिगत डेटा की श्रेणी में उस डेटा को शामिल किया गया है, जो कि एक व्यक्ति विशिष्ट या सॉफ्रटवेर के माध्यम से एकत्र किया जाता है।

गैर-व्यक्तिगत डेटा कितना संवेदनशील हो सकता है?

  • व्यक्तिगत डेटा के विपरीत, जिसमें किसी व्यक्ति के नाम, आयु, लिंग, यौन अभिविन्यास, बायोमेट्रिक्स और अन्य आनुवंशिक विवरणों के बारे में स्पष्ट जानकारी होती ह,ै गरै-व्यक्तिगत डेटा से किसी व्यक्ति विशिष्ट की पहचान करना बेहद मुश्किल है । हालांकि, कुछ श्रेणियों में जैसे कि राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित डेटा या सरकारी प्रयोगशालाओं या अनुसंधान संस्थाओं के रणनीतिक महत्व वाले डेटा अगर गलत हाथों में चले गए तो यह भारत के लिये सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हो सकता है।
  • इसके अलावा अगर किसी समुदाय के स्वास्थ्य से संबंधित गैर-व्यक्तिगत डेटा का मुत्तफ़ प्रवाह भी खतरनाक साबित हो सकता है। समिति ने कहा कि यदि मूल व्यक्तिगत डेटा संवेदनशील प्रकृति का हो तो ऐसे नुकसान की संभावनाएं बहुत अधिक होती हैं।