यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: नोबेल शांति पुरस्कार-2020 (Nobel Peace Prize - 2020)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): नोबेल शांति पुरस्कार-2020 (Nobel Peace Prize - 2020)

नोबेल शांति पुरस्कार-2020 (Nobel Peace Prize - 2020)

चर्चा का कारण

  • संयुक्त राष्ट्र (United nation) की आपात खाद्य राहत एजेंसी, विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme-WFP) को वर्ष 2020 के नोबेल शान्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

प्रमुख बिन्दु

  • नोबेल समिति के अनुसार भुखमरी के ख़िलाफ़ लड़ाई में और हिंसक संघर्ष प्रभावित इलाकों में शान्ति के लिये हालात बेहतर बनाने में एजेंसी के योगदान को पहचान व मान्यता दी गई है।
  • गौरतलब है कि यूएन एजेंसी युद्ध व हिंसा के दौरान भुखमरी को एक औजार के रूप में इस्तेमाल किये जाने की रोकथाम में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है।
  • विश्व खाद्य कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर भोजन सम्बन्धी सहायता सहित अन्य प्रकार की मानवीय राहत प्रदान करता है। वर्ष 2019 में 88 देशों में साढ़े नौ करोड़ से ज्यादा लोगों तक मदद पहुँचाई गई। इनमें सीरिया सहित अन्य हिंसा प्रभावित क्षेत्र शामिल हैं।
  • नोबेल पुरस्कार समिति के मुताबिक कोविड-19 महामारी से भुखमरी का दायरा और बढ़ने और 26 करोड़ 50 लाख से ज्यादा लोगों के एक साल के भीतर भुखमरी का शिकार होने की आशंका है। यूएन एजेंसी ने कहा है कि आपात अभियानों, राहत पहुँचाने के लिये जवाबी कार्रवाई, लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन में एजेंसी की विशेषज्ञता का उपयोग ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों तक पहुँचने के लिये किया जायेगा।
  • विश्व खाद्य कार्यक्रम दुनिया के सबसे खतरनाक और दूरदराज के इलाकों में भी राहत प्रयासों में जुटा है और राहत वितरण के लिये हरसम्भव माध्यम को उपयोग में लाया जाता है।

विश्व खाद्य कार्यक्रम

  • विश्व खाद्य कार्यक्रम की स्थापना वर्ष 1961 में हुई, इसे विश्व के सबसे विशाल मानवीय राहत संगठन के रूप में देखा जाता है। एक ऐसा संगठन जो आपात हालात में जिंदगियाँ बचाने, समृद्धि का निर्माण करने और संघर्ष, त्रसदियों और जलवायु परिवर्तन से उबर रहे लोगों के लिये एक टिकाऊ भविष्य को सहारा प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
  • इसका मुख्यालय रोम (इटली) में स्थित है।

विश्‍व खाद्य कार्यक्रम के कार्य एवं भारत

  • विश्‍व खाद्य कार्यक्रम भुखमरी मिटाने और खाद्य सुरक्षा पर केन्द्रित संयुक्‍त राष्‍ट्र एजेंसी है। विश्‍व भर में आपातस्थितियों में इसका काम यह देखना है कि जरूरतमंदों तक खाद्य सामग्री पहुंचे। विशेषकर गृह युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं में।
  • भारत में विश्‍व खाद्य कार्यक्रम अब सीधे खाद्य सहायता प्रदान करने के बजाय भारत सरकार को तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण सेवाएं प्रदान करता है।
  • विश्‍व खाद्य कार्यक्रम अब इस बात पर ध्‍यान दे रहा है कि देश के भोजन आधारित सामाजिक सुरक्षा कवच को इतना सक्षम कर दिया जाए कि वह लक्षित जनसंख्‍या तक भोजन को अधिक कुशलता और असरदार ढंग से पहुंचा सके।

फोकस के क्षेत्र

  • खाद्य एवं पोषाहार सुरक्षा, भोजन आधारित सुरक्षा कवचों को सशक्‍त करना, खाद्य एवं पोषाहार सुरक्षा को बढ़ाने के लिए नीतिगत सुधार करना, भोजन की पौष्टिकता बढ़ाना, खाद्य सुरक्षा का मानचित्रण और विश्‍लेषण करना, जीवन के पहले एक हजार दिन के दौरान पोषाहार संबंधी समस्‍याओं को दूर करना, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्‍तनपान कराती माताओं तथा वृद्धजनों की पोषाहार आवश्‍यकताओं को पूरा करना।

आगे की राह

  • जहाँ भी भुखमरी है, वहाँ अकसर हिंसा व टकराव है। खाद्य सुरक्षा, शान्ति व स्थिरता का एक दूसरे के साथ गहरा सम्बन्ध है। शान्ति के बगैर हम भुखमरी का अन्त करने के हमारे वैश्विक लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सकता। इस मायने में विश्‍व खाद्य कार्यक्रम के कार्य सराहनीय हैं।
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