यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: आर्मेनिया और अजरबैजान के मध्य नया शांति समझौता (New Peace Agreement between Armenia and Azerbaijan)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): आर्मेनिया और अजरबैजान के मध्य नया शांति समझौता (New Peace Agreement between Armenia and Azerbaijan)

आर्मेनिया और अजरबैजान के मध्य नया शांति समझौता (New Peace Agreement between Armenia and Azerbaijan)

चर्चा का कारण

  • आर्मेनिया और अजरबैजान ने दोनों के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस सौदे के अनुसार ये देश उन क्षेत्रों में यथा स्थिति बनाए रखेंगे जहां वे वर्तमान में हैं। इस संघर्ष में लगभग 1200 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है तथा हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।

परिचय

  • इन दो देशों के बीच शांति समझौते की मध्यस्थता रूस द्वारा की गई। आर्मेनिया और अजरबैजान में छह सप्ताह से सैन्य संघर्ष चल रहा है।
  • इस शांति समझौते पर अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव, आर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोलस पशियान और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हस्ताक्षर किए।

नए शांति समझौते के प्रमुख बिंदु

  • अजरबैजान ने संघर्ष में अपने खोए हुए क्षेत्र के 15-20% से अधिक को पुनः प्राप्त किया है। नए समझौतें के अनुसार, देश अपने वर्तमान स्थिति को बनाए रखेंगे। इसलिए, इससे अजरबैजान को काफी हद तक फायदा होगा।
  • इसके अलावा, इस समझौते के तहत रूसी शांति रक्षक तैनात किए जायेंगे दोनों देशों के सैन्य अभियानों को निलंबित किया जायेगा। रूसी शांति रक्षकों को लाचिन गलियारे में और नोगोर्नाे-काराबाख में संपर्क की रेखा के साथ तैनात किया जायेगा और इस स्थान पर करीब 2,000 रूसी शांति सैनिकों को तैनात किया जायेगा।
  • गौरतलब है कि रूसी नियंत्रण में नखचिवन से अजरबैजान तक एक नया कॉरिडोर भी खोला जाएगा
  • दोनों पक्ष कैदियों का आदान-प्रदान करेंगे। इसके अलावा, शरणार्थियों और आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों को अपने क्षेत्रें में वापस भेजा जायेगा। तथा दोनों पक्ष युद्ध बंदियों व शवों की भी अदला-बदली करेंगे।

नोगोर्नाे-काराबाख क्षेत्र

  • इस क्षेत्र को अंतर्राष्ट्रीय रूप से अजरबैजान के हिस्से के रूप में मान्यता प्राप्त है। हालाँकि, अधिकांश क्षेत्र आर्मेनियाई अलगाववादियों द्वारा नियंत्रित हैं। 1980 के दशक में सोवियत संघ के पतन के साथ आर्मेनिया की क्षेत्रीय संसद ने इस क्षेत्र को आर्मेनिया को हस्तांतरण के लिये मतदान किया था।
  • वर्ष 1994 में रूस ने युद्ध विराम के लिये मध्यस्थता किया था, हालाँकि उस समय तक नृजातीय आर्मेनियाई लोगों ने इस क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया था।
  • इस क्षेत्र से गैस और कच्चे तेल की पाइपलाइनें गुजरती है जिससे इस क्षेत्र के स्थायित्व को लेकर चिंता जताई जा रही है।

संघर्ष में जातीयता की भूमिका

  • अजरबैजान ने दावा किया कि विवादित क्षेत्र उसके नियंत्रण में रहा है। दूसरी ओर, आर्मेनियाई लोगों का दावा है कि काराबाख आर्मेनियाई राज्य का एक हिस्सा रहा है। वर्तमान में इस विवादित क्षेत्र में बहुसंख्यक आर्मेनियाई ईसाई आबादी निवास करती है, यद्यपि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस क्षेत्र को मुस्लिम बहुल अजरबैजान का हिस्सा माना जाता है।