यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: जम्मू कश्मीर का नया भूमि कानून (New Land Law of Jammu and Kashmir)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): जम्मू कश्मीर का नया भूमि कानून (New Land Law of Jammu and Kashmir)

जम्मू कश्मीर का नया भूमि कानून (New Land Law of Jammu and Kashmir)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में, केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर के लिए नए भूमि कानूनों को अधिसूचित किया गया है।
  • इन कानूनों के द्वारा जम्मू कश्मीर के बाहर के लोग भी अब केन्द्र शासित प्रदेश में जमीन खरीद सकते हैं।

परिवर्तन का निहितार्थ

  • जम्मू कश्मीर में वर्तमान में गोरखा, वाल्मिकी समुदाय और पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों के अलावा देश के विभिन्न भागों से आकर अस्थायी तौर पर करीब दो से तीन लाख परिवार रहते हैं।
  • पुराने कानून के तहत इनको वर्षों बाद भी वहां का स्थानीय नागरिक नहीं माना गया। लेकिन, अब ये सभी लोग वहां पर अपने लिए जमीन या घर खरीद सकेंगे। नए नियम के तहत देश का कोई भी नागरिक अब जम्मू कश्मीर में अपने लिए मकान, दुकान और कारोबार के लिए जमीन खरीद सकता है।
  • इस संबंध में जारी एक राजपत्र अधिसूचना में, केंद्र सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में भूमि से संबंधित जम्मू-कश्मीर विकास अधिनियम की धारा 17 से राज्य के स्थायी निवासी वाक्यांश को हटा दिया है।
  • गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35-ए को निरस्त करने से पहले, गैर-निवासी जम्मू-कश्मीर में कोई अचल संपत्ति नहीं खरीद सकते थे। परन्तु अब हुए बदलावों ने गैर-निवासियों के लिए केंद्र शासित प्रदेश में अपनी संपति के लेने का अधिकार दे दिया है।

मुख्य बिंदु

  • नये परिवर्तन के अनुसार कृषि के उद्देश्य से उपयोग की जाने वाली कोई भी भूमि जिला अधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए उपयोग नहीं की जाएगी। साथ ही गैर कृषक व्यक्ति के पक्ष में, भूमि की बिक्री, उपहार, विनिमय, या बंधक रखना अवैध व अमान्य होगा।
  • हालाँकि अब सरकार जम्मू-कश्मीर में माध्यमिक या उच्च शिक्षा अथवा विशिष्ट शिक्षा के प्रसार और स्वास्थ्य रक्षा के उद्देश्य हेतु किसी व्यक्ति या संस्था के पक्ष में भूमि के हस्तांतरण की अनुमति दे सकती है।
  • इसके अलावा कोर कमांडर या इससे उच्च सैन्य अधिकारी, सीधी कार्यवाही तथा सशस्त्र बलों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं के अनुरूप किसी स्थानीय क्षेत्र के अंतर्गत किसी क्षेत्र को ‘रणनीतिक क्षेत्र’ के रूप में घोषित कर सकते है।

निष्कर्ष

  • ये बात ध्यान देने योग्य है कि यह केवल उन प्रदेशों तक सीमित नहीं है जिन्हें संविधान के अनुच्छेद 371 या अनुच्छेद 371 ए-जे के तहत विशेष दर्जा दिया गया है। इन प्रदेशों को जमीन का हस्तांतरण रोकने के लिए खास अधिकार नहीं दिए गये हैं जो ज्यादातर राज्यों में मौजूद है ऐसा इसलिए कि संविधान के मुताबिक ‘कृषि’ राज्य का विषय है।
  • इन राज्यों में जमीन खरीदने को लेकर बाहरी लोगों पर प्रतिबंध वास्तव में विभिन्न क्षेत्रें और वहां रह रहे लोगों की जरूरतों के अनुरूप है। कानून में प्रतिबंध की जो व्यवस्था है इसका फैसला चुनी हुई विधानसभा और उसके हिसाब से चुने हुए प्रतिनिधि करते हैं परन्तु ऐसी ही व्यवस्था जम्मू-कश्मीर से अब वापस ले ली गयी है।