यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: राष्ट्रीय कृषि शिक्षा नीति में नए परिवर्तन (New Changes in National Agricultural Education Policy)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): राष्ट्रीय कृषि शिक्षा नीति में नए परिवर्तन (New Changes in National Agricultural Education Policy)

राष्ट्रीय कृषि शिक्षा नीति में नए परिवर्तन (New Changes in National Agricultural Education Policy)

चर्चा का कारण

हाल ही में पहली राष्ट्रीय कृषि शिक्षा नीति के तहत ऋण और डिग्री सम्बंधित कुछ परिवर्तन लाया जा रहा है।

पृष्ठभूमि

  • गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के जारी होने के बाद राष्ट्रीय कृषि शिक्षा नीति की प्रक्रिया लगभग दो महीने पहले शुरू हुई थी।
  • कई मायनों में, कृषि शिक्षा अपने समय से आगे है, जिसे पहले से ही NEP में समाहित किया गया है।
  • हालाँकि एनईपी चार-वर्षीय स्नातक डिग्री में बदलाव चाहता है और एनईपी ने अनुभवात्मक शिक्षा का भी उल्लेख किया है परन्तु सभी कृषि डिग्री पहले से ही चार-वर्षीय कार्यक्रम हैं साथ ही अनुभवात्मक शिक्षा (प्रायोगिक शिक्षा) 2016 से ही अनिवार्य है।
  • इसके अलावा स्टूडेंट READY (रूरल एंटरप्रेन्योरशिप अवेयरनेस डेवलपमेंट योजना) कार्यक्रम के लिए सभी छात्रों को छह महीने की इंटर्नशिप करने की आवश्यकता होती है, जो आमतौर पर उनके चौथे वर्ष में प्रशिक्षण, ग्रामीण जागरूकता, उद्योग का अनुभव, अनुसंधान विशेषज्ञता और उद्यमिता कौशल हासिल करने के लिए होती है।

वर्तमान में हुए परिवर्तन

  • ध्यातव्य है कि 74 विश्वविद्यालयों के लिए कई प्रवेश और निकास विकल्पों के साथ शैक्षणिक ऋण बैंक और डिग्री कार्यक्रम फसल विज्ञान, मत्स्य पालन, पशु चिकित्सा और डेयरी प्रशिक्षण और अनुसंधान पर केंद्रित होगी।
  • नई नीति में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप कृषि विश्वविद्यालयों के छात्रों के शैक्षणिक जीवन में कुछ बदलावों के लिए तैयार किया गया है।

क्या है राष्ट्रीय शैक्षणिक क्रेडिट बैंक

  • राष्ट्रीय शैक्षणिक क्रेडिट (एनएसी) बैंक एक वाणिज्यिक बैंक की तरह कार्य कर सकता है जिसमें छात्रों को खाताधारक के तौर पर तथा जिन्हें बैंक क्रेडिट सत्यापन/डिग्री प्रमाणीकरण सहित विभिन्न प्रकार की
    सेवाएं प्रदान करता है।
  • एनएसी-बैंक एक डिग्री/डिप्लोमा/पोस्ट डिप्लोमा प्राप्त करने के लिए अपने अकादमिक मार्ग का चयन करने का एक सुगम माध्यम है।
  • यह मल्टीपल एंट्री-मल्टीपल एग्जिट (MEME) के साथ-साथ किसी भी समय सीखने, कहीं भी सीखने और किसी भी स्तर पर सीखने के सिद्धांतों पर काम करता है।
  • यह बैंक राष्ट्रीय शैक्षणिक संग्रह स्थान (National Academic Depository) के साथ मिलकर कार्य करेगा।

उद्देश्य

  • राष्ट्रीय अकादमिक क्रेडिट बैंक योजना के व्यापक उद्देश्यों के रूप में निम्नलिखित बिंदु प्रस्तावित हैं:
  • उच्च शिक्षा में छात्र केंद्रितता को बढ़ावा देना, छात्रों को उनकी रुचि के अनुरूप सर्वोत्तम पाठ्यक्रमों के संयोजन का चयन करने में सक्षम बनाना, छात्रों को उनकी रुचि के अनुरूप सर्वोत्तम विभाग या संस्थान के संयोजन का चयन करने में सक्षम बनाना है
  • साथ ही छात्रों को संबद्ध लागत आदि के साथ अपनी पढ़ाई के लिए एक गति चुनने की अनुमति देना है।
  • इसके अलावा सभी छात्रों को निर्धारित डिग्री/पाठ्यक्रमों के बजाय अपनी मर्जी से डिग्री/पाठ्यक्रम संशोधित (modification) करने की छूट देना, इत्यादि है।
  • यह ध्यान देने योग्य है कि एनएसी-बैंक कोई पुरस्कार, डिग्री, डिप्लोमा या प्रमाण पत्र नहीं देगा। यह बैंक तीन कार्य करेगा- क्रेडिट संचय, क्रेडिट ट्रांसफर और क्रेडिट रिडेम्पशन (भुगतान)।
  • एनएसी-बैंक के साथ खाता खोलने अनिवार्य नहीं होगा, लेकिन यह विशुद्ध रूप से छात्र के निर्णय पर आधारित होगा।

चुनौती

  • सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि अगर हम कई प्रवेश-निकास प्रणाली को लागू करते हैं तो यह अनुभवात्मक शिक्षा क्या सभी छात्रों के लिए उपलब्ध है?
  • इसके अलावा कृषि विश्वविद्यालयों में अनुसंधान और विस्तार तथा गहरे सामुदायिक संपर्क पर ध्यान केंद्रित किया गया है जो इस भावना से प्रेरित है कि किसानों को उनकी समस्याओं के समग्र समाधान की आवश्यकता है, परन्तु वर्तमान समय में बागवानी, पशु चिकित्सा विज्ञान और मत्स्य विज्ञान के विशिष्ट विश्वविद्यालय खोले गये हैं। ऐसी परिस्थिति में मानविकी और सामाजिक विज्ञान को शामिल करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है।