यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Co-operation)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Co-operation)

सहकारिता मंत्रलय (Ministry of Co-operation)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कैबिनेट फेरबदल से पहले एक नया "सहकारिता मंत्रालय" (Ministry of Cooperation) बनाने की घोषणा की।

सहकारिता मंत्रालय के उद्देश्य

  • भारत सरकार ने ‘सहकार से समृद्धि’ के स्वप्न को साकार करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एक अलग ‘सहकारिता मंत्रालय’ का गठन किया है।
  • यह मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा प्रदान करेगा।
  • यह सहकारी समितियों को जमीनी स्तर तक पहुंचने वाले एक सच्चे जनभागीदारी आधारित आंदोलन को मजबूत बनाने में भी सहायता प्रदान करेगा।
  • हमारे देश में सहकारिता आधारित आर्थिक विकास मॉडल बहुत प्रासंगिक है जहां प्रत्येक सदस्य अपनी जिम्मेदारी की भावना के साथ कार्य करता है।
  • यह मंत्रालय सहकारी समितियों के लिए ‘कारोबार में सुगमता’ के लिए प्रक्रियाओं को कारगर बनाने और बहु-राज्य सहकारी समितियों (एमएससीएस) के विकास को सक्षम बनाने की दिशा में कार्य करेगा।
  • केंद्र सरकार ने समुदाय आधारित विकासात्मक भागीदारी के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता का संकेत दिया है। सहकारिता के लिए अलग मंत्रालय का गठन भी वित्त मंत्री द्वारा की गई बजट घोषणा को पूरा करता है।

सहकारिता के बारे में

  • अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के अनुसार, सहकारिता सहकारी व्यक्तियों का एक स्वायत्त संघ है जो संयुत्तफ़ स्वामित्व वाले और लोकतांत्रिक रूप से नियंत्रित उद्यम के माध्यम से अपनी सामान्य आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आवश्यकताओं तथा आकांक्षाओं को पूरा करने के लिये स्वेच्छा से एकजुट होते हैं।
  • सहकारी समितियाँ कई प्रकार की होती हैं जैसे उपभोक्ता सहकारी समिति, उत्पादक सहकारी समिति, ऋण सहकारी समिति, आवास सहकारी समिति और विपणन सहकारी समिति।
  • संयुत्तफ़ राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2012 को सहकारिता का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित किया था।
  • भारत एक कृषि प्रधान देश है और इसने विश्व के सबसे बड़े सहकारी आंदोलन की नींव रखी।
  • भारत में एक सहकारिता आधारित आर्थिक विकास मॉडल बहुत प्रासंगिक है जहाँ प्रत्येक सदस्य जिम्मेदारी की भावना के साथ काम करता है।

संवैधानिक प्रावधान क्या है?

  • संविधान (97वाँ संशोधन) अधिनियम, 2011 ने भारत में काम कर रही सहकारी समितियों के संबंध में भाग IXA (नगरपालिका) के ठीक बाद एक नया भाग IXB जोड़ा।
  • संविधान के भाग-III के अंतर्गत अनुच्छेद 19(1)(ब) में ‘यूनियन (Union) और एसोसिएशन (Association)’ के बाद ‘सहकारिता’ (Cooperative) शब्द जोड़ा गया था। यह सभी नागरिकों को मौलिक अधिकार का दर्जा देकर सहकारी समितियाँ बनाने में सक्षम बनाता है।
  • राज्य के नीति निदेशक तत्त्वों (Directive Principles of State Policy-भाग IV) में ‘सहकारी समितियों के प्रचार’ के संबंध में एक नया अनुच्छेद 43B जोड़ा गया था।

सहकारिता आंदोलन के बारे में

  • किसी ख़ास व समान उद्देश्य को लेकर अनेक व्यक्तियों या संस्थाओं द्वारा मिलकर प्रयास करना ही सहकारिता कहलाता है।
  • वहीं किसी ख़ास व समान उद्देश्य को लेकर अनेक व्यक्तियों द्वारा मिलकर निर्मित की गई संस्था को सहकारी संस्था कहते हैं।
  • वर्तमान में भारत में सहकारिता का सबसे अच्छा उदाहरण सहकारी समितियां हैं।
  • हालांकि भारत में सहकारिता आंदोलन स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले से ही चल रहा था, किन्तु स्वतन्त्रता के पश्चात इस आंदोलन ने भारत में तेज गति पकड़ी। आज भारत में लाखों सहकारी समितियां रजिस्टर्ड हैं।