यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: इसरो द्वारा साउंडिंग रॉकेट (RH-560) का प्रक्षेपण (Launch of Sounding Rocket (RH-560) by ISRO)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): इसरो द्वारा साउंडिंग रॉकेट (RH-560) का प्रक्षेपण (Launch of Sounding Rocket (RH-560) by ISRO)

इसरो द्वारा साउंडिंग रॉकेट (RH-560) का प्रक्षेपण (Launch of Sounding Rocket (RH-560) by ISRO)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) के श्रीहरिकोटा रेंज (SHAR) से साउंडिंग रॉकेट (RH-560) को लांच किया है।
  • इसके साथ ही इसरो की व्यावसायिक इकाई न्यू स्पेस इंडिया लि. (NSIL) ने अगले पांच साल में करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनायीं है।

साउंडिंग रॉकेट (RH-560) से संबंधित मुख्य तथ्य

  • साउंडिंग रॉकेट के माध्यम से तटस्थ हवाओं (न्यूट्रल विंड) और प्लाज्मा गतिशीलता (प्लाज्मा डायनामिक्स) में व्यवहारिक भिन्नताओं का अध्ययन किया जाएगा।
  • इसरो के अनुसार ऊपरी वायुमंडलीय क्षेत्रों की जांच के लिए और अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला यह साउंडिंग रॉकेट एक या दो चरण वाले ठोस रॉकेट हैं।

क्या होते है साउंडिंग रॉकेट?

  • साउंडिंग रॉकेट (परिज्ञापी राकेट) एक या दो चरण वाले ठोस नोदक राकेट हैं जिनका अंतरिक्ष अनुसंधान हेतु ऊपरी वायुमंडलीय क्षेत्रों के अन्वेषण हेतु प्रयोग किया जाता है। ये प्रक्षेपण यानों एवं उपग्रहों के प्रयोग हेतु वांछित नए अवयवों एवं उपप्रणालियों के प्रारंभिक जांच या प्रमाणित करने के लिए आसान एवं वहनीय परीक्षण प्लेटफॉर्म के रूप में काम करते हैं।
  • भारत के द्वारा विकसित किये गए प्रारंभिक साउंडिंग रॉकेट (परिज्ञापी राकेट) RH-75, RH-100 और RH-125 है। वर्तमान में इसरो के पास कार्यरत साउंडिंग रॉकेट (Sounding Rockets) RH-200, RH-300-Mk-II, RH-560-Mk-II है।

न्यू स्पेस इंडिया की 10, 000 करोड़ रुपये का निवेश योजना

  • हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की व्यावसायिक इकाई न्यू स्पेस इंडिया लि (NSIL) ने कहा है कि अंतरिक्ष कामकाज को विस्तारित करने के लिए अगले पांच साल में करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना है।
  • इस दौरान उसे करीब 300 अतिरिक्त वैज्ञानिकों कि जरूरत भी होगी।
  • NSIL के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक जी नारायणन के कहा है कि NSIL इक्विटी और कर्ज के द्वारा 2,000 करोड़ रुपये वार्षिक पूंजी इकठ्ठा करेगी।
  • ज्ञातव्य है कि वर्तमान में NSIL की अधिकृत पूंजी 100 करोड़ रुपये है और 2021-22 के केंद्रीय बजट में कंपनी के लिए 700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL)

  • 6 मार्च 2019 को न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड का आधिकारिक रूप से बंगलूरु में उद्घाटन किया गया था। विदित हो कि न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की एक वाणिज्यिक शाखा है।
  • NSIL का उद्देश्य भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों में निवेश को बढ़ाना है। इसके लिए NSIL अंतरिक्ष से संबंधित सभी गतिविधियों को एक मंच पर लाता है तथा अंतरिक्ष संबंधी प्रौद्योगिकियों में निजी उद्यमशीलता को आकर्षित करता है।
  • ज्ञातव्य है कि न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के अतिरिक्त इसरो कि एक और वाणिज्यिक शाखा "एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन" है जो इसरो के विदेशी उपग्रहों के वाणिज्यिक प्रक्षेपण की सुविधा हेतु स्थापित किया गया था।
  • भारत सरकार की अंतरिक्ष एजेंसी "भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO)" की स्थापना वर्ष 1969 में की गई थी और इसका मुख्यालय बंगलुरू में है। यह अपने विभिन्न केंद्रों के माध्यम से देशव्यापी संचालित होता है।