यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: एकमुश्त ऋण के लिए कामथ समिति के सुझाव (Kamath Committee Suggestions for One Time Loan Restructuring)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): एकमुश्त ऋण के लिए कामथ समिति के सुझाव (Kamath Committee Suggestions for One Time Loan Restructuring)

एकमुश्त ऋण के लिए कामथ समिति के सुझाव (Kamath Committee Suggestions for One Time Loan Restructuring)

चर्चा का कारण

  • भारतीय रिजर्व बैंक ने ‘रेजोल्युशन फ्रेमवर्क फॉर कोविड-19 रिलेटेड स्ट्रेस’ के तहत जरूरी वित्तीय पैरामीटर के बारे में सुझाव देने के लिए 7 अगस्त को ICICI बैंक के पूर्व सीईओ केवी कामत की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। इस समिति ने कॉरपोरेट ऋणधारकों के ऋण के एकमुश्त पुनर्गठन हेतु आवश्यक मापदंडों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किये हैं।

समिति का गठन क्यों?

  • इस समिति को 1,500 करोड़ रुपए या इससे अधिक के ऋण वाले ऋणधारकों के ऋण पुनर्गठन के लिये वित्तीय मापदंडों हेतु क्षेत्र विशेष के आधार पर बेंचमार्क का सुझाव देने का कार्य सौंपा गया था।
  • COVID-19 महामारी के कारण व्यावसायिक क्षेत्र का 15.52 लाख करोड़ रुपए का ऋण जोिखम में आ गया है, जबकि 22.20 लाख करोड़ रुपए का व्यावसायिक ऋण इस महामारी से पहले ही जोिखम की श्रेणी में था। कामथ पैनल ने कहा है कि खुदरा व्यापार, थोक व्यापार, सड़क और वस्त्र जैसे क्षेत्रें में कंपनियों को तनाव का सामना करना पड़ रहा है। कोविद 19 से पहले ही एनबीएफसी, बिजली, स्टील, रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र अत्यधिक प्रभावित थे।

कामथ समिति के सुझाव

  • केवी कामथ कमेटी ने अपने सिफारिश में एविएशन और रियल स्टेट सेक्टर को राहत देने की बात कही है। कोरोना और लॉकडाउन से सबसे अधिक यही दो सेक्टर प्रभावित हुआ है- इसके अलावा कमेटी ने निर्माण, लोहा और इस्पात निर्माण, सड़क, रियल एस्टेट, वस्त्र, रसायन, उपभोक्ता टिकाऊ / एफएमसीजी जैसे क्षेत्रें के ऋणों का पुनर्विकास करने का सुझाव दिया है।
  • लेनदार कर्ज रीस्ट्रक्चरिंग से पहले 5 अहम अनुपात को देखेंगे, 5 पैमानों के आधार पर रिजॉल्यूशन प्लान को बनाया जाएगा -
  • कुल आउटसाइड लाइबिलिटी यानि कुल देनदारी कितनी है
  • कुल कर्ज कितना है
  • करेंट रेश्यो कितना है, यानि असेट और लाइबिलिटी का रेश्यो कितना है
  • डेट सर्विस कवरेज रेश्यो
  • एवरेज डेट सर्विस कवरेज रेश्यो

आरबीआई द्वारा सिफारिशें स्वीकार

  • रिजर्व बैंक ने कामथ कमेटी की सिफारिशें स्वीकार कर ली हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों को कोरोना वायरस महामारी (COVID-19 pandemic) से दबाव में आए वाहन, बिजली, उड्डयन और पर्यटन सहित 26 क्षेत्रें के कर्जदारों को कुछ स्पष्ट वित्तीय कसौटियों के आधार पर ऋण पुनर्गठन की छूट दिए जाने की अनुमति प्रदान कर दी है। इस महामारी से सबसे गंभीर रूप से प्रभावित रियल स्टेट क्षेत्र को ऋण पुनर्गठन के लिये सर्वाेच्च EBIDTA अनुपात (स्वीकृति योग्य) प्रदान किया गया है।
  • आरबीआई ने बैंकों को 1 मार्च, 2020 तक उन सभी ऋणों की भरपाई करने की अनुमति दी है, जो मानकों के अनुरूप सही पाये गए थे। रिजॉल्यूशन फ्रेमवर्क को 31 दिसंबर, 2020 से पहले लागू किया जाएगा और और इसे शुरू करने की तारीख से 180 दिनों से पहले लागू किया जाएगा।