यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: डेटा संरक्षण पर संयुक्त संसदीय समिति (Joint Parliamentary Committee on Data Protection)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): डेटा संरक्षण पर संयुक्त संसदीय समिति (Joint Parliamentary Committee on Data Protection)

डेटा संरक्षण पर संयुक्त संसदीय समिति (Joint Parliamentary Committee on Data Protection)

चर्चा का कारण

मीनाक्षी लेखी की अध्यक्षता वाली गठित संसद की संयुक्त समिति निजी आंकड़ा सुरक्षा विधेयक 2019 (Personal Data Protection Bill, 2019) की समीक्षा कर रही है। इस समिति ने गूगल (Google) और Paytm के अधिकारियों से कंपनी के चीनी निवेश के बारे में पूछा, साथ ही डेटा स्थानीयकरण से जुड़े सवाल भी पूछे गए।

क्यों तलब की जा रही हैं कंपनियां?

  • इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने 11 दिसंबर, 2019 को निजी आंकड़ा संरक्षण विधेयक लोकसभा में पेश किया था। वर्तमान विधेयक में लोगों से जुड़ी उनकी निजी जानकारी के संरक्षण और आंकड़ा संरक्षण प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव किया गया है।
  • इस विधेयक को बाद में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त प्रवर समिति को भेज दिया गया। प्रस्तावित कानून किसी व्यक्ति की सहमति के बिना संस्थाओं द्वारा व्यक्तिगत आंकड़ों के भंडारण और उपयोग पर रोक लगाता है।

प्रमुख बिन्दु

  • विभिन्न राजनीतिक दलों के पैनल के सदस्यों ने पेटीएम से पूछा कि जब वह भारतीय फर्म होने का दावा करता है तो उसके ग्राहकों का डेटा एकत्र कर विदेशों में संग्रहीत क्यों किया जाता है। समिति ने पेटीएम से कहा कि कंपनी का डेटा सर्वर भारत में होना चाहिए।
  • वहीं, गूगल के अधिकारियों से समिति ने पूछा कि क्या यूजर्स के चॉइस पर कंट्रोल करना उनके मूल अधिकार का उल्लंघन नहीं है?
  • समिति ने Google से पूछा कि विज्ञापन और कंटेंट प्लेटफॉर्म होने के चलते यह कैसे संभव है कि गूगल अपने विज्ञापन को सर्च के समय प्राथमिकता नहीं देता हो और न्यूट्रल हो। ज्ञातव्य है कि संसदीय समिति इससे पहले Amazon, Twitter और Facebook से भी सवाल कर चुकी है।

व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019

  • विधेयक में डेटा के स्थानीय भंडारण पर बल दिया गया है। भारतीयों का संवेदनशील डेटा भारत में ही स्टोर करना होगा और कुछ सीमित डेटा ही विदेश में स्टोर किया जा सकेगा।
  • विधेयक में सरकार को फेसबुक और गूगल समेत तमाम विदेशी कंपनियों से गोपनीय निजी डेटा और गैर-निजी डेटा के बारे में पूछने का अधिकार दिया गया है। निजी डेटा की चोरी करने वाली कंपनियों पर सख्ती बढ़ाने की बात कही गई है।
  • इसमें सरकारी एजेंसियों को क्रेडिट स्कोर, कर्ज वसूली और सुरक्षा से जुड़े मामलों में डेटा मालिक की सहमति के बिना भी उसकी डेटा प्रॉसेसिंग करने की छूट दिए जाने का प्रावधान है। सरकार को अधिकार होगा कि वह किसी भी सरकारी एजेंसी को प्रस्तावित कानून के प्रावधानों के दायरे से छूट दे सके।