यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम (Jammu and Kashmir Panchayati Raj Act)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम (Jammu and Kashmir Panchayati Raj Act)

जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम (Jammu and Kashmir Panchayati Raj Act)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम, 1989 को लागू करने की मंजूरी दे दी है। आजादी के बाद से इस कदम से देश के अन्य हिस्सों की तरह जम्मू और कश्मीर में जमीनी स्तर के लोकतंत्र के सभी तीन स्तरों को स्थापित करने में मदद मिलेगी।
  • गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में 370 के अधिकतर प्रावधानों के समाप्त होने से पहले यहां त्रि-स्तरीय प्रणाली उपलब्ध नहीं थी।

प्रमुख बिन्दु

  • कश्मीर में पहले त्रिस्तरीय व्यवस्था नहीं थी।इससे पहले यहाँ के लोगों को अपने स्थानीय प्रतिनिधियों का चुनाव करने का अवसर नहीं मिला है। केंद्र सरकार के अनुसार जम्मू कश्मीर में अब जल्द चुनाव होंगे और स्थानीय निकायों के प्रबंधन की शक्ति लोगों तक पहुंच जाएगी।
  • जम्मू कश्मीर में अब ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत और जिला पंचायत के स्तर पर चुनाव होंगे। इसके लिए जम्मू कश्मीर के लोगों को आर्थिक सत्ता भी मिलेगी। चुनाव का अमल जल्द ही शुरू होगा और लोग अपने वोट से अपने उम्मीदवार को चुनेंगे।
  • इस कदम से जम्मू कश्मीर में लोगों का सशक्तिकरण होगा और वे जिले के विकास की योजना बनाएंगे साथ ही प्रतिनिधि के माध्यम से विभिन्न कल्याणकारी उपायों और कार्यक्रमों को लागू किया जाएगा।
  • केंद्र ने जम्मू कश्मीर पंचायती राज कानून में संशोधन करके हर जिले में जिला विकास परिषद (डीडीसी) बनाए जाने का निर्णय लिया है। प्रत्येक जिला विकास परिषद में 14 क्षेत्र होंगे और सभी में एक प्रत्यक्ष निर्वाचित सदस्य होगा। कुछ सीटें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
  • लोगों द्वारा चयनित सदस्य अपने में से डीडीसी के प्रधान और उपप्रधान का चयन करेंगे। अब हर जिले में एडीसी प्रत्येक डीडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे। इसके अलावा महिलाओं को भी 33 फीसद आरक्षण मिलेगा।

परिसीमन की प्रक्रिया जारी

  • डीडीसी के गठन के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन पहले ही जरूरी नियम अधिसूचित कर चुकी है। केंद्रशासित प्रदेश के सभी 20 जिलों में जिला परिषदों के गठन के लिए निर्वाचन क्षेत्रें के परिसीमन की प्रक्रिया जारी है।

पंचायती राज व्यवस्था क्या है?

  • मूल संविधान में भाग-9 के अंतर्गत पंचायती राज से संबंधित उपबंधों की चर्चा अनुच्छेद 243 के अंतर्गत की गई है। संविधान के भाग-9 में अनुच्छेद 243-243K तक पंचायती राज से संबंधित उपबंध हैं।
  • 1993 में संविधान में 73 वां संशोधन करके पंचायत राज व्यवस्था को संवैधानिक मान्यता दी गयी। बाद में संविधान में भाग 9 को पुनः जोड़कर तथा इस भाग में 16 नये अनुच्छेदों को मिलाकर एवं संविधान में 11 वीं अनुसूची जोड़कर पंचायत के गठन, पंचायत के सदस्यों के चुनाव, सदस्यों के लिए आरक्षण तथा पंचायत के कार्याे के संबंध में व्यापक प्रावधान किए गए।

त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रणाली

  • 1957 में बलवंत राय मेहता समिति ने त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था-ग्राम स्तर, मध्यवर्ती स्तर एवं जिला स्तर लागू करने का सुझाव दिया था, जिसे 1958 में राष्ट्रीय विकास परिषद द्वारा स्वीकार कर ली गईं।
  • इसके अनुसार ग्राम स्तर पर ग्रामसभा और ग्राम पंचायत का प्रावधान, खण्ड स्तर पर क्षेत्र पंचायत और सबसे उच्च स्तर पर यानी जिला स्तर पर जिला पंचायत के गठन का प्रावधान किया गया। ग्राम सभा की शक्तियों के संबंध में राज्य विधान मंडल द्वारा कानून बनाने का उल्लेख है।
  • आधुनिक भारत में प्रथम बार तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा राजस्थान के नागौर जिले के बगदरी गाँव में 2 अक्टूबर 1959 को त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई।
  • 73 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 द्वारा जिन राज्यों की जनसंख्या 20 लाख से कम है, उनमें दो स्तरीय पंचायत अर्थात जिला स्तर और गांव स्तर पर गठन किया जायेगा और 20 लाख से अधिक जनसंख्या वाले राज्यों में त्रिस्तरीयपंचायत राज्य अर्थात गांव तथा मध्यवर्ती और जिला स्तर पर स्थापना की बात कही गयी है।