यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: इसरो और नासा का संयुक्त सैटेलाइट मिशन ‘निसार’ (ISRO and NASA Joint Satellite Mission 'NISAR')

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): इसरो और नासा का संयुक्त सैटेलाइट मिशन ‘निसार’ (ISRO and NASA Joint Satellite Mission 'NISAR')

इसरो और नासा का संयुक्त सैटेलाइट मिशन ‘निसार’ (ISRO and NASA Joint Satellite Mission 'NISAR')

चर्चा का कारण

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के साथ पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट मिशन के लिए सिंथेटिक एपर्चर रडार (synthetic aperture radar-SAR) विकसित किया है। इस उपग्रह का नाम निसार रखा गया है, जो बेहद उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें लेने में सक्षम है।

निसार क्या है?

  • निसारः यह नासा-इसरो एसएआर (NASA-ISRO-SAR) का संक्षिप्त नाम है। इस प्रकार यह पृथ्वी की सतह के निरीक्षण का संयुक्त मिशन है। नासा के मुताबिक, निसार पहला सैटेलाइट मिशन होगा, जिसमें दो अलग अलग रडार फ्रीक्वेंसी (एल बैंड व एस बैंड) से हमारे ग्रह की सतह पर एक सेंटीमीटर से भी कम दूरी में होने वाले बदलाव को मापा जा सकेगा।
  • नासा और इसरो के बीच सितंबर 2014 में साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके अनुसार नासा उपग्रह के लिए एक रडार, विज्ञान डेटा के लिए एक उच्च दर संचार उपतंत्र, जीपीएस रिसीवर और एक पेलोड डेटा सबसिस्टम प्रदान करेगा। दूसरी ओर इसरो, अंतरिक्ष यान बस, दूसरे प्रकार के राडार (एस-बैंड रडार), लॉन्च वाहन और संबंधित लॉन्च सेवाओं को प्रदान करेगा। इस मिशन को 2022 की शुरुआत में आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेस पोर्ट से लॉन्च किया जाएगा।

निसार के कार्य

  • निसार (NISAR) नासा द्वारा लॉन्च किए गए अब तक के सबसे बड़े रिफ्रलेक्टर एंटीना से लैस होगा और इसके प्राथमिक लक्ष्यों में पृथ्वी की सतह में सूक्ष्म परिवर्तन पर नजर रऽना, सुनामी, भूकंप, भूस्ऽलन और ज्वालामुखी पर अत्यधिक स्थानिक डेटा प्रदान करना साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में भी मदद करना शामिल है। इसके अतिरिक्त भूजल आपूर्ति की निगरानी में मदद करना और बर्फ की चादरों के पिघलने की दर का अध्ययन करना इसका मुख्य कार्य है।
  • यह सैटलाइट 40 फुट के तार के जाल वाले रडार रिफ्रलेक्टर ऐंटेना का इस्तेमाल करेगी जो 30 फुट के बूम पर लगा होगा। इससे धरती की सतह से रेडार सिग्नल भेजे जाएंगे और रिसीव किए जाएंगे। निसार हर 12 दिन में पूरी धरती को स्कैन करेगा और यह एक टेनिस कोर्ट के आधे हिस्से में 0.4 इंच तक मूवमेंट तक को डिटेक्ट कर सकेगा। यह पहला ऐसा सैटलाइट मिशन होगा जो दो अलग-अलग रेडार फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करेगा और धरती की सतह पर एक सेंटीमीटर दूर तक होने वाले बदलाव को माप सकेगा।
  • हाई रेजॉलूशन रडार बादलों और घने जंगल के आर-पार भी देऽ सकते हैं। इस क्षमता से मिशन दिन हो या रात, बारिश हो या गर्मी, कोई भी बदलाव ट्रैक कर सकेगा।

नासा

  • नासा (NASA) संयुक्त राज्य अमेरिका के संघीय सरकार की कार्यकारी शाखा की एक स्वतंत्र एजेंसी है जो नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम के साथ-साथ वैमानिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान के लिये उत्तरदायी है। इसकी स्थापना राष्ट्रीय वैमानिकी एवं अंतरिक्ष अधिनियम, 1958 के तहत हुई थी। नासा का मुख्यालय वॉशिंगटन डीसी, (अमेरिका) में है।
  • नासा का लक्ष्य वाक्य "भविष्य में अंतरिक्ष अन्वेषण, वैज्ञानिक खोज और एरोनॉटिक्स संशोधन को बढ़ाना" है।

इसरो

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organization-ISRO) भारत का राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान है, जिसका मुख्यालय बंगलौर में है। इसकी स्थापना 15 अगस्त 1969 में की गयी थी।
  • इस संस्थान का मुख्य कार्य भारत के लिये अंतरिक्ष सम्बधी तकनीक उपलब्ध करवाना है। अन्तरिक्ष कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों में उपग्रहों, प्रमोचक यानों, परिज्ञापी राकेटों और भू-प्रणालियों का विकास शामिल है।