यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: इज़राइल-सूडान समझौता (Israel-Sudan Agreement)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): इज़राइल-सूडान समझौता (Israel-Sudan Agreement)

इजरायल-सूडान समझौता (Israel-Sudan Agreement)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में इज़राइल और अरब देशों के बीच हो रहे समझौतों में अब सूडान का भी नाम शामिल हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के बाद सूडान और इज़राइल के बीच रिश्ते सामान्य करने की दिशा में हाल ही में एक ऐतिहासिक समझौता हुआ।

पृष्ठभूमि

  • गौरतलब है कि वाशिंगटन में संयुक्त अरब अमीरात इजराइल के साथ एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गये थे। इस समझौते को ‘अब्राहम एकॉर्ड’ (Abraham Accord) का नाम दिया गया ,अमेरिका ने इसे शांति समझौता कहा था।
  • अरब लीग ने इज़राइल और UAE की शांति डील का स्वागत किया, इसके बाद अरब लीग में शामिल बहरीन ने भी इसका समर्थन किया।
  • हालाँकि अभी तक केवल दो अरब देशों मिस्र और जॉर्डन ने आधिकारिक तौर पर इज़राइल को एक देश के रूप में मान्यता दी थी। दोनों देशों ने क्रमशः 1979 और 1994 में इजराइल के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

इज़राइल और सूडान समझौते से जुड़े तथ्य

  • इज़राइल और अरब देशों के बीच हो रहे समझौतों की पृष्ठभूमि में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के बाद सूडान और इज़राइल के बीच रिश्ते सामान्य करने की दिशा में ये एक सकारात्मक कदम है।
  • अमेरिका ने सूडान को उसके द्वारा पोषित आतंकवाद से प्रभावित अमेरिकी नागरिकों को मुवावजा देने के बदले आतंकवाद को शह देने वाले देशों की सूची से सूडान का नाम हटा दिया है।
  • सूडान की नई सरकार अमेरिका में हुए आतंकवादी हमलों के पीडि़तों और परिवारों को 335 मिलियन डॉलर का भुगतान करने के लिए सहमत हो गई है।

इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष

  • इज़राइल-फिलिस्तीनी संघर्ष की शुरुआत उन्नीसवीं शताब्दी के अंत में, मुख्य रूप से जमीन पर कब्जे संबंधी संघर्ष के रूप में हुई थी।
  • वर्ष 1948 के अरब-इज़राइल युद्ध के बाद, पवित्र भूमि को तीन भागों में विभाजित किया गयाः इज़राइल राज्य, वेस्ट बैंक (जॉर्डन नदी का पश्चिमी तट), और गाजा पट्टी।
  • वर्ष 1993 के ओस्लो समझौते द्वारा संघर्ष विराम की घोषणा की गयी तथा समाधान के रूप में दो राज्यों के गठन की रूपरेखा तैयार की गयी।
  • इस समझौते के तहत वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी के कुछ हिस्सों को सीमित स्वशासन का अधिकार देते हुए इन क्षेत्रें पर फिलिस्तीनी अधिकार को मान्यता प्रदान की गयी थी।
  • वेस्ट बैंक क्षेत्र पर इजराइल और फिलिस्तीन, दोनों ही अपना-अपना दावा करते हैं।यह क्षेत्र इजराइल और जॉर्डन के बीच स्थित है। गौरतलब है कि सन 1967 में इजराइल ने अरब-इजराइली युद्ध के दौरान वेस्ट बैंक क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था और बाद के वर्षों में वहाँ बस्तियाँ स्थापित की हैं।
  • यही कारण है कि संयुक्त अरब अमीरात, फिलिस्तीनियों की भूमि पर इजराइल के नियंत्रण को मान्यता नहीं देता है। उसका मानना है कि वेस्ट बैंक क्षेत्र की भूमि फिलिस्तीनियों की है और इजराइल का यहाँ अवैधानिक कब्जा है।

निष्कर्ष

  • विशेषज्ञों के अनुसार इस समझौते को ईरान की बढ़ती ताकत के मद्देनजर किया गया है। इनका मानना है कि यह समझौता अरब क्षेत्र में शांति लाने हेतु कम, बल्कि ईरान को संतुलित करने की दिशा में अधिक प्रतीत हो रहा है। गौरतलब है कि यूएई और इज़राइल दोनों ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम के विरोध में हैं। दोनों ही देश नहीं चाहते हैं कि वो अपनी सैन्य क्षमता में इजाफा करे, जिससे इस पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बढ़ जाए। ऐसे में ईरान के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए इजराइल का साथ जरूरी है।