यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: हम्पी के प्रतिष्ठित पत्थर निर्मित रथ (Hampi's Iconic Stone Chariot)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): हम्पी के प्रतिष्ठित पत्थर निर्मित रथ (Hampi's Iconic Stone Chariot)

हम्पी के प्रतिष्ठित पत्थर निर्मित रथ (Hampi's Iconic Stone Chariot)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India – ASI) ने सुरक्षा के लिहाज से हम्पी में विजय विट्ठल मंदिर के सामने प्रतिष्ठित पत्थर निर्मित रथ (chariot) को छूने से रोकने के लिए सुरक्षात्मक बैरिकेड लगा दिये हैं।

आवश्यकता क्यों?

  • पत्थर का रथ हम्पी में सबसे अधिक देखे जाने वाले स्मारकों में से एक है और इसके अतिरित्तफ़ सुरक्षा की आवश्यकता है। यहाँ पर आने वाला हर पर्यटक संवेदनशील स्मारक की तस्वीरें खींचता है और उसे छूता है। कुछ तो स्मारक के साथ अपनी तस्वीरें लेने के लिए भी चढ़ते हैं। संरक्षित स्मारक कुछ पर्यटकों के इस तरह के आपत्तिजनक व्यवहार से क्षतिग्रस्त होने का जोखिम उठा रहा है। इसलिए इसके चारों ओर अवरोध खड़ा करना पड़ा है।

प्रमुख बिन्दु

  • हम्पी रथ भारत के तीन प्रसिद्ध पत्थर रथों में से एक है, अन्य दो कोणार्क (ओडिशा) और महाबलीपुरम (तमिलनाडु) में हैं। विजयनगर के शासकों के संरक्षण में यह मंदिर वास्तुकला का कौशल दर्शाता है, जो 14वीं से 17वीं शताब्दी तक शासन करते थे।
  • 16वीं शताब्दी में इसका निर्माण विजयनगर शासक राजा कृष्णदेवराय के आदेश पर किया गया था।

हम्पी

  • यह मध्य कर्नाटक में तुंगभद्रा बेसिन में स्थित है। 1336 में इसकी स्थापना हरिहर और बुक्का ने की थी।
  • हम्पी,दक्षिणी भारत के एक पुराने शहर विजयनगर में स्थित एक छोटा सा गाँव है। संस्कृत में विजयनगर का अर्थ ‘जीत का नगर’ होता है। 1336 से 1565 तक, यह शहर विजयनगर साम्राज्य की राजधानी था। 1986 में इस प्राचीन शहर को यूनेस्को विश्व विरासत स्थल घोषित कर दिया गया।
  • हम्पी के आसपास मौजूद ग्रेनाइट पहाडि़यों की गिनती दुनिया के सबसे पुराने पत्थरों में की जाती है।
  • तुलुव वंश (Tuluva Dynasty) के महान शासक कृष्णदेव राय ने यहाँ पर सबसे अधिक इमारतें बनवाई थीं। तालीकोटा की लड़ाई (1565 इसवीं) के कारण इसका बड़े पैमाने पर विनाश हुआ। तालीकोटा की लड़ाई, विजयनगर के राजा और बीजापुर, बीदर, अहमदनगर, और गोलकोंडा के चार सुल्तानों की सेनाओं के बीच दक्षिण भारत के दक्कन क्षेत्र में हुई थी।

पत्थर निर्मित रथ

  • हम्पी की सबसे मशहूर जगह पर पत्थर का बना एक बड़ा सा मंदिर है, जो देखने में एक रथ की तरह लगता है। यह मंदिर विष्णु भगवान के वाहन गरुड़ को समर्पित है। वह पक्षियों के राजा माने जाते थे।
  • कहा जाता है कि किसी समय में इस मंदिर के ऊपर गरुड़ की मूर्ती हुआ करती थी, जिनका रूप पक्षी जैसा था। यह भी कहा जाता है कि ग्रेनाइट के ये पहिये किसी समय में घूमा करते थे।

विट्ठल मंदिर

  • विट्ठल मंदिर में लगभग हर जगह भगवान और पौराणिक लोगों से जुड़ी बातें और उनकी मूर्तियां पत्थरों पर उकेरी गई हैं।
  • विट्ठल मंदिर की बनावट सबसे खूबसूरत है। यह द्रविड़ वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है, जिसमें बड़े-बड़े पत्थरों पर बारीक नक्काशी की गई है। इसके प्रांगण में दरवाजे, मंदिर, व मीनारें तथा सुनसान पड़े प्रांगण शामिल हैं।
  • 56 खम्बों वाला यह रंगमंडप, विट्ठल मंदिर में मौजूद है। विदित हो कि रंगमंडप के अंदर एक मंच होता है, जिस पर बैठकर पूजा-पाठ जैसे धार्मिक काम किए जाते हैं।

द्रविड़ शैली

  • द्रविड़ शैली के मंदिर कृष्णा नदी से लेकर कन्याकुमारी तक पाए जाते हैं। इस शैली की शुरुआत 8वीं शताब्दी में हुई और सुदूर दक्षिण भारत में लगभग 18वीं शताब्दी तक बनी रही। जो मंदिर इस शैली से निर्मित होते हैं वह बहुमंजिला होते हैं। द्रविड़ शैली को जन्म पल्लवों ने दिया। इसने उँचाइयाँ चोल काल में हासिल की। मूर्तिकला और चित्रकला का संगम इस शैली के साथ चोल काल के दौरान हो गया था।