यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट - GMCP (Greater Male Connectivity Project)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट - GMCP (Greater Male Connectivity Project)

ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट - GMCP (Greater Male Connectivity Project)

चर्चा का कारण

  • भारत और मालदीव द्वारा ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (Greater Male Connectivity Project–GMCP) के लिए हाल ही में 400 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट (line of credit–LoC) हेतु समझौता किया गया।

क्या है ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (GMCP)?

  • इस प्रोजेक्ट का विकास मालदीव में बुनियादी ढाँचा मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।
  • इसके माध्यम से मालदीव की राजधानी माले को पड़ोस के तीन द्वीपों विलिंगिली (Villingili), गुल्हीफाहू (Gulhifalhu) और थिलाफूसी (Thilafushi) से जोड़ा जाएगा अर्थात मालदीव की राजधानी माले को उसके तीनों पड़ोसी द्वीपों से जोड़ने के लिये लगभग 6.7 किलोमीटर लंबे पुल/सेतु का निर्माण किया जाएगा, ताकि इन द्वीपों के मध्य कनेक्टिविटी को बढ़ाया जा सके।
  • उपर्युक्त चारों द्वीपों के मध्य कनेक्टिविटी बढ़ने से इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार सृजन में सहायता मिलेगी और माले क्षेत्र में समग्र शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।

क्या होता है लाइन ऑफ क्रेडिट (LOC)?

  • विकासशील व गरीब देशों को रियायती ब्याज दरों पर दिया जाने वाला लाइन ऑफ क्रेडिट (Line of credit -LOC), एक तरह का ‘सॉफ्रट लोन या ऋण‘ होता है।
  • लाइन ऑफ क्रेडिट के रूप में लिये गए ऋण को ऋणकर्ता देश या सरकार (यथा-मालदीव आदि) द्वारा एक समयसीमा में ब्याज सहित चुकाना भी होता है।
  • लाइन ऑफ क्रेडिट के द्वारा ऋण देने वाले देश (यथा-भारत आदि) की वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात को भी बढ़ावा मिलता है, क्योंकि इसके तहत किये गए समझौते के मुताबिक ज्यादातर सामग्री की आपूर्ति लाइन ऑफ क्रेडिट देने वाले देश के द्वारा ही की जाती है।

भारत के लिए मालदीव का रणनीतिक महत्व

  • भारत के लिए मालदीव रणनीतिक रूप से अहम है। मालदीव, हिन्द महासागर में लगभग 90 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला है।
  • मालदीव की जलसीमा से सबसे नजदीक स्थित भारतीय द्वीप मिनीकॉय की दूरी मात्र 100 किलोमीटर है जो कि लक्षद्वीप की राजधानी कावरत्ती से लगभग 400 किलोमीटर दूर है।
  • हालांकि भारत की दूरगामी समुद्री दृष्टिकोण काफी संकुचित रहा है जिसके कारण भारत इस क्षेत्र में रणनीतिक रूप से काफी पिछड़ गया था।
  • इसके कारण हिन्द महासागर चीन और अमेरिका की प्रतिस्पर्धा का क्षेत्र बनता गया।
  • चीन नेस्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स नीति के तहत भारत को घेरने की कार्य योजना पर बढ़ते हुए पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में ग्वादर से लेकर श्रीलंका(हंबनटोटा पोर्ट), मालदीव (मराओ पोर्ट),बांग्लादेश (चटगांव पोर्ट),समेत म्यांमार तक अपने समुद्री प्रभाव का विस्तार किया।
  • परन्तु, पिछले कुछ वर्षों से समुद्री कूटनीति को प्राथमिकता देते हुए भारत सरकार के द्वारा कई नीतियां चलाई गई हैं। भारत सरकार के द्वारा 2015 में अर्थव्यवस्था पर ध्यान देते हुए सागर (Security And Growth for All in the Region& SAGAR) कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
  • सागर नीति के तहत भारत हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि भी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।