यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (विषय: वैश्विक वन संसाधन मूल्यांकन - 2020 (Global Forest Resources Assessment Report - 2020)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): वैश्विक वन संसाधन मूल्यांकन - 2020 (Global Forest Resources Assessment Report - 2020)

वैश्विक वन संसाधन मूल्यांकन - 2020 (Global Forest Resources Assessment Report - 2020)

चर्चा का कारण

  • संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन द्वारा हाल ही में ‘वैश्विक वन संसाधन मूल्यांकन ‘(Global Forest Resources Assessment- FRA)' जारी किया गया है।

महत्वपूर्ण बिन्दु

  • एफआरए-2020 के अनुसार, 2010-2020 के दौरान वन क्षेत्र में सबसे अधिक औसत वार्षिक वृद्धि करने वाले शीर्ष 10 देश क्रमशः हैंः
  • चीन, ऑस्ट्रेलिया, भारत, चिली, वियतनाम, तुर्की, संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, इटली, रोमानिया।
  • वैश्विक वन संसाधन मूल्यांकन (Global Forest Resources Assessment- FRA )-2020 रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले एक दशक(वर्ष 2010-2020) में एशिया महाद्वीप ने वन क्षेत्र में सबसे अधिक शुद्ध वृद्धि दर्ज की है।
  • पिछले एक दशक में एशियाई जंगलों में प्रति वर्ष 1.17 मिलियन हेक्टेयर शुद्ध वृद्धि दर्ज की गयी है।
  • एफआरए-2020 के अनुसार, वर्ष 1990-2020 के दौरान दक्षिण एशियाई उप-क्षेत्र में शुद्ध वन हानि दर्ज की गई।

भारत की स्थिति

  • रिपोर्ट में पिछले एक दशक (2010-20) में वन क्षेत्रें में वृद्धि करने वाले शीर्ष 10 देशों में भारत को तीसरा स्थान मिला है।
  • भारत में स्थानीय, आदिवासी और देशी समुदायों द्वारा प्रबंधित वन क्षेत्र 1990 में शून्य से बढ़कर 2015 में लगभग 25 मिलियन हेक्टेयर हो गया है।
  • हालांकि एफआरए-2020 में भारत के लिए नकारात्मक बात यह बताई गयी है कि यहाँ प्राकृतिक रूप से पुनर्जीवित वन दर (naturally regenerating forest rate) निराशाजनक है, क्योंकि भारत में 2010-20 के दौरान, प्राकृतिक रूप से पुनर्जीवित वन में वृद्धि की दर केवल 0.38 प्रतिशत थी, जो काफी कम है।
  • भारत ने दुनिया में वानिकी क्षेत्र में काफी अधिक रोजगार उपलब्ध कराये हैं। वैश्विक स्तर पर वानिकी क्षेत्र में जितने लोग कार्यरत हैं , उनमें से करीब 50 फीसदी का हिस्सा भारत का है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने वन क्षेत्र में 0.38 प्रतिशत वार्षिक लाभ दर्ज किया अथवा यहाँ औसतन हर वर्ष 266,000 हेक्टेयर की वन वृद्धि हुई है।

वैश्विक वन संसाधन मूल्यांकन

  • वैश्विक स्तर पर वन संसाधनों की स्थिति और रुझानों को प्रदर्शित करने हेतु वैश्विक वन संसाधन मूल्यांकन (FRA) रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (Food and Agricultural Organization - FAO) के तहत वानिकी विभाग (थForestry Department) द्वारा प्रकाशित किया जाता है।
  • यह रिपोर्ट सभी सदस्य देशों के लिये वनों का स्तर, उनकी स्थितियों एवं प्रबंधन का आकलन करती है। वैश्विक वन संसाधन मूल्यांकन (FRA) रिपोर्ट में वैश्विक स्तर के वन क्षेत्र संबंधी आँकड़ों के साथ-साथ कई अन्य निष्कर्षों यथा-वन संरक्षण के लिये कानूनी व संस्थागत ढाँचा, स्थायी वन प्रबंधन, भूमि का स्वामित्त्व, भूमि तक पहुँच का अधिकार, वन क्षेत्र में शुद्ध वृद्धि व हानि, प्राकृतिक रूप से पुनर्जीवित वन इत्यादि को भी प्रकाशित किया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ)

  • संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ), एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है। यह संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेषीकृत एजेंसी है।
  • एफएओ की स्थापना संयुक्त राष्ट्र संघ के अंतर्गत 16 अक्टूबर, 1945 को कनाडा में हुई थी। 1951 में इसका मुख्यालय वाशिंग्टन से स्थानांतरित कर रोम में स्थापित किया गया था।
  • वर्तमान में FAO के 197 सदस्य हैं जिनमे 194 देश, एक संगठन एवं दो संलग्न सदस्य (Associate member) हैं।
  • एफएओ ज्ञान और जानकारियों के आदान-प्रदान करने का मंच भी है। एफएओ, सरकारों एवं विभिन्न संस्थाओं को कृषि, पर्यावरण, पोषक तत्व,वानिकी, मत्स्यपालन, भूमि व जल संसाधनों और फूड सिक्योरिटी के बारे में जानकारी देता है।