यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: गांधीनगर को राष्ट्रीय पोत पुनर्चक्रण का अधिकार (Gandhinagar has the right to National Vessel Recycling)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): गांधीनगर को राष्ट्रीय पोत पुनर्चक्रण का अधिकार (Gandhinagar has the right to National Vessel Recycling)

गांधीनगर को राष्ट्रीय पोत पुनर्चक्रण का अधिकार (Gandhinagar has the right to National Vessel Recycling)

चर्चा का कारण

  • केंद्र सरकार द्वारा 15 अक्टूबर, 2020 को नौवहन महानिदेशालय को राष्ट्रीय जहाज पुनर्चक्रण प्राधिकरण के रूप में जहाजों के पुनर्चक्रण अधिनियम 2019 की धारा 3 के तहत जारी किया गया है।

क्या था पोत पुनर्चक्रण अधिनियम, 2019?

  • पोत पुनर्चक्रण अधिनियम, 2019 खतरनाक सामग्रियों के उपयोग को प्रतिबंधित करता है। नए पोतों के लिए खतरनाक सामग्री के उपयोग पर प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होता है। वर्तमान पोतों को इस नियम को लागू करने के लिए 5 वर्ष का समय दिया गया है।
  • इसके अलावा सरकार द्वारा संचालित सैन्य पोतों और गैर-व्यावसायिक पोतों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। पोतों का सर्वे किया जाएगा और खतरनाक सामग्री के संदर्भ में प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
  • राज्य सरकारों और जहाज-रीसाइक्लिंग यार्ड-मालिकों द्वारा आवश्यक विभिन्न अनुमोदन के लिए नौवहन महानिदेशक (DG Shipping) अंतिम प्राधिकरण होगा।
  • शिप रिसाइक्लिंग एक्ट, 2019 के तहत, भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के अंतर्गत जहाजों की रिसाइक्लिंग के लिए हांगकांग कन्वेंशन में भाग लिया था।

उद्देश्य

  • एक शीर्ष निकाय के रूप में डी जी शिपिंग जहाजों की रिसाइक्लिंग से संबंधित सभी गतिविधियों का प्रबंधन, पर्यवेक्षण और निगरानी करने के लिए अधिकृत हैं। वे शिप रिसाइक्लिंग उद्योग के सतत विकास की देखभाल करेंगे और शिप रिसाइक्लिंग उद्योग में हितधारकों के कार्य के लिए पर्यावरण अनुकूल मानदंड, सुरक्षा तथा स्वास्थ्य उपायों के अनुपालन की निगरानी करेंगे।

आगे की राह

  • इस अधिनियम के तहत पोत पुनर्चक्रण सुविधाएं अधिकृत होनी चाहिए और केवल इन्हीं अधिकृत पुनर्चक्रण सुविधाओं में पोतों का पुनर्चक्रण किया जाना चाहिए।
  • पोत विशेष आधारित योजना के तहत पोतों का पुनर्चक्रण किया जाना चाहिए।
  • एचकेसी नियमों के अनुसार भारत में पोतों के पुनर्चक्रण के लिए रेडी फॉर रिसाइक्लिंग का प्रमाण पत्र भी होना चाहिए।

निष्कर्ष

  • अधिनियम पुनर्चक्रण कंपनियों को एक वैधानिक कार्य की जिम्मेदारी देता है जिसके तहत पोतों के खतरनाक अपशिष्ट का प्रबंधन सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होना चाहिए। नए अधिनियम में वैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन के मामलों को दंडनीय बनाया गया है।
  • हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित व पर्यावरण अनुकूल पोत पुनर्चक्रण सम्मेलन, 2009 को भारत द्वारा सहमति देने तथा पोत पुनर्चक्रण अधिनियम, 2019 के लागू होने से हमारे पोत पुनर्चक्रण उद्योग को सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार और पर्यावरण अनुकूल उद्योग के रूप में प्रसिद्धि मिलेगी और भारत इस उद्योग का अग्रणी देश बन जाएगा।