यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: कतर के श्रम कानून में बदलाव (Changes in Qatar's Labor Law)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): कतर के श्रम कानून में बदलाव (Changes in Qatar's Labor Law)

कतर के श्रम कानून में बदलाव (Changes in Qatar's Labor Law)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में कतर ने अपने श्रम कानूनों में बदलाव किया है। कतर ने प्रवासी मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन 25 प्रतिशत बढ़ाकर 274 डॉलर प्रति माह कर दिया और प्रवासी कर्मचारियों को नौकरी बदलने के लिए अपने नियोक्ताओं की अनुमति प्राप्त करने के लिए आवश्यकता को भी समाप्त कर दिया।

आवश्यकता क्यों

  • कफाला के तहत कतर में काम करने वाले सभी विदेशी कामगारों को एक स्थानीय प्रायोजक की जरूरत होती है। यह कोई व्यक्ति भी हो सकता है और कोई कंपनी भी।
  • अगर कामगार को नौकरी बदलती है तो इस प्रायोजक से अनुमति लेनी पड़ती है। आलोचक इस सिस्टम को आधुनिक दौर की गुलामी बताते हैं क्योंकि इसमें कामगारों के अधिकारों का कोई संरक्षण नहीं था और उनका उत्पीड़न बहुत होता था।
  • जब से कतर 2022 के फुटबॉल वर्ल्ड कप का मेजबान बना है, तब से उसके श्रम कानूनों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है। अरब प्रायद्वीप में फीफा वर्ल्ड कप के आयोजन ने मानवाधिकार हनन के मामले की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है।
  • बहुत से श्रमिकों की यह भी शिकायत होती है कि उन्हें कतर अधिक वेतन के वादे के साथ लाया गया था लेकिन यहां उन्हें उतना पैसा नहीं मिल रहा है। नए कानून के तहत इस तरह की शिकायतों पर ध्यान दिया जा सकेगा। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल नियोक्ताओं के ख़िलाफ़ छह हजार शिकायतें दर्ज की गईं।

प्रमुख बदलाव

  • कतर ने अपनी पुरानी और सबसे ज्यादा आलोचना वाली ‘कफाला’ प्रणाली (Kafala System) को खत्म कर दिया है। नए कानून के मुताबिक अगर कोई श्रमिक किसी कंपनी में दो साल से कम समय के लिए काम करते हैं तो वो एक महीने की नोटिस देकर कंपनी छोड़ सकते हैं जबकि यदि वे लंबे समय तक काम करते हैं तो दो महीने की नोटिस देना अनिवार्य है।
  • नए कानून के जरिए कतर में काम करने वाले विदेशी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा होगी। इसमें आधुनिक कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को लाया जाएगा जिससे श्रमिकों को नौकरी बदलने में भी आसानी होगी।
  • कंपनियों को आवास और भोजन के लिए 800 रियाल का एक अतिरिक्त संयुक्त मासिक वजीफा भी प्रदान करना होगा। ये सुधार सभी क्षेत्रें के श्रमिकों पर लागू होते हैं, जिनमें घरेलू कामगार भी शामिल हैं, जिन्हें पहले बाहर कर दिया गया था।

आगे की राह

  • क तर में प्राकृतिक गैसों का भंडार है और अब वहां निर्माण के क्षेत्र में तेजी आई है। वहीं प्रति व्यक्ति आय के मामले में कतर के नागरिक सबसे ऊपर के स्थानों पर हैं। अन्य खाड़ी देशों की ही तरह कतर को भी लाखों प्रवासी मजदूरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
  • प्रवासी मजदूर ज्यादातार दक्षिण एशियाई देशों जिनमें भारत, नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश शामिल हैं, कतर में जाकर काम करते हैं। प्रवासी श्रमिकों का योगदान केवल अपने मूल देश में प्रेषित धनराशि भेजने तक ही नहीं सीमित है बल्कि यह खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था को भी सस्ता श्रम उपलब्ध कराते हैं। इसके अलावा प्रवासी श्रमिक किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में मांग में वृद्धि करने वाला कारक और एक बड़ा उपभोक्ता भी होता है। अतः नए श्रम कानूनों से साफ है कि भारत समेत विदेशी मजदूरों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।