यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: सीमा समायोजन कर (Border Adjustment Tax - BAT)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): सीमा समायोजन कर (Border Adjustment Tax - BAT)

सीमा समायोजन कर (Border Adjustment Tax - BAT)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में उद्योग मंडल पीएचडी चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स द्वारा इंटरनेट के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में 'नीति आयोग' के सदस्य वी-के- सारस्वत द्वारा घरेलू उद्योगों को एक समान स्तर प्रदान करने के लिये आयात पर 'सीमा समायोजन कर' (Border Adjustment Tax-BAT) लगाने का समर्थन किया गया है।

समर्थन का कारण

  • सीमा समायोजन कर लगाने का सुझाव संयुक्त राज्य अमेरिका तथा चीन के मध्य चल रहे व्यापार तनाव को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। विशेषज्ञों द्वारा यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि यह व्यापार तनाव COVID-19 महामारी के बाद भी जारी रह सकता है।
  • इसके अलावा भारतीय उद्योगों द्वारा हमेशा घरेलू सामानों पर बिजली शुल्क, मंडी कर, स्वच्छ ऊर्जा उपकर और रॉयल्टी जैसे विभिन्न करों के बारे में शिकायतें की जाती रही हैं जो घरेलू रूप से उत्पादित वस्तुओं पर वसूल किये जाते हैं क्योंकि ये कर उत्पाद में अंतर्निहित होते हैं।
  • परन्तु, कई प्रकार के आयातित सामान अपने संबंधित देश में इस तरह की लेवी के साथ लोड नहीं किये जाते हैं जिससे भारतीय बाजार में ऐसे उत्पादों को मूल्य लाभ मिलता है।

क्या है सीमा समायोजन कर

  • 'सीमा समायोजन कर' से तात्पर्य ऐसे कर से है जो बंदरगाहों पर आरोपित आयात शुल्क के अलावा आयातित वस्तुओं पर लगाया जाता है। यह देश से निर्यात होने वाली वस्तुओं पर आरोपित नहीं किया जायेगा।
  • सीमा समायोजन कर एक राजकोषीय उपाय है जिसे 'कर के गंतव्य सिद्धांत' (Destination Principle of Taxation) के अनुसार वस्तुओं या सेवाओं पर लगाया जाता है।
  • सामान्यतः यह कर अपने क्षेत्रधिकार के भीतर उत्पादों या सेवाओं की आपूर्ति करने वाली विदेशी और घरेलू कंपनियों के लिये 'प्रतिस्पर्धा की समान स्थिति' (Equal Conditions of Competition) को बढ़ावा देता है।

विश्व व्यापार संगठन के अनुसार करों का समायोजन

  • विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों एवं मुख्य शर्तों के तहत कुछ विशेष प्रकार के आंतरिक करों के समायोजन की अनुमति है। ये शर्तें इस प्रकार हैं-
  • आयात किये जाने वाले घरेलू उत्पाद के समान पर भी कर लागू होना चाहिये।
  • कर उत्पाद पर लिया जाना चाहिये और यह 'प्रत्यक्ष' नहीं होना चाहिये।
  • 'अनुमत सीमा कर समायोजन' को निर्यात पर सब्सिडी नहीं देनी चाहिये।

प्रभाव

  • बड़े पैमाने पर आयात कम होने और निर्यात बढ़ने के साथ, एक देश अपने व्यापार घाटे में कटौती कर सकता है।
  • विदित हो कि यदि कोई देश कई अन्य विकासशील देशों के लिये एक प्रमुख निर्यात बाजार है, तो कर योजना के कार्यान्वयन के कारण उन पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।