यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: एफएसएसएआई का डिब्बा बंद मिठाइयों के लिए दिशा-निर्देश (FSSAI Guidelines for Canned Sweets)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): एफएसएसएआई का डिब्बा बंद मिठाइयों के लिए दिशा-निर्देश (FSSAI Guidelines for Canned Sweets)

एफएसएसएआई का डिब्बा बंद मिठाइयों के लिए दिशा-निर्देश (FSSAI Guidelines for Canned Sweets)

चर्चा का कारण

  • भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधि करण (FSSAI) ने आम नागरिक के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए एक नियम बनाया हैं, कि एक अक्टूबर से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों की बनने की तारीख और उसे कब तक इस्तेमाल किया जा सकता है, इसकी पूरी जानकारी ग्राहकों को देनी होगी। साथ ही डिब्बा बंद मिठाइयों के लिए यह जानकारी डिब्बे के बाहर लिखनी होगी।

आवश्यकता क्यों

  • एफएसएसएआइ ने यह नियम बासी और पुरानी मिठाइयां बेचे जाने की लगातार शिकायतें मिलने के बाद लिया है। पहले यह नियम एक जून से लागू होना था, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे तीन महीना बढ़ा दिया गया था।

प्रमुख बिन्दु

  • एफएसएसएआइ ने सभी फूड कमिश्नरों को पत्र लिखकर कहा है कि सार्वजनिक हित और फूड सेफ्रटी सुनिश्चित करने के लिए यह तय किया गया है कि बाजारों मे या खुले में बिकने वाली मिठाई की एक्सपायरी डेट को 1 अक्टूबर, 2020 से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
  • मिठाई बनाने वाले दुकानदार स्वेच्छा से उसके बनाए जाने की तारीख को प्रदर्शित कर सकते हैं। इसके साथ ही एफएसएसएआइ ने अपनी website में मिठाइयों के इस्तेमाल को लेकर समय सीमा और उसके मानक तय किए हैं।
  • इसके अलावा नागरिकों को बासी खाना या मिठाई दिए जाने या उसकी समय सीमा खत्म होने के बाद भी मिठाइयों की बिक्री की सूचना मिलने पर इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए हैं।

चुनौतियाँ

  • बेस्ट बिफोर डेट मिठाइयों की थालियों पर लिखना व्यावहारिक नहीं है क्योंकि मिठाइयों का एक बड़ा रेंज होता है जिस पर बार-बार तारीख बदलना मुश्किल होगा।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण

  • भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की स्थापना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत की गयी है। यह स्वायत्त संगठन भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रलय के तहत आता है।
  • भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण मानव उपभोग के लिये पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उत्पादन, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने का कार्य करता है। इसके अतिरिक्त यह देश के सभी राज्यों, जिला एवं ग्राम पंचायत स्तर पर खाद्य पदार्थों के उत्पादन और बिक्री के निर्धारित मानकों को बनाए रखने में सहयोग करता है।
  • भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण समय-समय पर खुदरा एवं थोक खाद्य-पदार्थों की गुणवत्ता की भी जाँच करता है। इसका मुख्यालय दिल्ली में है, यह राज्यों के खाद्य सुरक्षा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को लागू करने का भी कार्य करता है।

आगे की राह

  • गौरतलब है कि पहले दुकानदार द्वारा खराब मिठाई दे देने पर उपभोक्ता कहीं साबित नहीं कर पाते थे कि उन्होंने खराब मिठाई खरीदी है। इस वजह से लोग मन मसोस कर रह जाते थे, साथ ही उनका पैसा भी बर्बाद होता था और स्वास्थ्य भी खराब हो जाता था। अब मिठाइयों के सामने एक्सपायरी डेट लिखे होने से वे सोच-समझ कर ही खरीदेंगे और इस्तेमाल करेंगे।