यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: कोविड-19 महामारी के कारण 3.2 करोड़ भारतीय मध्यम वर्ग से बाहर (32 Million Indians out of middle class due to COVID-19 pandemic)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): कोविड-19 महामारी के कारण 3.2 करोड़ भारतीय मध्यम वर्ग से बाहर (32 Million Indians out of middle class due to COVID-19 pandemic)

कोविड-19 महामारी के कारण 3.2 करोड़ भारतीय मध्यम वर्ग से बाहर (32 Million Indians out of middle class due to COVID-19 pandemic)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में अमेरिका स्थित प्रतिष्ठित थिंक टैंक ‘प्यू रिसर्च सेंटर’ द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार कोविड-19 महामारी ने भारत में 3 करोड़ 20 लाख लोगों को मध्य वर्ग से बाहर कर दिया है। ज्ञातव्य है कि ये रिपोर्ट विश्व बैंक के आँकड़ों पर आधारित है।

रिपोर्ट के मुख्य बिन्दु भारत के संदर्भ में

  • मध्य आय समूह की संख्या पहले जहां 10 करोड़ थी वो अब घटकर 6.6 करोड़ हो गई है।
  • जनवरी 2020 में भारत मे गरीबी लगभग 4.3प्रतिशत थी जो जनवरी 2021 में बढ़कर 9.7% हो गई है।
  • विदित हो कि भारत में गरीबों कि संख्या वर्ष 2011में 340 मिलियन थी जो वर्ष 2019 में घटकर 78 मिलियन हो गई थी। लेकिन कोविड-19 के कारण गरीबों की संख्या में वर्ष 2020 में 75 मिलियन की वृद्धि दर्ज की गई है।
  • इस प्रकार देखा जाए तो कुल वैश्विक गरीबी में वृद्धि का लगभग 60% वृद्धि केवल भारत में हुई है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कोविड महामारी के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत नामाँकन में अत्यधिक वृद्धि देखी गई।
  • वहीं भारत की निम्न आय वर्ग की बात की जाए तो इस समूह में 3.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे आ गए हैं। उल्लेखनीय है कि भारत में गरीब जनसंख्या पहले 119.7 करोड़ थी जो अब घटकर 116.2 करोड़ हो गई है। उच्च आय वर्ग की बात की जाए तो इस वर्ग की आबादी भी लगभग 30 प्रतिशत से कम हो कर 1.8 करोड़ हो गई।
  • भारत का चीन से तुलना की जाए तो चीन विश्व में एकमात्र ऐसा देश रहा है जहाँ गरीबी की दर लगभग अपरिवर्तित रही। यही वजह है कि वर्ष 2020 में वृद्धि करने वाली एकमात्र अर्थव्यवस्था थी
  • प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार कोविड-19 मंदी में चीन की तुलना में भारत में मध्यम वर्ग में अधिक कमी और गरीबी में बहुत अधिक वृद्धि देखी गई है।
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 2021 में अपनी रिपोर्ट वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (World Economic Outlook) में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में वित्तीय वर्ष 2020 में 8% का संकुचन हुआ है, जबकि इस दौरान चीन की अर्थव्यवस्था में 2.3% की दर से वृद्धि दर्ज की गई।

वैश्विक के संदर्भ में

  • प्यू सेंटर के अनुमान के अनुसार प्रत्येक दिन दो डॉलर या उससे कम आय वाले गरीब लोगों की संख्या 7.5 करोड़ बढ़ गई है
  • अध्ययन के मुताबिक पिछले साल दुनिया में मध्यम वर्ग की आबादी 9 करोड़ से गिरकर करीब 2.5 अरब रह गई। इससे दुनिया में गरीबों की संख्या में 13.1 करोड़ का इजाफा हुआ है।
  • जनवरी 2020 में वर्ल्ड बैंक ने ग्लोबल इकॉनमी में 2.5 फीसदी तेजी का अनुमान जताया था, लेकिन अब इसका अनुमान है कि इसमें 4.3 फीसदी की गिरावट आई है।
  • अध्ययन के मुताबिक महामारी के कारण 6.2 करोड़ हाई इनकम ग्रुप के लोग मिडल क्लास कैटगरी में आ गए। इससे साफ है कि 15 करोड़ से अधिक लोग मिडल क्लास कैटगरी से बाहर हुए हैं। यह संख्या फ्रांस और जर्मनी की संयुक्त आबादी से अधिक है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण एशिया, ईस्ट एशिया और पैसिफिक में मिडल क्लास की आबादी में गिरावट आई है।
  • 1990 के दशक के बाद यह पहला मौका है जब दुनिया में मिडल क्लास की आबादी में गिरावट आई है। प्यू के मुताबिक 2011 में दुनिया में मिडल क्लास की आबादी 13 फीसदी थी जो 2019 में बढ़कर 19 फीसदी हो गई है।

प्यू रिसर्च सेंटर

  • प्यू रिसर्च सेंटर विश्व को प्रभावित करने वाले विभिन्न मुद्दों, दृष्टिकोणों और रुझानों पर उपलब्ध आँकड़ों का निष्पक्ष विश्लेषण कर लोगों के सामने प्रस्तुत करता है।
  • इसकी स्थापना 2004 में एण्ड्रयू कोहुट ने की थी। इसके अध्यक्ष माइकल डीमोक हैं। इसका मुख्यालय वाशिंगटन क्ण्ब् (संयुक्त राष्ट्र अमेरिका) में है।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • निम्न वर्ग-भारत के संदर्भ में एक दिन में 2 अमेरिकी डॉलर या उससे कम कमाने वाले लोगों को गरीबी की श्रेणी में रखा जाता है।
  • मध्यम वर्ग- रोजाना 10 से 20 डॉलर तक की कमाई करने वालों को मिडल क्लास में गिना जाता है। इस समूह में प्रतिदिन 50 से 700 रुपए तक कमाने वाले लोग आते हैं।
  • अमीर वर्ग उच्च आय समूह में ऐसे लोग आते हैं जिनकी रोजाना इनकम 50 डॉलर या उससे अधिक होती है। इसमें वे लोग शामिल हैं जो प्रतिदिन 1500 डालर से अधिक कमाते हैं।