यूपीएससी आईएएस और यूपीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन अभ्यास कार्यक्रम: पेपर - IV (सामान्य अध्ययन-3: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा- प्रबंधन) - 29, नवंबर 2019


यूपीएससी आईएएस और यूपीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन अभ्यास कार्यक्रम (Answer Writing Practice for UPSC IAS & UPPSC/UPPCS Mains Exam)


मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम:

  • प्रश्नपत्र-4: सामान्य अध्ययन-3: (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा- प्रबंधन)

प्रश्न - हार्मोनाइज्ड सिस्टम कोड (HS Code) से आप क्या समझते हैं? एच. एस कोड आने वाले वर्षो में खादी के निर्यात को बढ़ावा देने में किस प्रकार सहयोग कर सकता है? चर्चा कीजिए! (शब्द 150)

मॉडल उत्तर:

  • चर्चा में क्यों हैं?
  • परिचय: हार्मोनाइज्ड सिस्टम कोड (S. Code) क्या है?
  • मुख्य भाग: मुख्य भाग: एच. एस. कोड खादी के निर्यात को बढ़ावा देने मे किस प्रकार सहयोगी
  • निष्कर्ष

चर्चा में क्यों है?

  • हाल ही, वाणिज्य तथा उद्योग मंत्रालय द्वारा खादी के लिए एक अलग हार्मोनाइज्ड सिस्टम (एच एस) कोड को आवंटित किया गया है।

परिचय - हार्मोनाइज्ड सिस्टम कोड क्या है?

  • हार्मोनाइज्ड सिस्टम (एच एस कोड), विश्व सीमा शुल्क संगठन (डब्ल्यूसीओ) द्वारा विकसित 6अंकों का एक पहचान कोड है। एच एस कोड को वस्तुओं के लिए ‘‘सार्वभौमिक आर्थिक भाषा’’ (Universal Economic Language) के रूप में भी जाना जाता है। यह एक बहुउद्देशीय अंतराष्ट्रीय उत्पाद शब्दावली है।
  • इस प्रणाली से सीमा शुल्क और व्यापार प्रक्रियाओं में सामंजस्य बनाने में सहयोग मिलता है, जिससे अंतराष्ट्रीय व्यापार की लागत में कमी आयेगी। वर्तमान में, 200 से अधिक देश अंतराष्ट्रीय व्यापार आंकड़ों के संग्रह के लिए एच. एस. कोड प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं। अंतराष्ट्रीय व्यापार में मौजूद 98 प्रतिशत से अधिक वस्तुओं को एच. एस. कोड के रूप में वर्गीकृत कियागया है।

एच. एस. कोडखादी के निर्यातको बढ़ावा देने मे किस प्रकार सहयोगी

  • खादी एवं ग्रामीण उद्योग आयोग के अनुसार पूर्व में खादी के पास अलग से एच. एस. कोड नहीं था। परिणामस्वरूप खादी के निर्यात का आंकड़ा कपड़ा मद में आता था। अब न केवल खादी निर्यात पर नजर रखा जा सकेगा। बल्कि निर्यात रणनीति बनाने में भी मदद मिलेगी।
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम द्वारा वर्ष 2006 में खादी और ग्रामोद्योग आयोग को निर्यात संवर्धन परिषद का दर्जा दिया गया।
  • अद्वितीय एच. एस. कोड की अनुपस्थिति में खादी तथा उसके उत्पादों का बड़ी मात्रा में निर्यात मुश्किल था। इस नवीनतम कदम के पश्चात् इस समस्या के समाधान होने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

  • अन्तराष्ट्रीय बाजार में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बहुत मांग है, क्योंकि ये उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल और प्राकृतिक होते हैं। सरकार द्वारा लिए गये निर्णय के पश्चात् खादी के निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा और इससे निर्यात रणनीतियों की योजना बनाने में भी सहयोग मिलेगा।

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