यूपीएससी आईएएस और यूपीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन अभ्यास कार्यक्रम: पेपर - IV (सामान्य अध्ययन-3: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा- प्रबंधन) - 17, दिसंबर 2019


यूपीएससी आईएएस और यूपीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन अभ्यास कार्यक्रम (Answer Writing Practice for UPSC IAS & UPPSC/UPPCS Mains Exam)


मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम:

  • प्रश्नपत्र-4: सामान्य अध्ययन-3: (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा- प्रबंधन)

प्रश्न - हाल ही में, सांभर झील में 18,000 पक्षियों की मृत्यु हुई है, इस सन्दर्भ में झील में पक्षियों के मृत्यु के कारणों पर चर्चा कीजिए।(150 शब्द)

मॉडल उत्तर:

  • चर्चा में क्यों है?
  • परिचय
  • सांभर झील में पक्षियों के मृत्यु के कारण
  • निष्कर्ष

चर्चा में क्यों है?

हाल ही में राजस्थान स्थित सांभर झील में 18,000 से अधिक प्रवासी पक्षी मृत पाए गये हैं। भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) ने सांभर झील में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों की मौत का कारण 'एवियन बोटुलिज्म’ नामक बीमारी को बताया है।

परिचय

बोटुलिज्म पक्षियों की मृत्यु के सबसे आम कारणों में से एक है यह संक्रमण “क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिन” नामक बैक्ट्रेरिया द्वारा निर्मित होता है। भारत में पक्षियों की मृत्यु का कारण बोटुलिज्म को पहली बार माना गया है।

सांभर झील में पक्षियों के मृत्यु के कारण

  • यह बैक्ट्रेरिया सामान्य तौर पर मिट्टी, नदी और समुद्री जल में पाया जाता है।
  • सभी प्रकार का बोटलिज्म विष तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है और इससे पेशीय पक्षाघात होता है। बोटुलिज्म मनुष्यों और पक्षियों के लिए हानिकारक होता है। बोटुलिज्म A, B और E मनुष्यों को और C पक्षियों को प्रभावित करता है।
  • सामान्यतः सांभर झील के पानी में उतार—चढ़ाव होता रहता है। लेकिन इस वर्ष अच्छे मानसून ने इस क्षेत्र में इस बैक्टीरिया के फैलने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान किया है।
  • यह बैक्टीरिया ऑक्सीजन की उपस्थिति में बढ़ता है। लेकिन अम्लीय परिस्थिति में नहीं बढ़ता है।
  • शोधकर्ताओ ने पाया है कि यह प्रकोप कीटभक्षी और सर्वाहारा पक्षियों में ही फैला है, शाकाहारी पक्षियों में इसका प्रभाव नहीं हुआ है।
  • एवियन बोटुलिज्म का प्रकोप तब बढ़ता है जब सूखे की स्थिति होती है और औसत तापमान 21°C से अधिक होता है।
  • मृत पक्षियों में नॉदर्न शावलर, पिनटेल, कॉनम टील, रूडी शेल डक, कॉमन कूट गेडवॉल, रफ, ब्लैक हेडड गल, ग्रीन बी ईटर, ब्लैक शेल्डर काइट, कैसपियन गल आदि प्रजाति के पक्षी सम्मिलित है।
  • घटना का एक कारण “हाइपर नकट्रेमिया” यानी पानी में सोडियम की अत्यधिक मात्रा में वृद्धि को माना जा रहा है।
  • झील का कैचमेंट एरिया, अतिक्रमण, प्रदूषित पानी, रिसॉर्ट और पर्यटन जैसे कारण पक्षियों के निवास के लिए समस्या पैदा कर रहे हैं। नमक बनाने वाली कंपनियों के अतिक्रमण के  कारण झील का वातावरण पक्षियों के लिए अनुकूल नहीं रह गया है। पेड़ों की कटाई और अतिक्रमण के कारण झील तक आने वाली बरसाती नदियाँ अपने साथ प्रदूषित जल ला रही हैं जिससे झील का जल प्रदूषित हो रहा है।

उपरोक्त कारणों के आधार पर कहा जा सकता है कि सांभर झील में पक्षियों की मृत्यु का मुख्य कारण एवियन बोटुलिज्म को माना गया है परन्तु इसके साथ ही पर्यावरणीय तथा अन्य कारण भी पक्षियों की मृत्यु के लिए बराबर के जिम्मेदार कारक हैं।

Click Here for Answer Writing Practice in English

उत्तर लेखन अभ्यास कार्यक्रम के पुरालेख (Archive) के लिए यहां क्लिक करें