यूपीएससी आईएएस और यूपीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन अभ्यास कार्यक्रम: पेपर - IV (सामान्य अध्ययन-3: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन) - 07, जुलाई 2020


यूपीएससी आईएएस और यूपीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन अभ्यास कार्यक्रम (Answer Writing Practice for UPSC IAS & UPPSC/UPPCS Mains Exam)


मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम:

  • पेपर - IV: सामान्य अध्ययन- III: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन

प्रश्न - इलेक्ट्रिक वाहनों के ईंधन सेल (Fuel Cell Electric Vehicles) की क्रियाविधि (Mechanism) का उल्लेख करते हुए, इसकी सीमाओं पर भी चर्चा कीजिए। (150 शब्द)

मॉडल उत्तर:

  • चर्चा में क्यों है?
  • परिचय
  • इलेक्ट्रिक वाहनों के ईधन सेल की क्रियाविधि
  • ईधन सेल की सीमायें
  • निष्कर्ष

चर्चा में क्यों है -

हाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए हाइड्रोजन सेल तकनीक वाले वाहनों को लागू करने का आदेश दिया गया है।

परिचय -

देश की अर्थव्यवस्था के सुचारू रूप से चलने, बुनियादी ढांचे के निर्माण तथा परिवहन और जीवन स्तर को सुधारने में ऊर्जा का महत्वपूर्ण योगदान है। पारंपरिक ऊर्जा के साधन पर्यावरण के लिए हानिकारक होते हैं। हालांकि हमारे पास विभिन्न नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों उपलब्ध हैं। शोधकर्त्ताओं के अनुसार,हाइड्रोजन वाहन ऊर्जा के सर्वोत्तम नवीकरणीय स्रोतों में से एक है। विद्युत के समान हाइड्रोजन भी ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोतों है जो बड़ी मात्र में ऊर्जा उत्पादन की क्षमता रखता है।

ईधन सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल की क्रियाविधि

ईधन सेल इलेक्ट्रिक वाहन (FCEV) एक प्रकार के विद्युत वाहन होते हैं, जो अपनी ऑन-बोर्ड इलेक्ट्रिक मोटर को ऊर्जा देने के लिए बैटरी के स्थान पर ईधन सेल का प्रयोग करते हैं। अन्य इलेक्ट्रिक व्हीकल केवल बैटरी से ऊर्जा लेने के स्थान पर हाइड्रोजन द्वारा संचालित ईधन का उपयोग करते हैं। ईधन सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल की क्रियाविधि निम्नानुसार है-

  • ईधन सेल इलेक्ट्रिक वाहन एक ऐसा उपकरण है जो ऊर्जा के लिए हाइड्रोजन का उपयोग करता है। उदाहरण - हाइड्रोजन और एक आक्सीडेंट का प्रयोग विद्युत-रासायनिक प्रक्रिया द्वारा विद्युत बनाने के लिए किया जाता है।
  • ईधन सेल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को जोड़ती है जिससे विद्युत प्रवाह उत्पन्न होता है, इसमें पानी का प्रयोग केवल उपोत्पाद के रूप में होता है।
  • ऑटोमोबाइल के बोनट के नीचे पारंपरिक बैटरी के समान, रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलने के लिए हाइड्रोजन ईधन सेल का प्रयोग किया जा सकता है।
  • दीर्धकालिक व्यवहार्यता के दृष्टिकोण से, ईधन सेल वाहनों का भविष्य में प्रयोग किया जा सकता है क्योंकि हाइड्रोजन ब्रह्मांड में सर्वाधिक मात्रा में उपलब्ध है।

फ्यूल सेल की सीमायें -

  • ईधन सेल इलेक्ट्रिक वाहन, ग्रीन हाउस गैसों का उत्पादन नहीं करते हैं। परन्तु हाइड्रोजन निर्माण की प्रक्रिया में ऊर्जा के रूप में जीवाश्म ईधन का प्रयोग किया जाता है।
  • इससे हाइड्रोजन की पर्यावरणीय हितैषी धारणा पर सवाल उठता है।
  • हाइड्रोजन गैस के सन्दर्भ में सुरक्षा भी एक प्रमुख मुद्दा है। हाइड्रोजन की सुरक्षा पर भी लोगों द्वारा सवाल उठाए गए हैं। कुछ विद्वानों के अनुसार, पेट्रोलियम की तुलना में हाइड्रोजन अधिक ज्वलनशील होता है।
  • हाइड्रोजन की कीमत प्राकृतिक गैस की तुलना में कहीं अधिकहोती है।
  • हाइड्रोजन ईधन के वितरण पंपों की संख्या आवश्यकतानुसार उपलब्ध नहीं है।
  • वर्ष 1937 में हिडनबर्ग एयरशिप की घटना, हाइड्रोजन की विनाशकारी प्रकृति को बताती है।

निष्कर्ष

नवी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालयईधनसेल इलेक्ट्रिक व्हीकल (FCEL) के लिए शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान और विकास संगठनों के निर्माण की दिशा में कार्य कर रहा है। परन्तु भारत में प्रारम्भ होने से पहले इससे सम्बन्धित समस्याओं पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

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