यूपीएससी आईएएस और यूपीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन अभ्यास कार्यक्रम: पेपर - IV (सामान्य अध्ययन-3: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन) - 02, जुलाई 2020


यूपीएससी आईएएस और यूपीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन अभ्यास कार्यक्रम (Answer Writing Practice for UPSC IAS & UPPSC/UPPCS Mains Exam)


मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम:

  • पेपर - IV: सामान्य अध्ययन- III: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन

प्रश्न - "कोर कैचर" से आप क्या समझते हैं? परमाणु ऊर्जा संयत्रों को स्थापित करने में कोर कैचर की भूमिका पर संक्षेप में चर्चा कीजिए।( 150 शब्द)

मॉडल उत्तर:

  • परिचय
  • मुख्य भाग
  • ‘‘कोर कैचर’’ क्या है?
  • कोर कैचर का उपयोग
  • निष्कर्ष

परिचय -

मास्को आधारित, रोसाटॉम स्टेट कॉर्पोरेशन इंजीनियरिंग डिवीजन ने तमिलनाडु के कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में एक कोर मेल्ट लोकलाइजेशन डिवाइस (CMLD) या कोर कैचर को स्थापित किया है। इस डिवाइस को मेल्ट डाउन के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में सहयोग करने तथा ठंडा करने के लिए डिजाइन किया गया है।

‘‘कोर कैचर’’ क्या है?

  • रोसाटॉम वेबसाइट के अनुसार, कोर कैचर शंकु के आकार की एक धातु संरचना होती है। जिसका वजन लगभग 800 टन होता है। यह संरचना दो दीवारों की होती है जिनके मध्य में एफ ए ओजी (फेरिक और एल्यूमीनियम ऑक्साइड ग्रैन्यूल) भरा होता है। इस अंतराल को भरने वाले एफ ए ओ जी को ‘‘सैक्रीफिशियल सामग्री’’ (Sacrificial material) भी कहा जाता है। सैक्रीफिशियल सामग्री, कोरियम को रिसने/टपकने (Trickling) से रोकती है तथा यह शीतलन तंत्र के रूप में भी कार्य करती है।
  • कोर कैचर का उपयोग, पिछले हुए कोर-मटेरियल कोरियम को किसी रिएक्टर से होने वाली मेल्टडाउन की घटना को जानने या समझने के लिए किया जाता है। कोरियम लावा जैसी सामग्री होती है, जो मेल्टडाऊन की दुर्घटना की स्थिति में परमाणु रिएक्टर के केन्द्र में बन जाती है।
  • इस प्रकार के प्रथम उपकरण को चीन के तियानवान परमाणु ऊर्जा संयंत्र में स्थापित किया गया, जिसका निर्माण रूस द्वारा किया गया था। बांग्लादेश के रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट में 200 टन का कोर कैचर भी लगाया गया था।

कोर कैचर का उपयोग

  • कोर कैचर, परमाणु ऊर्जा संयंत्र की एक महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रणाली है।
  • कोर कैचर मेल्टडाऊन दुर्घटना के समय पिघली हुई कोर सामग्री के प्रवाह को सीमित तथा शीतल करता है।
  • इस डिवाइस से परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के अन्दर भूकंपीय प्रतिरोध और हाइड्रोडायनामिक प्रवाह में सुधार हुआ है।
  • कोर कैचर भी परमाणु ऊर्जा संयंत्र की आघात सामर्थ्य में सुधार करता है।

निष्कर्ष -

अतीत में, वर्ष 1986 में चेरनोबिल और वर्ष 2011 में फुकुशिमा, के, परमाणु संयंत्रों में मेल्टडाऊन की दुर्घटना घटित हुई है। इस तरह की दुर्घटनाएं पर्यावरण और इसके आसपास के वातावरण को दशकों तक तथा कभी-कभी सदियों तक प्रभावित करती हैं। इसलिए, कोर कैचर ऐसी दुर्घटनाओं के खिलाफ एक सुरक्षा कवच है और इसे पूरे विश्व में परमाणु संयंत्रों को सुरक्षित रखने के लिए स्थापित किया जाना चाहिए।

Click Here for Answer Writing Practice in English

उत्तर लेखन अभ्यास कार्यक्रम के पुरालेख (Archive) के लिए यहां क्लिक करें