यूपीएससी आईएएस और यूपीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन अभ्यास कार्यक्रम: पेपर - III (सामान्य अध्ययन-2: शासन व्यवस्था, संविधान शासन-प्रणाली, सामाजिक न्याय और अंतर्राष्ट्रीय संबंध) - 29, जुलाई 2020


यूपीएससी आईएएस और यूपीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन अभ्यास कार्यक्रम (Answer Writing Practice for UPSC IAS & UPPSC/UPPCS Mains Exam)


मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम:

  • पेपर - III: सामान्य अध्ययन- II: शासन व्यवस्था, संविधान शासन-प्रणाली, सामाजिक न्याय और अंतर्राष्ट्रीय संबंध

प्रश्न - भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) (NPR) को देश में लागू करने को कहा गया है। इस संदर्भ में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) तथा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) (NPR) के मध्य अन्तर स्पष्ट करते हुए राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) (NPR) पर आलोचनात्मक चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

मॉडल उत्तर:

परिचय

केन्द्र सरकार ने नागरिकता नियम 2003 के उप-नियम (4) (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) के आधार पर राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को तैयार तथा अपडेट करने का निर्णय लिया है। असम को छोड़कर इसका पूरे देश से डेटा एकत्र किया जायेगा। असम को बाहर रखने का कारण, राज्य में पहले से चल रही एन आर सी प्रक्रिया को माना गया है।

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) तथा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) (NPR) के मध्य अन्तर

  • राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) (NPR),‘‘देश के सामान्य निवासियों’’ की एक सूची है। गृह मंत्रालय के अनुसार, ‘‘देश के सामान्य निवासी’’ उन नागरिकों को माना जायेगा जो कम से कम 6 महीने के लिए एक स्थानीय क्षेत्र (Local Area) में रह रहा हो या अगले 6 माह के लिए किसी विशेष स्थान पर रहने का प्रयोजन रखता हो। दूसरी ओर, एन आर सी एक सत्यापित डिजिटल रजिस्टर है, जिसमें सभी भारतीय नागरिकों के नाम और सामान्य जनसांख्यिकी जानकारी डिजिटल प्रारूप में एकत्रित होती है।
  • असम भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने एन आर सी को अपडेट किया है। वर्ष 2020 तक भारत सरकार ने देश भर के लिए एक नागरिक रजिस्टर बनाने का निर्णय लिया है जिसे राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) (NPR) कहा जायेगा।
  • एन आर सी के विपरीत एन पी आर एक नागरिकता अभियान नहीं है क्योंकि यह एक विदेशी नागरिक को भी 6 माह से भी अधिक समय तक रहने की अनुमति देगा।
  • एन पी आर का उद्देश्य देश में सरकारी योजनाओं का लाभ और बेहतर क्रियान्वयन में मदद करने के लिए पहचान डेटाबेस बनाना है जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके। दूसरी ओर एन आर सी, भारत के नागरिक को निर्धारित करता है। तथा उन्हें देश के बाहर करता है जो देश के नागरिक नहीं हैं।
  • एन पी आर को स्थानीय, उप-जिला, जिला राज्य और राष्ट्रीय स्तरों पर किया जाता है। एन आर सी केवल असम में आयोजित की गई है।
  • हाल ही में, भारत सरकार द्वारा देश के सभी नागरिकों के लिए एन पी आर का विचार लाया गया है, जो देश में एक राष्ट्र एक कार्ड के विचार को आगे बढ़ायेगा।

एन पी आर के पक्ष में तर्क -

  • राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR), सरकार को देश में कई मुद्दों को हल करने में सहयेागी होगा। यह सरकार की कानून व्यवस्था, लिंग समानता आदि समस्याओं को हल करने में मदद करेगा।
  • यह सरकार की बेहतर नीतियों के क्रियान्वयन तथा राष्ट्रीय सुरक्षा में सहायता करेगा।
  • इससे मनरेगा, खाद्य सुरक्षा और पोषण अभियानों जैसी कल्याणकारी योजनाओं के कुशल कार्यान्वयन में सहायता मिलेगी।
  • एन पी आर भारत को बहुउद्देश्शीय दस्तावेज बनाने में मदद करेगा, जिसमें आधार और पैन कार्ड जैसे सभी विवरण सम्मिलित होंगे।
  • एन पी आर सभी अलग-अलग पहचानों जैसे कि आधार, वोटर कार्ड, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों को एक में ही सम्मिलित करेगा।
  • एन पी आर ने देश में नागरिकता से सम्बन्धित समस्याओं को प्रकट करने में सहयेाग किया है।
  • आधार तथा निजता के अधिकार पर बहस अभी भी जारी है। एन पी आर अब भारत में बहुत अधिक मात्र में जनसंख्या का व्यक्तिगत डेटा एकत्र कर सकता है, जिससे विवादों को बढ़ावा मिलेगा।
  • एन पी आर के लिए सरकार जिस व्यक्तिगत डेटा को संग्रहित करने की योजना बना रही है वह बहुत अधिक मात्रामें होगा जिससे इस बात पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है कि सरकार व्यक्तिगत डेटा को किस हद तक सुरक्षित रख पायेगी।
  • असम में एन आर सी को लागू करने के दौरान अनेक ऐसे उदाहरण देखने को मिले है, जहां एक ही परिवार के कुछ लोगों का नाम एन आर सी सूची में था जबकि कुछ का नाम एन आर सी सूची में नहीं था। एन पी आर में भी इस तरह की विसंगतियां हो सकती हैं।

निष्कर्ष

एन पी आर में जनसांख्यिकी से संबंधित 15 श्रेणियों को सम्मिलित किया जायेगा, जबकि बायोमेट्रिक विवरण यू आई डी ए आई से लिए जाएंगे। इसकी पृष्ठभूमि एन आर सी के समान होने के कारण इसकी आलोचना की जा रही है। एन पी आर ने पहले भी देश भर में नागरिकता से संबंधित समस्याओं को उठाया था।