(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (30 नवम्बर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (30 नवम्बर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

गांधीपीडिया

  • राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की दुर्लभ किताबों, पत्रों और भाषणों को अब आप बहुत जल्द ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी पढ़ सकेंगे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) के शोधकर्ता बापू की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में गांधीपीडिया तैयार करेंगे।
  • गांधीपीडिया में महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई किताबों, पत्रों और भाषणों का दुर्लभ संग्रह होगा। बापू के इन दुर्लभ संग्रहों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के लिए आइआइटी और नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम (एनसीएसएम) ने हाथ मिलाया है।
  • आइआइटी खड़गपुर की ओर से शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया गया कि पूरे प्रोजेक्ट को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की मदद से अंजाम दिया जाएगा। बयान में बताया गया कि पहले चरण में बापू द्वारा लिखित करीब 40 से ज्यादा किताबों को डिजिटल फॉर्मेट में बदला जाएगा। उसकी इंडेक्स तैयार की जाएगी और उसके हिस्सों को ट्वीट किया जाएगा। पहले चरण का कार्य अगले साल मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा चार और चरणों में इस काम को अंजाम दिया जाएगा। इन सभी चार चरणों का काम मार्च 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है।
  • इस परियोजना में आइआइटी खड़गपुर के साथ आइआइटी गांधीनगर भी सहयोग कर रहा है। वहीं, केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थान नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम भी इसमें सहयोग कर रहा है। आइआइटी खड़गपुर के कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर व इस परियोजना की अगुवाई कर रहे अनिमेष मुखर्जी ने बताया कि महात्मा गांधी की किताब सच के साथ मेरे प्रयोग से इसकी शुरुआत की जाएगी। उन्होंने बताया कि बापू के पत्रों और भाषणों समेत उनके कुल 100 कार्यो को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

जस्टिस ढींगरा आयोग

  • सुप्रीम कोर्ट ने 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का भविष्य दो सप्ताह बाद तय करने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को शीर्ष अदालत से इस एसआईटी को खत्म करने का आग्रह किया था। गत वर्ष सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था।
  • सरकार की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ने चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि एसआईटी की जांच पूरी हो चुकी है और उसने कोर्ट में रिपोर्ट दखिल कर दी है। एसआईटी अब खाली है, लिहाजा इसे खत्म कर दिया जाए। इस पर पीड़ितों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एचएस फुल्का ने पीठ ने गुहार लगाई कि उन्हें एसआईटी रिपोर्ट को देखने की इजाजत दी जाए। लेकिन एएसजी आनंद ने रिपोर्ट को गोपनीय और सीलबंद लिफाफे में होने के चलते इसका विरोध किया। इसके बाद पीठ ने कहा कि वह दो हफ्ते में इस संबंध में इस आग्रह को लेकर जरूरी आदेश पारित करेगी।

पृष्ठभूमि

  • पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों से जुड़े 186 मामलों की करीब तीन दशक से लंबित पड़ी जांच को पूरा करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी के गठन का आदेश गत वर्ष जनवरी महीने में तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने दिया था। एसआईटी की अध्यक्षता दिल्ली हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस शिव नारायण ढींगरा को सौंपी गई थी।

47वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस

  • इस बार 22 साल के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को 47वीं अखिल भारतीय पुलिस साइंस कांग्रेस-2019 की मेजबानी का मौका मिला। पुलिस विकास व अनुसंधान ब्यूरो (बीपीआर एंड डी) की ओर से आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन 28 नवंबर को गोमतीनगर विस्तार स्थित डीजीपी मुख्यालय के अवनि प्रेक्षागृह में पुडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर डॉ.किरण बेदी ने किया। 29 नवंबर को समापन समारोह में गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशिष्ट के रूप में शामिल हुए।

14वें तिब्बती धार्मिक सम्मेलन

  • तिब्बतियों के सर्वोच्च अध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने धर्मशाला में आयोजित तीन दिवसीय 14 वें तिब्बती धार्मिक सम्मेलन की अध्यक्षता की।
  • सम्मेलन में प्रस्ताव पारित किया गया कि तिब्बती बौद्ध लामा ही दलाई लामा के उत्तराधिकारी का चयन करेंगे, चीन दखलंदाजी न करें। दलाई लामा के पुनर्जन्म का चयन तिब्बत बौद्ध धर्म की 800 साल पहले शुरू हुई पद्धति के अनुरूप किया जाता है। कार्यक्रम में तिब्बत के चारों स्कूलों के प्रमुखों सहित बॉन संपद्राय के बौद्ध लामाओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
  • इस दौरान यह भी कहा गया कि यदि राजनीतिक तौर पर चीन सरकार दलाई लामा के लिए उम्मीदवार चुनती है, तो तिब्बती उसका सम्मान नहीं करेंगे। सम्मेलन में बौद्ध लामाओं ने बौद्ध धर्म की जटिलताओं पर चर्चा कर कई अन्य प्रस्ताव भी पारित किए।

सोने के गहने की अनिवार्य हॉलमार्किंग

  • सरकार स्वर्ण आभूषणों और कलाकृतियों के लिये हॉलमार्क (गुणवत्ता की मुहर) की व्यवस्था 15 जनवरी से अनिवार्य करने जा रही है। इस पहल का मकसद आभूषणों और कलाकृतियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। अधिसूचना अगले साल 15 जनवरी को जारी की जाएगी और एक साल बाद यह निर्णय प्रभाव में आएगा।
  • यह फैसला लागू होने के बाद सभी जौहरियों के लिये भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा तथा वे केवल हॉलमार्क स्वर्ण आभूषण तथा कलाकृति ही बेच सकेंगे। अगले साल 15 जनवरी को अधिसूचना जारी किया जायेगा एवं इसके क्रियान्वयन के लिये एक साल की मोहलत दी जाएगी। यह 15 जनवरी 2021 से लागू होगा। नियम का उल्लंघन पर जुर्माने के साथ एक साल जेल का प्रावधान होगा।
  • भारतीय मानक ब्यूरो ने 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट के सोने के आभूषणों के लिये मानक तैयार किया है। सरकार खुदरा व्यापारियों के लिये इन तीनों स्तर के गुणवत्ता वाले आभूषणों के दाम अपनी दुकानों में दर्शाने को अनिवार्य कर सकती है।

क्या है हॉलमार्किंग?

  • सोने की हॉलमार्किंग एक गुणवत्ता प्रमाणपत्र है और फिलहाल यह स्वैच्छिक है। बीआईएस अप्रैल 2000 से स्वर्ण आभूषण के लिये हॉलमार्किंग योजना चला रही है और फिलहाल 40 प्रतिशत सोने की हॉलमार्किंग की जा रही है। फिलहाल 234 जिलों में 877 आकलन और हॉलमार्किंग केंद्र है और 26,019 जौहरियों ने बीआईएस पंजीकरण कराया है। एक साल में देश के सभी जिलों में हॉलमार्किंग केंद्र खोलने और सभी जौहरियों के पंजीकरण का लक्ष्य है। इसको लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय समझौता, 2009

  • अंतर्राष्ट्रीय मैरिटाइम संगठन (आईएमओ) के लंदन में चल रहे 31वें सत्र में ब्रिटेन ने जहाजों की री-साइक्लिंग पर हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय समझौता, 2009 में शामिल होने के भारत के निर्णय की सराहना की है। लंदन में भारत के उच्चायोग को आईएमओके महासचिव द्वारा आधिकारिक रूप से यह सराहना व्यक्त की गई।
  • हांगकांग समझौता, 2009 अभी लागू नहीं हुआ है, लेकिन भारत के प्रवेश के साथ समझौता में शामिल होने की तीन में से पहली शर्त अब पूरी हो गई है।
  • केन्द्रीय जहाजरानी (स्वतंत्र प्रभार) और रसायन तथा उर्वरक राज्य मंत्री श्री मनसुख मंडाविया ने इस बारे में कहा कि आईएमओ की सराहना जहाज री-साइक्लिंग के वैश्विक मानकों के प्रति भारत के संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हम जहाज री-साइक्लिंग उद्योग में आदर्श बनने के लिए वैश्विक श्रेष्ठ व्यवहारों के प्रति संकल्पबद्ध हैं।

पृष्ठभूमि

  • हाल में मंत्रिमंडल की आर्थिक समिति ने जहाज री-साइक्लिंग के लिए हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय समझौता में भारत के शामिल होने को स्वीकृति दी थी। इससे भारत में जहाज री-साइक्लिंग उद्योग को प्रोत्साहन देने में मदद मिलेगी।
  • अंतर्राष्ट्रीय मैरिटाइम संगठन ने 2009 में जहाजों के सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल ठोस री-साइक्लिंग के लिए हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय समझौता स्वीकार किया था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जहाजों की अपनी संचालन जिंदगी पूरी करने पर ही उनकी री-साइक्लिंग करनी चाहिए। इससे मानव स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा पर्यावरण को अनावश्यक खतरा नहीं होगा।

:: भारतीय राजव्यवस्था एवं महत्वपूर्ण विधेयक ::

आर्म्स एक्ट, 1959

  • साठ साल पुराने आर्म्स एक्ट में संशोधन के लिए लोकसभा में विधेयक पेश किया गया है। संशोधन विधेयक में अवैध तरीके से प्रतिबंधित हथियार रखने और बनाने के लिए सजा बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही आर्म्स संशोधन विधेयक में किए गए प्रावधान के अनुसार एक व्यक्ति अधिकतम दो आग्नेयास्त्र रख सकता है। अभी तक एक व्यक्ति को तीन आग्नेयास्त्र रखने की अनुमति है।
  • गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने आर्म्स एक्ट, 1959 में संशोधन के लिए विधेयक पेश किया। संशोधन मंजूर हो जाने पर दो से अधिक हथियार रखने वालों को तीसरा हथियार 90 दिनों के भीतर अधिकारियों या अधिकृत शस्त्र विक्रेता के पास जमा करना होगा।
  • विधेयक के अनुसार सरकार का आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25 (1एए) में संशोधन का प्रस्ताव है। इसमें प्रतिबंधित हथियार बनाने, बेचने, मरम्मत करने और रखने के मामले में 14 साल तक कैद से लेकर शेष जीवन तक उम्रकैद का प्रस्ताव है। विधेयक पर अगले सप्ताह सदन में चर्चा हो सकती है।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

दूसरी तिमाही में भारत की आर्थिक विकास दर

  • चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भी आर्थिक विकास दर में गिरावट का क्रम बना रहा। जुलाई से सितंबर 2019 की अवधि में जीडीपी की वृद्धि दर 4.5 फीसद पर आ गई है। यह बीते छह साल का न्यूनतम स्तर है। इससे पहले जनवरी-मार्च 2012-13 की तिमाही में 4.3 फीसद की जीडीपी वृद्धि दर दर्ज की गई थी।नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (एनएसओ) ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी किये। बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7 फीसद रही थी। जबकि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर 5 फीसद रही थी।
  • एनएसओ के मुताबिक दूसरी तिमाही में जीडीपी का आकार 35.99 लाख करोड़ रुपये रहा है जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 34.43 लाख करोड़ रुपये था। वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार के सुब्रामणियन ने जीडीपी के आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए कहा 'इकोनॉमी के फंडामेंटल मजबूत हैं और तीसरी तिमाही से अर्थव्यवस्था मंदी से बाहर निकलना शुरू होगी।' आंकड़ों के मुताबिक आर्थिक विकास दर को कृषि और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के प्रदर्शन ने सर्वाधिक प्रभावित किया है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के उत्पादन में इस तिमाही एक फीसद की कमी दर्ज की गई है। जुलाई सितंबर की अवधि में यह -1.0 फीसद रही है। बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 6.9 फीसद रही थी।बीते वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 4.9 फीसद की रफ्तार से ग्रोथ करने वाले कृषि क्षेत्र की रफ्तार इस अवधि में आधी से भी कम रह गई है।
  • एनएसओ के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2019-20 की जुलाई-सितंबर की तिमाही में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 2.1 फीसद रही है। लगभग यही स्थिति कंस्ट्रक्शन सेक्टर की भी रही है। दूसरी तिमाही में इस क्षेत्र की वृद्धि दर बीते साल के 8.5 फीसद से घटकर 3.3 फीसद रह गई है। जबकि खनन क्षेत्र की विकास दर बीते वर्ष की दूसरी तिमाही के 2.2 फीसद से घटकर 0.1 फीसद पर आ गई है। ये सभी सेक्टर रोजगार देने वाले क्षेत्रों की गिनती में आते हैं।दूसरी तरफ सेवाओं के क्षेत्र में भी प्रदर्शन में गिरावट का क्रम बना हुआ है। बिजली, गैस, पानी और अन्य सामाजिक सेवाओं की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 3.6 फीसद रही है। जबकि बीते साल की इसी अवधि में इस क्षेत्र ने 8.7 फीसद की दर से वृद्धि हासिल की थी। इसी तरह ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्यूनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग से जुड़ी अन्य सेवाओं की वृद्धि दर 6.9 फीसद से घटकर दूसरी तिमाही में 4.8 फीसद पर आ गई है। वित्तीय सेवाओं की वृद्धि दर में भी इस अवधि में गिरावट दर्ज की गई है और यह सात फीसद के मुकाबले चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 5.8 फीसद रही है। लेकिन लोक सेवा, रक्षा और अन्य सेवाओं की वृद्धि दर बीते साल की दूसरी तिमाही के 8.6 फीसद से बढ़कर 11.6 फीसद हो गया है।
  • अर्थव्यवस्था में निवेश का बैरोमीटर माने जाने वाले ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉरमेशन 2011-12 के मूल्यों पर दूसरी तिमाही में 10.83 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। यह बीते साल इसी अवधि में 11.16 लाख करोड़ रुपये रहा था। यह जीडीपी का 30.1 फीसद है जो बीते साल 32.4 फीसद था। हालांकि सरकार के व्यय के आंकड़े में दूसरी तिमाही में वृद्धि दर्ज की गई है। यह बीते साल की दूसरी तिमाही के 11.9 फीसद से बढ़कर इस वर्ष 13.1 फीसद पर आ गया है।जहां तक छमाही आधार पर देश की अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन का सवाल है उसमें जीडीपी की दर अप्रैल से सितंबर की अवधि में 4.8 फीसद रही है। यह बीते साल 7.5 फीसद थी। गौरतलब है कि अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार को लेकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने अपने अनुमान घटा दिये थे। रिजर्व बैंक भी वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी के अपने पूर्व के 6.9 फीसद के अनुमान को घटाकर 6.1 फीसद कर चुका है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

कार्बन डाइऑक्साइड खाने वाला बैक्टीरिया

  • शोधकर्ताओं ने लैब में एक नया बैक्टीरिया तैयार किया है। यह बैक्टीरिया ऊर्जा के लिए कांप्लेक्स आर्गेनिक कंपाउंड की जगह कार्बन डाइऑक्साइड को पचाने में सक्षम है। इसके विकास से आने वाले समय में ऐसे प्रोजेक्ट की राह खुल सकती है, जिसमें बैक्टीरिया के उपयोग से पर्यावरण के लिए खतरनाक ग्रीनहाउस गैसों के स्तर को कम किया जा सकता है।
  • इजरायल के विजमान इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज के शोधकर्ताओं के अनुसार, धरती पर पाए जाने वाले सूक्ष्म जीवों की दो श्रेणियां हैं। एक ऑटोट्रोफ्स है, जो कार्बन डाइऑक्साइड को बॉयोमास में तब्दील करता है। जबकि दूसरा हेटेरोट्रोफ्स आर्गेनिक कंपाउंड का सेवन करता है।
  • जर्नल सेल में प्रकाशित अध्ययन में उस प्रक्रिया की व्याख्या की गई है, जिसके जरिये शोधकर्ताओं ने एशेरिकिया कोली (ई कोली) नामक बैक्टीरिया को कार्बन डाइऑक्साइड पचाने वाला बना दिया। उन्होंने बताया कि बॉयोमास में ऑटोट्रोफ्स ऑर्गनिज्म का वर्चस्व होता है। इसकी ज्यादातर खाद्य पदार्थों और ईंधन की उत्पत्ति में अहम भूमिका होती है।
  • बॉयोमास कार्बनिक पदार्थ होता है, जो वनस्पतियों और पशुओं से प्राप्त होता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि सिंथेटिक ऑटोट्रोफ्स बनाना चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने लैब में तैयार ई कोली के मेटाबोलिज्म में बदलाव कर ऑटोट्रोफ्स तैयार किया। हालांकि ऑटोट्रोफ्स के पैमाने पर खरा उतरने के लिए ई कोली के मेटाबोलिज्म में किया गया बदलाव पर्याप्त नहीं पाया गया। इसके लिए अभी और शोध करने की जरूरत बताई गई है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

रिवाल्वर 'निशंक'

  • सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली देश की पहली रिवॉल्वर 'निशंक' को बाजार में उतार दिया गया। सबसे बड़ी खूबी इस रिवाल्वर का ट्रिगर है। पुरानी रिवॉल्वर से ट्रिगर पूल को छोटा किया गया। अभी तक कि रिवॉल्वर का इफेक्टिव रेंज 15 से 20 मीटर था। निशंक का मिनिमम रेंज 50 मीटर है। अब इसे 60 से 70 मीटर तक किया जाएगा।

डोर्नियर विमान

  • भारतीय नौसेना ने छठे डोर्नियर विमान के स्क्वाड्रन गुजरात के पोरबंदर शहर में तैनात कर दिए गए हैं। इस बंदरगाह शहर में इनकी तैनाती का मकसद पाकिस्तान से लगी समुद्री सीमा पर निगरानी और दुरुस्त करना है। पहली खेप में मिले चार विमानों का इस्तेमाल इलेक्ट्रानिक युद्धक अभियानों, समुद्री निगरानी, खोज और बचाव कार्यो में किया जाना है। इस विमान का विशिष्ट कार्य हथियारों के संचालन स्थल तक भेदे जाने वाले लक्ष्य के समग्र आंकड़े और जानकारियां उपलब्ध कराना है।
  • नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल एमएस पवार ने शुक्रवार को कमीशन किया है। इस बहुआयामी विमान को भारतीय नौसेना की एयर स्क्वाड्रन 314 ने रैप्टर्स (शिकारी पक्षी) नाम दिया है। जल क्षेत्र में भारतीय नौसेना को निगरानी और सुरक्षा में इससे उत्तरी अरब सागर में काफी बढ़त मिल जाएगी। इस अहम क्षेत्र में तैनाती के चलते किसी भी जरूरत के वक्त सबसे पहले इसी स्क्वाड्रन की भूमिका होगी।
  • नौसेना के वक्तव्य के अनुसार आइएनएएस 314 स्क्वाड्रन के जवान बहुआयामी डोर्नियर SRMR (शार्ट रेंज मेरीटाइम रीजोनेंस) का संचालन करेंगे। वह चौथी पीढ़ी के इस विमान को उड़ाने वाली पहली स्क्वाड्रन है। इस विमान में लगा ट्विन टर्बोप्रॉप इंजन हिंदुस्तान एयरोनाटिकल्स लिमिटेड (HAL) कानपुर ने बनाया है। डोर्नियर ऑपरेटिंग रेंज 1,111 किमी है और इसके संचालन की लागत बेहद कम है।
  • 'मेक इन इंडिया' प्रोजेक्ट के तहत इस विमान को अपग्रेड कर और घातक व आक्रामक बनाया गया है। एचएएल के जरिए नौसेना को कुल 12 नए डोर्नियर विमान हासिल हो रहे हैं। इस विमान में स्टेट ऑफ द आर्ट सेंसर लगे हैं। इसमें कांच का कॉकपिट है और 360 डिग्री वाले एडवांस निगरानी रडार भी लगे हुए हैं। इसमें ऑप्टिकल सेंसर और नेटवर्किग के फीचर भी हैं। स्क्वाड्रन को पहली बार में अगली पीढ़ी के चार विमान मिल रहे हैं जिसे नई तकनीकों से लैस किया गया है।
  • इन विमानों को इस तरह तैयार किया गया है कि वह एक शिकारी बाज की तरह आसमान से अथाह समुद्र पर पैनी नजर रख सके। विमान के मजबूत डैने और पंजे की मजबूत पकड़ इसे शिकारी पक्षी के गुणों वाला बनाती है। नौसेना को मिलने वाले डोर्नियर विमानों की यह छठी स्क्वाड्रन है।

स्टैफिलोकॉकस ऑरियस

  • दवाओं के प्रति बैक्टीरिया में बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता को देखते हुए नई दवाओं का विकास चिकित्सा क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों में से एक है। नई एंटीबायोटिक दवाओं का निर्माण आमतौर पर पादप अर्क और फफूंद जैसे प्राकृतिक उत्पादों या फिर केमिकल लाइब्रेरी में संग्रहित रसायनों की शृंखला पर आधारित होता है। लेकिन, एंटीबायोटिक दवाओं की खोज से जुड़े शोध कार्यों में ऐसी प्रक्रियाओं का महत्व कई बार बढ़ जाता है, जिन पर अपेक्षाकृत रूप से कम खोजबीन की गई हो। इसलिए नए एंटीबायोटिक एजेंट के रूप में ‘क्विनोनएपोक्साइड’ का विकास महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
  • भारतीय वैज्ञानिकों ने स्टैफिलोकॉकस ऑरियस नामक बैक्टीरिया के एंटीबायोटिक दवाओं के खिलाफ प्रतिरोधी क्षमता रखने वाले रूपों में ऐसे प्रोटीन की पहचान की है, जिसे आणविक स्तर पर लक्ष्य बनाकर इस बैक्टीरिया को नष्ट किया जा सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस खोज के आधार पर नई एंटीबायोटिक दवाएं विकसित करने में मदद मिल सकती है।
  • शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के दौरान एक अणु भी विकसित किया है जो बैक्टीरिया में पहचाने गए मार-आर प्रोटीन को लक्ष्य बनाकर उस बैक्टीरिया को नष्ट कर सकता है। यह अणु इंडोल आधारित क्विनोन एपोक्साइड है, जो सक्रिय जीवाणुरोधी एजेंट की तरह काम करता है। क्विनोन एपोक्साइड बैक्टीरिया की कोशिकाओं को भेदकर और उसमें मार-आर प्रोटीन की कार्यप्रणाली को बाधित करके उसे मार देता है। सीएसआइआर-केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआइ), लखनऊ और भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइआइएसईआर), पुणे के वैज्ञानिकों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया यह अध्ययन शोध पत्रिका जर्नल ऑफ मेडिसिनल केमिस्ट्री में प्रकाशित किया गया है।
  • अध्ययन में शामिल आइआइएसईआर, पुणे के शोधकर्ता डॉ. हरिनाथ चक्रपाणि ने बताया कि स्टैफिलोकॉकस ऑरियस बैक्टीरिया में पहचाने गए इस प्रोटीन को बैक्टीरिया-रोधी एजेंट्स के जरिये लक्ष्य बनाया जा सकता है, जिससे कई गंभीर संक्रमणों से लड़ने में मदद मिल सकती है। इसे अत्यधिक दवा प्रतिरोधी वीआरएसए बैक्टीरिया के खिलाफ प्रभावी पाया गया है।

क्या है स्टैफिलोकॉकस ऑरियस

  • स्टैफिलोकॉकस ऑरियस संक्रमण पैदा करने वाला बैक्टीरिया है, जो दवाओं के लिए आसानी से प्रतिरोधी के रूप में उभर सकता है और उपचार के विकल्पों को सीमित कर सकता है। इसमें पाया जाने वाला मार-आर प्रोटीन इस बैक्टीरिया की वृद्धि और उसके जीवित रहने के लिए एक जरूरी तत्व है। लेकिन, बैक्टीरिया में इस प्रोटीन की कार्यप्रणाली बाधित होने पर वह जीवित नहीं रह पाता है। इस अध्ययन में आइआइएसईआर, पुणे में इंडोल आधारित क्विनोन एपोक्साइड यौगिकों का संश्लेषण किया गया है। जबकि, सीएसआइआरसीडीआरआइ, में संक्रमण पैदा करने वाले विभिन्न बैक्टीरिया पर इन यौगिकों का परीक्षण किया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि स्टैफिलोकॉकस ऑरियस बैक्टीरिया को मारने के लिए मार-आर परिवार के प्रोटीन को लक्ष्य बनाया जाना कारगर हो सकता है, सिर्फ इस बात का पता लगाने के लिए शोध में सैकड़ों संभावित प्रोटीन लक्ष्यों का परीक्षण किया गया है।
  • शोधकर्ताओं का कहना है कि स्टैफिलोकॉकस ऑरियस मनुष्य के शरीर में पाया जाने वाला एक सहजीवी बैक्टीरिया है। यह बैक्टीरिया प्राय: त्वचा और शरीर के भीतर श्लेष्मा झिल्लियों में पाया जाता है। पर, रक्त प्रवाह या फिर भीतरी ऊतकों में यह बैक्टीरिया प्रवेश कर जाए तो निमोनिया, हृदय वॉल्व और हड्डियों जैसे गंभीर संक्रमण हो सकते हैं।

:: विविध ::

55वां ज्ञानपीठ पुरस्कार

  • साहित्य जगत का प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार मलयालम भाषा के कवि अक्कितम अच्युतन नंबूदरी को देने की घोषणा की गई है। 55वें ज्ञानपीठ पुरस्कार की घोषणा के पहले मशहूर उडि़या लेखिका प्रतिभा राय की अध्यक्षता में निर्णायक मंडल की बैठक हुई जिसमें शमीम हनफी, सुरंजन दास, माधव कौशिक और डॉ. पुरुषोत्तम बिलिमाले समेत अन्य सदस्य मौजूद थे। बैठक में लंबी चर्चा के बाद अक्कितम का नाम तय किया गया।
  • अक्कितम का जन्म आठ मार्च 1926 को केरल के पलक्कड़ जिले में हुआ था और बचपन से ही उनकी रुचि साहित्य और कला की ओर थी। कविता के अलावा अक्कितम ने नाटक और उपन्यास भी लिखे हैं।
  • उन्होंने अन्य भारतीय भाषाओं की रचनाओं का अनुवाद भी किया है। उनकी 40 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनका खंड काव्य इरुपदाम नूट्टांडिडे इतिहासम काफी चर्चित और लोकप्रिय रहा है।
  • अक्कितम को साहित्य अकादमी पुरस्कार, केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार, मूर्तिदेवी पुरस्कार, आशान पुरस्कार, कबीर सम्मान समेत कई अन्य पुरस्कार मिल चुके हैं। उनकी रचनाओं का कई भारतीय भाषाओं के अलावा विदेशी भाषाओं में भी अनुवाद हो चुका है।

मुकेश अंबानी

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी विश्व के नौवें सबसे धनी व्यक्ति बन गए हैं। फोर्ब्स की ‘द रियल टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट' से यह जानकारी मिली है। जानकारों का मानना है कि मुकेश अगले एक साल में कई और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर सकते हैं। इसके पीछे रिलायंस और जियो की अहम भूमिका होगी। रिलायंस में अरामको 20% हिस्सेदारी खरीद रही है। इससे रिलायंस पूरी तरह से कर्ज मुक्त कंपनी बन जाएगी।

अभिमन्यु मिथुन

  • कर्नाटक के तेज गेंदबाज अभिमन्यु मिथुन ने एक ओवर में 5 विकेट लेने का कारनामा किया है। उन्होंने हरियाणा के खिलाफ सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ऐसा किया। टी-20 क्रिकेट में संभवत: एक ओवर में 5 विकेट लेने वाले वह इकलौते गेंदबाज हैं। हालांकि उनसे पहले श्रीलंका के लसिथ मलिंगा लगातार 4 गेंदों पर 4 विकेट ले चुके हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ इसी साल ये कामयाबी हासिल की थी।

यासुहिरो नाकासोन

  • जापान के पूर्व प्रधानमंत्री श्री यासुहिरो नाकासोन का निधन हो गया है।

सैन्य अभ्यास सूर्य किरण - XIV

  • भारत और नेपाल के मध्‍य संयुक्त सैन्य अभ्यास 'सूर्य-किरण-XIV' का नेपाल के रूपन्देही जिले में स्थित सलझंडी में 3 से 16 दिसंबर, 2019 तक आयोजन किया जाएगा।
  • सैनिक अभ्‍यास सूर्य किरण-XIV एक वार्षिक आयोजन है, जो नेपाल और भारत में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है। उल्‍लेखनीय है कि भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ आयोजित किए गए सैन्य प्रशिक्षण अभ्यासों की श्रृंखला में नेपाल के साथ आयोजित होने वाला सूर्य किरण अभ्यास वैश्विक आतंकवाद के बदलते स्‍वरूपों के दायरे में दोनों देशों के सामने आने वाली सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण अभ्यास है। इस अभ्यास का उद्देश्य भारतीय सेना और नेपाल सेना के बीच बटालियन स्तर के संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित करना है ताकि वन कल्‍याण और पहाड़ी क्षेत्रों में आतंकवाद निरोधी परिचालनों, मानवीय सहायता और आपदा राहत , चिकित्सा , पर्यावरण संरक्षण तथा विमानन पहलुओं में अंतरसक्रियता बढ़ाई जा सके। संयुक्त सैन्य अभ्यास से रक्षा सहयोग के स्तर में बढ़ोत्‍तरी होगी, जिससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को अधिक बढ़ावा मिलेगा।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • गांधीजी के किताबों, पत्रों और भाषणों के दुर्लभ संग्रह को गांधीपीडिया नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करवाने हेतु किन संस्थानों के द्वारा आपस में समझौता किया गया है? (आइआइटी और नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम-एनसीएसएम)
  • इंदिरा गांधी की मृत्यु उपरांत सिखों के विरुद्ध भड़की हिंसा के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी के चेयरमैन कौन है? (जस्टिस शिवनारायण ढींगरा)
  • 47वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस का आयोजन कहां किया गया? (लखनऊ)
  • 14वें तिब्बती धार्मिक सम्मेलन का आयोजन कहां किया गया? (धर्मशाला)
  • हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी की विकास दर कितनी रही? (4.5 फीसद)
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  • हाल ही में नौसेना में रैप्टर्स (शिकारी पक्षी) नाम से चर्चित किस विमान के स्क्वाड्रन को तैनात किया गया है? (डोर्नियर)
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  • फोर्ब्स की ‘द रियल टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट' के अनुसार भारत का सबसे धनी व्यक्ति कौन है? (मुकेश अंबानी)
  • हाल ही में किस गेंदबाज ने टी-20 श्रृंखला में एक ओवर में पांच विकेट लेने का कारनामा अपने नाम किया है? (अभिमन्यु मिथुन)
  • हाल ही में यासुहिरो नाकासोन का निधन हो गया। वह किस देश के प्रमुख राजनीतिक थे? (जापान के पूर्व प्रधानमंत्री)
  • सैन्य अभ्यास सूर्य किरण - XIV का आयोजन कहां किया जाएगा? (रूपन्देही-नेपाल)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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