(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (30 मई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (30 मई 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

वन सन-वन वर्ल्ड-वन ग्रिड पहल(OSOWOG)

चर्चा में क्यों?

  • वैश्विक इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के द्वारा वन सन-वन वर्ल्ड-वन ग्रिड (OSOWOG) हेतु टेंडर/निविदा पत्र जारी किया गया है। वर्ष 2018 के देहरादून इन्वेस्टर सम्मिट में प्रधानमंत्री ने नवीकरणीय ऊर्जा में आगे बढ़ते हुए 'वन वर्ल्ड, वन सन और वन ग्रिड' का नारा दिया था।

क्या है वन सन-वन वर्ल्ड-वन ग्रिड पहल?

  • बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं और पेरिस के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए भारत द्वारा इंटरनेशनल सोलर अलांयस (ISA) की स्थापना की गई थी एवं इससे प्राप्त ऊर्जा को वन सन-वन वर्ल्ड-वन ग्रिड के तहत जोड़े जाने का नारा दिया गया था। इस संदर्भ में OSOWOG को मूर्त रूप देने के लिए सलाहकार एवं विशेषज्ञों से रोडमैप, संस्थागत फ्रेमवर्क हेतु,प्रोजेक्ट को पूरा करने हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
  • सरकार के द्वारा प्रस्तावित ग्रिड को दो भागों में बांटा गया है। जहां ईस्ट जोन में म्यांमार, वियतनाम, थाइलैंड, लाओ, कंबोडिया जैसे देश शामिल होंगे वही वेस्ट जोन मिडिल ईस्ट और अफ्रीका क्षेत्र के देशों को कवर करेगा। इस प्रोजेक्ट में टेक्निकल सपोर्ट विश्व बैंक के द्वारा प्रदान किया जाएगा।
  • सरकार द्वारा प्रस्तावित इस योजना को अमेरिका के पेरिस पर्यावरण समझौते से पीछे हटने एवं चीन के वन बेल्ट-वन रोड (OBOR) पहल के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA)

  • भारत द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की शुरुआत 2015 के पेरिस जलवायु सम्मेलन में की गई थी एवं यह सौर ऊर्जा से संपन्न देशों का एक अंतर-सरकारी संगठन है। ISA का लक्ष्य 2030 तक 1000 गीगावाट से अधिक की सौर ऊर्जा उत्पादन स्थापित क्षमता के साथ सौर ऊर्जा में $1000 बिलियन का निवेश शामिल है। इसका मुख्यालय गुरुग्राम हरियाणा में स्थित है

क्या है OBOR परियोजना

  • ओबोर (ONE BELT ONE ROAD) को 21वी सदी का समुद्री सिल्करोड भी कहा जाता है जिसके तहत चीन प्राचीन सिल्क मार्ग को पुनः विकसित कर रहा है। चीन की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए चीन सड़कों, रेल, बंदरगाह, पाइपलाइनों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से मध्य एशिया से लेकर यूरोप और फिर अफ्रीका तक स्थलीय व समुद्री मार्ग तैयार कर रहा है। इसे 21वी सदी का समुद्री सिल्करोड भी कहा जा रहा है।

नई शिक्षा नीति

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार हो गया है जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी और भारत केंद्रित अवधारणा पर आधारित है और संसद की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा।

क्या है नई शिक्षा नीति?

  • नई नीति की कवायद 2015 में तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के कार्यकाल के दौरान शुरू हुई थी। वहीं वर्तमान मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के कार्यकाल में अंतिम मसौदा तैयार हुआ है। नई शिक्षा नीति को इसरो के सेवानिवृत्त अध्यक्ष डॉ. कृष्णस्वामी कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में ड्राफ्ट किया गया है। इसमें स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और शिक्षक शिक्षण तीनों में आमूलचूल परिवर्तन लाने की अनुशंसा की है।

मिसाइल पार्क 'अग्निप्रस्थ'

  • आईएनएस कलिंग में मिसाइल पार्क 'अग्निप्रस्थ' की आधारशिला 28 मई, 2020 को कमोडोर राजेश देबनाथ, कमांडिंग ऑफिसर द्वारा वाइस एडमिरल अतुल कुमार जैन, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम, एफओसी-इन-सी (पूर्व) की उपस्थिति में रखी गई।
  • 'अग्निप्रस्थ' का उद्देश्य 1981 से लेकर अब तक आईएनएस कलिंग के मिसाइल इतिहास की झलक दिखना है। मिसाइल पार्क की स्थापना मिसाइलों और ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट (जीएसई) की प्रतिकृति के साथ की गई है, जो यूनिट द्वारा संचालित किए गए मिसाइलों के विकास को प्रदर्शित करते हैं।
  • इन प्रदर्शनियों को स्क्रैप/अप्रयुक्त इन्वेंट्री से बनाया गया है जिन्हें आंतरिक रूप से पुनर्निर्मित किया जा रहा है। इसका मुख्य आकर्षण पी-70 'अमेटिस्ट' है, जो कि पुराने 'चक्र' (चार्ली-1 पनडुब्बी) के शस्त्रागार से पानी में प्रक्षेपित किया गया एक एंटी-शिप मिसाइल है, जो 1988-91 के दौरान भारतीय नौसेना में सेवारत था।
  • 'अग्निप्रस्थ' स्कूली बच्चों से लेकर नौसेना कर्मियों और उनके परिवारों के लिए, मिसाइलों और संबंधित प्रौद्योगिकियों के बारे में उत्सुक मन के लिए प्रेरणा और कौतूहल के लिए एक वन-स्टॉप रंगभूमि प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य यूनिट की भूमिका में स्वामित्व और गौरव की भावना को प्रोत्साहित करना है और रैंक/व्यापार की परवाह किए बिना हर समय लक्ष्य के लिए आयुध उपलब्धता, विश्वसनीयता और वितरण के व्यापक उद्देश्य की प्राप्ति की दिशा में सभी कर्मियों के योगदान की आवश्यकता को उजागर करना है।

नि:शुल्क ऑनलाइन करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत

  • एनसीएस अपने पंजीकृत नौकरी आवेदकों, नौकरी खोजने वालों के लिए टीसीएस आईओएन के साथ मिलकर नि:शुल्क ऑनलाइन "करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम" का आयोजन करने जा रहा है। सॉफ्ट स्किल्स का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षार्थियों को उनके व्यक्तित्व के विकास में मदद करने के साथ साथ, उन्हें उद्योगों द्वारा मांगे जाने वाले सॉफ्ट स्किल्स के लिये भी प्रशिक्षित करेगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एनसीएस पोर्टल पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में कराया जायेगा।
  • श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार ने राष्ट्रीय रोजगार सेवाओं को रूपांतरित कर नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस) परियोजना को लागू किया है, ताकि ऑनलाइन पोर्टल www.ncs.gov.in के माध्यम से रोजगार संबंधी सभी सेवाओं जैसे कि रोजगार/नौकरी की खोज, करियर परामर्श, व्यावसायिक मार्गदर्शन, कौशल विकास पाठ्यक्रमों, प्रशिक्षुता, इंटर्नशिप, आदि की जानकारी प्रदान की जा सकें। एनसीएस पोर्टल पर लगभग 1 करोड़ सक्रिय नौकरी खोजने वाले, लगभग 54 हजार नियोक्ता पंजीकृत हैं और लगभग 73 लाख रिक्तियां पोर्टल के माध्यम से संगठित की गई हैं। इसके साथ ही 200 मॉडल करियर केंद्रों (एमसीसी) सहित लगभग 1000 रोजगार कार्यालयों को भी एनसीएस के साथ जोड़ा जा चुका हैं।

:: राजव्यवस्था ::

परिसीमन आयोग

चर्चा में क्यों?

  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जम्मू-कश्मीर, असम, मणिपुर, नगालैंड व अरुणाचल प्रदेश के 15 सांसदों को परिसीमन आयोग का सहयोगी सदस्य नामित किया है। ये सांसद पूर्वोत्तर राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन में आयोग की मदद करेंगे। इनमें केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू व जितेंद्र सिंह शामिल हैं।

पृष्ठभूमि

  • सरकार ने छह मार्च को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरपी देसाई की अध्यक्षता में परिसीमन आयोग का गठन किया था। इसे केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्य असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नगालैंड के लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का निर्धारण करना है। निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा और जम्मू-कश्मीर तथा चार राज्यों के प्रदेश निर्वाचन आयुक्त इसके पदेन सदस्य होंगे।

क्या होता है परिसीमन आयोग?

  • संविधान के अनुच्छेद 82 में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का निर्धारण के लिए सरकार हर दस साल में परिसीमन आयोग का गठन करती है। जिसे भारतीय सीमा आयोग भी कहा जाता है। ये आयोग सीटों की संख्या में तब्दीली नहीं कर सकता। बल्की ये जनगणना के बाद सही आंकड़ों से सीटों की सीमाएं और अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए भी सीटों की संख्या आरक्षित करता है। परिसीमन आयोग की सिफारिशें लोकसभा और विधानसभाओं के सामने पेश की जाती हैं। लेकिन उनमें किसी तरह के संशोधन की अनुमति नहीं होती। क्योंकि इस संबंध में सूचना राष्ट्रपति की ओर से जारी की जाती है। परिसीमन आयोग के फैसलों को कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती है।
  • परिसीमन आयोग का अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय से अवकाश प्राप्त न्यायाधीश को बनाया जाता है। इसके अलावा इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त या मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा नामित कोई निर्वाचन आयुक्त एवं संबंधित राज्यों के निर्वाचन आयुक्त इत्यादि सदस्य शामिल होते हैं।

:: अर्थव्यवस्था ::

वित्त वर्ष 2019-20 में भारत में FDI निवेश

  • हाल ही में उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) के द्वारा भारत में FDI निवेश से सम्बंधित डाटा को प्रकाशित किया गया है।

भारत में FDI निवेश से सम्बंधित मुख्य तथ्य

  • देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 2019-20 में 13 प्रतिशत बढ़कर 49.97 अरब डॉलर हो गया। इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में देश को कुल 44.36 अरब डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ था।
  • उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) के आंकड़ों के मुताबिक समीक्षावधि में देश के सेवा क्षेत्र ने 7.85 अरब डॉलर का निवेश आया।
  • कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर क्षेत्र ने 7.67 अरब डॉलर, दूरसंचार क्षेत्र ने 4.44 अरब डॉलर, व्यापार क्षेत्र ने 4.57 अरब डॉलर, वाहन क्षेत्र ने 2.82 अरब डॉलर, निर्माण क्षेत्र ने दो अरब डॉलर और रसायन क्षेत्र ने एक अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हासिल किया।
  • इस दौरान सबसे अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सिंगापुर से 14.67 अरब डॉलर प्राप्त हुआ। इसके बाद मॉरिशस से 8.24 अरब डॉलर, नीदरलैंड से 6.5 अरब डॉलर, अमेरिका से 4.22 अरब डॉलर, केमेन द्वीप से 3.7 अरब डॉलर, जापान से 3.22 अरब डॉलर और फ्रांस से 1.89 अरब डॉलर का एफडीआई आया।

क्या होता है प्रत्यक्ष विदेशी निवेश?

  • सामान्य शब्दों में किसी एक देश की कंपनी का दूसरे देश में किया गया निवेश प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई कहलाता है। ऐसे निवेश से निवेशकों को दूसरे देश की उस कंपनी के प्रबंधन में कुछ हिस्सा हासिल हो जाता है जिसमें उसका पैसा लगता है। आमतौर पर माना यह जाता है कि किसी निवेश को एफडीआई का दर्जा दिलाने के लिए कम-से-कम कंपनी में विदेशी निवेशक को 10 फीसदी शेयर खरीदना पड़ता है।

लद्दाख में बिजली परियोजनाओं की संभावनाओं की तलाश

  • केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में जल विद्युत और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के उद्देश्य से विद्युत मंत्रालय के तहत केंद्रीय पीएसयू, एनएचपीसी के सीएमडी श्री ए.के. सिंह ने नई दिल्ली स्थित जम्मू-कश्मीर भवन में यूटी लद्दाख के उपराज्यपाल श्री आर.के. माथुर से मुलाकात की। बैठक में एनएचपीसी के प्रस्तावों और लेह-लद्दाख क्षेत्र में विभिन्न जल विद्युत और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के कार्यान्वयन के तरीके पर चर्चा हुई।
  • एनएचपीसी के सीएमडी ने उपराज्यपाल को लेह में 45 मेगावाट की निम्मो बाजगो और कारगिल में 44 मेगावाट की चुतक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स की शुरुआत करने के बारे में जानकारी दी।
  • एनएचपीसी की भविष्य की योजना भी प्रस्तुत की जिसमें 3 जल विद्युत् परियोजनाओं - लद्दाख में खलसी (80 मेगावाट), कनयुनचे (45 मेगावाट) और टकमाचिंग (30 मेगावाट) तथा फयांग में 50 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना को विकसित करना शामिल है। परियोजनाओं की तकनीकी-व्यावसायिक व्यवहार्यता की व्याख्या करते हुए, एनएचपीसी के सीएमडी ने प्रस्ताव दिया कि इस क्षेत्र के उच्च सौर विकिरण का लाभ उठाते हुए, सौर ऊर्जा के साथ जल विद्युत् के तालमेल का भी पता लगाया जाना चाहिए।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

जंगलों में एंथ्रेक्स का खतरा

चर्चा में क्यों?

  • 19 मई को भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे इलाके में एक मादा गेंडे की मौत हो गई थी। इस गेंडे में एंथ्रेक्स के लक्षण देखे गए थे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में भी पांच एक सींग वाले गेंड़ों की मौत इसकी वजह से हो चुकी है। पटना वेटरनरी कॉलेज में हुई जांच के दौरान इस बात की पुष्टि भी हुई थी। इसके बाद विशेषज्ञों ने अपनी जांच को पुख्ता करने के लिए बरेली के आईवीआरआई इंस्टीट्यूट को इसके सैंपल भेजे थे।

क्या है एंथ्रेक्से?

  • एंथ्रेक्स एक तरह का बैक्टीरिया है जिसका नाम बेसिलस एन्थ्रासिस है एवं यह गाय और भेड़-बकरी जैसे मवेशियों के जरिए फैलता है। दक्षिणी अमेरिका यूरोप और एशिया के कई हिस्सों में यह स्वाभाविक रूप से पाया जाता है। हालांकि इससे बचाव का टीका भी उपलब्ध है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए अमेरिका अपने सैनिकों को इससे बचाने के लिए इनका टीकाकरण भी करता है। इसका संक्रमण जानवरों में बड़ी तेजी से फैलता है। जानवरों को हुए त्वचा के घावों के रास्ते, संक्रमित पशु का अधपका मांस खाने से और सांस के रास्ते ये फेफड़े में फैलता हैऔर इसके माध्योम से खून में फैलता है। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेजी से नुकसान पहुंचाना शुरू करता है। इसकी वजह से मौत भी हो सकती है। हालांकि इसका संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक नहीं पहुंचता, इसके बावजूद इसका खतरा बना रहता है।
  • इसके शुरुआती लक्षण सर्दी-जुकाम जैसे होते हैं लेकिन बाद में जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता लड़ना शुरू करती है तो आंतरिक रक्तस्त्राव होने लगता है। ये बैक्टी रिया काफी समय तक मिट्टी में निष्क्रिय पड़ा रह सकता है और इसे रासायनिक तरीके से सक्रिय करना आसान होता है। यही वजह है कि एंथ्रेक्स का जैविक हथियार के रूप में इस्तेमाल की आशंका जताई जाती रही है। इसके जीवाणुओं को विमान से या मिसाइलों के जरिए आसानी से पहुंचाया जा सकता है और लोगों को आसानी से इसका पता भी नहीं चलता है।

क्यों है चिंता का विषय?

  • भारत और नेपाल दोनों देशों की सीमा के निकटवर्ती इलाकों में करीब तीन अभ्यारण्य हैं। ये हैं नेपाल का चितवन राष्ट्रीय निकुंज, यूपी के सोहगीबरवां और पश्चिम चंपारण का वाल्मीकि टाइगर रिजर्व। इस चिंता की एक बड़ी वजह ये भी है कि इन तीनों अभ्यारण्यों में रहने वाले एक दूसरे के इलाके में स्वाछंद विचरण करते हैं। जिस मादा गेंडे की 19 मई को मौत हुई, उसकी बिहार और यूपी के जंगल में लगातार आवाजाही थी।

टीके के विकास और दवाओं के परीक्षण के लिए सीसीएमबी में कोरोना वायरस कल्चर

  • वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला आणविक जीवविज्ञान केन्द्र (सीसीएमबी) के वैज्ञानिकों ने मरीजों के नमूने से कोविड-19 के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) का स्थिर संवर्धन (कल्चर) किया है। लैब में वायरस के संवर्धन की क्षमता से सीसीएमबी के वैज्ञानिकों को कोविड-19 से लड़ने के लिए टीका विकसित करने और संभावित दवाओं के परीक्षण में मदद मिल सकती है।

कोरोना वायरस की प्रकृति

  • वैज्ञानिक जब वायरस कल्चर करते हैं, तो यह स्थिर होना चाहिए, जिसका अर्थ है कि वायरस संवर्धन निरंतर होते रहना चाहिए। इसीलिए, इसे स्थिर संवर्धन कहा जाता है। नोवेल कोरोना वायरस एसीई-2 नामक रिसेप्टर प्रोटीन के साथ मिलकर मानव के श्वसन मार्ग में एपीथीलियल कोशिकाओं को संक्रमित करता है। श्वसन मार्ग में एपीथीलियल कोशिकाएं प्रचुरता से एसीई-2 रिसेप्टर प्रोटीन को व्यक्त करती हैं, जिससे इस वायरस से संक्रमित मरीजों में श्वसन रोगों का खतरा बढ़ जाता है। कोशिकाओं में वायरस के प्रवेश की एंटोसाइटोसिस नामक प्रक्रिया के बाद वायरस आरएनए कोशिकाओं के साइटोप्लाज्म में रिलीज होता है, जहाँ यह पहले वायरल प्रोटीन बनाता है और फिर जीनोमिक आरएनए की प्रतिकृति बनने लगती है। इस प्रकार, वायरस इन कोशिका संसाधनों का उपयोग अपनी संख्या बढ़ाने के लिए करता है।

कैसे किया गया वायरस का संवर्धन?

  • सीसीएमबी के विषाणु-विज्ञानी (वायरलोजिस्ट) डॉ. कृष्णन एच. हर्षन के नेतृत्व में शोधार्थियों की एक टीम ने नमूनों से संक्रामक वायरस पृथक किया है। डॉ. कृष्णन ने बताया कि “वर्तमान में, मानव एपीथीलियल कोशिकाएँ प्रयोगशालाओं में निरंतर कई पीढ़ियों तक नहीं बढ़ पाती हैं, जो लगातार वायरस संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण है। इसीलिए, सीसीएमबी और अन्य लैब जो वायरस को संवर्धित कर रहे हैं, उन्हें कभी न खत्म होने वाली सेल लाइन की आवश्यकता है।” इसीलिए, वैज्ञानिक विरो सेल का प्रयोग करते हैं- जो अफ्रीकी बंदर के गुर्दे की एपीथीलियल कोशिका लाइनों से प्राप्त होते हैं, और जो एसीई-2 प्रोटीन को व्यक्त करते हैं। इसके साथ ही, ये कोशिका विभाजन भी करते हैं, जिससे वे अनिश्चित काल तक वृद्धि कर सकते हैं।

क्यों जरूरी है वायरस का संवर्धन?

  • वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि हम बड़ी मात्रा में वायरस का संवर्धन करते हैं और उन्हें निष्क्रिय कर देते हैं, तो इसका उपयोग निष्क्रिय वायरस के टीके के रूप में किया जा सकता है। एक बार जब हम निष्क्रिय वायरस को इंजेक्ट करते हैं, तो मानव प्रतिरक्षा प्रणाली रोगाणु-विशिष्ट एंटीबॉडी के उत्पादन को बढ़ा देती है। ताप या रासायनिक साधनों द्वारा वायरस को निष्क्रिय किया जा सकता है। निष्क्रिय वायरस एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को बढ़ा सकता है, लेकिन हमें संक्रमित करके बीमार नहीं करता है।

वायरस के संवर्धन से लाभ

  • “कोरोना वायरस को विकसित करने के लिए विरो सेल लाइनों का उपयोग करते हुए, सीसीएमबी अब विभिन्न क्षेत्रों से वायरल उपभेदों को अलग करने और बनाए रखने में सक्षम है। हम बड़ी मात्रा में वायरस का उत्पादन करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिसे निष्क्रिय किया जा सकता है, और चिकित्सीय उद्देश्यों के लिए टीका विकास और एंटीबॉडी उत्पादन में उपयोग किया जा सकता है। हमने इस वायरल कल्चर का उपयोग करते हुए डीआरडीओ और अन्य भागीदारों के साथ संभावित दवाओं का परीक्षण शुरू कर दिया है।”

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

ओडिशा की चिल्का झील में बढ़ी इरावडी डॉल्फिनों की संख्या

  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास द्वारा चलाई गई एक अनुंसधान परियोजना के माध्यम से ओडिशा की चिल्का झील में इरावडी डॉल्फिनों की संख्या तीन गुना होने में मदद मिली है। चिल्का झील खारे पानी का एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक जलाशय है।
  • अनुसंधान में भूतकनीकी, हाईड्रालिक तथा उपग्रह द्वारा खींचे गए चित्रों की सहायता ली गई है। इस परियोजना में झील के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाए बिना तलहटी से अवांछित पदार्थ निकाले गए। परियोजना में शामिल आईआईटी के दल का कहना है कि इससे 132 गांवों में रहने वाले दो लाख से अधिक मछुआरों को लाभ हुआ क्योंकि अब सात गुना अधिक मछली पकड़ी जा सकती है। दल का कहना है कि प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना व्यवसाय और पर्यटन एक साथ चल सकते हैं।

:: विविध ::

मेजर सुमन गावनी को 'संयुक्त राष्ट्र जेंडर एडवोकेट अवॉर्ड'

  • भारतीय सेना की मेजर सुमन गावनी को संयुक्त राष्ट्र जेंडर एडवोकेट अवॉर्ड (United Nations Military Gender Advocate award) से नवाजा गया है। उन्होंने 2019 में यूनाइटेड नेशन्स मिशन के साथ दक्षिण सूडान में एक महिला शांति रक्षक की भूमिका निभाई थी। उनके अलावा यह अवॉर्ड ब्राजील की एक नौसैनिक अधिकारी कमांडर कार्ला मोंटेरियो डे कैस्ट्रो एरूजो को भी मिल रहा है।
  • ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी भारतीय शांति रक्षक को इस अवॉर्ड से नवाजा गया है। सुमन संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत दक्षिण सूडान में तैनात थीं। हाल ही में उन्होंने अपना मिशन पूरा किया है।

मलयालम लेखक और राज्यसभा सांसद एमपी वीरेंद्र

  • मलयालम लेखक-पत्रकार और राज्यसभा सदस्य एमपी वीरेंद्र कुमार का निधन हो गया है। वह समाचार एजेंसी पीटीआई (प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया) के निदेशक मंडल में भी थे। बृहस्पतिवार की रात दिल का दौरा पड़ने से वीरेंद्र कुमार का निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे।

थिएरी डेलापोर्ट

  • आईटी सेवाएं मुहैया कराने वाली प्रमुख कंपनी विप्रो ने कहा कि उसने कैपजेमिनी समूह के थिएरी डेलापोर्ट को अपना मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है।

मानुषी छिल्लर

  • पूर्व मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर मासिक धर्म के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए यूनीसेफ के साथ आई हैं। वह इस संबंध में स्वच्छता, पर्याप्त स्वच्छता सुविधाओं के निर्माण और महिला स्वच्छता से जुड़े उत्पादों की पहुंच के संबंध में प्रचार करेंगी। छिल्लर खुद भी ‘प्रोजक्ट शक्ति’ के नाम से मासिक धर्म से जुड़ी पहल चला रही हैं। यह भारत के कई राज्यों में काम करता है।
  • विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर 28 मई को पूर्व मिस वर्ल्ड ने यूनिसेफ के वैश्विक पहल ‘रेड डॉट चैलेंज’ में हिस्सा लिया था। इस संकेत का इस्तेमाल विश्व की इस इकाई ने मासिक धर्म के चक्र को दर्शाने के लिए किया है।

अजीत जोगी

  • छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। अजीत जोगी का पूरा नाम है अजीत प्रमोद कुमार जोगी था। मध्य प्रदेश के विभाजन के होने के बाद 1 नवंबर 2000 को जब छत्तीसगढ़ के नाम से एक अलग राज्य बना था तो वे यहां के पहले मुख्यमंत्री बने थे। अजीत जोगी के बारे में ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर कलेक्टर की थी। जोगी जिस दौरान इंदौर में कलेक्टरी कर रहे थे उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संपर्क में आ गए। 1986 के आसपास उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली और सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में किन संस्थाओं के द्वारा ‘राइजिंग इंडिया : जीतेगा भारत, हारेगा कोरोना’ कैंपेन लॉन्च किया गया है? ( फेसबुक और दैनिक जागरण)
  • वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में गैंडे की मृत्यु से चर्चा में रहे ‘एंथ्रेक्स रोग’ किन जीवाणु से होता है एवं इससे कौन से जीव प्रभावित होते हैं? (बेसिलस एन्थ्रासिस, शाकभक्षी जानवर घोड़े, गाय,बकरी इत्यादि)
  • पूर्वोत्तर राज्यों के परिसीमन से चर्चा में रहे परिसीमन आयोग का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में है एवं इसकी अध्यक्षता कौन करता है? (अनुच्छेद 82,उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश)
  • यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट अवॉर्ड को प्राप्त करने वाली प्रथम भारतीय कौन है? (मेजर सुमन गवानी)
  • हाल ही में किस स्थान पर मिसाइल पार्क ‘अग्नीइंद्रप्रस्थ’ की नींव रखी गई है? (INS कलिंगा, विशाखापट्टनम)
  • श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के द्वारा किस संस्था के सहयोग से निशुल्क ऑनलाइन “ कैरियर स्किल ट्रेनिंग’’ की शुरुआत की गई है? ( टीसीएस)
  • हाल ही में जारी हुए वित्तीय वर्ष 2019-20 के आंकड़ों के अनुसार भारत में सबसे बड़े प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक के स्रोत देश कौन है? (सिंगापुर प्रथम, मारीशस द्वितीय)
  • हाल ही में भारत के द्वारा सौर ऊर्जा के एक वैश्विक ग्रिड बनाने के लिए किस पहल की शुरुआत की गई है? (एक सूर्य, एक दुनिया, एक ग्रिड-One Sun One World One Grid)
  • भारत में भावी शिक्षा नीति के प्रारूप के तैयार होने से चर्चा में रहे ‘नई शिक्षा नीति’ को किस समिति के द्वारा तैयार किया गया था? (डॉक्टर कस्तूरीरंगन समिति)
  • हाल ही में चर्चा में रहे निम्मो बाजगो और चुटक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स भारत के किस क्षेत्र में अवस्थित है? (क्रमशः लेह और कारगिल)
  • हाल ही में जारी हुए अनंतिम आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 के लिए भारत में स्थिर और चालू मूल्यों पर क्रमशः प्रति व्यक्ति आय कितनी है? ( क्रमशः 94954 रुपए और 134226 रुपए)
  • हाल ही में किस भारतीय ने मासिक धर्म से जुड़ी स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए यूनिसेफ के साथ हाथ मिलाया है? (पूर्व मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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