(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (30 जून 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (30 जून 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

पीएम फॉरमलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइसेस (पीएम एफएमई) योजना

चर्चा में क्यों?

  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने “आत्मनिर्भर भारत अभियान” के एक भाग के रूप में खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए पीएम फॉरमलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (पीएम एफएमई) योजना की शुरुआत की।

पीएम एफएमई योजना का विवरण

  • मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के उन्नयन के लिए वित्तीय, तकनीकी और व्यावसायिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय स्‍तर पर शुरू की गई इस योजना को 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 2020-21 से 2024-25 तक पांच वर्षों की अवधि में लागू किया जाएगा।
  • इस योजना में होने वाले व्यय को केन्‍द्र और राज्य सरकारों के बीच 60:40 के अनुपात में, पूर्वोत्‍तर और हिमालयी राज्यों के साथ 90:10 के अनुपात में, संघ शासित प्रदेशों में (जहाँ विधान सभा नहीं है) केन्‍द्र द्वारा 100 प्रतिशत साझा किया जाएगा।
  • इस योजना में एक जिला एक उत्‍पाद (ओडीओडीपी) के दृष्टिकोण को अपनाया गया है।
  • एफपीओ / एसएचजी / निर्माता सहकारी समितियों को मूल्य श्रृंखला के साथ पूंजी निवेश के लिए 35 प्रतिशत का क्रेडिट लिंक्ड अनुदान प्रदान किया जाएगा।
  • योजना में क्षमता निर्माण और अनुसंधान पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया है। अन्य जानकारी
  • ऑपरेशन ग्रीन्स का विस्तार: खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय कार्यान्वित की जा रही ऑपरेशन ग्रीन्स योजना का अधिसूचना की तारीख से छह महीने की अवधि के लिए टमाटर, प्याज और आलू (टीओपी) फसलों से लेकर अन्य अधिसूचित बागवानी फसलों तक विस्‍तार कर दिया गया है।
  • कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओज), कृषि लॉजिस्टिक्स, प्रसंस्करण सुविधाओं तथा व्यावसायिक प्रबंधन के प्रोत्साहन के लिए केंद्रीय बजट 2018-19 के बजट भाषण में “ऑपरेशन फ्लड” की तर्ज पर 500 करोड़ रुपए के परिव्यय से एक नई योजना “ऑपरेशन ग्रीन्स” की घोषणा की गई थी ।

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके)

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर, यूपी में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत 92 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले बहुउदेशीय "सांस्कृतिक सद्भाव मंडप" का शिलान्यास किया। इस "सांस्कृतिक सद्भा व मंडप" में कौशल विकास की ट्रेनिंग, विभिन्न आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक गतिविधि यां, कोचिंग, कोरोना जैसी आपदा में लोगों को राहत देने की व्यवस्था एवं खेल- कूद की गतिविधियां हो सकेंगी।

क्या है प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके)?

  • बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) (जिसे प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तौर पर पुनर्गठित करके नया नाम दिया गया) एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है जिसे 2008-09 में शुरू किया गया था।
  • यह योजना सामाजिक-आर्थिक बुनियादी संरचनाओं के निर्माण, मूलभूत जरूरतों की उपलब्धता एवं अन्य उपायों के जरिए अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों का अधिक विकास करने का प्रयास करती है। अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र ऐसे चिन्हित क्षेत्र होते हैं जहां कम से कम 25% अल्पसंख्यक, जैसे मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी रहते हैं।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

ग्लोबल एजुकेशन मोनेटरिंग रिपोर्ट

चर्चा में क्यों :

  • हाल ही में यूनेस्को द्वारा ग्लोबल एजुकेशन मोनेटरिंग रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया है। ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग रिपोर्ट (जीईएम रिपोर्ट) एक स्वतंत्र टीम तैयार करती है और इसे यूनेस्को ने प्रकाशित किया है। इसे शिक्षा पर सतत विकास लक्ष्य पूरा करने में हुई प्रगति की निगरानी का आधिकारिक आदेश प्राप्त है।

रिपोर्ट के विषय में :-

  • यह रिपोर्ट सतत विकास लक्ष्य 4 : समावेशन तथा शिक्षा पर संदर्भित रहती है। इस वर्ष की रिपोर्ट मुख्यतः कोरोना वायरस के कारण बढ़ी हुई वैश्विक शिक्षा असमानता पर केंद्रित है।

रिपोर्ट की मुख्य प्राप्तियां

  • जहाँ पूर्व कोरोना विश्व में माइग्रेशन , आतंकवाद, गरीबी इत्यादि कारणों से 5 में से 1 बलात विद्यालय छोड़ने पर विवस होता था वहीँ कोरोना के कारण स्कूल बंदी से लगभग 90% लोग शिक्षा की पहुंच से बाहर हो गए।
  • लगभग 40 % लोअर मिडिल आय वाले देश कोरोना से उत्पन्न शिक्षा जोखिम से बचाव में सफल नहीं हो पाए। सामाजिक व डिजिटल वंचना ने समाज के वंचित वर्ग से शिक्षा को दूर कर दिया।
  • यद्यपि रेडियो , टेलीविज़न तथा ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स के माध्यम से शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है परन्तु इसकी क्षमता क्लासरूम से कम है।
  • यहाँ भी वैश्विक तकनीकी विभाजन स्पष्ट दृष्टिगोचर होता है क्योंकि जहाँ अधिक आय वाले देश लगभग पूर्ण रूप से ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स का उपयोग कर रहे वहीँ निम्न तथा मध्य आय वर्ग में ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स का उपयोग 55 % से 70 % है तथा गरीब देश शिक्षा विस्तार हेतु रेडियो तथा टेलीविज़न पर निर्भर है।
  • कई निम्न मध्य आयवर्ग के देशों द्वारा नवीन शिक्षक भर्ती तथा रेमेडियल क्लासेज पर विचार किया जा रहा है
  • इबोला क्राइसिस के उपरांत कई लड़कियां दोबारा विद्यालय न जा सकीं अतः इस प्रकार के स्वास्थ्य संकट भविष्य पर भी संकट उत्पन्न करते हैं।
  • भारत ने अपनी शिक्षा को समानता हेतु ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स रेडियो तथा टेलीविज़न तीनो का प्रयोग किया है। क्योंकि भारत की असमानता भी अधिक है

प्रमुख अनुशंसा

  • एजुकेशन फॉर आल के सिद्धांत हेतु राष्ट्र राज्य की सीमाओं से परे साझा मानवता के सिद्धांत पर विचार करना आवश्यक है।
  • सभी राष्ट्रों को अपनी क्षमता के अनुसार डिजिटल बुनियादी ढांचा तथा डिजिटल शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

यूनेस्को

  • संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) संयुक्त राष्ट्र का एक घटक निकाय है। इसका कार्य शिक्षा, प्रकृति तथा समाज विज्ञान, संस्कृति तथा संचार के माध्यम से अंतराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र की इस विशेष संस्था का गठन 16 नवम्बर 1945 को हुआ था। इसका उद्देश्य शिक्षा एवं संस्कृति के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से शांति एवं सुरक्षा की स्थापना करना है,
  • यूनेस्को के 193 सदस्य देश हैं और 11 सहयोगी सदस्य देश और दो पर्यवेक्षक सदस्य देश हैं। । इसका मुख्यालय पेरिस (फ्रांस) में है।
  • भारत 1946 से यूनेस्को का सदस्य देश है।

क्या है सतत विकास लक्ष्य 4 :-

  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समावेशी और समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना तथा सबके लिए आजीवन सीखने के अवसरों का निर्माण

इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गेनाइजेशन-इंटरपोल

चर्चा में क्यों?

  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ईरान ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। ईरान ने मामले में इंटरपोल से राष्ट्रपति ट्रंप समेत दर्जनों अन्य लोगों को गिरफ्तार करने में मदद मांगी है। ट्रंप के खिलाफ ये गिरफ्तारी वारंट बगदाद में हुए उस ड्रोन हमले (Drone Strike) के लिए जारी हुआ है, जिसमें ईरान के टॉप जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हुई थी।
  • तीन जनवरी के ड्रोन स्ट्राइक में ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ 30 अन्य लोगों को आरोपी बनाया है।

क्या है इंटरपोल?

  • इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गेनाइजेशन यानी कि इंटरपोल एक संस्था है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुलिस के बीच समन्वय का काम करती है। इंटरपोल उन देशों के बीच समन्वय का काम करता है जो इस संस्था के सदस्य हैं। इंटरपोल की स्थापना का विचार सबसे पहले 1914 में मोनाको में आयोजित पहली अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस कांग्रेस में रखा गया और उसके बाद इंटरपोल की स्थापना आधिकारिक रूप से 1923 में की गयी और इसका नाम ‘अंतर्राष्ट्रीय अपराध पुलिस आयोग’ रखा गया। बाद में साल 1956 में इसका नाम ‘इंटरपोल’ रखा गया। इंटरपोल मुख्य रूप से इन तीन प्रकार के अपराधों (काउंटर-टेरेरिज्म,साइबर अपराध,संगठित अपराध) के लिए अपनी पुलिस विशेषज्ञता और क्षमताओं का इस्तेमाल करता है।
  • इंटरपोल के प्रधान सचिवालय द्वारा, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (एनसीबी) और अधिकृत संस्थाओं के निवेदन पर 8 तरह के नोटिस जारी किए जाते हैं। ये नोटिस इंटरपोल की चार आधिकारिक भाषाओँ; अंग्रेजी, फ्रेंच, अरबी और स्पेनिश में प्रकाशित किए जाते हैं। इस तरह के नोटिस जारी करने के पीछे इंटरपोल का मकसद सदस्य देशों की पुलिस को सतर्क करना होता है ताकि संदिग्ध अपराधियों को पकड़ा जा सके या खोये हुए व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
  1. रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice)
  2. पीला कार्नर नोटिस (Yellow Corner Notice)
  3. ब्लैक कार्नर नोटिस (Black Corner Notice)
  4. बैगनी नोटिस (Purple corner Notice)
  5. ग्रीन कॉर्नर नोटिस (Green Corner Notice)
  6. इंटरपोल-संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद विशेष सूचना (Interpol-United Nations Security Council Special Notice)
  7. ऑरेंज कार्नर नोटिस (Orange Corner Notice)
  8. ब्लू कॉर्नर नोटिस (Blue corner Notice)

खोलांगछू पनबिजली परियोजना

चर्चा में क्यों?

  • भारत-भूटान के संयुक्त उपक्रम वाली 600 मेगावाट की खोलांगछू पनबिजली परियोजना के लिये करार पर दस्तखत हुए। इस करार पर दस्तखत के साथ ही इसके निर्माण और अन्य संबंधित कार्यों के लिये रास्ता साफ हो गया। भूटानी सरकार और खोलांगछू हाइड्रो एनर्जी लिमिटेड के बीच परियोजना के लिये समझौते पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके भूटानी समकक्ष टांडी दोरजी की डिजिटल उपस्थिति में दस्तखत किये गए।

खोलांगछू पनबिजली परियोजना के बारे में

  • इस समझौते पर हस्ताक्षर से भारत और भूटान के बीच पहली पनबिजली परियोजना के इस संयुक्त उपक्रम के निर्माण और अन्य गतिविधियां शुरू होंगी। इस परिजोयना के 2025 के उतरार्ध में पूरा होने की उम्मीद है।”
  • पूर्वी भूटान के त्राशियांगत्से जिले में खोलांगछू नदी के निचले हिस्से में 600 मेगावाट की यह परियोजना शुरू होगी।
  • इस परियजोना के तहत चार 150 मेगावाट के भूमिगत टर्बाइन वाला बिजलीघर स्थापित किया जाएगा और 95 मीटर की ऊंचाई वाले बांध से यहां पानी पहुंचाया जाएगा।
  • भूटान की ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन और भारत के सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड के बीच संयुक्त उपक्रम की कंपनी खोलांगछू हाइड्रो एनर्जी लिमिटेड द्वारा यह परियोजना संचालित की जाएगी।

:: अर्थव्यवस्था ::

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि- PM SVANidhi

चर्चा में क्यों

  • आवास एवं शहरी कार्य सचिव, श्री दुर्गा शंकर मिश्रा ने पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि, "पीएम स्वनिधि" पोर्टल के बीटा संस्करण की शुरुआत की। डिजिटल प्रौद्योगिकी समाधान की सहायता से, इस पोर्टल में योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए उपयोगकर्ताओं को एकीकृत सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

पोर्टल से सम्बंधित अन्य तथ्य

  • सिडबी द्वारा योजना प्रबंधन के लिए एंड-टू-एंड समाधान प्रदान करने के लिए एक एकीकृत आईटी मंच विकसित किया जा रहा है, जो योजना कार्यान्वयन के लिए पीएम स्वनिधि का साझेदार है। इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न योजना कार्यों की सुविधा प्रदान की जाएगी जैसे ऋण आवेदन प्रवाह, मोबाइल ऐप, आवेदकों के लिए ई-केवाईसी, यूआईडीएआई, उदयमित्र, एनपीसीआई, पीएआईएसए, ऋणदाताओं, राज्यों, यूएलबी और अन्य हितधारकों के साथ एकीकरण, डिजिटल प्रोत्साहनों की गणना और ब्याज सब्सिडी का भुगतान आदि।
  • डिजिटल भुगतान एग्रीगेटरों के साथ लाभार्थियों को जोड़कर उन्हें डिजिटल लेन-देन के लिए आकर्षित करना, इस योजना की महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है। मंत्रालय को इन सभी की ओर से उत्कृष्ट प्रतिक्रिया मिली है। अमेजनपे, एफटीकैश, एमस्वाइप, पेटीएम, पेस्विफ और फोनपे ने अपने खर्चों को समावेशित करके विक्रेताओं को मुफ्त में इस पटल पर लाने की पेशकश की है।
  • इसके अतिरिक्त, इस पटल में पहले से शामिल बैंकों के अलावा, पोर्टल में 15 एमएफआई को शामिल किया गया है और आने वाले सप्ताहों में कई अन्य के शामिल होने की उम्मीद है। इसमे कार्यक्षमताओं को जोड़ने के लिए पोर्टल को लगातार अपग्रेड किया जाएगा।

क्या है पीएम स्वनिधि योजना?

  • आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने पीएम स्वनिधि योजना को 01 जून, 2020 को लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी आजीविका शुरू करने के लिए सस्ती कार्यशील पूंजी ऋण मुहैया कराना है।
  • पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक विशेष माइक्रो क्रेडिट सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वाले 10 हजार रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण ले सकते हैं जिसे एक वर्ष की अवधि में मासिक किश्तों में चुकाने होगा।
  • इस योजना के तहत देशभर में करीब 50 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को फायदा मिलने की उम्मीद है। यह योजना 24 मार्च, 2020 और उससे पहले शहरी क्षेत्रों में वेंडिग कर रहे सभी रेहड़ी-पटरी वालों के लिए उपलब्ध है।

कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलटी (Corporate Social Responsibility, CSR)

चर्चा में क्यों?

  • कंपनियों की ओर से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (Central Armed Police Forces, CAPF) और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (Central Para Military Forces, CPMF) के पूर्व जवानों व उनके आश्रितों के हित में किए गए खर्च को उनके कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलटी (Corporate Social Responsibility, CSR) खर्च में जोड़ा जाएगा। कॉरपोरेट मामले मंत्रालय ने कंपनी कानून, 2013 के शेड्यूल-7 में इसके लिए जरूरी संशोधन किया है।

क्या है कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलटी CSR?

  • कंपनी कानून, 2013 के तहत कुछ निश्चित श्रेणी की कंपनियों को किसी वित्तीय वर्ष में अपने तीन साल के औसत मुनाफे के कम से कम दो फीसद के बराबर सीएसआर मद में खर्च करना होता है। इनमें 500 करोड़ रुपये के नेटवर्थ, हजार करोड़ रुपये के टर्नओवर या पांच करोड़ या इससे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनियां शामिल हैं।
  • सेना के पूर्व जवानों व उनके आश्रितों पर होने वाला खर्च पहले से ही सीएसआर के मद में जोड़ा जाता है।अब सरकार ने सीएपीएफ और सीपीएमएफ के पूर्व जवानों पर हुए खर्च को भी सीएसआर मद में जोड़ने की अनुमति दे दी है।

यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ)

चर्चा में क्यों?

  • चीन से जारी तनातनी को देखते हुए सरकार अब संचार व्यवस्था को चाक चौबंद करने में जुट गई है। सरकार के संचार विभाग ने जम्मू-कश्मीर से लेकर लद्दाख तक के दूरस्थ गांव में संचार सुविधा बहाल करने की पहल शुरू की है। वहीं लद्दाख क्षेत्र के गलवान वैली समेत 134 इलाकों में डिजिटल सैटेलाइट फोन टर्मिनल (डीएसपीटी) लगाए जाएंगे ताकि चीन पर नजर रखने में कोई चूक न हो जाए।
  • संचार विभाग ने 354 उन दूरस्थ गांवों में संचार सुविधा की शुरुआत की पहल की है जहां अब तक किसी प्रकार के फोन की सुविधा नहीं है। इन 354 गांवों में से 144 गांव जम्मू- कश्मीर और लद्दाख के हैं। इस शुरुआत से लद्दाख के 57 तो जम्मू-कश्मीर के 87 गांवों टेलीफोन सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) की मदद से इन गांवों में संचार सुविधा बहाल की जाएगी। इस परियोजना के पूरा होते ही लद्दाख एवं जम्मू-कश्मीर के 100 फीसद गांवों में टेलीफोन सुविधा शुरू हो जाएगी।

क्या है यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड?

  • ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने में न केवल अधिक पूंजी लगती है, बल्कि ये क्षेत्र कम जनसंख्या घनत्व, कम आय और वाणिज्यिक गतिविधि की कमी के कारण कम राजस्व भी उत्पन्न करते हैं। इस प्रकार केवल साधारण बाज़ारी शक्तियों के माध्यम से पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों को दूरसंचार की सेवाएं प्रदान नहीं की जा सकतीं हैं। एक तरफ ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों की सेवा के लिए बाजार तंत्र की अपर्याप्तता को ध्यान में रखते हुए और दूसरी ओर महत्वपूर्ण दूरसंचार कनेक्टिविटी प्रदान करने के महत्व को ध्यान में रखते हुए, दुनिया के अधिकांश देशों ने आईसीटी को यूनिवर्सल एक्सेस और यूनिवर्सल सर्विस प्रदान करने के लिए नीतियां बना रखी हैं।
  • सार्वभौमिक सेवा सहायता नीति 1 अप्रैल, 2002 से लागू हुई। सार्वभौमिक सेवा सहायता के लिए दूरसंचार विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए और इन्हें 27 मार्च, 2002 को दूरसंचार विभाग की वेबसाइट DOT पर उपलब्ध कर दिया गया था।
  • तदनुसार यूएसओएफ को सांविधिक दर्जा देने हेतु दिसम्बर 2003 में संसद के दोनों सदनों द्वारा भारतीय तार (संशोधन) अधिनियम, 2003 पारित किया गया। इस निधि का प्रयोग केवल सार्वभौमिक सेवा दायित्व को पूरा करने के लिए किया जाएगा और इस में जमा राशि वित्तर् की समाप्ति पर व्यपगत नहीं होगी। इस निधि में धनराशि संसद के अनुमोदन से जमा कराई जाती है। इस निधि को प्रशासित करने वाले नियमों को भारतीय तार (संशोधन) नियमावली 2004 कहा जाता है जो 26.03.2004 को अधिसूचित किए गए थे।
  • (यूएसएल) के माध्यम से जुटाए जाते हैं, जो इस समय इंटरनेट, वायस मेल, ई-मेल, इत्यादि जैसे विशुध्द मूल्यवर्धित सेवा प्रदाताओं को छोड़कर सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) का 5% निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार त्रऽण और अनुदान भी प्रदान कर सकती है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

4 मीटर इंटरनेशनल लिक्विड मिरर टेलीस्कोप (आईएलएमटी)

चर्चा में क्यों?

  • 4 मीटर इंटरनेशनल लिक्विड मिरर टेलीस्कोप के जल्द ही चालू होने से अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में जल्द नैनीताल के नाम बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। नैनीताल के मुक्तेश्वर स्थित देवस्थल में दस करोड़ की लागत से एशिया की सबसे बड़ी 4 मीटर इंटरनेशनल लिक्विड मिरर टेलीस्कोप (आईएलएमटी) की स्थापना लगभग पूरी हो चुकी है। आईएलएमटी प्रोजेक्ट से जुड़े वैज्ञानिकों का दावा है कि अक्तूबर में यह शुरू हो जाएगी।

4 मीटर इंटरनेशनल लिक्विड मिरर टेलीस्कोप (आईएलएमटी) के बारे में

  • बेल्गो-इंडियन नेटवर्क फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स प्रोजेक्ट के तहत साल 2012 में इंटरनेशनल लिक्विड मिरर टेलीस्कोप (आईएलएमटी) के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार किया गया। इसमें भारत, बेल्जियम के साथ कनाडा संयुक्त भागीदार बना।
  • दूरबीन स्थापित करने के लिए यूरोपियन देशों में नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान एवं शोध संस्थान (एरीज) के अधीन देवस्थल का चयन किया गया। आपको बता दे इससे पहले भारत ने बेल्जियम की मदद से एशिया की सबसे बड़ी 3.6 मीटर प्रकाशीय दूरबीन भी यहां स्थापित की है।
  • देवस्थल में एशिया की बड़ी दूरबीन स्थापित होने के बाद स्टार गठन, तारा समूहों, आकाशीय पिंडों की खोज, बाइनरीज स्टार्स, आकाशगंगाओं, सक्रिय गांगेय नाभिक, गुरुत्वाकर्षण लेंस प्रणाली समेत अनेक अनसुलझे अंतरिक्ष विषयों के शोधों को आगे बढ़ाया जाएगा।

क्या है लिक्विड मिरर दूरबीन?

  • मिरर दूरबीन सीमित आकाशीय क्षेत्र में लंबे अध्ययन के लिए प्रयोग होती है। दुनिया में फिलहाल लिक्विड मिरर दूरबीन चिली और कनाडा के पास ही है। इस दूरबीन में लेंस में मरकरी इस्तेमाल होने से यह दर्पण की तर्ज पर काम करता है। इससे टकराकर लौटने वाले प्रकाश को कैमरे में कैद कर अध्ययन किया जाता है, इसलिए इसे लिक्विड मिरर दूरबीन कहा जाता है। इसके तहत किसी तारामंडल या समूहों पर 5 वर्ष तक नजर रखी जाती है। इससे ब्रह्मांड को और करीब से जानने का मौका मिलेगा।

राफेल लड़ाकू जेट विमान

चर्चा में क्यों?

  • चीन से सीमा पर तनातनी के बीच भारत को मीटियर मिसाइल से लैस छह राफेल लड़ाकू जेट विमानों का पहला खेप 27 जुलाई तक मिलने की उम्मीद है। मीटियर मिसाइल से लैस राफेल 150 किलोमीटर की अधिक दूरी से लक्ष्य पर निशाना साध सकता है। इससे भारतीय वायु सेना को चीनी वायु सेना पर बढ़त मिलेगी। पूर्वी लद्दाख की गलवन घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के मद्देनजर भारतीय वायुसेना पिछले दो सप्ताह से हाई अलर्ट पर है। पिछले सात सप्ताह से दोनों देशों की सेनाओं के बीच गतिरोध कायम है।

पृष्ठभूमि

  • भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ लगभग 58,000 करोड़ रुपये की लागत से 36 राफेल लड़ाकू जेट की खरीद के लिए एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किया था। विमान कई शक्तिशाली हथियारों को ले जाने में सक्षम है।

राफेल विमान की विशेषता

  • राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है। इसकी ईंधन क्षमता 17 हजार किलोग्राम है।
  • राफेल मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट है। आकार में सुखोई से छोटा होने के चलते इसे इस्तेमाल करना आसान है।
  • यह स्काल्प मिसाइल से लैस है। यह मिसाइल हवा से जमीन पर 600 किमी तक निशाना साध सकती है।
  • राफेल की मारक क्षमता 3700 किलोमीटर तक है, जबकि स्काल्प की रेंज 300 किलोमीटर है।
  • यह लड़ाकू विमान 24,500 किलो तक का वजन ले जाने में सक्षम है। यह 60 घंटे की अतिरिक्त उड़ान भर सकता है।
  • यह हवा की गति से उड़ सकता है। 2,223 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का शुभारम्भ

चर्चा में क्यों?

  • एनएफएल ने उर्वरकों के उचित उपयोग को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से देश में मृदा परीक्षण की सुविधा को बढ़ावा देने को मिट्टी के नमूनों की जांच के लिए पांच मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का शुभारम्भ किया, जो किसानों को उनके घर पर मिट्टी के नमूनों के परीक्षण की सुविधा मुहैया कराएगी।
  • सीएमडी वी. एन. दत्त और वरिष्ठ अधिकारियों ने एनएफएल के नोएडा स्थित कॉरपोरेट कार्यालय के परिसर से इस तरह की एक मोबाइल प्रयोगशाला को हरी झंडी दिखाई।

क्या है विशेषता?

  • ये मोबाइल प्रयोगशाला किसानों को उनके घर पर मिट्टी के नमूनों के परीक्षण की सुविधा मुहैया कराएगी। आधुनिक मृदा परीक्षण उपकरणों से युक्त ये मोबाइल प्रयोगशालाएं मिट्टी का समग्र और सूक्ष्म पोषक तत्व विश्लेषण करेगी। इसके अलावा इन मोबाइल प्रयोगशालाओं में किसानों को विभिन्न कृषि विषयों पर शिक्षित करने के लिए ऑडियो- वीडियो सिस्टम भी मौजूद रहेगा।
  • कंपनी मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं के अलावा देश के विभिन्न स्थानों पर स्थिर मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं के माद्यम से भी किसानों को सेवाएं दे रही है। इन सभी प्रयोगशालाओं ने वर्ष 2019-20 में मुफ्त में लगभग 25,000 मिट्टी के नमूनों का परीक्षण किया था।

:: विविध ::

राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस: 29 जून

चर्चा में क्यों?

  • सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति तैयार करने में सांख्यिकी के महत्त्व के बारे में जन जागरुकता पैदा करने के उद्देश्य से देश में प्रत्येक वर्ष 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस से संबन्धित जानकारी

  • यह दिन भारत के प्रख्यात सांख्यिकीविद दिवंगत प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जन्मतिथि के अवसर पर मनाया जाता है। गौरतलब है कि द्वितीय पंचवर्षीय योजना इन्ही के द्वारा तैयार की गयी थी।
  • सांख्यिकी में इनके महत्वपूर्ण योगदान को ध्यान में रखते हुए 2007 में उनकी जन्मतिथि के अवसर पर हर वर्ष 29 जून का दिन राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया था।
  • प्रत्येक वर्ष सांख्यिकी दिवस सामयिक राष्ट्रीय महत्व की विषय वस्तु के साथ मनाया जाता है जो चयनित क्षेत्रों में सुधार लाने के उद्देश्य से कई कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों के द्वारा वर्ष भर चलता है।
  • सांख्यिकी दिवस, 2020 की विषय वस्तु एसडीजी-3 ( स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करें एवं सभी उम्रों के लिए कल्याण को बढ़ावा दें) तथा एसडीजी-5 (लैंगिक समानता हासिल करें और सभी महिलाओं तथा लड़कियों को अधिकारसंपन्न बनायें) चयनित की गई है।
  • इस अवसर पर प्रो. पी सी महालानोबिस राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता को सम्मानित किया जाएगा। इस राष्ट्रीय पुरस्कार का गठन 2019 में किया गया था।
  • ध्यातव्य है कि विश्व साख्यिकी दिवस 20 अक्तूबर को मनाया जाता है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • निर्माण के अंतिम चरण से चर्चा में रहे एशिया की सबसे बड़ी 4 मीटर इंटरनेशनल लिक्विड मिरर टेलीस्कोप (आईएलएमटी) की स्थापना कहां की जा रही है? (मुक्तेश्वर नैनीताल)
  • हाल ही में जारी हुई जारी वैश्विक शिक्षा निगरानी रिपोर्ट को किस संस्था के द्वारा जारी किया जाता है? (यूनेस्को)
  • हाल ही में भारत और भूटान ने 600 मेगावाट की किस पनबिजली परियोजना पर आपस में समझौता किया है? (खोलांगछू पनबिजली परियोजना )
  • ईरान द्वारा कासिम सुलेमानीके संदर्भ में अमेरिकी राष्ट्रपति के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस की मांग से चर्चा में रहे इंटरपोल का मुख्यालय कहां है एवं इसका वर्तमान स्वरूप कब अस्तित्व में आया? (लियोन- फ्रांस,1956)
  • दूरसंचार विभाग द्वारा 354 उन दूरस्थ गांवों में संचार सुविधा को उपलब्ध करवाने से चर्चा में रहे यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) की स्थापना किसने की गई थी? (दूरस्थ क्षेत्रों में वहनीय लागत पर दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध करवाना)
  • सरकार द्वारा किन सैन्य बलों के कल्याण पर की गई खर्च की गई राशि को कॉर्पोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलटी के दायरे में ले आया गया है? (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों CAPF और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों CPMF)
  • जुलाई में भारतीय सेना में शामिल होने से चर्चा में रहे राफेल लड़ाकू विमान किस श्रेणी का विमान है एवं इसे किस कंपनी द्वारा निर्मित किया गया है? (4.5 जेनरेशन, दसॉल्ट एविएशन फ्रांस)
  • पोर्टल के उद्घाटन से चर्चा में रहे पीएम स्वनिधि योजना को किन के लिए लांच किया गया है एवं इसके तहत अधिकतम कितनी ऋण प्रदान की जाएगी? (रेहड़ी-पटरी स्ट्रीट वेंडर्स, अधिकतम 10000 रुपए)
  • प्रतिवर्ष किस तिथि को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है एवं यह किसके जयंती के उपलक्ष्य मनाया जाता है? (29 जून, प्रो. पी. सी. महालनोबिस)
  • वर्ष 2020 के राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम क्या है एवं इस दिवस पर सांख्यिकी से जुड़ी किस रिपोर्ट को प्रकाशित किया गया? (सतत विकास लक्ष्य 3 और 5, राष्ट्रीय संकेतक फ्रेमवर्क प्रगति रिपोर्ट, 2020)
  • हाल ही में उत्तर प्रदेश के किस स्थान पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री के द्वारा प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) "सांस्कृतिक सद्भाव मंडप"का शिलान्यास किया गया? (रामपुर उत्तर प्रदेश)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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