(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (29 जून 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (29 जून 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस: 29 जून

चर्चा में क्यों?

  • सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति तैयार करने में सांख्यिकी के महत्त्व के बारे में जन जागरुकता पैदा करने के उद्देश्य से देश में प्रत्येक वर्ष 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस से संबन्धित जानकारी

  • यह दिन भारत के प्रख्यात सांख्यिकीविद दिवंगत प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जन्मतिथि के अवसर पर मनाया जाता है। गौरतलब है कि द्वितीय पंचवर्षीय योजना इन्ही के द्वारा तैयार की गयी थी।
  • सांख्यिकी में इनके महत्वपूर्ण योगदान को ध्यान में रखते हुए 2007 में उनकी जन्मतिथि के अवसर पर हर वर्ष 29 जून का दिन राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया था।
  • प्रत्येक वर्ष सांख्यिकी दिवस सामयिक राष्ट्रीय महत्व की विषय वस्तु के साथ मनाया जाता है जो चयनित क्षेत्रों में सुधार लाने के उद्देश्य से कई कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों के द्वारा वर्ष भर चलता है।
  • सांख्यिकी दिवस, 2020 की विषय वस्तु एसडीजी-3 ( स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करें एवं सभी उम्रों के लिए कल्याण को बढ़ावा दें) तथा एसडीजी-5 (लैंगिक समानता हासिल करें और सभी महिलाओं तथा लड़कियों को अधिकारसंपन्न बनायें) चयनित की गई है।
  • इस अवसर पर प्रो. पी सी महालानोबिस राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता को सम्मानित किया जाएगा। इस राष्ट्रीय पुरस्कार का गठन 2019 में किया गया था।
  • ध्यातव्य है कि विश्व साख्यिकी दिवस 20 अक्तूबर को मनाया जाता है।

प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना

चर्चा में क्यों?

  • यूपी के भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ को स्मार्ट पर्यटन स्थल बनाया जाएगा। यूपी सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने वर्ल्ड बैंक सहायतित पर्यटन योजना को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत 100 करोड़ की लागत से सारनाथ बौद्ध सर्किट को हाईटेक बनाया जाएगा।
  • इस योजना में चौखंडी से सारनाथ रेलवे स्टेशन तक पाथ-वे एवं बुद्ध द्वार समेत सारनाथ में स्थित 26 मंदिरों के मार्ग को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा । इसके साथ ही सारनाथ म्यूजियम और उसके आप पास के इलाकों को भी स्मार्ट और हाईटेक बनाया जाएगा। सारनाथ का डियर पार्क सौंदर्यीकरण एवं विस्तार किए जाने के साथ ही बच्चों को झूलने के लिए झूला आदि भी लगाया जाएगा।

क्यों प्रसिद्ध है सारनाथ?

  • वाराणसी से 10 किमी की दूरी पर स्थित, सारनाथ एक महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। बोध गया में ज्ञान प्राप्त करने के बाद भगवान बुद्ध ने यहाँ अपना पहला धर्मोपदेश दिया था। उनका पहला धर्मोपदेश महा धर्मचक्रप्रवर्तन के रूप में पवित्र है,जिसका अर्थ है 'धर्म चक्र की गति'। भगवान बुद्ध के समय इस क्षेत्र को हिरणों के रहने वाले घने जंगल के कारण इसे ऋषिपट्टन या इसिपटन और मृगदावा कहा जाता था।
  • अपने शासनकाल में सम्राट अशोक भगवान बुद्ध के प्रेम और शांति के संदेश का प्रचार प्रसार करने सारनाथ आए और यहाँ ईसा पूर्व 249 में एक स्तूप का निर्माण करवाया। आज सारनाथ बौद्ध पंथ के मुख्य स्थलों में से एक है, जो दुनिया भर से अनुयायियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। शहर मठ, स्तूप और एक संग्रहालय के साथ सुशोभित है।

यूपी प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना

  • विश्व बैंक सहायतित उ०प्र० प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना एक अभिनव परियोजना है। इस परियोजना में प्रदेश के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों- के अन्तर्गत पर्यटन विकास सम्बन्धी गतिविधियों के माध्यम से गरीबी-उन्मूलन तथा रोजगार-सृजन करने की योजना है।
  • इस योजना के अन्तर्गत चिन्हित क्षेत्रों में स्थित पर्यटन स्मारकों/स्थलों पर मूलभूत पर्यटक सुविधाओं के सृजन एवं विकास के साथ ही साथ तत्सम्बन्धी क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय लोगों के आर्थिक/सामाजिक स्तर के उन्नयन तथा रोजगार-परक अवसर हेतु विभिन्न गतिविधियां प्रस्तावित हैं।

'चेज द वायरस' अभियान

  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित मुंबई में 'चेज द वायरस' पहल के अच्छे परिणाम सामने आए और अब इसे राज्य के दूसरे हस्सों में भी लागू किया जाएगा।
  • अभियान के तहत कोविड-19 रोगी के निकट संपर्क में आने वाले 15 लोगों को आवश्यक रूप से संस्थागत पृथक-वास केंद्र में रखा जाएगा, जबकि समुदाय के नेता लोगों को संस्थागत पृथक-वास केंद्रों में अन्य बीमारियों, भोजन और अन्य सुविधाओं की जानकारी देंगे। साथ ही वे क्लीनिक के समय के बारे में भी बताएंगे। इसे 27 मई को शुरू किया गया था।

टीचिंग लर्निंग एंड रिजल्ट्स फोर स्टेट्स प्रोग्राम (स्टार्स) कार्यक्रम

चर्चा में क्यों?

  • विश्व बैंक ने रविवार को कहा कि उसके कार्यकारी निदेशक मंडल ने छह भारतीय राज्यों में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और संचालन में सुधार के लिये 50 करोड़ डॉलर (लगभग 3,700 करोड़ रुपये) के ऋण स्वीकृत किये हैं। विश्व बैंक के इस पहल से '15 लाख स्कूलों में पढ़ रहे छह से 17 वर्ष की उम्र के 25 करोड़ विद्यार्थी तथा एक करोड़ से अधिक इस शिक्षक इस कार्यक्रम से लाभान्वित होंगे।

टीचिंग लर्निंग एंड रिजल्ट्स फोर स्टेट्स प्रोग्राम (स्टार्स) कार्यक्रम के बारे में

  • टीचिंग लर्निंग एंड रिजल्ट्स फोर स्टेट्स प्रोग्राम (स्टार्स) कार्यक्रम सरकारी स्कूलों में शिक्षा को मजबूती देने तथा हर किसी को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिये 1994 से भारत व विश्वबैंक के रिश्ते की ठोस बुनियाद पर तैयार हुआ है।' स्टार्स कार्यक्रम से पहले विश्वबैंक ने इस दिशा में तीन अरब डॉलर की सहायता दी थी।
  • स्टार्स कार्यक्रम के जरिये समग्र शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर तथा हिमाचल प्रदेश, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान जैसे राज्यों के साथ भागीदारी में मूल्यांकन प्रणालियों को बेहतर बनाने, कक्षा निर्देश और पदावनति को मजबूत करने में मदद करेगा।

भारतनेट परियोजना

चर्चा में क्यों?

  • केंद्र सरकार ने तमिलनाडु फाइबरनेट कारपोरेशन लिमिटेड (टीएएनएफआइएनईटी) से अपनी 1950 करोड़ की भारतनेट निविदा रद करने को कहा है। एनजीओ अरप्पोर इयाक्कम ने कहा कि निविदा की शर्ते कठोर और भेदभावपूर्ण हैं।
  • तमिलनाडु में परियोजना को विशेष उद्देश्य व्हीकल टीएएनएफआइएनईटी द्वारा स्टेट मॉडल के माध्यम से लागू किए जाने की योजना है।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार प्रोत्साहन विभाग (डीपीआइआइटी) ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव, सूचना एवं तकनीक और टीएएनएफआइएनईटी प्रबंध निदेशक को भेजे गए संदेश में निविदा रद करने के लिए कहा है।

क्या है भारतनेट परियोजना?

  • भारतनेट परियोजना नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का नया ब्रांड नाम है. भारतनेट को देश के 2.5 लाख ग्राम पंचायत को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देने के लिए अक्टूबर 2011 में लॉन्च किया गया था. साल 2015 में इसका नाम बदलकर भारतनेट रखा गया था. इसका उद्देश्य देश के 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को इंटरनेट की 100 एमबीपीएस कनेक्टिविटी स्पीड से जोड़ना है.
  • भारतनेट विश्व का सबसे बड़ा ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी कार्यक्रम है. इसे मेक इन इंडिया के तहत कार्यान्वित किया जा रहा है.

संकल्प पर्व

  • संस्कृति मंत्रालय ने 28 जून से 12 जुलाई 2020 तक संकल्प पर्व मनाने का निर्णय लिया है। मंत्रालय यह अपेक्षा रखता है कि इस दौरान उसके सभी अधीनस्थ कार्यालय, अकादमी, संलग्न संस्थान, संबद्ध संस्थान अपने-अपने परिसरों में या उसके आसपास ही जहां भी संभव हो वहां अवश्यू ही पेड़ लगाएंगे।
  • संस्कृति मंत्रालय द्वारा उन पांच पेड़ों को लगाए जाने को प्राथमिकता दे रहा है जिन्हें हमारे प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया है और जो हमारे देश की हर्बल विरासत का सटीक प्रतिनिधित्व करते हैं। ये पेड़ हैं - (i) 'बरगद' (ii) 'आंवला' (iii) 'पीपल' (iv) 'अशोक' (v) 'बेल'। यदि इन वृक्षों का पौधा उपलब्ध नहीं है तो लोग अपनी पसंद के किसी अन्य पौधे का पौधारोपण कर सकते हैं।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

चीन पर तिब्बत में “सांस्कृतिक नरसंहार” का आरोप

चर्चा में क्यों?

  • चीन पर तिब्बत में “सांस्कृतिक नरसंहार” का आरोप लगाते हुए केंद्रीय तिब्बत प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) से अनुरोध किया कि वह चीन द्वारा तिब्बत और उसके तहत आने वाले अन्य क्षेत्रों में किये जा रहे “मानवाधिकार उल्लंघनों” पर एक विशेष सत्र बुलाए।
  • धर्मशाला स्थित केंद्रीय तिब्बत प्रशासन (सीटीए) को तिब्बत की निर्वासित सरकार के तौर पर भी जाना जाता है। सीटीए ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी “एकजुट होने और बहुत देर हो जाने से पहले यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि चीन मानवाधिकार संबंधी जवाबदेहियों समेत अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत आने वाले दायित्वों का निर्वहन करे।”
  • सीटीए के अध्यक्ष लोबसांग सांगय ने कहा, “हम यूएनएचआरसी और सदस्य राष्ट्रों से चीन द्वारा किये जा रहे मानवाधिकार उल्लंघनों के आकलन के लिये विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध करते हैं…।सीटीओ और तिब्बत के अंदर और बाहर रहने वाले तिब्बती यूएनएचआरसी के तहत संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों का आह्वान करते हैं कि वे चीन द्वारा किये जा रहे मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ तत्काल कदम उठाएं।” सांगेय ने चीन पर तिब्बत और उसके तहत आने वाले अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मानवाधिकार उल्लंघन का भी आरोप लगाया।”

पृष्ठभूमि

  • बीते छह दशक और उससे भी ज्यादा समय से तिब्बत के अंदर तिब्बती लोग चीन की सरकार के सत्तावादी शासन के तहत पीड़ा का सामना कर रहे हैं। चीनी सरकार ने तिब्बतियों से उनके मौलिक मानवाधिकार भी छीन लिये हैं जिनकी गारंटी मानवाधिकार के वैश्विक घोषणापत्र के तहत भी मिलती है, तिब्बत के लोगों की विशिष्ट पहचान को खत्म कर दिया और उन्हें मानव होने की अंतर्निहित गरिमा से भी वंचित कर दिया।चीन की सरकार द्वारा तिब्बतियों के खिलाफ दी जाने वाली यंत्रणाएं, जबरन लोगों को गायब कर दिया जाना और मठों में तोड़फोड़ किया जाना मानवता के खिलाफ अपराध है और इसे 'सांस्कृतिक नरसंहार से कम की श्रेणी का नहीं ठहराया जा सकता।”

गिलगित-बाल्टिस्तान

चर्चा में क्यों?

  • पाकिस्तान ने घोषणा की है कि वह 18 अगस्त को गिलगित-बाल्टिस्तान में आम चुनाव कराएगा। पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने देश की शीर्ष अदालत द्वारा क्षेत्र में मतदान की अनुमति देने के बाद इसकी घोषणा की है।

पृष्ठभूमि

  • गौरतलब है कि पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने 30 अप्रैल को सरकार को गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में आम चुनाव कराने के लिए 2018 प्रशासनिक आदेश में संशोधन करने की अनुमति दी। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन के एक बयान के अनुसार, गिलगित-बाल्टिस्तान (जीबी) विधानसभा के लिए आम चुनावों के मतदान दिवस के रूप में 18 अगस्त, 2020 को मंजूरी दी।

क्या है भारत का रुख?

  • भारत ने पाकिस्तान को यह स्पष्ट रूप से बता दिया था कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश जिसमें गिलगित और बाल्टिस्तान के क्षेत्र भी शामिल हैं और वह देश का अभिन्न हिस्सा है। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी ये साफ किया है कि पाकिस्तान की सरकार या उसकी कोर्ट के पास अवैध रूप से और जबरन कब्जे वाले इलाकों में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।
  • पिछले महीने नई दिल्ली में एक वरिष्ठ पाकिस्तानी राजनयिक को एक अपाचे जारी किया और शीर्ष अदालत के फैसले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने पाकिस्तान को यह भी स्पष्ट रूप से बता दिया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश, जिसमें गिलगित और बाल्टिस्तान भी शामिल हैं, देश का अभिन्न हिस्सा हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार या उसकी न्यायपालिका के पास अवैध रूप से और जबरन कब्जे वाले क्षेत्रों पर कोई लोकल स्टैंड नहीं है।

:: अर्थव्यवस्था ::

आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) ने अपने नवीनतम अध्ययन में कहा है कि भारत, स्विट्जरलैंड से अपने निवासियों के बैंक खातों और उनके द्वारा स्थापित संस्थाओं के लाभकारी स्वामित्व के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने वाले शीर्ष तीन देशों में शामिल है।
  • आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) के इस अध्ययन का मकसद कर मामलों में सूचनाओं की पारदर्शिता और लेनदेन को बढ़ावा देना है। इस रिपोर्ट में दुनिया भर में देशों द्वारा मांगी गई सूचनाओं और उस पर कार्रवाई का अध्ययन किया गया है।

अध्ययन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • ओईसीडी के इस अध्ययन के अनुसार वैश्विक मंच की जुलाई 2015 से जून 2018 के लिए नवीनतम समीक्षा में भारत को शीर्ष तीन देशों में शामिल किया गया, जिनके अनुरोध पर स्विट्जरलैंड ने जानकारी प्रदान की।
  • ओईसीडी के इस अध्ययन के अनुसार भारत, स्विट्जरलैंड से अपने निवासियों के बैंक खातों और उनके द्वारा स्थापित संस्थाओं के लाभकारी स्वामित्व के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने वाले शीर्ष तीन देशों में शामिल है। बाकी दो देश फ्रांस और जर्मनी हैं।
  • वैश्विक मंच ने सूचनाओं के लेनदेन पर नवीनतम समीक्षा रिपोर्ट में स्विट्जरलैंड की रेटिंग 'व्यापक अनुपालन' की है। इस नवीनतम समीक्षा रिपोर्ट में भारत को भी 'व्यापक अनुपालन' की रेटिंग दी गयी है।
  • रिपोर्ट में कहा गया कि स्विट्जरलैंड ने कानूनी स्वामित्व की जानकारी देने, मृतक व्यक्तियों के बारे में सूचनाओं के आदान-प्रदान और चुराए गए डेटा के संबंध में अनुरोधों पर कार्रवाई करने में उल्लेखनीय सुधार किया है।
  • रिपोर्ट में हालांकि कहा गया है कि स्वामित्व की जानकारी देने और सूचना तथा गोपनीयत के क्षेत्र में कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं।
  • भारत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान स्विस बैंकों में जमा काले धन का मुद्दा राजनीतिक रूप से काफी अहम रहा है और स्विट्जरलैंड अपने वित्तीय संस्थानों के बारे में लंबे समय से इस प्रचलित धारणा को खत्म करने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहा है कि वहां विभिन्न देशों के लोगों द्वारा अघोषित धन को छिपाया जाता है।
  • स्विट्जरलैंड ने पिछले एक साल में भारत से संबंधित 500 से अधिक मामलों में विस्तृत जानकारी साझा की है। ये मामले कर धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित हैं।

आर्थिक सहयोग और विकास संगठन क्या है?

  • आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) एक अंतरसरकारी आर्थिक संगठन है जो बेहतर जीवन के लिए बेहतर नीतियां बनाने का कार्य करती है। आर्थिक प्रगति और विश्व व्यापार को प्रोत्साहित करने हेतु इस संगठन की स्थापना के लिए 1960 में कन्वेंशन को अपनाया गया। आधिकारिक रूप से 30 सितम्बर 1961 में कन्वेंशन के प्रवर्तन में आने पर OECD की स्थापना हुई। वर्तमान में इस संगठन के 36 सदस्य है एवं इसका मुख्यालय पेरिस-फ्राँस में स्थित है।

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM)

चर्चा में क्यों :-

  • निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) द्वारा एयर इंडिया के विनिवेश हेतु निर्धारित समय को तीसरी बार बढ़ाया गया। अब इसके विनिवेश हेतु 31 अगस्त 2020 की तिथि निर्धारित की गई है।

पृष्ठभूमि:-

  • सरकार द्वारा एयर इंडिया के 100 % विनिवेश तथा पूर्ण प्रबंधन हस्तांतरण का निर्णय लिया गया है। जिसके उपरांत विनिवेश की प्रक्रिया 27 जनवरी से आरम्भ कर दी गई।
  • परन्तु कोरोना वायरस के प्रकोप के फलस्वरूप भारत सहित सम्पूर्ण विश्व के वायु यात्रा उद्योग को गहरी क्षति हुई है। जिसके उपरांत विनिवेश की तिथि को निरंतर विस्तारित किया जा रहा है।

विनिवेश से सम्बंधित अन्य तथ्य :-

  • सरकार के विनिवेश का लक्ष्य इस वर्ष 2. 10 लाख करोड़ के विनिवेश का लक्ष्य रखा है जिसमे 1.20 लाख करोड़ CPSE के विनिवेश तथा 90000 करोड़ पब्लिक सेक्टर बैंक तथा अन्य वित्तीय संस्थानों (भारतीय जीवन बिमा निगम के साथ) के विनिवेश से प्राप्त होगा।

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के बारे में

  • 1999 में विनिवेश विभाग को एक अलग विभाग के रूप में स्थापित किया गया था और बाद में इसका नाम बदलकर 2001 में विनिवेश मंत्रालय कर दिया गया। 2004 से, विनिवेश विभाग वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विभागों में से एक है। विनिवेश विभाग का नाम बदलकर 2016 से निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) कर दिया गया है।
  • विभाग के जनादेश में इक्विटी में केंद्र सरकार के निवेश से संबंधित सभी मामले शामिल हैं, जिसमें केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में इक्विटी का विनिवेश शामिल है। रणनीतिक विनिवेश सहित विनिवेश के लिए प्रशासनिक मंत्रालयों, NITI Aayog, आदि की सिफारिशों पर निर्णय लेकर विनिवेश करना है ।इसके अंतर्गत विनिवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन के लिए स्वतंत्र बाहरी मॉनिटर से संबंधित सभी मामले सम्मिलित हैं ।

मानक कोविड बीमा पालिसी

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों की बढ़ती संख्या के बीच बीमा कंपनियों को 10 जुलाई तक अल्पावधि वाली मानक कोविड चिकित्सा बीमा पालिसी अथवा कोविड कवच बीमा पेश करने को कहा है।

इरडा का मानक कोविड बीमा पालिसी के निर्देश

  • बीमा क्षेत्र के नियामक इरडा ने इस बारे में दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि ये बीमा पालिसी साढ़े तीन महीने, साढ़े छह महीने और साढ़े नौ महीने की रखी जा सकती हैं।
  • मानक कोविड बीमा पालिसी 50 हजार रुपये के गुणक वाले संरक्षण के साथ से पांच लाख रुपये तक के हो सकते हैं। नियामक ने कहा कि इस तरह के उत्पादों के नाम 'कोरोना कवच बीमा' होने चाहिये। कंपनियां इसके बाद अपना नाम जोड़ सकती हैं।
  • दिशानिर्देशों में कहा गया कि इन बीमा उत्पादों के लिये एकल प्रीमियम भुगतान करना होगा। इनके प्रीमियम पूरे देश में एक समान होने चाहिये। क्षेत्र या भौगोलिक स्थिति के हिसाब से इन बीमा उत्पादों के लिये अलग अलग प्रीमियम नहीं हो सकते हैं।
  • नियामक ने कहा कि इन बीमा उत्पादों में कोविड के इलाज के साथ ही किसी अन्य पुरानी अथवा नयी बीमारी के इलाज का खर्च भी शामिल होना चाहिये। इसके तहत अस्पताल में भर्ती होने, घर पर ही इलाज कराने, आयुष से उपचार करने तथा अस्पताल में भर्ती होने से पहले व बाद के खर्चों को कवर मिलेगा।
  • नियामक ने कहा, 'सामान्य व स्वास्थ्य बीमा कंपनियां यह सुनिश्चित करें कि इस तरह के उत्पाद 10 जुलाई 2020 से पहले उपलब्ध हो जायें।'

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

S-400 अडवांस्ड एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम

चर्चा में क्यों?

  • भारत और चीन में सीमा पर चल रहे तनाव के बीच रूस इस साल के आखिर तक पहले S-400 अडवांस्ड एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति भारत को कर देगा। रूसी अखबार Kommersantकी रिपोर्ट के मुताबिक भारत के रक्षा मंत्री के अनुरोध के बाद रूस S-400 को भारत को जल्दी देने पर सहमत हुआ है। पहले यह अडवांस्ड एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम वर्ष 2021 तक मिलने वाला था। वर्ष 2024 तक भारत हर साल एक-एक S-400 अडवांस्ड एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति की जाएगी।

पृष्ठभूमि

  • भारत और रूस के बीच 2018 में दुनिया के सबसे अडवांस्ड एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम S-400 की डील 5 अरब डॉलर यानी 40,000 करोड़ रुपये में फाइनल हुई थी। भारत ने इसकी पांच यूनिट्स खरीदने का करार किया है।

क्या है S-400?

  • यह एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है, जो दुश्मन के एयरक्राफ्ट को आसमान से गिरा सकता है। S-400 को रूस का सबसे अडवांस लॉन्ग रेंज सर्फेस-टु-एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम माना जाता है। यह दुश्मन के क्रूज, एयरक्राफ्ट और बलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। यह सिस्टम रूस के ही S-300 का अपग्रेडेड वर्जन है। इस मिसाइल सिस्टम को अल्माज-आंते ने तैयार किया है, जो रूस में 2007 के बाद से ही सेवा में है। यह एक ही राउंड में 36 वार करने में सक्षम है।

भारत को क्यों है इसकी जरूरत

  • S-400 भारतीय वायुसेना के लिए एक 'बूस्टर शॉट' जैसा होगा। भारत को पड़ोसी देशों के खतरे से निपटने के लिए इसकी खासी जरूरत है। पाकिस्तान के पास अपग्रेडेड एफ-16 से लैस 20 फाइटर स्क्वैड्रन्स हैं। इसके अलावा उसके पास चीन से मिले J-17 भी बड़ी संख्या में हैं। पड़ोसी देश और प्रतिद्वंद्वी चीन के पास 1,700 फाइटर है, जिनमें 800 4-जेनरेशन फाइटर भी शामिल हैं।भारतीय वायुसेना के पास लड़ाकू विमानों की कमी के चलते दुश्मनों से निपटने की उसकी क्षमता प्रभावित हुई है।

:: विविध ::

लाजर मैकार्थी चकवेरा

  • मलावी में अदालत के ऐतिहासिक फैसले के बाद दोबारा कराए गए राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दल ने जीत हासिल की है। अफ्रीका में पहली बार अदालत के चुनाव को पलट देने के बाद किसी निवर्तमान नेता की हार हुई है। लाजर मैकार्थी चकवेरा द्वारा हासिल की गई यह जीत महीनों से दक्षिण अफ्रीकी देश में सड़कों पर जारी प्रदर्शन और संवैधानिक न्यायालय के उस फैसले का नतीजा है, जिसमें उसने कहा था कि मई 2019 में हुए चुनाव में व्यापक अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • किस प्रशासनिक समूह के द्वारा चीन पर “सांस्कृतिक नरसंहार” का आरोप लगाते हुए यूएनएचआरसी से “मानवाधिकार उल्लंघनों” पर एक विशेष सत्र बुलाए जाने की मांग की गई है? (केंद्रीय तिब्बत प्रशासन)
  • हाल ही में पाकिस्तान सरकार के द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर के किन क्षेत्रों में 18 अगस्त को आम चुनाव कराए जाने की घोषणा की है? (गिलगित-बाल्टिस्तान)
  • केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु फाइबरनेट कारपोरेशन लिमिटेड की निविदा को रद्द करने के संदर्भ में चर्चा में रहे भारतनेट परियोजना क्या है? (देश के सभी ग्रामपंचायतों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ना)
  • हाल ही में इरडा ने बीमा कंपनियों को 10 जुलाई तक कोविड-19 के संदर्भ में किस अल्पावधि बीमा पॉलिसी को प्रस्तुत करने को कहा है? (कोविड चिकित्सा बीमा पालिसी अथवा कोविड कवच बीमा)
  • हाल ही में किस संगठन के द्वारा वित्तीय सूचनाओं और लेन-देन में पारदर्शिता के संदर्भ में भारत को 'व्यापक अनुपालन' की रेटिंग दी गई है? (आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन-ओईसीडी)
  • एयर इंडिया के विनिवेश प्रक्रिया को पुनः 2 महीने बढ़ाने से चर्चा में रहे भारत में विनिवेश की प्रक्रिया किस संस्था द्वारा की जाती है? (निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग-दीपम)
  • विश्व बैंक के द्वारा भारत को 50 करोड़ डॉलर के ऋण की स्वीकृति से चर्चा में रहे (स्टार्स) कार्यक्रम क्या है यह किससे संबंधित है? (टीचिंग लर्निंग एंड रिजल्ट्स फोर स्टेट्स प्रोग्राम-स्टार्स: स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और संचालन में सुधार)
  • परियोजना की स्वीकृति से चर्चा में रहे सारनाथ को किस योजना के तहत एवं किस वैश्विक संस्था के समर्थन से स्मार्ट पर्यटन स्थल बनाया जाएगा? (प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना,विश्व बैंक)
  • हाल ही में किस राज्य सरकार ने 'चेज द वायरस' पहल के अच्छे परिणाम सामने आने पर इसे पूरे राज्य में लागू करने की योजना बनाई गई है? (महाराष्ट्र)
  • भारत को 2021 तक आपूर्ति किए जाने से चर्चा में रहे S-400 ट्रायम्फ़ (Triumf) क्या है एवं इसे किस देश द्वारा इसका निर्माण किया गया है? (अडवांस्ड एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम, रूस)
  • हाल ही में किस मंत्रालय ने 28 जून से 12 जुलाई 2020 तक 'संकल्प पर्व' के तहत वृक्षारोपण की जाने की घोषणा की है? (संस्कृति मंत्रालय)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

<< मुख्य पृष्ठ पर वापस जाने के लिये यहां क्लिक करें