(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (29 जुलाई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर

:: राष्ट्रीय समाचार ::

देश का पहला रेलवे केबल ब्रिज: अंजी ब्रिज

  • भारतीय रेलवे जम्मू कश्मीर में देश का पहले केबल ब्रिज बनाने जा रही है। कटरा और रियासी के बीच बनने वाला अंजी पुल उत्कृष्ट इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना है। अंजी ब्रिज चिनाब दरिया पर बनाया जा रहा है। भारतीय रेल द्वारा बनाया जा रहा यह देश का पहला रेल ब्रिज है जो केबल पर टिका है। यह शानदार रेल ब्रिज कटरा और रियासी के बीच बनेगा जो उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना का एक हिस्सा है।
  • अंजी पुल की लंबाई 473.25 मीटर है। इसमें लगे खंभे की ऊंचाई नदी के तल से 331 मीटर है। इस पुल को सपोर्ट देने के लिए 96 केबल्स का जाल बनाया जाएगा। यह खास डिजाइन पुल को तेज हवाओं और भयंकर तूफानों में भी मजबूती से खड़े रहने में मदद करेगा।

ई-ज्ञान कोष

चर्चा में क्यों?

  • मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत ई-ज्ञान कोष ने ‘‘एंवायर्नमेंट सस्टेनिबिलिटी’’ (पर्यावरण स्थिरता) विषय पर आनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर कहा, ‘‘ तमाम पर्यावरणविदों और प्रकृति प्रेमियों का आह्वान... ई-ज्ञानकोष आपके घर पर रहते हुए एंवायर्नमेंट सस्टेनिबिलिटी (पर्यावरण स्थिरता) विषय पर सर्टिफिकेट कोर्स पेश करता है।’’

क्या है ई-ज्ञान कोष ?

  • गौरतलब है कि ईज्ञानकोष राष्ट्रीय डिजिटल निक्षेपागार है जिसमें देश के मुक्त एवं दूरस्थ शैक्षिक संस्थानों द्वारा तैयार डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों का भंडारण किया जाता है और इसके माध्यम से शैक्षणिक सामग्रियों का वितरण भी किया जाता है।

‘रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020’

चर्चा में क्यों?

  • रक्षा खरीद प्रक्रिया (डीपीपी) 2020, जिसे अब ‘रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (डीएपी) 2020’ नाम दिया गया है, के दूसरे मसौदे को रक्षा मंत्रालय (एमओडी) की वेबसाइट पर अपलोड कर विभिन्न हितधारकों और आम जनता से टिप्पणियां/सुझाव आमंत्रित किए गए ।

पृष्ठभूमि

  • उल्लेखनीय है कि डीपीपी 2020 के पहले मसौदे को वेब होस्ट किया गया था और विभिन्न हितधारकों से टिप्पणियां/सिफारिशें/सुझाव 17 अप्रैल, 2020 तक आमंत्रित किए गए थे। हालांकि, बाद में इसकी अवधि 08 मई, 2020 तक बढ़ा दी गई। उस समय से लेकर अब तक विभिन्न हितधारकों, सेवाओं एवं उद्योग जगत से अनगिनत सुझाव प्राप्त हुए, जो 10,000 से भी अधिक पृष्ठों में फैले हुए हैं।
  • विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त इन टिप्पणियों का विश्लेषण करने के बाद समस्‍त हितधारकों से व्यक्तिगत रूप से और वेब कॉन्‍फ्रेंस दोनों ही माध्यम से विशिष्ट तौर पर संवाद भी किए गए, ताकि उनकी सटीक चिंताओं को अच्‍छी तरह से समझा जा सके।
  • उसके बाद संशोधित दूसरे मसौदे को समीक्षा समिति द्वारा अंतिम रूप दे दिया गया है जिसने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के हिस्से के रूप में घोषित रक्षा सुधारों के सिद्धांतों को पूरी तरह ध्‍यान में रखा। संशोधित दूसरे मसौदे को सार्वजनिक तौर पर उपलब्‍ध करा दिया गया है। एक बार फिर संशोधित मसौदे पर विशिष्ट टिप्पणियां आगामी 10 अगस्त, 2020 तक आमंत्रित की गई हैं।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI)

चर्चा में क्यों?

  • चीन ने कोविड-19, बीआरआई पर पाक, नेपाल और अफगानिस्तान के साथ विदेश मंत्री स्तर की पहली बैठक की । इस दौरान उन्होंने कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने, अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और ‘‘बीआरआई’’ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को बहाल करने के लिये चार सूत्री योजना पर विचार किया।

क्या है BRI परियोजना?

  • BRI - बेल्ट एंड रोड इनिसिएटिव परियोजना चीन की सालों पुरानी 'सिल्क रोड' से जुड़ा हुआ है। इसी कारण इसे 'न्यू सिल्क रोड' और One Belt One Road (OBOR) नाम से भी जाना जाता है। BRI परियोजना की शुरुआत चीन ने साल 2013 में की थी। BRI परियोजना चीन की विदेश नीति की एक परियोजना है। इस परियोजना में एशिया, अफ्रीका और यूरोप के कई देश बड़े देश शामिल हैं।
  • चीन की इस परियोजना का उद्देश्य दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, गल्फ कंट्रीज़, अफ्रीका और यूरोप के देशों को सड़क और समुद्री रास्ते से जोड़ना है।
  • चीन की ये योजना क़रीब दुनिया के 60 से अधिक देशों को सड़क, रेल और समुद्री रास्ते से जोड़ने का काम करेगी। चीन के मुताबिक़ उनकी इस परियोजना से दुनिया के अलग - अलग देश एक दूसरे के नज़दीक आएंगे जिससे आर्थिक सहयोग के साथ आपसी संपर्क को भी बढ़ाने में मदद मिलेगी। चीन के मुताबिक़ BRI परियोजना का मकसद आर्थिक है जिसके पूरा होने से विश्व का परिदृश्य बदल सकता है।

एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी)

चर्चा का कारण?

  • हाल ही में केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की 5वीं वार्षिक बैठक में भाग लिया।

पृष्ठभूमि

  • एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक हर वर्ष होती है ।
  • इस बैठक में बैंक के भविष्य को प्रभावित करने वाले अहम फैसले लेने के लिए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स मुलाकात करते हैं।

बैठक से जुड़ें महत्वपूर्ण बिंदु

  • एआईआईबी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की इस वर्ष की बैठक में होने वाले विचार विमर्श में एआईआईबी के अध्यक्ष के चुनाव सहित कई आधिकारिक कार्य और ‘एआईआईबी 2030- एशिया के विकास में सहायक अगला एक दशक’ विषयवस्तु पर होने वाली राउंडटेबल जैसे मुद्दे शामिल थे।
  • हाल ही में एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में भारत ने एआईआईबी से कुछ अपेक्षाओं का उल्लेख किया, जिनमें वित्तपोषण के नए साधनों की पेशकश, निजी क्षेत्र से वित्तपोषण जुटाना, एसडीजी 2030 को हासिल करने के लिए सामाजिक आधारभूत ढांचे के लिए वित्तपोषण उपलब्ध कराना और कोविड-19 संकट से उबरने की प्रतिक्रिया में जलवायु लचीली और टिकाऊ ऊर्जा वाले बुनियादी ढांचे के विकास का एकीकरण शामिल हैं।
  • भारत ने बैंक को क्षेत्रीय उपस्थिति दर्ज कराने का भी सुझाव दिया, जिससे प्रभावी परियोजना प्रबंधन और कार्यान्वयन में सहयोग मिलेगा।

एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) क्या है?

  • एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की स्थापना 2016 में बीजिंग में की गई थी।
  • एआईआईबी का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आधारभूत संरचना विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी परियोजनाओं को वित्तपोषित करना है।
  • एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक में चीन की हिस्ससेदारी 30.34% है जबकि भारत 8.4% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है। रूस तथा जर्मनी क्रमश: तीसरे व चौथे स्थान पर स्थित हैं ।
  • एआईआईबी में सर्वोच्च नीति- निर्धारक संस्था बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (शासक मंडल) है, जो प्रत्येक देश के एक प्रतिनिधि द्वारा बनी है।
  • एआईआईबी के सदस्य न सिर्फ एशिया-प्रशांत क्षेत्र के हैं बल्कि लगभग विश्व के हर कोने में इसके सदस्य देश हैं। अमेरिका एवं जापान के विरोध के बावजूद अमेरिका के अधिकांश सहयोगी, जैसे- ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, दक्षिण कोरिया आदि ने इसकी सदस्यता ग्रहण की है।

पिक्सलपरेड के प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य और सैन्य खर्च के आंकड़ें

चर्चा में क्यों?

  • कोरोना महामारी से दुनिया के बहुत से देश जूझ रहे हैं। साथ ही कई देशों के मध्य तनाव की स्थिति है और यह तनाव कब युद्ध का रूप ले ले कहा नहीं जा सकता है। ऐसे में कुछ देशों की प्राथमिकता महामारी से पार पाना है तो कुछ की कोशिश अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाना है। इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बड़ी धनराशि खर्च की जाती है। पिक्सलपरेड ने दुनिया के 46 विभिन्न देशों के प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य और सैन्य खर्च के आंकड़ों को पेश किया है। इनमें भारत के आंकड़े भी शामिल हैं। आइए इन आंकड़ों के परिप्रेक्ष्य में समझते हैं कि दुनिया के देश स्वास्थ्य और सैन्य खर्च पर कितनी धनराशि खर्च कर रहे हैं।

कौन से देश है प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य खर्च में आगे?

  • कोरोना महामारी से दुनिया का सबसे प्रभावित देश अमेरिका है। हालांकि आंकड़ों पर गौर करें तो हम पाते हैं कि अमेरिका ही वो देश है जो प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य पर दुनिया में सर्वाधिक खर्च करता है। ऑर्गेनाइजेशन फोर इकोनॉमिक कॉ-ऑपरेशन एंड डवलपमेंट (ओईसीडी) के आंकड़ों के अनुसार, 2018 में अमेरिका ने 9,008 डॉलर प्रति व्यक्ति के हिसाब से राशि खर्च की है। यह दूसरे स्थान पर मौजूद नॉर्वे से 1.5 गुना अधिक है। नॉर्वे लोगों के स्वास्थ्य पर 5,361 डॉलर प्रति व्यक्ति खर्च करता है। इसके बाद तीसरे स्थान पर जर्मनी, चौथे स्थान पर स्विट्जरलैंड और पांचवे स्थान पर स्वीडन का नंबर आता है। खास बात यह है कि ये आंकड़े सभी स्वास्थ्य खर्चों को नहीं दर्शाते हैं। इसमें निजी बीमा खर्च या जेब से खर्च होने वाली राशि शामिल नहीं है। यह अतिरिक्त लागत अमेरिका और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में सर्वाधिक है।

कौन से देश है प्रति व्यक्ति सैन्य खर्च में आगे?

  • स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक, इजरायल में प्रति व्यक्ति सैन्य खर्च 2,357 डॉलर है और यह दुनिया में सर्वाधिक है। यह इजरायल की जीडीपी का 5.3 फीसद है। दूसरे स्थान पर मौजूद अमेरिका का प्रति व्यक्ति सैन्य खर्च 2,086 डॉलर है और यह उसकी जीडीपी का 3.3 फीसद है। हालांकि अमेरिका कई अन्य देशों की तुलना में सर्वाधिक सैन्य खर्च करता है। यह करीब 700 अरब डॉलर है। सर्वाधिक प्रति व्यक्ति सैन्य खर्च करने वाले देशों की सूची में तीसरे स्थान पर नॉर्वे है। वहीं चौथे और पांचवे स्थान पर क्रमश: ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे देश हैं।

स्वास्थ्य और सैन्य खर्च को लेकर भारत की स्थिति:

  • कोरोना संकट से सर्वाधिक संक्रमितों की संख्या में भारत तीसरे स्थान पर है। प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य खर्च में 46 देशों की इस सूची में भारत आखिरी पायदान पर है। हालांकि इसका एक कारण भारत की विशाल आबादी भी है। यहां प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य खर्च 18.80 डॉलर (1405 रुपये) है। वहीं सैन्य खर्च में भारत कई देशों से बेहतर है। उसका प्रति व्यक्ति सैन्य खर्च 49 डॉलर (3662 रुपये) है। फिलहाल भारत कोरोना के साथ सीमा पर चीन की चुनौती से जूझ रहा है। ऐसे में उसका रक्षा खर्च अपने पड़ोसी से मुकाबले के लिए बेहद जरूरी हो जाता है।

‘अंतरराष्ट्रीय अदालत समीक्षा एवं पुनर्विचार अध्यादेश 2020'

  • पाकिस्तान सरकार ने भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले के मद्देनजर विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद नेशनल असेंबली में एक अध्यादेश पेश किया।
  • गत 20 मई को अधिनियमित ‘ अंतरराष्ट्रीय अदालत समीक्षा एवं पुनर्विचार अध्यादेश 2020' के तहत सैन्य अदालत के फैसले की समीक्षा के लिए एक याचिका इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक अर्जी के माध्यम से अध्यादेश जारी होने के 60 दिन के भीतर दायर की जा सकती है।

पृष्ठभूमि

  • भारतीय नौसेना 50 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को अप्रैल 2017 में एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने जाधव तक राजनयिक पहुंच से इनकार करने और मौत की सजा को चुनौती देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। हेग स्थित आईसीजे ने जुलाई 2019 में फैसला सुनाया था कि पाकिस्तान को जाधव की सजा की ‘‘प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार’’ करना चाहिए और साथ ही और कोई देरी किये बिना भारत को राजनयिक पहुंच प्रदान करनी चाहिए।

‘प्रोटेक्शन ऑफ सिविलियन इन आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट’ रिपोर्ट

  • अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने सिख समुदाय और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर इस्लामिक आंतकवादियों द्वारा किए गये हमलों का दस्तावेज तैयार किया है और कहा कि युद्धग्रस्त देश में 2020 की पहली छमाही में 3,400 से अधिक नागरिक हताहत हुए हैं।अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) की ‘प्रोटेक्शन ऑफ सिविलियन इन आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट’ मध्य वर्ष रिपोर्ट में कहा कि 2020 की पहली छमाही में अफगानिस्तान में नागरिकों पर हिंसा के स्तर में उतार-चढ़ाव देखा गया।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

  • इस दौरान 3,458 नागरिक हताहत हुए, जिनमें से 1282 लोग मारे गए औा 2176 घायल हुए हैं ।
  • ‘‘यूएनएएमए अफगानिस्तान में ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवेंट -खोरासन प्रोवेंस’ (आईएसआईएल-केपी) द्वारा सिख और शिया मुस्लिम आबादी पर किए हमलों का अकलन भी कर रहा है।’’
  • रिपोर्ट में कहा गया कि 3,458 लोगों के हताहत होने के आंकड़े 2019 की पहली छमाही के आंकड़ों की तुलना में 13 प्रतिशत कम है।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान और अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की वजह से नागरिकों के हताहत होने की संख्या में कमी नहीं आई है और इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय सैन्य बलों और आईएसआईएल-के प्रांत में कम अभियान चलाना है।
  • यूएनएएमए ने अपनी रिपोर्ट में सरकार विरोधी तत्वों (एजीई) को भी इस हिंसा के जिम्मेदार ठहराया है। उसका कहना है कि 58 प्रतिशत नागरिक एजीई द्वारा अंजाम दी गई हिंसा में हताहत हुए, जिनमें से 580 लोगों की मौत और 893 के घायल होने के लिए तालिबान जिम्मेदार हैं।

:: अर्थव्यवस्था ::

करेंसी स्वैप अरेंजमेंट (सीएसए)

  • भारतीय रिजर्व बैंक ने श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के साथ 40 करोड़ डॉलर की मुद्रा अदला- बदली समझौता किया हे। रिजर्व बैंक ने एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। विज्ञप्ति के मुताबिक श्रीलंका का केंद्रीय बैंक आरबीआई से डॉलर, यूरो या भारतीय रुपये में कई चरणों में मुद्रा की अदला-बदली कर सकता है। यह समझौता दक्षेस मुद्रा अदला-बदली व्यवस्था के तहत किया गया है। यह समझौता 13 नवंबर 2022 तक मान्य रहेगा।

क्या है करेंसी स्वैप अरेंजमेंट (सीएसए)?

  • भारतीय रिजर्व बैंक ने श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के बीच हुए करेंसी समझौते को करेंसी स्वैप अरेंजमेंट (सीएसए) कहते हैं. इससे पहले 20 से ज्यादा देशों के साथ भारत का ऐसा समझौता है। सीएसए दो मित्र देशों के बीच होता है जिनके दोपक्षीय रिश्ते मजबूत होते हैं। ऐसे दो देशों के बीच कारोबारी संबंध भी मजबूत होते हैं। लिहाजा दोनों देश अपने स्थानीय करेंसी में कारोबार करें, इसके लिए यह समझौता किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार या तो डॉलर में होते हैं या यूरो में। इन दोनों करेंसी की मजबूती और गिरावट का असर अन्य देशों के कारोबार पर पड़ता है। इससे बचने के लिए सीएसए जैसे समझौते किए जाते हैं।
  • सीएसए के तहत समझौता किए दो देश पहले से तय करेंसी की दर पर ही आयात या निर्यात की रकम चुकाते हैं। इसके लिए किसी तीसरे देश के करेंसी, मसलन डॉलर या यूरो की मदद नहीं लेनी पड़ती है। आसान शब्दों में कहें तो आयातक या निर्यातक को अपनी स्थानीय मुद्रा में माल की बोली लगानी होती है। तीसरा पक्ष इस कारोबार में शामिल नहीं होता, इसलिए विदेश मुद्रा के विनिमय (एक्सचेंज) के झंझट से छुटकारा मिल जाता है।

सोने के आभूषणों की अनिवार्य हॉलमार्किंग

चर्चा में क्यों?

  • सोने के आभूषणों पर हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाने वाले आदेश की समयसीमा को आगे बढ़ाने के सरकार के निर्णय का आभूषण उद्योग ने हालांकि स्वागत किया है लेकिन उनका मानना है कि सरकार को समयसीमा को कम से कम एक साल आगे बढ़ाना चाहिये था ताकि मौजूदा आभूषण के स्टॉक को समाप्त किया जा सके।
  • कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव को देखते हुये सरकार ने सोने के आभूषणों में अनिवार्य हॉलमार्किंग आदेश को लागू करने की समयसीमा को करीब चार महीने आगे बढ़ाकर एक जून 2021 कर दिया। सरकार ने सोने के आभूषणों में अनिवार्य हॉलमाकिंग लागू करने की समयसीमा को 15 जनवरी 2021 से बढ़ाकर एक जून 2021 कर दिया है।
  • अगले साल एक जून से आभूषण विक्रेताओं को केवल 14, 18 और 22 कैरेट सोने के आभूषण बेचने की ही अनुमति होगी। वर्तमान में सोने की हालमार्किंग एक तरह से उसकी शुद्धता का प्रमाणन है और यह स्वैच्छिक है।

पृष्ठभूमि

  • केन्द्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में सोने के आभूषणों और शिल्पकृतियों के लिये 15 जनवरी 2021 से हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिये जाने की घोषणा की थी।

क्या है हॉलमार्किंग?

  • भारतीय मानक ब्यूरो हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता को प्रमाणित करने की एक प्रणाली है। बीआईएस का यह चिन्ह प्रमाणित करता है कि आभूषण बीआईएस के मानकों पर खरा उतरता है। इसलिए, आभूषण खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करे ले कि आभूषण पर कितनी कैरेट की हॉलामर्किंग है। तिकोने निशान में सोने की शुद्धता, आभूषण के निर्माण का वर्ष और उत्पादक का लोगो भी होता है। इसके साथ किस हॉलमार्क केंद्र में इस आभूषण की गुणवत्ता की जांच की गई है, उसका भी निशान होगा। आपको बता दे देश के 234 जिलों में अभी 877 हॉलमार्किंग सेंटर हैं। सिर्फ 40% ज्वेलरी की हॉलमार्किंग होती है।

रैंडस्टैड एम्पलायर ब्रांड रिसर्च (आरईबीआर) 2020 सर्वे

  • रैंडस्टैड एम्पलायर ब्रांड रिसर्च (आरईबीआर) 2020 के मुताबिक प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी माइक्रोसाफ्ट इंडिया देश की सबसे आकर्षक नियोक्ता ब्रांड बनकर उभरी है। इसके बाद बेहतर नियोक्ता ब्रांड के तौर पर दूसरे नंबर पर सैंमसंग इंडिया और तीसरे पर अमेजॉन इंडिया रही है।
  • भारत में सबसे आकर्षक नियोक्ताओं में शीर्ष दस स्थान पाने वाली कंपनियों में -इन्फोसिस टैक्नालॉजीज- चौथा स्थान, मर्सिडीज़ बेंज- पांचवे, सोनी- छठे, आईबीएम (सातवें), डेल टैक्नालाजीज लिमिटेड (आठवें), आईटीसी समूह (नौंवें) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज - दसवें स्थान पर रही।
  • माइक्रोसॉफ्ट इंडिया को वित्तीय सेहत, मजबूत पहचान और आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने के मामले में ऊंचे अंक प्राप्त हुये हैं। आरईबीआर ने इस मामले में 33 देशों की 6,136 कंपनियों के 18 से 68 आयुवर्ग के 1,85,000 लोगों के विचार लिये हैं।
  • आरईबीआर का मानना है कि 2020 में भारतीय कार्यबल के लिये नियोक्ता का चुनाव करते समय काम- जिंदगी के बीच संतुलन सबसे शीर्ष पर बनकर उभरा है। सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 43 प्रतिशत लोगों ने यह कहा।
  • इसके बाद आकर्षक वेतन और कर्मचारी लाभ को 41 प्रतिशत ने और रोजगार की सुरक्षा के बारे में 40 प्रतिशत लोगों ने नियोक्ता का चुनाव करने में तवज्जो देने की बात कही।
  • सर्वेक्षण में 69 प्रतिशत ने कहा कि वह पिछले साल अपने नियोक्ता के साथ जुड़े रहे। वहीं 81 प्रतिशत ने इस बात पर सहमति जताई कि कंपनी का फोन मिलना, कार और बच्चों की देखभाल सेवायें और समर्थन दिया जाना, लचीले कामकाज के घंटे भी नियोक्ता चुनने में काफी महत्वपूर्ण हैं।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी)

चर्चा में क्यों?

  • ‘आत्म-निर्भर भारत’, 'डिजिटल इंडिया' और 'मेक इन इंडिया’ के मिशन को पूरा करने की दिशा में एक और पहल करते हुए आईआरसीटीसी और एसबीआई कार्ड ने मिलकर रुपे प्लेटफार्म पर अपना नया सह-ब्रांडेड संपर्क रहित क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया।
  • ग्राहकों को लेन-देन का एक सुरक्षित माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से आज जारी किया गया नया रुपे क्रेडिट कार्ड नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) तकनीक से लैस है। इससे इसके उपयोगकर्ता पीओएस मशीनों पर कार्ड को टैप कर अपने लेन-देन की प्रक्रिया में तेजी ला सकते हैं, इसमें कार्ड को स्वाइप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

क्या है नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी)

  • नियर फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) शॉर्ट रेंज में ज्यादा फ्रीक्वेंसी के साथ डिवाइसेस को कनेक्ट करने में मदद करता है। आसान शब्दों में कहा जाए तो लिमिटेड दूरी में तेज स्पीड के साथ NFC की मदद से वायरलेस डिवाइस कनेक्ट किए जा सकते हैं। ये फाइल शेयरिंग, इंटरनेट एक्सेस और अन्य सभी तरह के ट्रांसफर के लिए काफी उपयोगी साबित होता है। इसकी रेंज बहुत ही कम (सिर्फ 10 सेमी.) होती है।

विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2020

चर्चा में क्यों

  • दुनियाभर में कोरोना संकट के बीच विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जा रहा है। भारत में इसके प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए सांसदों के दूसरे ई-सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का विषय था “कोविड-19 के समय अपने लिवर को सुरक्षित रखना”।

क्या है हेपेटाइटिस?

  • हेपेटाइटिस एक ऐसी खतरनाक बीमारी है, जिसमें संक्रमण के कारण लिवर में सूजन आ जाती है, जिस वजह से लिवर का काम प्रभावित होता है।
  • हेपेटाइटिस वायरस के पांच मुख्य प्रकार हैं: A, B, C, D और E ये सभी यकृत को प्रभावित अलग-अलग प्रकार से प्रभावित करते हैं।
  • डब्ल्यूएचओ के अनुमानों के अनुसार, वायरल हेपेटाइटिस से 2015 में वैश्विक स्तर पर 1.34 मिलियन लोगों की मृत्यु हुई है।
  • भारत में लगभग 4 करोड़ लोग हेपेटाइटिस B से और 0.6-1.2 करोड़ लोग हेपेटाइटिस C से पीड़ित हैं।
  • गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा विस्तारित सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में हेपेटाइटिस बी के टीकाकरण का भी समावेश किया गया है।

विश्व हेपेटाइटिस दिवस

  • हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है।
  • इस वर्ष विश्व हेपेटाइटिस दिवस की थीम "हेपेटाइटिस-मुक्त भविष्य" है, जिसमें माताओं और नवजात शिशुओं में हेपेटाइटिस बी को रोकने पर जोर दिया गया है।
  • डब्ल्यूएचओ के सदस्य राज्यों द्वारा 2016 और 2030 के बीच नए हेपेटाइटिस संक्रमणों को 90% तक कम करने और इससे होने वाली मौतों को 65% तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

चौथे अखिल भारतीय बाघ अनुमान की विस्तृत रिपोर्ट

चर्चा का कारण?

  • हाल ही में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने बाघों की गणना पर एक विस्तृत रिपोर्ट (चौथे अखिल भारतीय बाघ अनुमान की विस्तृत रिपोर्ट) जारी करते हुए कहा कि बाघ प्रकृति का एक असाधारण हिस्सा है और भारत में इनकी बढ़ी संख्या प्रकृति में संतुलन को दर्शाती है।

बाघों की गणना के विस्तृत रिपोर्ट से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • कैमरे से दुनिया का सबसे बड़ा वन्‍य जीव सर्वेक्षण होने के कारण अखिल भारतीय बाघ अनुमान 2018 के चौथे चक्र को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है।
  • बाघों की गणना पर जारी इस विस्तृत रिपोर्ट में पूरे भारत में स्थानिक अध्यावास और घनत्व के संदर्भ में बाघों की स्थिति का आकलन किया गया है।
  • भारत में बाघों की स्थिति पर जारी इस विस्तृत रिपोर्ट में पिछले तीन सर्वेक्षणों (2006, 2010 और 2014) से प्राप्त जानकारी की तुलना देश में बाघों की संख्या के रुझान का अनुमान लगाने के लिए 2018-19 में किए सर्वेक्षण से मिली जानकारी से की गई है।
  • इसमें 100 किलोमीटर के दायरे में बाघ की स्थिति में बदलाव के लिए जिम्मेदार संभावित कारकों की जानकारी के साथ-साथ वास्तविक परिदृश्य, बाघों के उपनिवेश और उनके विलुप्त होने की दर के बारे में भी विशेष रूप से जानकारी दी गई है।
  • रिपोर्ट में बाघ आबादी वाले प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने वाले निवास स्थानों की स्थिति का मूल्यांकन किया गया है और वैसे क्षेत्रों की पहचान की गई है जिन्हें हर हाल में संरक्षण की आवश्यकता होती है।
  • रिपोर्ट में प्रमुख मांसाहारी जानवरों के बारे में जानकारी दी गई है और उनके विचरण क्षेत्र और सापेक्ष बहुतायत के बारे में बताया गया है।
  • पहली बार एलआईडीएआर (लिडार) आधारित सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग किया गया है । लिडार लेजर प्रकाश से लक्ष्य को रोशन करके और एक सेंसर के साथ प्रतिबिंब को मापने के जरिए दूरी को मापने की एक विधि है।

चौथे अखिल भारतीय बाघ अनुमान की विस्तृत रिपोर्ट निम्नलिखित मायने में अद्वितीय है;

  1. सह-शिकारियों और अन्य प्रजातियों के जानवरों के बहुतायत सूचकांक तैयार किए गए हैं, जिन्हें अब तक सिर्फ रहने भर तक सीमित किया गया है।
  2. सभी कैमरा लगे इलाकों में बाघों का लिंगानुपात पहली बार किया गया है।
  3. बाघों की आबादी पर मानवजनित प्रभावों का विस्तृत रूप से वर्णन किया गया है।
  4. बाघ अभयारण्यों के भीतर बाघों की मौजूदगी का पहली बार प्रदर्शन किया गया है।

बाघों की संख्या से जुड़ें तथ्य

  • वर्तमान में, टाइगर रिज़र्व में बाघों की आबादी 1,923 है जोकि भारत की कुल बाघ आबादी का 65 प्रतिशत है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, बाघों के राज्य-वार वितरण में, मध्य प्रदेश में सर्वाधिक 526 बाघ पाए गए एवं इसके बाद कर्नाटक में 524 और उत्तराखंड में 442 बाघ पाए गए थे।
  • 2018-19 के लिए टाइगर रिज़र्व में बाघों की जनसंख्या के अनुमान के अनुसार, जिम कॉर्बेट में सर्वाधिक 231 बाघ है उसके उपरान्त कर्नाटक के नागरहोल और बांदीपोर में हैं, क्रमशः 127 और 126 बाघ हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार असम के काजीरंगा और मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में 104 बाघ दर्ज किए गए हैं।
  • देश में 50 टाइगर रिज़र्व में से तीन रिज़र्व -मिजोरम का डंपा रिजर्व, पश्चिम बंगाल का बक्सा रिजर्व और झारखंड का पलामू रिजर्व – में कोई बाघ अब नहीं बचा है।

लॉकडाउन में वायु प्रदूषण में सुधार

  • संयुक्त राष्ट्र की 'शहरी दुनिया में कोविड-19' की रिपोर्ट के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान वाहनों के आवागमन पर लगी रोक वायु प्रदूषण को कम करने में कारगर साबित हुई, लेकिन शहरों को बिना किसी नीति के दोबारा खोला गया तो यह उपलब्धि सिर्फ कुछ देर की साबित हो सकती है।

रिपोर्ट से संबंधित तथ्य

  • लॉकडाउन के कारण ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और प्रदूषण में आई कमी को स्थायी रखने के लिए शहरों को दोबारा खोलने से पहले प्रदूषण कम करने की नीति को लागू करना चाहिए तथा कार्बन उर्त्सजन को कम करने को बढ़ावा देना चाहिए।
  • यूएन के मुताबिक, कोरोना महामारी का केंद्र शहरी क्षेत्र हैं। शहरी इलाकों में कोरोना संक्रमण के 90 फीसदी मामले हैं। कई अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि हवा की खराब गुणवत्ता कोरोना संक्रमण के कारण होने वाली मौत का परस्पर संबंध है।
  • नाइट्रोजन ऑक्साइड का स्तर बढ़ने से अमेरिका में मृत्यु दर में आठ प्रतिशत तथा नीदरलैंड में 21.4 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई है। शहरी आबादी के घनत्व तथा आवागमन के सभी रास्तों से वायरस के संक्रमण का प्रसार होता है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में नाइट्रोजन डाईऑक्साइड का स्तर 70 फीसदी से अधिक कम हुआ जबकि अमेरिका के विभिन्न शहरों में यह 18 से 40 प्रतिशत तक, जर्मनी तथा बेल्जियम में 20 प्रतिशत तथा चीन के शहरी इलाकों में 40 फीसदी घटा है। हवा में नाइट्रोजन डाईऑक्साइड की अधिकता से सांस संबंधी कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं और इस वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत वाहन होते हैं।

:: विविध ::

अर्चना सोरेंग

  • भारत की जलवायु कार्यकर्ता अर्चना सोरेंग को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने अपने नए सलाहकार समूह में शामिल करने के लिए नामित किया है। इस समूह में वह युवा नेता शामिल हैं, जो बिगड़ते जलवायु संकट से निपटने के लिए समाधान और दृष्टिकोण उपलब्ध कराएंगे।
  • अर्चना सोरेंग विश्व के उन छह अन्य युवा जलवायु नेताओं के साथ शामिल होंगी जिन्हें गुतेरस ने जलवायु परिवर्तन पर युवा सलाहकार समूह के लिए नामित किया है। संयुक्त राष्ट्र ने एक बयान में कहा कि सोरेंग वकालत एवं अनुसंधान में अनुभवी हैं और वह स्वदेशी समुदायों पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण, संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए काम कर रही हैं।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • प्रतिवर्ष किस तिथि को "विश्व हेपेटाइटिस दिवस कब मनाया जाता है एवं इस वर्ष की थीम क्या थी? (28 जुलाई, Hepatitis-free future)
  • आईआरसीटीसी और एसबीआई द्वारा कांटेक्टलेस रुपे क्रेडिट कार्ड जारी करने से चर्चा में रहे नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) क्या है एवं यह कितनी दूरी तक कार्य करती है? (छोटी दूरी की उच्च आवृत्ति की वायरलेस संचार तकनीक, लगभग 10 सेमी.)
  • वैश्विक बाघ दिवस पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने से चर्चा में रहे बाघ गणना में अपनाई गई तकनीक लिडार-LIDAR क्या है? (दूरी मापने की तकनीक- लेजर प्रकाश के द्वारा लक्ष्य को रोशन करके सेंसर के माध्यम से प्राप्त प्रतिबिंब का मापन)
  • पिक्सलपरेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार स्वास्थ्य और रक्षा पर प्रति व्यक्ति के हिसाब से खर्च करने वाले क्रमशः शीर्ष देश कौन है? (स्वास्थ्य-अमेरिका 9,008 डॉलर प्रति व्यक्ति, रक्षा- इजरायल 2,357 डॉलरप्रति व्यक्ति)
  • हाल ही में किस भारतीय जलवायु कार्यकर्ता को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने जलवायु परिवर्तन के अपने नए सलाहकार समूह में शामिल किया है? (अर्चना सोरेंग)
  • ‘‘एंवायर्नमेंट सस्टेनिबिलिटी’’ विषय पर आनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने से चर्चा में रहे ‘ई-ज्ञान कोष’ क्या है? (राष्ट्रीय डिजिटल निक्षेपागार, इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित)
  • हाल ही में किस देश के साथ भारत में दक्षेस मुद्रा एक्सचेंज व्यवस्था के तहत 40 करोड़ डॉलर की मुद्रा के लिए करेंसी स्वैप हेतु समझौता किया है? (श्रीलंका)
  • हाल ही में निर्माण कार्य से चर्चा में रहे किस स्थान पर भारत का प्रथम रेलवे केबल ब्रिज बनाया जा रहा है? (अंजी खद-Anji Khad ब्रिज, कटरा और रियासी के बीच)
  • हाल ही में जारी हुई रैंडस्टैड एम्पलायर ब्रांड रिसर्च (आरईबीआर) 2020 के मुताबिक की सबसे आकर्षक नियोक्ता ब्रांड का दर्जा क्रमशः किसे हासिल है? (प्रथम-माइक्रोसॉफ्ट, द्वितीय सैमसंग, तृतीय- अमेजॉन इंडिया)
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए जाने से चर्चा में रहे भारत द्वारा स्पेशल इकोनामिक पैकेज से किस देश में उच्चतम न्यायालय का निर्माण किया गया है? (मॉरीशस)
  • सोने के आभूषणों की अनिवार्य हालमार्किंग कब से लागू होंगे एवं अनिवार्य हॉल मार्किंग के तहत कितने कैरेट का सोने के आभूषण बेचने की अनुमति है? (जून 2021,14, 18 और 22 कैरेट)
  • हाल ही में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की पांचवी मीटिंग से चर्चा में रहे एशियन इन्फ्राट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक(AIIB) की औपचारिक स्थापना कब की गई थी एवं इसका मुख्यालय कहां है? (2016, बीजिंग चीन)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB