(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (29 जुलाई 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (29 जुलाई 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

हिमालयन कॉन्क्लेव

  • रविवार को साझा मंच पर जुटे हिमालयी राज्यों ने मसूरी संकल्प पारित कर पर्यावरणीय सेवाओं के बदले ग्रीन बोनस देने और हिमालय क्षेत्र के लिए अलग मंत्रालय का पुरजोर समर्थन किया है। हिमालयी हितों को लेकर गहन मंथन के बाद तैयार किए गए कॉमन एजेंडा को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा गया। हिमालयन कॉन्क्लेव में पर्वतीय राज्यों के एकजुट प्रयासों को शुरुआती बड़ी कामयाबी भी मिल गई।
  • कॉन्क्लेव में मौजूद 15वें वित्त आयोग, नीति आयोग और केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने पर्वतीय राज्यों के लिए केंद्रीय बजट में अलग से प्रावधान का भरोसा बंधाया। इससे उत्साहित राज्यों के बीच यह यह सहमति भी बन गई कि हिमालयन कॉन्क्लेव हर साल आयोजित किया जाएगा।
  • मसूरी में हिमालयन कॉन्क्लेव के दौरान पर्वतीय राज्यों ने हिमालय के पारिस्थितिकी संतुलन व पर्यावरण सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाने का संकल्प लिया। इसके तहत जैव विविधता, वन, ग्लेशियरों, नदियों व झीलों के संरक्षण का प्रण लिया गया। हिमालय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर देश की समृद्धि में योगदान देने के साथ ही भावी पीढ़ी के लिए लोककला, हस्तकला के संरक्षण पर भी सहमति बनी है। पर्वतीय संस्कृति की आध्यात्मिक परंपरा के संरक्षण व मानवता के लिए कार्य करने का संकल्प राज्यों ने लिया। सर्वसम्मति से यह निर्णय भी हुआ कि समानता व न्याय की भावना के साथ पर्वतीय क्षेत्र सतत विकास की रणनीति पर काम करेंगे।
  • हिमालयी राज्यों ने कॉमन एजेंडा तय किया है। इसमें पर्यावरणीय सेवाओं के लिए ग्रीन बोनस देने की मांग एक स्वर में की गई। हिमालयी राज्य देश के जल स्तंभ हैं। सभी राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल शक्ति संचय मिशन में प्रभावी योगदान देंगे।
  • नदियों के संरक्षण व पुनर्जीवीकरण के लिए केंद्रपोषित योजनाओं में हिमालयी राज्यों को वित्तीय सहयोग दिया जाना चाहिए। नए पर्यटक स्थलों को विकसित करने में केंद्र से विशेष सहयोग की अपेक्षा है। कॉन्क्लेव में आपदा प्रबंधन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
  • केंद्रीय वित्त मंत्री, 15वें वित्त आयोग और नीति आयोग की मौजूदगी में असम को छोड़कर 10 हिमालयी राज्यों के प्रतिनिधि कॉन्क्लेव में शामिल हुए। हिमाचल, नागालैंड व मेघालय के मुख्यमंत्री, अरुणाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

नई शिक्षा नीति

  • प्रस्तावित नई शिक्षा नीति के सुझावों को लेकर सरकार जल्द ही नीति तैयार करने वाली कस्तूरीरंगन कमेटी की फिर बैठक बुलाने की तैयारी में है। जिसमें नीति को लेकर मिले सभी सुझावों को एक-एक करके परखा जाएगा। हालांकि इनमें तेजी 31 जुलाई को नीति पर मांगे गए सुझावों की अंतिम समयसीमा खत्म के बाद ही दिखाई देगी।
  • प्रस्तावित नई शिक्षा नीति तैयार करने वाली यह कमेटी हालांकि 30 मई को मानव संसाधन विकास मंत्री को नीति को सौंपने के बाद अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो चुकी है। बावजूद इसके सरकार का मानना है कि कमेटी ही इन सुझावों को बेहतर तरीके से परख सकती है। यही वजह है कि नीति से जुड़े सदस्यों से फिर से संपर्क साधा जा रहा है।
  • इसरो के पूर्व प्रमुख और वरिष्ठ वैज्ञानिक कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली इस कमेटी हिंदी की अनिवार्यता को खत्म करने को लेकर नाखुशी भी जता चुकी है। माना जा रहा है कि बैठक में यह मुद्दा फिर से प्रमुखता से उठ सकता है।
  • वहीं नीति को लेकर सुझावों के मिलने का क्रम जारी है। अब तक इसे लेकर करीब 80 हजार सुझाव मिल चुके है, जबकि अंतिम दिनों में इसके बड़े पैमाने पर आने की उम्मीद की जा रही है।
  • पिछले दिनों राज्यसभा में भी प्रस्तावित नई शिक्षा नीति का मुद्दा उठा था, जिस पर मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने जानकारी दी थी, कि अब तक 60 हजार से ज्यादा सुझाव मिल चुके है। इसके बाद सरकार ने ज्यादा से ज्यादा सुझावों को लेकर देश भर में एक अभियान भी चला रखा है। जिसमें सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे है। जिसमें नीति तैयार करने वाले सदस्यों को खास तौर से बुलाया कर चर्चा कराई जा रही है।

इलेक्ट्रॉनिक सिटी

  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 2,500 एकड़ जमीन पर इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनाई जाएगी। उत्तर प्रदेश में इसके बनने से पांच वर्षो में चार लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।

नेशनल वोटर सर्विस पोर्टल

  • वोटर कार्ड में नाम, पता, जन्मतिथि आदि में सुधार कराने, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने जैसे कामों के लिए मतदाताओं को चुनाव अधिकारियों और बीएलओ के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। भारत निर्वाचन आयोग अपने नेशनल वोटर सर्विस पोर्टल को अपडेट कर रहा है, जिसमें हर मतदाता का अपना एक अलग वोटर कार्ड खाता होगा। जब वह अपने वोटर कार्ड (इपिक) नंबर पर क्लिक करेगा तो बैंक अकाउंट जैसे उसका खाता खुल जाएगा।
  • इसमें वह अपने और अपने परिवार दोनों के नाम, पते, जन्मतिथि या किसी भी अन्य जानकारी में संशोधन कर सकेगा। साथ ही वह इससे संबंधित दस्तावेज अपलोड कर देगा। ऐसा करने पर उसे अपने मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। संबंधित चुनाव अधिकारी की यह जिम्मेदारी होगी कि वह 24 घंटे में इस जानकारी को सत्यापित कर संशोधन करा दें।
  • वोटर कार्ड का यूनिक नंबर : उप निर्वाचन आयुक्त संदीप सक्सेना ने इंदौर में हुई बैठक में बताया कि सॉफ्टवेयर अपडेट होने के बाद मतदाता नए पते पर अपना वोटर कार्ड शिफ्ट कराना चाहेगा तो पुराने वोटर कार्ड नंबर पर ही नई जानकारी अपलोड हो जाएगी, यानी पैन कार्ड, आधार कार्ड जैसे वोटर कार्ड नंबर भी यूनिक होगा और वह बदलेगा नहीं।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

कॉमनवेल्थ गेम्स के बहिष्कार की दिशा में बढ़ा भारत

  • भारत 2022 में इंग्लैंड के बर्मिघम में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के बहिष्कार की दिशा में एक कदम आगे बढ़ गया है। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआइ) ने कहा कि वह भारतीय ओलंपिक संघ (आइओए) के कॉमनवेल्थ गेम्स के बहिष्कार करने के प्रस्ताव का समर्थन करता है।
  • कॉमनवेल्थ गेम्स में निशानेबाजी स्पर्धा को शामिल नहीं करने के कारण भारत नाराज है क्योंकि उसके सबसे ज्यादा पदक इसी खेल से आते हैं। आइओए ने शनिवार को बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स से निशानेबाजी को हटाने के लिए इन खेलों का बहिष्कार करने का प्रस्ताव रखा है और इसके लिए सरकार की मंजूरी मांगी है जिसके लिए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू को पत्र भी लिखा है।

अफगानिस्तान में शांति वार्ता

  • आतंकी संगठन तालिबान ने अफगानिस्तान की सरकार के साथ सीधी वार्ता का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। अफगान सरकार में वरिष्ठ मंत्री अब्दुल सालम रहीमी ने एक दिन पहले कहा था कि तालिबान और अफगानिस्तान की सरकार के बीच दो हफ्ते के भीतर वार्ता हो सकती है। उनका कहना था कि दोनों के बीच बैठक किसी यूरोपीय देश में हो सकती है और इसमें सरकार की ओर से 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेगा। लेकिन तालिबान ने रविवार को सालम के इस बयान को खारिज कर दिया।
  • कतर स्थित तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के हटने तक तालिबान और अफगान सरकार के बीच कोई भी वार्ता असंभव है।' अफगान मसले पर अमेरिका के विशेष दूत जालमे खलीलजाद ने भी ट्वीट कर कहा कि अमेरिका और तालिबान के बीच कोई समझौता होने के बाद ही तालिबान और अफगान सरकार के बीच बातचीत संभव है।
  • 18 साल से युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में शांति के लिए खलीलजाद और तालिबान के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है। लेकिन दोनों पक्ष अभी तक किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं। तालिबान अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी की मांग पर अड़ा है। वहीं अमेरिका अफगान सरकार को भी वार्ता में शामिल करने की मांग कर रहा है।
  • इसके साथ ही वह तालिबान से भविष्य में अफगानिस्तान की जमीन पर किसी तरह की आतंकी गतिविधियों नहीं होने देने की गारंटी चाहता है। तालिबान से बातचीत के लिए खलीलजाद फिर कतर पहुंच रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस हफ्ते दोनों पक्ष समझौते को लेकर एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।

अरक हैवी वाटर रिएक्टर

  • ईरान ने अरक में लगे अपने हैवी वाटर न्यूक्लियर रिएक्टर को फिर से चालू कर दिया है। अब इसमें प्लूटोनियम का उत्पादन फिर से शुरू हो जाएगा।इस बात की जानकारी ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के अध्यक्ष अली अकबर सालेही ने ईरानी सांसदों को दी है। प्लूटोनियम वह पदार्थ है जो परमाणु हथियार में ईंधन के रूप में प्रयुक्त होता है।
  • 2015 में दुनिया के शक्तिशाली देशों के साथ हुए परमाणु समझौते के बाद ईरान ने अरक के इस रिएक्टर को बंद कर दिया था। लेकिन 2018 में अमेरिका के समझौते से पीछे हट जाने की वजह से ईरान ने एक बार फिर इस रिएक्टर को चालू कर दिया है। वह अपनी परमाणु गतिविधियां बढ़ाने की घोषणा पहले ही कर चुका है।
  • हाल के हफ्तों में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के बीच अन्य देश समझौते को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। जिनेवा में रविवार को ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और चीन के प्रतिनिधियों ने बैठक कर समझौते को बनाए रखने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया। यूरोपीय देशों ने कहा, ईरान परमाणु हथियार बनाने के पुराने रास्ते पर फिर से वापस आ रहा है। यह चिंता की बात है।
  • इससे पहले तीन जुलाई को राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ईरान के यूरेनियम शोधन बढ़ाने की घोषणा की थी। उन्होंने सात जुलाई को अरक में हैवी वाटर रिएक्टर चालू करने की भी घोषणा की थी। ईरान ने कहा है कि समझौते पर हस्ताक्षर करने वाली सभी देशों की जिम्मेदारी है कि उसे बनाए रखें, केवल उससे समझौते पर बने रहने की अपेक्षा न की जाए।

:: राजव्यवस्था एवं महत्वपूर्ण विधेयक

'राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण संशोधन विधेयक 2019'

  • भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पहली बार सरहद पार आतंकी वारदात की जांच कर सकती है। श्रीलंका में ईस्टर को हुए बम विस्फोट की जांच एनआईए कर सकती है। यह संसद द्वारा राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण संशोधन विधेयक को मंजूरी दिए जाने के बाद संभव हो सका है।
  • गौरतलब है कि गत 21 अप्रैल को श्रीलंका में नौ आत्मघाती हमलावरों ने सिलसिलेवार बम विस्फोटों को अंजाम दिया था जिसमें 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। संसद ने विदेशों में आतंकवादी घटनाओं में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की स्थिति में 'एनआईए' को मामला दर्ज कर अन्य देशों में जाकर जांच करने का अधिकार देने वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक 'राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण संशोधन विधेयक 2019' को 17 जुलाई को अपनी मंजूरी दे दी थी।
  • श्रीलंका में ईस्टर रविवार को हुआ बम विस्फोट मामला संभवतः ऐसा पहला मामला होगा जिसकी जांच एनआईए करेगी। अधिकारी ने कहा की इस मामले में श्रीलंका में हुए धमाकों के बाद एनआइए ने केरल के पलक्कड से 29 वर्षीय रियाज को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह श्रीलंका बम धमाकों के सूत्रदार हाशिम के साथ संपर्क में था।
  • जांच एजेंसी एनआईए के दो सदस्यीय एक दल ने मई माह में श्रीलंका का दौरा किया था। दल ने वहां अधिकारियों से उन दावों के बारे में चर्चा की थी जिनमें कहा गया था कि आतंकी संगठन आइएस से जुड़े कुछ आतंकियों ने कश्मीर समेत भारत के कुछ इलाकों की यात्रा की थी। अधिकारी ने बताया कि अभी तक जांच एजेंसी अपने अधिकार क्षेत्र में नहीं होने के कारण कोई भी मामला दर्ज नहीं कर पाई है, लेकिन संशोधित कानून के साथ एनआइए अब मामले की जांच सरहद पार जाकर भी कर सकती है।
  • नए कानून से एनआइए दायरे का विस्तार बता दें कि संसद से पास हुआ संशोधित अधिनियम एनआइए को भारतीय नागरिकों और विदेशों में भारतीय हितों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमलों की जांच करने का अधिकार देता है। ईस्टर हमलों से पहले भारत ने श्रीलंका को सतर्क भी किया था कि आइएस के आतंकी वहां हमला करने की साजिश रच रहे है। भारत श्रीलंका के साथ इस संबंध में खुफिया सूचनाएं भी साझा कर रहा था कि आतंकी भारतीय हाई कमीशन समेत धार्मिक स्थलों को निशाना बना सकते हैं।

:: आर्थिक समाचार ::

केंद्र की नई एफपीओ नीति में आसान कर्ज व कार्यशील पूंजी देने की योजना

  • कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) की कार्यप्रणाली को आसान बनाने के लिए सरकार एक समग्र योजना पेश करने की तैयारी में है, जिससे कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया आसान करना, दस्तावेजों की संख्या कम करना, खरीद की जरूरतें पूरी करने के लिए कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना और स्माल फार्मर्स एग्रीबिजनेस कंसोर्टियम (एसएफएसी) का पुनर्गठन शामिल है। सरकार ने अगले कुछ साल में 10,000 एफपीओ स्थापित करने का वादा किया है, जिन्हें भारत में बढ़ावा देने के लिए एसएफएसी को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
  • वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक इस योजना का वित्तीय ब्योरा तैयार किया जा रहा है और उसे जल्द ही मंजूरी के लिए मंत्रिमडल के सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही गोदामों के लिए आसान ऋण मुहैया कराने की सुविधा देने, एफपीओ के लिए उत्पादन स्थलों पर बिक्री की सुविधा, उन्हें खरीद के लिए कार्यशील पूंजी मुहैया कराने के कदम भी इसमें शामिल किए गए हैं। नई योजना मेंं राज्यों द्वारा खरीद की प्रक्रिया में हिस्सेदारी को आसान बनाया गया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि आईटी आधारित सॉल्यूशंस से बाजार तक आसानी से पहुंच हो सके।
  • विभिन्न उपायों के बावजूद बैंकों से सस्ते ऋण की उपलब्धता न होना, क्रेडिट गारंटी फंड की उपलब्धता न होने के साथ बाजार तक पहुंच और मंडी में खरीद व बिक्री की स्वतंत्रता न होने जैसी कई वजहें भारत में एफपीओ के विकास की राह में बाधा हैं। बहरहाल तमाम कठिनाइयों के बावजूद भारत में 4,500 से ज्यादा एफपीओ हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में पिछले कुछ साल के दौरान नाबार्ड द्वारा प्रमोट किए गए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 2019-20 के बजट में अगले कुछ साल में 10,000 से ज्यादा एफपीओ बनाने का वादा किया था, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके और छोटे व सीमांत किसानों की आमदनी बढ़ सके।
  • एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इस दिशा में नई योजना तैयार की जा रही है। योजना में 3 से 5 साल की अवधि के लिए पेशेवर प्रबंधन हेतु एफपीओ को संस्थागत समर्थन दिए जाने का प्रावधान है, जिससे कि वे आर्थिक रूप से व्यावहारिक और पेशेवर संगठन बन सकें। इस तरह का समर्थन सरकार या सहायताप्राप्त संस्थानों की ओर से मुहैया कराया जाएगा।' बहरहाल आलोचकों का कहना है कि सरकार की ओर से वित्तीय प्रतिबद्धता हुए बगैर, चाहे वह बजट समर्थन से हो, या किसी दूसरी तरह से, यह देखना होगा कि किस तरह से 10,000 एफपीओ को प्रोत्साहन देने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, हालांकि एक योजना बनाना बेहतर विचार है।
  • एफपीओ के लिए प्रमोटर के रूप में काम करने वाले संसाधन संगठन, ऐक् शन फॉर सोशल एडवांसमेंट (एएसए) के निदेशक आशीष मंडल ने कहा, 'परंपरागत अनुमानों से पता चलता है कि आपको एक बेहतर एफपीओ स्थापित करने के लिए कम से कम 50 से 60 लाख रुपये और पहले 5 साल तक पेशेवर हाथों की जरूरत होती है। इसके बगैर कोई योजना या प्रावधान सहायक नहीं हो सकते। हालांकि मेरा यह भी मानना है कि एक समग्र योजना बनाना, जिससे एफपीओ स्थापित करने की राह में आने वाली कानूनी कठिनाइयां कम कर दें, यह सुनिश्चित करेगा कि किसी व्यक्ति की ही तरह उन्हें फसली ऋण पर ब्याज में छूट मिल सकेगी। साथ ही एफपीओ को प्राथमिकता वाले क्षेत्र में रखकर बैंकों को कर्ज देने के लिए प्रोत्साहित करना भी बेहतर विचार होगा।' देश में एफपीओ आंदोलन के अग्रणी रहे मंडल ने कहा कि जहां तक एसएफएसी का सवाल है, इसमेंं पूरी तरह से सुधार की जरूरत है, न कि केवल दिखावटी बदलाव हो।
  • जहां तक भारत में एफपीओ का सवाल है, इसका नियमन कंपनी अधिनियम की धारा 25 के मुताबिक होता है और इस अधिनियम के तहत ही इनका संचालन होता है। इनके संचालन के लिए पहली बार दिशानिर्देश या योजना 2013 में आई, जब कृषि विभाग ने 2013 में एफपीओ के लिए दिशानिर्देश और राष्ट्रीय नीति जारी की। इनके माध्यम से एफपीओ की पहचान किसानों को एकजुट करने और उनके उत्पादन व विपणन की क्षमता बढ़ाने वाले एक उचित संस्था के रूप में की गई। इसके बाद एफपीओ के लिए स्मॉल फार्मर्स एग्रीबिजनेस कंसोर्टियम (एसएफएसी) में 100 करोड़ रुपये के क्रेडिट गारंटी फंड का गठन किया गया। साथ ही तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा 2013-14 में सभी पंजीकृत एफपीओ के लिए इक्विटी अनुदान की घोषणा की गई, जिससे कि उन्हें वित्तीय संस्थानों से कार्यशील पूंजी मिल सके।
  • इस दिशा में दूसरा अहम काम 2015 में हुआ जब नाबार्ड ने एफपीओ के प्रमोशन के लिए अपनी ओर से दिशानिर्देश जारी किए। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार ने 2018-19 के बजट में एफपीओ के लिए सालाना कारोबार 100 करोड़ रुपये रहने तक की स्थिति में 5 साल के लिए आयकर छूट की घोषणा की है। उस समय तक एफपीओ पर 30 प्रतिशत कर लगता था।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस

  • बाघों की घटती संख्या और इसके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के मुताबिक 2014 में आखिरी बार हुई गणना के अनुसार भारत में 2226 बाघ हैं। जो कि 2010 की गणना की तुलना में काफी ज्यादा हैं। 2010 में बाघों की संख्या 1706 थी। नए आंकड़ों के मुताबिक, देश में बाघों की संख्या 2967 पहुंच गई हैं।
  • दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन 2018 जारी किया। इसके मुताबिक 2014 के मुकाबले बाघों की संख्या में 741 बढ़ोत्तरी हुई है।

कब हुई मनाने की शुरुआत

  • बाघ संरक्षण के काम को प्रोत्साहित करने, उनकी घटती संख्या के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित एक शिखर सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाने की घोषणा हुई थी। इस सम्मेलन में मौजूद कई देशों की सरकारों ने 2022 तक बाघों की आबादी को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया था।

वैश्विक आबादी :

  • वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) के मुताबिक दुनिया में लगभग 3,900 बाघ ही बचे हैं। 20वीं सदी की शुरुआत के बाद से वैश्विक स्तर पर 95 फीसद से अधिक बाघ की आबादी कम हो गई है। 1915 में बाघों की संख्या एक लाख से ज्यादा थी।
  • घटती आबादी की वजह: इसके कई कारण हैं। वन क्षेत्र घटा है। इसे बढ़ाना और संरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती है। चमड़े, हड्डियों एवं शरीर के अन्य भागों के लिए अवैध शिकार, जलवायु परिवर्तन जैसी भी चुनौतियां शामिल हैं।

बाघों की जिंदा प्रजातियां:

  • साइबेरियन टाइगर, बंगाल टाइगर, इंडोचाइनीज टाइगर, मलायन टाइगर, सुमात्रन टाइगर
  • विलुप्त हो चुकीं प्रजातियां: बाली टाइगर, कैस्पियन टाइगर, जावन टाइगर

प्रोजेक्ट टाइगर

  • 1973 में तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने टाइगर प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत में उपलब्ध बाघों की संख्या के वैज्ञानिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पारिस्थिक मूल्यों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत अब तक 50 टाइगर रिजर्व बनाए जा चुके हैं।

दुनिया के लिए आदर्श बनता भारत

  • भारत में बाघों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि पिछले कुछ सालों में भारत ने अन्य देशों की तुलना में बाघ संरक्षण पर काफी मेहनत की है।
  • उत्तराखंड भारत के बाघों की राजधानी के रूप में उभर रहा है। उत्तराखंड के हर जिले में बाघों की उपस्थिति पायी गयी है। वन विभाग के साथ-साथ राज्य सरकार इन अध्ययनों से काफी उत्साहित है और केन्द्र सरकार को इस संबंध में रिपोर्ट भेजेगी। उत्तराखंड में 1995 से 2019 के बीच किये गये विभिन्न शोधों व अध्ययनों से इस निष्कर्ष पर पहुंचा गया है। इस दौरान विभिन्न डब्ल्यूआईआई के रिपोर्टों के अलावा विभिन्न समय में लगाये गये कैमरा ट्रेपों व मीडिया रिपोर्टों को आधार बनाया गया है।
  • वन कर्मचारियों और ग्रामीणों द्वारा बाघों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष साक्ष्य जैसे पगमार्क, चिन्ह इत्यादि को भी आधार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि भौगालिक रूप से देखा जाय तो उत्तराखंड उच्च हिमालय, मध्य हिमालय के अलावा तराई के मैदानी हिस्सों में बंटा हुआ है। खास बात यह है कि इन तीनों हिस्सों में बाघों की उपस्थिति के संकेत मिले हैं।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

जीवाणु भोजियों की खोज

  • एंटी बायोटिक (विषाणु नाशक) दवाओं के इस्तेमाल से होने वाले दुष्परिणाम से बचने के लिए विज्ञानी इसका विकल्प तलाशने में लगे हैं। और सोचिए अगर इसका हल एक सीवेज ट्रीटमेंट प्‍लांट से मिलें तो कैसा हो। जी हां जिस प्‍लांट में शहर की गंदगी जमा होती है, वहीं से जीवनदायी जीवाणु मिले हैं। हिसार स्थित नेशनल सेंटर फॉर वेटरनरी टाइप कल्चर्स (एनसीवीटी) के विज्ञानियों ने ऐसे 150 जीवाणु भोजियों की खोज की है जो शरीर में जाकर बैक्टीरिया को खत्म कर देंगे।
  • एनसीवीटीसी की सीनियर साइंटिस्ट डॉ. तरुणा आनंद, प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. नितिन विरमानी और डॉ. वीके वैद्य 2013 से लगातार इस विषय पर अनुसंधान कर रहे हैं। अब उन्हें सफलता मिली है और शहर के एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से फूड प्वायजनिंग के बैक्टीरिया को खत्म करने वाले जीवाणु भोजी उन्होंने खोज निकाले हैं।
  • ये फूड प्वायजनिंग के बैक्टीरिया को खत्म कर देते हैं। इस तहर के कई जीवाणु भोजी विज्ञानियों की टीम ने खोजे हैं, जो कई बीमारियों से लड़ सकते हैं। ये अति सूक्ष्म जीवाणु भोजी इलेक्ट्रोन माइक्रोस्कोपी के जरिये ही देखे जा सकते हैं।

एंटी बायोटिक के होते हैं कई दुष्प्रभाव

  • इन जीवाणु भोजियों का दक्षिण भारत में मछलियों की बीमारियों को दूर करने में इनका प्रयोग किया गया है। पूर्वी यूरोप, रूस आदि देशों में इनसे ही उपचार किया जाता है। भारत सहित कई देशों में अभी तक एंटीबायोटिक से ही उपचार किया जाता है। यह मनुष्य और पशुओं दोनों कें घातक है। एंटीबायोटिक के लगातार उपयोग से शरीर के अलग-अलग अंगों पर दुष्प्रभाव पड़ता है। एंटीबायोटक शरीर के हितकारी जीवाणुओं को भी नष्ट कर देता है। इससे मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
  • चूहों पर सफल रहा प्रयोग, चार घंटे में असर दिखाता है
  • सीनियर साइंटिस्ट डॉ. तरुणा आनंद का कहना है कि इन जीवाणु भोजियों का प्रयोग चूहों पर किया गया, जो सफल रहा है। आने वाले एक साल में इनका प्रयोग पशुओं व मनुष्यों में करने की योजना है। डॉ. तरुणा आनंद ने बताया कि ये जीवाणु भोजी इतने कारगर हैं कि चार घंटे में यह असर दिखाना शुरू कर देते हैं।

इस तरह करता है काम

  • जीवाणु भोजियों का का भोजन बैक्टीरिया होता है। ये मनुष्य के शरीर में पहुंचकर उसी बैक्टीरिया को खत्म करते हैं जो इनका भोजन है। फूड प्वायजनिंग का कारण सालमोनेला और शीगेला बैक्टीरिया होते हैं, ये जीवाणु भोजी उन्हें खत्म कर देते हैं। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में ये जीवाणु भोजी इसलिए होते हैं क्योंकि उनका भोजन भी वहां उपलब्ध होता है।

एरीज के खगोलविदों ने आरिगा नक्षत्र में की 23 युवा सितारों की पहचान

  • तारों के प्रारंभिक चरण के विकास व उत्पत्ति को समझने की दिशा में आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के खगोलविद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में 28 चर तारों की खोज के बाद 23 युवा चरकांति तारों की पहचान करने में सफलता हासिल की है। इस खोज में एरीज व राष्ट्रीय खगोलीय अनुसंधान संस्थान नागरिक थाइलैंड वैज्ञानिक शामिल हैं।
  • एरीज के पूर्व निदेशक डॉ. एके पांडे ने बताया कि उनकी टीम ने युवा क्लस्टर स्टाक-8 व उसके आसपास क्षेत्र की फोटोमैट्रिक प्रेक्षण किए। यह कलस्टर आरिगा नक्षत्र में लगभग 6.7 हजार प्रकाश वर्ष दूर हैं। इस क्लस्टर में नवजात व युवा सितारों का समूह है। जिस कारण इसकी उपयोगिता अहम मानी जाती है। स्टार क्लस्टर यानी ऐसे तारा पुंजों में कुछ ही हजार तारों का समूह होता है, जो एक दूसरे के गुरुत्वाकर्षण में बंधे होते हैं। आकाशगंगा की सतह में मौजूद उसके केंद्र की परिक्रमा करते हैं। इनकी आयु बहुत अधिक न होकर कुछ सौ मिलियन वर्ष होती है। यह सर्पिल व अनियमित आकाशगंगाओं के तारे बनने की प्रक्रिया में पाए जाते हैं। युवा तारे पुराने तारों के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। जिसके चलते क्लस्टर आठ को शोध का केंद्र बनाया। खास बात यह भी है कि इस तारा समूह में चरकांति तारों की जानकारी बहुत कम है। इसकी आयु लगभग तीन मिलीयन वर्ष है। एरीज की 1.04 व थाइलैंड की 2.4 मीटर व्यास की दुरबीन के जरिये यह शोध किया गया।

स्मार्ट नैनो जैल

  • अब आंत के कैंसर पर सीधा वार करने के लिए स्मार्ट नैनो जैल का ट्रायल किया गया है। हिमाचल के सोलन स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और उनकी टीम ने चूहों पर इसका सफल ट्रायल कर लिया है। जल्द ही मानव शरीर पर भी इसका परीक्षण होगा। इसके माध्यम से कैंसर की दवा को सही जगह तक पहुंचाया जा सकेगा। यह जैल आंत के कैंसर के लिए विशेष रूप से लाभदायक होगा।
  • चूहों व अन्य जानवरों पर इस्तेमाल के बाद मानव शरीर पर भी इसका परीक्षण किया जाएगा। अब तक कैंसर के लिए कीमो थैरेपी को कारगर इलाज माना जा रहा था, लेकिन उसके कई साइड इफेक्ट होते हैं और सामान्य कोशिकाओं पर उसका गहरा असर पड़ता है।
  • कैंसर रोधी स्मार्ट नैनो जैल ट्रांसपोर्टर का काम करेगा। दुनिया में कई कैंसर रोधी दवाओं का आविष्कार हो चुका है, जो कैंसर पर नियंत्रण के लिए कारगर होती हैं। लेकिन यह पहले ही काम शुरू कर देती हैं, जिससे सामान्य कोशिकाओं पर भी विपरीत असर पड़ता है। इस समस्या का समाधान यह स्मार्ट नैनो जैल है, जो दवा को सीधा कैंसर कोशिकाओं तक पहुंचाएगा और उन्हें नष्ट कर देगा। इससे शरीर पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह कैप्सूल या टेबलेट के रूप में होगा और जहां कैंसर सेल होंगे वहीं पर काम शुरू करेगा।
  • कैंसर सबसे जटिल बीमारियों में शामिल है और दुनियाभर में मानव जीवन के नुकसान के मुख्य कारणों में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक वैश्विक कैंसर मृत्यु दर 45 से बढ़कर 70 प्रतिशत होने की आशंका है। विश्व कैंसर अनुसंधान कोष के 2018 के आंकड़ों के अनुसार कोलोरेक्टल कैंसर यानी पेट या मलाशय का कैंसर 2018 में दुनियाभर में तीसरा सबसे आम कैंसर है, जिसमें 18 लाख से अधिक नए मामले हैं।

:: विविध ::

पीपल्स चॉइस अवॉर्ड

  • रेत पर कलाकृतियां बनाने वाले मशहूर भारतीय कलाकार सुदर्शन पटनायक को अमेरिका में People's Choice Award से नवाजा गया है। बोस्टन में आयोजित 16वें रेवरे बीच इंटरनेशनल सैंड स्कल्पटिंग फेस्टिवल में अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए पटनायक समेत दुनियाभर से केवल 15 कलाकारों को चुना गया था। इस महोत्सव में पटनायक समूचे एशिया का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
  • पद्मश्री से सम्मानित ओडिशा के रहने वाले पटनायक ने इस महोत्सव में अपनी कलाकृति 'प्लास्टिक प्रदूषण रोको, महासागर को बचाओ' के जरिये ना सिर्फ दर्शकों का दिल जीता बल्कि उन्हें महासागरों के प्रदूषण के प्रति जागरूक भी किया।

प्रेजिडेंट कप

  • नई दिल्ली 8 बार की विश्व चैंपियन एमसी मेरी कॉम (51 किग्रा) और 2018 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता सिमरनजीत कौर (60 किग्रा) ने रविवार को इंडोनेशिया के लाबुआन बाजो में स्वर्ण पदक जीते, जिससे भारतीय मुक्केबाजों ने 23वें प्रेजिडेंट कप में अपने अभियान का अंत 9 पदक के साथ किया। भारतीय मुक्केबाजों ने 7 स्वर्ण और 2 रजत पदक जीते। फाइनल में पहुंची भारत की चारों महिला मुक्केबाजों ने स्वर्ण पदक जीते जबकि पुरुष मुक्केबाजों के हाथ 3 स्वर्ण पदक लगे, लेकिन 2 खिलाड़ियों को हार के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
  • ओलिंपिक कांस्य पदकधारी मेरी कॉम ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एप्रिल फ्रैंक्स को 5-0 से शिकस्त दी। मेरी कॉम ने ट्वीट किया, ‘इंडोनेशिया में प्रेजिडेंट कप में मुझे और मेरे देश को स्वर्ण पदक मिला। जीतने का मतलब है कि आप काफी आगे जाने, कड़ी मेहनत करने और किसी अन्य से अधिक प्रयास करने के इच्छुक हैं। मैं अपने सभी कोच, बीएफआई के कोचिंग स्टाफ और किरण रिजिजू को शुक्रिया कहती हूं।’
  • सिमरजीत ने भी फाइनल में एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता इंडोनेशिया की हसानाह हुसवातुन को 5-0 से हराया। असम की युवा और प्रतिभावान जमुना बोरो ने महिला 54 किग्रा वर्ग के फाइनल में इटली की अनुभवी ग्युलिया लमाग्ना को 5-0 से हराकर सोने का तमगा अपने नाम किया, जबकि 48 किग्रा फाइनल में मोनिका ने इंडोनेशिया की एनडांग को इसी अंतर से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया।
  • पुरुष वर्ग में अंकुश दाहिया (64 किग्रा), नीरज स्वामी (49 किग्रा) और अनंत प्रह्लाद चोपाड़े (52 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते। अनंत ने अफगानिस्तान के रहमानी रमीश को 5-0 से हराकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना पहला बड़ा पदक जीता। दाहिया ने भी मकाऊ के ल्युंग किन फोंग को 5-0 से रौंदकर आसान जीत दर्ज की। नीरज ने फाइनल में फिलिपीन्स के मकाडो जूनियर रामेल को 4-1 से हराया। विश्व चैंपियनशिप के पूर्व कांस्य पदक विजेता गौरव बिधूड़ी और इंडिया ओपन 2018 के रजत पदक विजेता दिनेश डागर को फाइनल में हार के साथ रजत पदक मिला।
  • गौरव को कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद 56 किग्रा वर्ग में इंडोनेशिया के मंदागी जिल के खिलाफ 2-3 से हार का सामना करना पड़ा जबकि दिनेश को भी मेजबान देश के समादा सपुत्रा ने ही 5-0 से हराया।

आईपीएस अधिकारी वी के जोहरी बीएसएफ के नये महानिदेशक

  • आईपीएस अधिकारी वी के जोहरी देश के सबसे बड़े सीमा प्रहरी बल ‘बीएसएफ’ के अगले महानिदेशक नियुक्त किये गये हैं। मध्य प्रदेश संवर्ग के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी जोहरी फिलहाल कैबिनेट सचिवालय में रॉ के विशेष सचिव हैं।
  • करीब ढ़ाई लाख कर्मियों वाला बीएसएफ देश का सबसे बड़ा सीमा प्रहरी बल है और उसपर पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगती भारत की दो महत्वपूर्ण सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मा है। दो अन्य सीमा प्रहरी बल आईटीबीपी (चीन के साथ लगी सीमा की सुरक्षा के लिये जिम्मेदार) और एसएसबी (नेपाल एवं भूटान के साथ सीमा की सुरक्षा के लिये जिम्मेदार) हैं।

डायना अवार्ड

  • गिरिडीह की चंपा कुमारी को ब्रिटेन के प्रतिष्ठित डायना अवार्ड के लिए नामित किया गया है। चंपा को अपने गांव में बाल हिंसा के खिलाफ संघर्ष करने के लिए यह सम्मान दिया जाएगा। उसने बाल पंचायत के सदस्यों के साथ मिलकर गांव में दो बाल विवाह रुकवाया था। उसने गांव में बच्चों के लिए शिक्षा, सुरक्षा और स्वच्छता का बंदोबस्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • ब्रिटेन सरकार की ओर से वेल्स की राजकुमारी डायना की स्मृति में हर साल अवार्ड दिया जाता है। इस अवार्ड से 09 से 25 साल की उम्र के उन बच्चों व युवाओं को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने अपने नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए सामाजिक बदलाव लाने में असाधारण योगदान दिया हो। इस साल चंपा समेत दुनियाभर के 25 बच्चों को यह सम्मान दिया जाना है।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • हिमालयन कॉन्क्लेव का आयोजन कहां किया गया है? (मसूरी-उत्तराखंड)
  • हाल ही में सरकार के द्वारा किस स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनाने का निर्णय लिया गया है? (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र :एनसीआर)
  • वोटर कार्ड में नाम, पता, जन्म तिथि और नाम को जुड़वाने एवं हटवाने संबंधी हेतु किस पोर्टल का अद्यतन किया जा रहा है? (नेशनल वोटर सर्विस पोर्टल)
  • 2022 में होने वाले कामनवेल्थ खेलों का आयोजन कहां किया जाएगा? (इंग्लैंड -बर्मिघम)
  • किस भारतीय संगठन के द्वारा कामनवेल्थ गेम्स के बहिष्कार का प्रस्ताव किया गया है? (भारतीय ओलंपिक संघ -आइओए)
  • हाल ही में किस संगठन के द्वारा अफगानिस्तान की सरकार के साथ सीधी वार्ता का प्रस्ताव ठुकरा दिया गया है?  (तालिबान)
  • खाड़ी में चल रहे तनाव के मध्य ईरान द्वारा अपने कौन से परमाणु संयंत्र को पुनः चालू कर दिया है?  (अरक हैवी वाटर न्यूक्लियर रिएक्टर)
  • किस दिवस को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है? (29 जुलाई)
  • हाल ही में घोषित नए आंकड़ों के अनुसार देश में कुल बाघों की संख्या कितनी है? (2967)
  • हाल ही में किस संगठन के द्वारा 23 युवा चरकांति तारों की पहचान करने में सफलता हासिल की गई है? (आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान-एरीज)
  • हाल ही में किस मशहूर कलाकार को अमेरिका में पीपल्स चॉइस अवॉर्ड प्रदान किया गया है? (सुदर्शन पटनायक)
  • हाल ही में आयोजित हुए प्रेसिडेंट कप में किन खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक अर्जित किया? (एमसी मेरी कॉम, सिमरनजीत कौर,अंकुश दाहिया, नीरज स्वामी और अनंत प्रह्लाद चोपाड़े)
  • हाल ही में किसे बीएसएफ का महानिदेशक नियुक्त किया गया है? (वीके जौहरी)
  • हाल ही में किसे ब्रिटेन के प्रतिष्ठित डायना अवार्ड के लिए नामित किया गया है? (चंपा कुमारी-गिरीडीह)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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