(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (28 नवम्बर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (28 नवम्बर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

महिला उद्यमियों का राष्ट्रीय जैविक महोत्सव

  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने महिला उद्यमियों का राष्ट्रीय जैविक महोत्सव का आयोजन करने के लिए आज एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। निफ्टेम, कुंडली (सोनीपत, हरियाणा) इस कार्यक्रम की रूपरेखा बनाएंगा और इसे आयोजित करेगा। निफ्टेम खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत एक शैक्षणिक संस्थान है।
  • महोत्सव का उद्देश्य भारतीय महिला उद्यमियों और किसानों को खरीददारों के साथ जोड़ना है। इससे महिला उद्यमियों और किसानों के वित्तीय समावेश में मदद मिलेगी और भारत में जैविक खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

न्यू जेन मोबिलिटी समिट 2019

  • देश के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी शो न्यू जेन मोबिलिटी समिट 2019 का आगाज बुधवार को इंटरनेशनल सेंटर ऑफ ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आइकेट) मानेसर में होगा। इस तीन दिवसीय समिट का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाज रानी मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। इसमें भारत सहित 15 देशों के ऑटोमोटिव क्षेत्र के दिग्गज मौजूद रहेंगे। इस दौरान लाइव टेस्ट प्रदर्शन, प्रशिक्षण सेशन, पैनल डिस्कशन सहित विभिन्न विषयों पर 120 से अधिक टेक्निकल रिसर्च पेपर भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
  • समिट में ऑटोमोटिव क्षेत्र के सभी नीति निर्धारक, उत्पादक, ट्रेडर्स एवं इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड वाहन उत्पादकों को आमंत्रित किया गया है। 15 देशों के 30 प्रमुख तकनीकि विशेषज्ञ पैनल अपनी वार्ता के दौरान अनुभव एक दूसरे के साथ साझा करेंगे। इको फ्रेंडली और ऊर्जा संरक्षण तकनीक को लेकर दुनिया भर में हो रहे शोध कार्यों के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी।

अनिवार्य रूप से जूट की बोरियों में पैकेजिंग के नियम

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने जूट वर्ष 2019-20 के लिए खाद्यान्न और चीनी को अनिवार्य रूप से जूट की बोरियों में पैकेजिंग के नियमों के विस्तार को मंजूरी दी।
  • सरकार ने पिछले वर्ष के सामान जूट पैकेजिंग सामग्री (जेपीएम) अधिनियम, 1987 के तहत अनिवार्य पैकेजिंग नियमों के विस्तार को बनाए रखा है। मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार 100 प्रतिशत खाद्यान्न और 20 प्रतिशत चीनी की पैकेजिंग अनिवार्य रूप से जूट की बोरियों में की जानी चाहिए।

लाभः

  • चीनी की पैकेजिंग जूट की बोरियों में करने से जूट उद्योग को लाभ मिलेगा। निर्णय में यह भी कहा गया है कि पैकेजिंग के लिए जूट बोरियों का 10 प्रतिशत जीईएम पोर्टल पर नीलामी के जरिए प्राप्त किया जाना चाहिए।
  • इस मंजूरी से देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों विशेषकर पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, असम, आंध्र प्रदेश, मेघालय और त्रिपुरा के किसानों और श्रमिकों को लाभ मिलेगा।

पृष्ठभूमिः

  • लगभग 3.7 लाख श्रमिक और कई लाख किसान परिवार अपनी आजीविका के लिए जूट क्षेत्र पर निर्भर है। सरकार जूट क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है- कच्चे जूट की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाना, जूट क्षेत्र का विविधीकरण और जूट उत्पादों के लिए मांग को बढ़ावा देना।
  • जूट उद्योग मुख्य रूप से सरकारी क्षेत्र पर निर्भर है, जो खाद्यान्न पैकेजिंग के लिए प्रति वर्ष 7,500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के जूट की बोरियां खरीदती हैं। जूट क्षेत्र में मांग को बनाए रखने के लिए तथा श्रमिकों और किसानों की आजीविका को समर्थन प्रदान करने के लिए ऐसा किया जाता है।

जूट क्षेत्र को दिए जाने वाले अन्य समर्थनः

  • कच्चे जूट की उत्पादकता और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए जूट आईसीएआरई लागू किया गया था। इसके जरिए सरकार लगभग दो लाख जूट किसानों को सहायता प्रदान कर रही है। इसके अंतर्गत बेहतर तरीकों जैसे- सीड ड्रिल के माध्यम से पंक्ति में बीज रोपना, व्हील-होइंग और नेल-वीडर के उपयोग से खत-पतवार प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणीकृत बीजों का वितरण और सूक्ष्म जीवों के सहारे सड़ाना/जूट रेशे को तैयार करना। इन हस्ताक्षेपों से कच्चे जूट की गुणवत्ता और उत्पादकता में बढ़ोतरी हुई है और जूट किसानों की आय में 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की वृद्धि हुई है।
  • इस संबंध में जूट किसानों को समर्थन प्रदान करने के लिए जेसीआई को 2018-19 से प्रारंभ होने वाले वर्ष समेत दो वर्षों के लिए 100 करोड़ रुपये की सब्सिडी का अनुदान दिया गया है। जेसीआई इस धन राशि का उपयोग न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रदान करने के लिए करेगा और इस प्रकार जूट क्षेत्र में मूल्य की स्थिरता सुनिश्चित होगी।
  • जूट क्षेत्र के विविधीकरण को समर्थन प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय जूट बोर्ड ने राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान के साथ समझौता किया है और गांधी नगर में जूट डिजाइन सेल की स्थापना की गई है। जूट जियो कपड़े और एग्रो-कपड़े को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों (विशेषकर पूर्वोत्तकर क्षेत्र के) तथा सड़क परिवहन और जल संसाधन मंत्रालयों के साथ विचार-विमर्श किया गया है।
  • जूट क्षेत्र में मांग को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने बांग्लादेश और नेपाल से जूट उत्पादों की आयात पर एंटी डम्पिंग ड्यूटी लगाई है। यह 5 जनवरी, 2017 से लागू है।
  • जूट क्षेत्र में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए दिसंबर, 2016 में जूट स्मार्ट लॉन्च किया गया। यह ई-शासन पहल है और सरकारी विभागों/एजेंसियों द्वारा बी-ट्विल खरीद के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म है। जेसीआई, एमएसपी की धन राशि को किसानों को प्रदान करने के लिए तथा अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए 100 प्रतिशत ऑनलाइन भुगतान का उपयोग कर रही है।

भारतीय खाद्य निगम की अधिकृत पूंजी में विस्तार

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने आज भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की मौजूदा अधिकृत पूंजी 3500 करोड़ से बढ़ाकर 10,000 करोड़ रूपये करने की मंजूरी दी है।
  • इस अधिकृत पूंजी में की गई बढ़ोतरी से एफसीआई के सतत खाद्यान्‍न भंडार के वित्‍त पोषण के लिए केंद्रीय बजट के माध्‍यम से अतिरिक्‍त इक्विटी पूंजी को भारतीय खाद्य निगम में उपयोग किया जा सकता है। इससे एफसीआई की देनदारियां कम होंगी और एफसीआई की ब्‍याज लागत में बचत होगी और इससे खाद्य सब्सिडी भी कम हो जाएगी।

पृष्‍ठभूमि:

भारतीय खाद्य निगम के संचालन के लिए खाद्यान्‍नों के उचित भंडार के रख-रखाव की जरूरत है जिसके लिए इक्विटी या दीर्घका‍लीन ऋण के माध्‍यम से भारत सरकार के वित्‍तपोषण की जरूरत होती है। भारतीय खाद्य निगम की मौजूदा अधिकृत पूंजी 3500 करोड़ रूपये हैं तथा 31 मार्च, 2019 के अनुसार प्रदत्‍त इक्विटी पूंजी 3447.58 करोड़ रूपये हैं।

भारत सरकार की खाद्य नीति को लागू करने के लिए खाद्य निगम अधिनियम 1964 के तहत भारतीय खाद्य निगम का गठन किया गया था। इसका प्राथमिक उद्देश्‍य किसानों को न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य सुनिश्चित करना, खाद्यान्‍नों का सुरक्षित भंडार बनाए रखना तथा राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम तथा भारत सरकार की अन्‍य कल्‍याण योजनाओं के तहत खाद्यान्‍नों का वितरण करना है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

चीन राजनयिक मिशनों की संख्या में शीर्ष

  • चीन दुनिया में राजनयिक मिशनों की संख्या के मामले में अमेरिका से आगे निकल गया है। सिडनी स्थित लोवी इंस्टीट्यूट के एक अध्ययन के मुताबिक, 2019 में चीन राजनयिक मिशनों की संख्या के लिहाज से पहले पायदान पर आ गया है। दुनिया में उसके मिशनों की संख्या 276 पहुंच गई है, जबकि अमेरिका के 273 हैं। 186 राजनयिक मिशनों के साथ भारत दुनिया में 12वें पायदान पर है।
  • अध्ययन के अनुसार, हाल के वर्षों में चीन का दुनिया में प्रभाव बढ़ा है और उसके दूसरे देशों के साथ संबंध मजबूत हुए हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वाकांक्षी योजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का भी लाभ चीन को कूटनीतिक विस्तार का दायरा बढ़ाने में मिला है। चीन के दूसरे देशों में 169 दूतावास, 96 वाणिज्य दूतावास, आठ स्थायी मिशन और तीन अन्य मिशन हैं।
  • अमेरिका के 168 दूतावास, 88 वाणिज्य दूतावास, 9 स्थायी मिशन और आठ अन्य मिशन हैं। 2016 में चीन अमेरिका और फ्रांस के बाद तीसरे स्थान पर था। एक साल बाद यानी 2017 में चीन फ्रांस को पीछे छोड़कर दूसरे पायदान पर पहुंच गया। इस बाबत 2018 में कोई रिपोर्ट नहीं आई थी।

एशिया में भारत तीसरे नंबर पर

  • दुनियाभर में राजनयिक मिशनों की संख्या के मामले में भारत 12वें नंबर है। भारत के 123 दूतावास/उच्चायोग, 54 वाणिज्य दूतावास, 5 स्थायी मिशन और चार अन्य मिशन हैं। चीन और जापान के बाद भारत एशिया में तीसरे पायदान पर है।
  • पाकिस्तान के कुल 117 राजनयिक मिशन हैं और वह दुनिया में 28वें जबकि एशिया में छठे नंबर पर है। 243 राजनयिक मिशनों के साथ जापान दुनिया में चौथे स्थान पर है। उसके 151 दूतावास, 61 वाणिज्य दूतावास, 10 स्थायी मिशन और 21 अन्य मिशन हैं।

:: भारतीय राजव्यवस्था एवं महत्वपूर्ण विधेयक ::

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट प्रतिबंध विधेयक

  • इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (उत्पादन, विनिर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, विक्रय, वितरण, भंडारण एवं विज्ञापन ) प्रतिबंध विधेयक’ को लोकसभा ने बुधवार को पारित कर दिया। केंद्र सरकार ने ई-सिगरेट के इस्तेमाल से होने वाले गंभीर खतरे को देखते हुए 18 सितंबर को एक अध्यादेश के जरिए पूरे देश में ई-सिगरेट के आयात, उत्पादन, बिक्री, विज्ञापन, भंडारण और वितरण पर रोक लगा दी थी। अगर कोई कानून तोड़ता है तो उसे कड़ी सजा होगी।

1. नियमों के उल्लंघन पर सजा का प्रावधान

  • नए नियमों के अनुसार पहली बार नियमों के उल्लंघन पर एक साल तक की जेल और एक लाख रुपये का जुर्माना का प्रस्ताव किया गया है। इसके बाद इस नियम को तोड़ने पर मिनिस्ट्री ने 5 लाख रुपये जुर्माना और 3 साल तक जेल की सिफारिश की गई है। इसमें ई हूक्का भी शामिल है।

2. सेहत के लिए है खातनाक

  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन्हें ड्रग्स मानते हुए और सेहत पर इनके खतरनाक असर को देखते हुए बैन करने का फैसला लिया था। बता दें कि बैटरी ऑपरेटिड सिगरेट को बैन करने का प्रस्ताव नरेंद्र मोदी सरकार के 'शुरुआती 100 दिनों के एजेंडे’ में शामिल है। ई-सिगरेट जिसे Electronic nicotine delivery system (ENDS) कहा जाता है, धूम्रपान करने वालों के बीच काफी लोकप्रिय है।

3. ई-सिगरेट के नुकसान?

  • ई सिगरेट का सेवन करने से व्यक्ति को डिप्रेशन होने की संभावना दोगुनी हो जाती है। एक शोध के मुताबिक जो लोग ई सिगरेट का सेवन करते हैं, उन्हें हार्ट अटैक का खतरा 56 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। वहीं लंबे समय तक इसका सेवन करने से ब्लड क्लॉट की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

4. ड्रग्स की श्रेणी में आती है ई-सिगरेट

  • 1 जून को हुई ड्रग कंसल्टेटिव कमेटी मीटिंग में एक्स्पर्ट्स ने इस बात की पुष्टि की कि ई-सिगरेट और ऐसी अन्य कई डिवाइस को Drug and Cosmetics Act, 1940 (DCA) के सेक्शन 3(b) के तहत ड्रग माना जाएगा। लिहाजा DCA के सेक्शन 26(A) के तहत उन्हें बैन किया जाना चाहिए। ENDS के तहत ई-सिगरेट, हीट-नॉट बर्न डिवाइस, वेप, ई-शीशा, ई-निकोटीन, फ्लेवर्ड हुक्का और ऐसे अन्य प्रोडक्ट्स आते हैं।

वित्त आयोग

  • केंद्र और राज्यों के बीच संसाधनों के बंटवारे का फार्मूला तय करने का काम कर रहे 15वें वित्त आयोग का कार्यकाल सरकार ने एक साल और बढ़ा दिया है। वित्त आयोग का कार्यकाल अब 30 अक्टूबर 2020 तक होगा। आयोग का कार्यकाल इसी महीने की 30 तारीख को समाप्त हो रहा था।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में वित्त आयोग को पहले वित्त वर्ष यानी 2020-21 की पहली रिपोर्ट सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके अतिरिक्त वित्त वर्ष 2021-22 से लेकर 2025-26 के लिए अंतिम रिपोर्ट देने की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी। आयोग की अवधि अक्टूबर 2019 में समाप्त हो गई थी लेकिन सरकार ने उसकी अवधि को 30 नवंबर 2019 तक बढ़ा दिया था। सरकार ने अपने बयान में कहा है कि कार्यकाल की अवधि बढ़ने से आयोग को राज्यों के वित्तीय अनुमानों का सही तरीके से अध्ययन करने का और वक्त मिलेगा। इससे आयोग अगले पांच वर्ष के लिए अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी।
  • सरकार के मुताबिक देश भर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों की वजह से आयोग का राज्यों के दौरे का कार्यक्रम काफी लंबा चला। ये दौरे हाल ही में समाप्त हुए हैं। इसलिए राज्यों की अर्थव्यवस्था का विस्तृत अध्ययन करने के लिए आयोग को समय की आवश्यकता है। अधिक अवधि मिलने से आयोग को मीडियम टर्म के लिए रणनीति तैयार करने में भी मदद मिलेगी।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

'डू मोर विथ लेस' अभियान: SAIL

  • स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने देश भर में स्थित अपने सभी संयंत्रों और इकाइयों में एक नए लागत नियंत्रण अभियान की शुरूआत की है।
  • कंपनी की सभी संयंत्र और इकाइयां 'डू मोर विथ लेस' गाइडिंग प्रिन्सिपल के साथ उत्पादन लागत को कम करने के लिए मिशन मोड पर काम कर रही हैं। इस प्रयास से कर्मचारियों को बड़ी संख्या में जोड़ने और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, कंपनी के सभी संयंत्रों और इकाइयों में लगातार कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यशालाओं का फोकस उत्पादन वृद्धि और तकनीकी-आर्थिक मानकों, कच्चे माल के बेहतर उपयोग और दूसरे अन्य साधनों से आय बढ़ाने के जरिए प्रचालन और प्रचालन दक्षता बेहतर करने के लिए कार्य योजना तैयार करना है। इस अभियान के एक हिस्से के रूप में, सेल के विभिन्न संयंत्रों और इकाइयों के कार्यपालकों को क्रॉस-फंक्शनल टीमों में शामिल किया गया है। ये टीमें तकनीकी स्तर पर ध्यान केंद्रित करके रणनीति तैयार कर रही हैं ताकि संगठन में तकनीकी-आर्थिक मानकों और अन्य लागत संबंधी पहलुओं को बेहतर बनाया जा सके।

दोहरे कराधान के निवारण के लिए भारत और चिली में अनुबंध और प्रोटोकॉल

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दोहरे कराधान की समाप्ति तथा आय पर करों के संबंध में राजकोषीय अपवंचन तथा निवारण के लिए भारत और चिली के मध्‍य दोहरे कराधान निवारण अनुबंध (डीटीएए) और प्रोटोकॉल पर हस्‍ताक्षर करने की मंजूरी दे दी है।

प्रमुख प्रभाव:

  • डीटीएए दोहरे कराधान को समाप्‍त करने में मदद करेगा। इस अनुबंध से अनुबंध करने वाले राज्‍यों के बीच कराधान अधिकारों का स्‍पष्‍ट आवंटन ब्‍याज, रॉयल्‍टी और तकनीकी सेवाओें के शुल्‍क के बारे में स्रोत राज्‍य में कर दरों के निर्धारण के माध्‍यम से निवेश प्रवाह बढ़ाते समय दोनों देशों के निवेशकों और व्‍यवसायों को कर निश्चितता उपलब्‍ध होगी। यह अनुबंध और प्रोटोकॉल जी-20 ओइसीडी बुनियादी अपवंचन लाभ स्‍थानांतरण (बीईपीएस) परियोजना के न्‍यूनतम मानकों और अन्‍य सिफारिशों को लागू करेगा। एक प्रमुख उद्देश्‍य परीक्षण प्रस्‍तावना पाठ के समावेश से इस अनुबंध में बीईपीएस परियोजना के अनुसार सरलीकृत सीमा लाभ अनुच्‍छेद के साथ दुरूपयोग निरोधी प्रावधान से इन कर नियोजन रणनीतियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी जो कर नियमावली में अंतरों और असंतुलन का दोहन करती हैं।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

25वें कान्‍फ्रेंस ऑफ पार्टीज़ (सीओपी) और भारत

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मैड्रिड, स्‍पेन में 2 से 13 दिसम्‍बर 2019 तक आयोजित होने वाले (चिली की अध्‍यक्षता में) जलवायु परिवर्तन पर संयुक्‍त राष्‍ट्र फ्रेमवर्क सम्‍मेलन के लिए 25वें कान्‍फ्रेंस ऑफ पार्टीज़ (सीओपी) में भारत की बातचीत के रूख को स्‍वीकृति दी।
  • भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्‍व पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर करेंगे। सीओपी 25 एक अहम सम्‍मेलन है जिसमें देश क्‍योटो प्रोटोकॉल के तहत 2020 से पहले की अवधि से निकलकर पेरिस समझौते के तहत 2020 के बाद की अवधि में प्रवेश की तैयारी करते हैं। भारत का रूख जलवायु परिवर्तन पर संयुक्‍त राष्‍ट्र फ्रेमवर्क सम्‍मेलन- यूएनएफसीसीसी और पेरिस समझौते के सिद्धांतों एवं प्रावधानों खासकर स्‍वाभाविक न्‍याय के सिद्धांतों और सामान्य लेकिन विभेदित जिम्मेदारियां और संबंधित क्षमता (सीबीडीआर-आरसी) से संचालित होगा।
  • जलवायु परिवर्तन पर भारत का नेतृत्‍व हमेशा अस्‍पष्‍ट रहा है और पूरी दुनिया में इसकी चर्चा हुई। भारत सरकार ने जलवायु परिवर्तन की समस्‍याओं से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में कई कदम उठाए हैं और ये कदम जलवायु कार्रवाई के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और महत्‍वाकांक्षा को दर्शाते हैं। संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव द्वारा हाल ही में आयोजित जलवायु कार्रवाई सम्‍मेलन में प्रधानमंत्री ने 450 जीडब्‍ल्‍यू तक अक्षय ऊर्जा लक्ष्‍य को बढ़ाने की भारत की योजना की घोषणा की थी और सभी देशों से स्‍वाभाविक न्‍याय और सीबीडीआरसी के सिद्धांतों पर जिम्‍मेदार कार्रवाई करने का आग्रह किया था। भारत अंतर्राष्‍ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के जरिए सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की कोशिश में विश्‍व में अग्रणी है।
  • आईएसए के अलावा भारत ने जलवायु कार्रवाई पर दुनिया को प्रेरित करने की अपनी कोशिशों के तहत दो नई पहलें शुरू की हैं। इसमें आपदा लचीला संरचना गठबंधन जो जलवायु के विभिन्‍न आयामों पर जानकारी जुटाने एवं साझा करने और आपदा लचीला संरचना को एक मंच प्रदान करेगा। भारत एवं स्‍वीडन द्वारा संयुक्‍त रूप से शुरू किए गए ‘औद्योगिक संक्रमण पर नेतृत्‍व समूह’ सरकार और कार्बन के कम उत्‍सर्जन कार्य को तेज करने के लिए दुनियाभर के देशों में एक साथ काम करने के लिए निजी क्षेत्र और प्रौद्योगिकी नवाचार क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक मंच मुहैया करायेगा।
  • भारत अपनी कार्रवाई को लेकर काफी महत्‍वकांक्षी रहा है और जोर देता रहा है कि विकसित देशों को महत्‍वकांक्षी कार्रवाई करने में आगे आना चाहिए और 2020 तक सालाना 100 अरब अमेरिकी डॉलर के जलवायु वित्‍तीय प्रतिबद्धता को पूरा करना चाहिए। भारत विकसित देशों पर 2020 से पहले की जरूरतों को पूरा करने पर जोर देगा और 2020 के बाद की अवधि में विकासशील देशों पर अतिरिक्‍त भार नहीं पड़ना चाहिए।
  • कुल मिलाकर, भारत को सृजनात्‍मक और सकारात्‍मक दृष्टि के साथ और लंबी अवधि के विकास हितों की सुरक्षा करते हुए आगे मिलकर काम करने की उम्‍मीद है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

इमेज सैटेलाइट 'कार्टोसैट-3'

  • धरती की निगरानी एवं मानचित्र उपग्रह कार्टोसैट-3 के साथ अमेरिका के 13 नैनो उपग्रहों के प्रक्षेपण हो चुका है। अंतरिक्ष एजेंसी ने 27 नवंबर को सुबह नौ बजकर 28 मिनट पर कार्टोसैट-3 के प्रक्षेपण की योजना बनाई थी।
  • यह कार्टोसैट श्रृंखला का नौवां उपग्रह है जिसे यहां से 120 किलोमीटर दूर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के द्वितीय लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया जाएगा।
  • पीएसएलवी-सी47 की यह 49वीं उड़ान है जो कार्टोसैट-3 के साथ अमेरिका के वाणिज्यिक उद्देश्य वाले 13 छोटे उपग्रहों को लेकर अंतरिक्ष में जाएगा। कार्टोसैट-3 तीसरी पीढ़ी का बेहद चुस्त और उन्नत उपग्रह है जिसमें हाई रिजोल्यूशन तस्वीर लेने की क्षमता है। इसका भार 1,625 किलोग्राम है और यह बड़े पैमाने पर शहरी नियोजन, ग्रामीण संसाधन और बुनियादी ढांचे के विकास, तटीय भूमि के उपयोग तथा भूमि कवर के लिए उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को पूरा करेगा।
  • पीएसएलवी-सी47 'एक्सएल कनफिगरेशन' में पीएसएलवी की 21वीं उड़ान है। न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड, अंतरिक्ष विभाग के वाणिज्यिक प्रबंधों के तहत इस उपग्रह के साथ अमेरिका के 13 नैनो वाणिज्यिक उपग्रहों को भी प्रक्षेपित किया जा रहा है। श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से यह 74वां प्रक्षेपण यान मिशन होगा। कार्टोसैट-3 का जीवनकाल पांच साल का होगा। कार्टोसैट-3 तथा 13 अन्य नैनो उपग्रहों का प्रक्षेपण गत 22 जुलाई को चंद्रयान -2 के प्रक्षेपण के बाद हो रहा है।

:: विविध ::

डॉ. अनीता भटनागर जैन

  • केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में लोकप्रिय लेखिका डॉ. अनीता भटनागर जैन द्वारा बच्चों के लिए लिखित तीन पुस्तकों – कुम्भ, गरम पहाड़ तथा दिल्ली की बुलबुल (सिंधी संस्करण) का विमोचन किया। तीनों पुस्तकें बच्चों के लिए कहानी संग्रह हैं और इसमें पर्यावरण तथा सामाजिक, सांस्कृतिक, एकता और सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों को सहज और दिलचस्प तरीके से प्रस्तुत किया गया है। डॉ. अनीता भटनागर जैन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (1985 बैच) की अधिकारी हैं।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने जूट वर्ष 2019-20 के लिए किन मदों में अनिवार्य रूप से जूट की बोरियों में पैकेजिंग के नियमों का विस्तार किया गया है? (खाद्यान्न और चीनी)
  • हाल ही में मंत्रिमंडल के द्वारा भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की अधिकृत पूंजी बढ़ाकर कितनी कर दी गई है? (10,000 करोड़ रुपए)
  • महिला उद्यमियों के राष्ट्रीय जैविक महोत्सव की आयोजन की जिम्मेदारी किस संस्थान को दी गई है? (निफ्टेम- कुंडली, हरियाणा)
  • न्यू जेन मोबिलिटी समिट 2019 का आयोजन कहां किया जाएगा? (मानेसर)
  • हाल ही में जारी हुई रिपोर्ट के अनुसार कौन सा देश राजनयिक मिशनों की संख्या के संदर्भ में शीर्ष पर है? (चीन)
  • हाल ही में सरकार के द्वारा 15 वे वित्त आयोग के कार्यकाल को कितने वर्ष के लिए विस्तार प्रदान किया गया है? (1 वर्ष)
  • हाल ही में किस संस्थान के द्वारा लागत नियंत्रण हेतु 'डू मोर विथ लेस' नामक अभियान की शुरुआत की गई है? (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया-SAIL)
  • हाल ही में दोहरे कराधान की समाप्ति के संदर्भ में भारत के द्वारा किस देश के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं? (चिली)
  • 25वें कान्‍फ्रेंस ऑफ पार्टीज़ (सीओपी) का आयोजन कहां किया जाएगा? (मैड्रिड, स्‍पेन)
  • हाल ही में भारत की आँख कहे जाने वाले किस उपग्रह को इसरो के द्वारा प्रक्षेपित किया गया है? (कार्टोसैट-3)
  • हाल ही में श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के द्वारा विमोचित किए गए कुम्भ, गरम पहाड़ तथा दिल्ली की बुलबुल पुस्तकों को किसने लिखा है? (डॉ. अनीता भटनागर जैन)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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