(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (28 मई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (28 मई 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

ऑपरेशन सनराइज

चर्चा में क्यों?

  • 15 मई को 22 उग्रवादियों को म्यांमार से प्रत्यर्पण करा कर भारत लाया गया। जिन उग्रवादियों को प्रत्यर्पण कर लाया गया है कई सालों से मोस्ट वॉटेंड थे इनमे कई उग्रवादी संगठन के वे लीडर्स भी शामिल हैं। उसमें उग्रवादी संगठन एनडीएफबी (एस) के 5, केएलओ के 5, यूएनएलएफ के 7, पीएलए के 2, पीआरईपीएके (प्रो) के 2 और केवाईकेएल का एक उग्रवादी शामिल है।

क्या है ऑपरेशन सनराइज?

  • म्यांमार में अलग अलग क्लस्टर में इंडियन इंसर्जेंट (उग्रवादी) ग्रुप के 40 से ज्यादा कैंप सक्रिय हैं। इंडियन आर्मी और म्यांमार आर्मी लगातार मिलकर काम कर रही है और ‘ऑपरेशन सनराइज’ के जरिए उग्रवादियों को सरेंडर के लिए मजबूर किया जा रहा है। इंडियन आर्मी और असफ राइफल्स भारत-म्यांमार बॉर्डर पर लगातार ऑपरेशन चला रही है। तिराप, चांगलांग, लॉगडिंग, नॉर्दन नागालैंड सहित सभी एरिया में लगातार ऑपरेशन से उग्रवादियों के लिए मुश्किल पैदा हो गई और ज्यादातर ने अपना ऑपरेशनल बेस म्यांमार शिफ्ट कर दिया।
  • इंडियन आर्मी और म्यांमार आर्मी के ‘ऑपरेशन सनराइज’ से नॉर्थ ईस्ट में उग्रवादियों में हड़कंप मचा है। इस साल अब तक वहां 2259 उग्रवादी सरेंडर कर चुके हैं। इसमें भी भारत और म्यांमार आर्मी के मजबूत होते रिश्तों ने अहम भूमिका निभाई।

ऑपरेशन विजय

चर्चा में क्यों?

  • भारत-चीन के बीच लद्दाख में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय सेना ने 21 साल पहले चलाए गए गौरवशाली ऑपरेशन विजय को याद किया है। यह कहीं न कहीं चीन को भी एक संदेश है कि आंख दिखाने से पहले देख लो हिमालय के पहाड़ों और वादियों में हिंदुस्तान की ताकत।

क्या था ऑपरेशन विजय

  • 1999 में पाकिस्तानी फौज और उसके आतंकियों ने जोजिला और लेह के बीच मुशकोह, ड्रास, करगिल, बटालिक और तुर्तुक सब-सेक्टरों में घुसपैठ कर ली। वे एलओसी को क्रॉस करके भारतीय सीमा में 4 से 10 किलोमीटर तक भीतर घुस आए और जाड़े के दिनों में खाली की गईं भारतीय सेना की 130 चौकियों पर कब्जा कर लिया।
  • पाकिस्तान का नापाक इरादा श्रीनगर और लेह को जोड़ने वाले हाईवे को काटने का था ताकि लद्दाख और सियाचिन तक भारत का संपर्क ही कट जाए। जानकारी मिलते ही भारत ने ऑपरेशन विजय चलाया। पाकिस्तानी सेना को एक बार फिर बुरी तरह मुंह की खानी पड़ी। पाकिस्तान सेना और उसके टट्टुओं को धूल चटाने के बाद 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने उनके कब्जे में गए सभी क्षेत्रों पर नियंत्रण कर लिया।
  • 1999 में करगिल में पाकिस्तान की हिमाकत को भारतीय जांबाजों ने न सिर्फ नाकाम किया था बल्कि उसे मैदाने-जंग में करारी शिकस्त दी थी। 3 मई से शुरू हुई जंग 26 जुलाई को भारत की विजय के साथ खत्म हुई थी। इसीलिए 26 जुलाई को हर साल करगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। अभी करगिल विजय दिवस में करीब 2 महीने का वक्त है। जंग की शुरुआत भी 3 मई को हुई थी। ऐसे में 27 मई को सेना के ट्वीट का निहितार्थ चीन को संदेश के रूप में देखा जा सकता है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

My Son Temple ( माई सन टेंपल)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में वियतनाम में स्थित माई सन टेंपल में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा खुदाई के दौरान बलुआ पत्थर का विशाल शिवलिंग की प्राप्ति हुई है। इसके पहले भी इस मंदिर परिसर सेकई मूर्तियां और कलाकृतियां प्राप्त हुई है जिसमें भगवान राम और सीता की शादी की कलाकृति और नक्काशीदार शिवलिंग प्रमुख हैं।

माई सन टेंपल के बारे में

  • माई सन टेंपल परिसर दक्षिण एशियाई देश वियतनाम के क्वांग नाम प्रांत के दुय फू गांव के पास स्थित है। मंदिर परिसर करीब दो किलोमीटर लंबी-चौड़ी घाटी में स्थित है जो दो पहाड़ों से घिरा हुआ है। वियतनाम स्थित ‘माई सन मंदिर’ समेत अन्य मंदिरों पर हिंदू धर्म का प्रभाव है और यहां कृष्ण, विष्णु तथा शिव की मूर्तियां हैं।

कौन थे इन मंदिरों के निर्माता?

  • यहां पर बड़ी मात्रा में परित्यक्त और आंशिक रूप से ध्वस्त हिन्दू मंदिर स्थित हैं जिनका निर्माण चंपा के राजाओं ने चौथी से 14वीं शताब्दी के बीच कराया था। आपको बता दें इन मंदिरों की व्यापक श्रृंखला विश्व विरासत स्थल में शामिल ‘माई सन सेंचुरी’ में स्थित है। इन मंदिरों में से अधिकांश मंदिर अमेरिका वियतनाम युद्ध (1955 से 1975) के दौरान नष्ट हो गए।
  • प्राचीन काल में वियतनाम में स्थित चंपा क्षेत्र एक हिंदू राज्य था एवं यहां पर हिंदू संस्कृति का बोलबाला था। इस क्षेत्र में स्थानीय समुदाय चम का शासन दूसरी शताब्दी से लेकर 18वीं शताब्दी तक रहा था। चम समुदाय में अधिकांश लोग हिंदू धर्म एवं संस्कृति से संबंधित थे, लेकिन आगे चलकर इस समुदाय के अधिकांश लोगों ने बौद्ध और इस्लाम धर्म को अपना लिया।
  • वर्तमान में चम समुदाय की आबादी 170,000 है जो यहाँ के तीन प्रांतों में फैले हैं जिनमें हिंदुओं की आबादी 100,000 से ऊपर है । चंपा क्षेत्र में स्थित कुछ मंदिरों में आज भी पूजा होती है।

भारत-नेपाल सीमा विवाद

  • भारत के कुछ इलाकों को अपना बनाकर दिखाते हुए नया नक्शा प्रकाशित करने वाले नेपाल ने इस मसले पर अपना कदम पीछे हटाया है। देश के नक्शे को अपडेट करने के लिए नेपाल के संविधान में संशोधन किया जाना था जिसके लिए बुधवार को संसद में प्रस्ताव रखा जाना था और चर्चा निर्धारित की गई थी लेकिन अब इसे अनुसूची से बाहर कर दिया गया है। बताया जाता है कि नेपाल सरकार ने ऐन मौके पर संसद की कार्यसूची से आज संविधान संशोधन की कार्यवाही को हटा दिया।
  • संसद की कार्यसूची से बाहर होने के कारण
  • नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को नए नक्शेे के मसले पर राष्ट्रीय सहमति बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी लेकिन राजनीतिक दलों में इस मसले पर एक राय नहीं बन पाई। नेपाल में किसी भी संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।

हालिया घटना की पृष्ठभूमि

  • कुछ दिनों पहले भारत द्वारा 17000 फुट की ऊंचाई पर स्थित लिपूलेख दर्रे को उत्तराखंड के धारचूला से जोड़ने वाली 80 किलोमीटर लंबें रणनीति सर्कुलर लिंक रोड का उद्घाटन किया गया है। जिसको लेकर नेपाल द्वारा आपत्ति जताई गयी थी।
  • बीते दिनों नेपाल सरकार ने अपने देश का नया नक्शाइ जारी किया था जिसमें उसने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा के कुल 395 वर्ग किलोमीटर के भारतीय इलाके को अपना बताया था। नेपाल सरकार ने ऐलान किया किया था कि इस नक्शेप को अब देश के सभी स्कूनलों और सरकारी कार्यालयों में इस्तेामाल किया जाएगा। नेपाल के भू प्रबंधन और सुधार मंत्रालय की ओर से मंत्री पद्मा अरयाल ने इस मौके पर कहा था कि नए नक्शें को संसद के समक्ष रखा जाएगा ताकि उसमें किए गए संशोधनों को मंजूरी दिलाई जा सके।
  • उक्तर नए नक्शे में भारतीय इलाकों को दिखाए जाने पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए नेपाल को भारत की संप्रभुता का सम्मान करने की नसीहत दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था कि हम नेपाल सरकार से गुजारिश करते हैं कि वह ऐसी बनावटी कार्टोग्राफिक प्रकाशित करने से बचे और भारत की एकता अखंडता का सम्मान करे।

लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा की भौगोलिक अवस्थिति और महत्व

  • लिपुलेख दर्रा कालापानी के निकट सबसे पश्चिमी क्षेत्र है जिसके जरिये प्राचीन काल से 1962 तक व्यापार होता था। 1962 के भारत-चीन युद्ध उपरांत दर्रा बंद कर दिया गया था। इसके अलावा इस दर्रे का प्रयोग कैलाश मानसरोवर यात्रा में भी इस्तेमाल होता रहा है। पुनः1991-92 में में लिपुलेख दर्रे को व्यापारिक मार्ग हेतु खोला गया।
  • लिम्पियाधुरा, कालापानी के सुदूर उत्तर पश्चिम में स्थित एक महत्वपूर्ण इलाका है। आपको बता दें काली नदी के कई उद्गम स्रोत है जिसमें दो प्रमुख धारा हैं। इसमें जहां एक प्रमुख धारा का उद्गम स्थल कालापानी है तो वही दूसरी प्रमुख धारा का एक स्रोत लिम्पियाधुरा है जिसके आधार पर नेपाल क्षेत्र पर दावा प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में लिम्पियाधुरा दर्रा भी स्थित है जिसके बारे में मान्यता है कि प्राचीन काल में इस रास्ते से तिब्बत से व्यापार होता था।
  • काली नदी का उद्गम स्थल वाले कालापानी 372 वर्ग किलोमीटर में फैला एक मत्वपूर्ण सामरिक इलाका है। इसे भारत-चीन और नेपाल का ट्राई जंक्शन भी कहा जाता है। भारत इसे जहाँ उत्तराखंड के पिथौरागढ़ का हिस्सा मानता वही नेपाल इसे दार्चुला जिले का हिस्सा बताता है।
  • विगत कुछ समय से भारत चीन सीमा पर चीन के द्वारा काफी आक्रामक रवैया अपनाया जा रहा है। इसे हम डोकलाम, पैंगोंग झील, गलवान घाटी इत्यादि के संदर्भ में समझ सकते हैं।चीन हिमालय क्षेत्र में प्रभाव बनाने के लिए अंधाधुंध निर्माण कार्य कर रोड समेत अन्य अवसंरचना का निर्माण कर रहा है, जिससे यहाँ चीनी सेना की पकड़ बहुत मजबूत हो गई है। इसके साथ ही चीन अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए कई सैन्य बंकर समेत अपने लड़ाकू विमान की तैनाती के लिए कई सारे एयर स्ट्रिप भी बना चुका है। चीन-नेपाल के बढ़ते प्रगाढ़ संबंध के बीच चीनी सेना पर नजर रखने एवं सैन्य संतुलन स्थापित करने के लिए इस क्षेत्र का बड़ा ही रणनीतिक महत्व है। इस क्षेत्र से न केवल चीन की गतिविधियों को नजर रखी जा सकती है बल्कि चीनी गतिरोध का माकूल जवाब भी दिया जा सकता है। विगत कुछ वर्षों से भारत लगातार सीमा पर अपनी अवसंरचना को मजबूत कर रहा है जिसमें मुख्य सड़कें समेत एयर स्ट्रिप भी बनाना शामिल है।

क्या है नेपाल का दृष्टिकोण?

  • नेपाल सुगौली समझौते (1816) के तहत काली नदी के पूर्वी क्षेत्र, लिंपियादुरा, कालापानी और लिपुलेख पर अपना दावा करता है। इसी आधार पर नेपाल भारतीय उपस्थिति को अवैध बताता है। लिपूलेख दर्रे-धारचूला लिंक रोड के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून के उपरान्त जारी नए राजनीतिक नक्शा पर भी नेपाल ने आपत्ति जताई थी।

क्या है सुगौली संधि?

  • नेपाल और ब्रिटिश इंडिया के बीच 1816 में सुगौली संधि हुई थी। इस संधि में तहत काली(महाकाली) नदी के पूरब का इलाका नेपाल का माना गया। इसके अलावा सुगौली संधि के तहत ही गंडक नदी को भारत-नेपाल के बीच की सीमा माना गया है। जहाँ काली नदी के कई धाराओं होने के इसके अलग-अलग उदगम होने से सीमा विवाद को जन्म देती है वही गंडक नदी की धारा का प्रवाह बदलने से भारत और नेपाल सीमा को बढ़ा देती है।उदाहरण के लिए महाकाली नदी दो धाराओं से मिलकर बनती है। जहां इसकी पहली धारा लिपुलेख के उत्तर-पश्चिम में स्थित लिम्पियाधुरा से निकलती है, वहीं इसकी दूसरी धारा लिपुलेख के दक्षिण से निकलती है। नेपाल लिम्पियाधुरा से निकलने वाली धारा को महाकाली नदी का स्त्रोत मानता है और कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख को अपना हिस्सा बताता है।दूसरी ओर भारत लिपुलेख के दक्षिण से निकलने वाली धारा को इसकी मुख्यधारा मानता है।

:: अर्थव्यवस्था ::

न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB)

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) के संचालक मंडल की विशेष बैठक में भाग लिया। इस बैठक के एजेंडे में एनडीबी के अगले अध्यक्ष का चुनाव, उपाध्यलक्ष एवं मुख्य जोखिम अधिकारी की नियुक्ति और सदस्यता का विस्तार करना जैसे कार्य शामिल थे।
  • इस बैठक में एनडीबी के अध्यक्ष के रूप में ब्राजील के श्री मार्कोस ट्रॉयजो और उपाध्यक्ष एवं सीआरओ भारत के श्री अनिल किशोरा का चयन किया गया।

क्या है न्यू डेवलपमेंट बैंक?

  • न्यू डेवलपमेंट बैंक की स्थापना करने का उद्देश्य अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) तथा विश्व बैंक (WB) जैसे पश्चिमी वित्तीय संस्थानों से निर्भरता कम करना था। ब्रि‍क्से (ब्राजील, रूस, इंडि‍या, चीन और साउथ अफ्रीका) लीडरशि‍प में बनाया गया न्यू डेवलपमेंट बैंक का मकसद उभरते हुई इकोनॉकी में इंफ्रास्ट्राक्चार प्रोजेक्ट्सर को फंडिंग देना है।
  • वर्ष 2014 में ब्राज़ील के फोर्टालेजा में में आयोजित हुए छठे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स देशों के नेताओं ने न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की स्थापना के लिये फोर्टालेजा समझौते पर हस्ताक्षर किये। एनडीबी की शुरुआत जुलाई 2015 में हुई थी। इसका हेडक्वाNर्टर चीन के शंघाई में बनाया गया है। बैंक का शुरुआती ऑथराइज्डड कैपि‍टल 100 अरब डॉलर है।

ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स (GDR)

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने असाही इन्फ्रास्ट्रक्चर ऐंड प्रॉजेक्ट्स लि. और उसके एक वरिष्ठ अधिकारी पर ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स (GDR) जारी करने में गड़बड़ी के लिए 11 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। लक्ष्मीनारायण जयनारायण राठी कंपनी के प्रबंध निदेशक है।

क्या होते है जीडीआर और एडीआर?

  • भारतीय कंपनियां एडीआर/जीडीआर के माध्यम से देश के बाहर से विदेशी मु्द्रा में वित्तीय संसाधन जुटा सकती हैं। कारपोरेट जगत में पूंजी जुटाने के लिए विभिन्न तरीके अपनाए जाते हैं। ऐसा ही एक प्रचलित तरीका है 'डिपाज़टॉरी रिसीट' जिनके बहुराष्ट्रीय कंपनियां देश के बाहर से विदेशी मुद्रा में वित्तीय संसाधन जुटाती हैं। डिपाज़टॉरी रिसीट (डीआर) ऐसी सीक्युरिटी होती हैं जिन्हें भारत से बाहर एक डिपाज़टॉरी बैंक किसी भारतीय कंपनी की तरफ से जारी करता है। ये निगोशिएबल सीक्युरिटी होती है। इसका मतलब यह है कि शेयर या बांड की तरह इनको खरीदा और बेचा जा सकता है।
  • अमेरिका, सिंगापुर, लग्जमबर्ग, लंदन आदि जगहों पर शेयर बाजार में इनकी खरीद-बिक्री की जाती है। इनका नामकरण भी इस बात पर निर्भर करता है कि ये कहां जारी किया जा रहा है। मसलन, जब इन्हें अमेरिकी शेयर बाजार में खरीदा-बेचा जाता है तो उसे 'अमेरिकन डिपाज़टॉरी रिसीट' (एडीआर) कहते हैं। हालांकि जब कई देशों में 'डिपाज़टॉरी रिसीट' जारी किए जाते हैं तो 'ग्लोबल डिपाज़टॉरी रिसीट' (जीडीआर) कहते हैं।
  • जीडीआर ऐसा प्रपत्र होता है जो भारत से बाहर स्थित डिपाज़टॉरी बैंक अनिवासी निवेशकों को जारी करती हैं। जिन देशों में यह जारी किया जाता है वहां के शेयर बाजार पर इसे ट्रेड किया जा सकता है। यह सामान्य शेयर या फॉरिन करेंसी कन्वर्टीबल बांड (एफसीसीबी) जारी करने वाली कंपनी के शेयर के आधार पर जारी किया जाता है। कंपनियां जब यूरो जुटाने के लिए यह तरीका अपनाती हैं तो इसे 'यूरोपियन डिपाज़टॉरी रिसीट' कहते हैं।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) क्या है?

  • भारत में सिक्योरिटी मार्केट के लिए क़ायदे-क़ानून बनाने का काम भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी करता है। इसकी स्थापना सेबी अधिनियम 1992 के तहत 12 अप्रैल 1992 को हुई थी। सेबी का मुख्यालय मुंबई में स्थित है और नई दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और अहमदाबाद में इसके क्षेत्रीय कार्यालय स्थित हैं।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

धान की पैदावार बढ़ाने के लिए नई संभावनाओं की खोज

  • एक नए अध्ययन में, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लांट जीनोम रिसर्च (डीबीटी एनआईपीजीआर), के बायोटेक्नोलॉजी विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईएआरआई), कटक के राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-एनआरआरआई), और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस (यूडीएससी) के शोधकर्ताओं ने धान के जीनोम में एक ऐसे हिस्से की पहचान की है, जिसके माध्यम से पैदावार बढ़ाने की संभावना है।

शोध से जुड़ें प्रमुख बिंदु

  • वैज्ञानिकों ने धान की चार भारतीय किस्मों (एलजीआर, पीबी 1121, सोनसाल और बिंदली) जो बीज आकार/वजन में विपरीत फेनोटाइप दिखाते हैं कि आनुवांशिक संरचना-जीनोटाइप के जीन को क्रमबद्ध करके उनका अध्ययन किया। इस दौरान उनके जीनोमिक रूपांतरों का विश्लेषण करने के बाद उन्होंने पाया कि भारतीय धान के जर्मप्लाज्मों में अनुमान से कहीं अधिक विविधता है।
  • वैज्ञानिकों ने इसके बाद अनुक्रम किए गए चार भारतीय जीनोटाइप के साथ दुनिया भर में पाई जाने वाली धान की 3,000 किस्मों के डीएनए का अध्ययन किया। इस अध्ययन में उन्होंने एक लंबे (~ 6 एमबी) जीनोमिक क्षेत्र की पहचान की, जिसमें क्रोमोजोम 5 के केंद्र में एक असामान्य रूप से दबा हुआ न्यूक्लियोटाइड विविधता क्षेत्र था। उन्होंने इसे 'कम विविधता वाला क्षेत्र' या संक्षेप में एलडीआर का नाम दिया।
  • इस क्षेत्र के एक गहन बहुआयामी विश्लेषण से पता चला कि इसने चावल की घरेलू किस्में तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, क्योंकि यह धान की अधिकांश जंगली किस्मों में मौजूद नहीं था। आधुनिक खेती से जुड़ी धान की अधिकांश किस्में जैपोनिका और इंडिका जीनोटाइप से संबंधित हैं। उनमें यह विशेषता प्रमुखता से पाई गई है। इसके विपरीत पारंपरिक किस्म के धान में यह विशेषता अपेक्षाकृत कम मात्रा में पाई गई। धान की यह किस्म जंगली किस्म से काफी मिलती जुलती है। अध्ययन से आगे और यह भी पता चला कि एलडीआर क्षेत्र में एक क्यूटीएल (क्वांटिटेटिव ट्रिट लोकस) क्षेत्र होता है जो अनाज के आकार और उसकी वजन की विशेषता के साथ महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा होता है।
  • नया अध्ययन इस मायने में महत्वपूर्ण है कि इसने जीनोम-वाइड एक्सप्लोरेशन के अलावा, इसने एक महत्वपूर्ण और एक लंबे समय तक बने रहे धान के ऐसे जीनोमिक क्षेत्र को उजागर किया है, जो मोलिक्यूलर मार्कर और क्वांटिटेटिव ट्रेड के लिए क्रमिक रूप से तैयार किया गया था।

धान फसल का महत्व

  • चावल दुनिया भर में मुख्य खाद्य पदार्थों में से एक है, क्योंकि इसमें बहुत अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है, जो तत्काल ऊर्जा प्रदान करता है। दक्षिण पूर्व एशिया में, जहां दुनिया के दूसरे हिस्सों की तुलना में इसका अधिक सेवन किया जाता है, कुल कैलोरी के 75% हिस्से की पूर्ति इसी से होती है। भारत में धान की खेती बहुत बड़े क्षेत्र में की जाती है। लगभग सभी राज्यों में धान उगायी जाती है हालांकि इसके बावजूद कम उत्पादकता इसकी समस्या है।
  • भारत और दुनिया की बढ़ती आबादी की मांग को पूरा करने के लिए, धान की उत्पादकता में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि की आवश्यकता है। प्रति पौधे अनाज के दानों की संख्या और उनके वजन जैसे लक्षण मुख्य रूप से धान की उपज को निर्धारित करते हैं। ऐसे में शोधकर्ताओं और उत्पादकों का मुख्य उद्देश्य अनाज के पुष्ट दानों वाले धान की बेहतर किस्में विकसित करना रहा है, जो ज्यादा उपज और बेहतर पोषण दे सकें।

'CatchUp' कॉलिंग ऐप

  • दिग्गल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने पिछले दिनों ही वीडियो कॉलिंग के लिए फेसबुक मैसेंजर रूम्स ऐप को लॉन्च किया था। लॉकडाउन के चलते लोगों के बीच आज कल वीडियो कॉलिंग फीचर काफी डिमांड में है और इसी को ध्यान में रखते हुए फेसबुक ने एक ऑडियो कॉलिंग ऐप CatchUp लॉन्च किया है। इस ऐप के जरिए एक साथ एक समय में 8 लोग ग्रुप कॉलिंग में ऐड हो सकते हैं।
  • फेसबुक CatchUp को फेसबुक की NPE टीम ने डेवलप किया है और फिलहाल यह ऐप यूएस में टेस्टिंग के लिए उपलब्ध कराया गया है।

अंतरिक्ष स्टार्टअप कंपनी वेस्टास्पेश टैक्नालाजी

  • अंतरिक्ष स्टार्टअप कंपनी वेस्टास्पेश टैक्नालाजी ने कहा कि वह देश में 5जी सेवाओं के लिये सितंबर से 35 से अधिक उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजना शुरू करेगी। कंपनी 2021 तक इस नई पीढी का नेटवर्क चालू करना चाहती है। वेस्टास्पेश के नवोन्मेषी समाधान को देश और दुनिया में पहुंचाने के लिये वेस्टास्पेश को अमेरिका स्थित नेक्स्ट केपिटल एलएलसी से एक करोड़ रुपये का वित्तपोषण प्राप्त हुआ है। यह अमेरिका की निवेश और सलाहकार कंपनी है।

क्या है कंपनी की योजना?

  • वेस्टास्पेश टैक्नालाजीज के संस्थापक एवं सीईओ अरुण कुमार सुरेबन ने कहा कि नई पीढी के उपग्रह का शुरुआती संस्करण सितंबर 2020 में छोड़ने की योजना है। इसके साथ ही 2021 की शुरुआत में पूरी तरह से परिचालन वाले उपग्रहों को अंतरिक्ष की निचली कक्षा अथवा मू-समकालिक भूमध्य रेखीय कक्षा में स्थापित किया जाएगा।
  • 5जी सेवाओं के देशभर में कवरेज सुनिश्चित करने के लिये हम 35 से अधिक उपग्रहों को अंतरिक्ष में छोड़ने जा रहे हैं। इसके जरिये हम फाइबर नेटवर्क का विकल्प भी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। किसी भी 5जी फोन को सीधे उपग्रह से सिगनल प्राप्त होंगे। हमें 2021 की शुरुआत में ही परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी 5जी परिचालन के लिये 28गीगाहट्र्ज बैंड के स्पेक्टूम के लिये दूरसंचार विभाग से बातचीत कर रही है।

:: विविध ::

पांच भारतीय शांति रक्षकों को मरणोपरांत ‘दैग हैमरस्कोल्द पदक’

  • पांच भारतीय शांति रक्षकों समेत 83 सैन्य, पुलिस और असैन्य कर्मियों को मरणोपरांत प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र पदक से इस हफ्ते सम्मानित किया जाएगा। इन सभी ने संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा अभियानों में भाग लेते हुए पिछले साल अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। बता दें कि पदक का नाम संयुक्त राष्ट्र के दूसरे महासचिव के नाम पर रखा गया है। इनकी 1961 में एक रहस्यमयी विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। बाद में इन्हें मरणोपरांत नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में सेवा देने वाले मेजर रवि इंदर सिंह संधू और सार्जेट लाल मनोत्रा तरसेम, लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल में सार्जेट रमेश सिंह, यूएन डिसएंगेजमेंट ऑब्जर्वर फोर्स में काम करने वाले पी. जॉनसन बेक और कांगो में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में काम करने वाले एडवर्ड ए पिंटो को 29 मई को अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस पर मरणोपरांत दैग हैमरस्कोल्द पदक दिया जाएगा।

नरेन्द्र बत्रा

  • भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नरेन्द्र बत्रा को ओलंपिक चैनल आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है।अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष थॉमस बाक को लिखे पत्र में बत्रा ने इस भूमिका के लिए चुने जाने पर आभार जताया। बत्रा पिछले साल जून में आईओसी सदस्य बने थे।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • नवी शताब्दी के शिवलिंग की प्राप्ति से चर्चा में रहे ‘माई सन मंदिर’ किस देश में स्थित है एवं इस मंदिर को किसने बनवाया था?   (वियतनाम, 14 वीं शताब्दी में चंपा के राजाओं के द्वारा)
  • उग्रवादियों के आत्मसमर्पण से चर्चा में रहे ‘ऑपरेशन सनराइज’ में किन देशों की सेनाएं शामिल है एवं यह किससे संबंधित है?   (भारत और म्यांमार की सेना, पूर्वोत्तर में उग्रवादियों के उन्मूलन से)
  • फसलों की जीनोटाइप पर शोध करने से चर्चा में रहे एलजीआर, पीबी 1121, सोनसाल और बिंदली किस खाद्यान्न फसल की प्रजाति हैं?   (धान)
  • हाल ही में किसे न्यू डेवलपमेंट बैंक के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में चयन किया गया है?   (मार्कोस त्रोज्यो- ब्राजील और अनिल किशोर- भारत)
  • बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की मीटिंग से चर्चा में रहे न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की स्थापना किस घोषणा पत्र के तहत हुई थी एवं इसका मुख्यालय कहां है?   (फोर्टालेजा घोषणा,शंघाई चीन)
  • हाल में किस वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी के द्वारा कॉलिंग ऐप ‘CatchUp’ को लांच किया गया है?   (फेसबुक)
  • संयुक्त राष्ट्र मिशन में सेवा के लिए किन भारतीय सैनिकों को मरणोपरांत ‘दैग हैमरस्कोल्द पदक’ प्रदान किया जाएगा?   (मेजर रवि इंदर सिंह संधू, सार्जेट लाल मनोत्रा तरसेम, सार्जेट रमेश सिंह, पी. जॉनसन बेक और एडवर्ड ए पिंटो)
  • हाल ही में किस भारतीय को ओलंपिक चैनल आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है?   (नरेंद्र बत्रा- भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष)
  • भारतीय सेना द्वारा ‘ऑपरेशन विजय’ को प्रारंभ करने के 21 वर्ष पूर्ण होने से चर्चा में रहे इस सैन्य अभियान का उद्देश्य क्या था?   (कारगिल पर पुनः नियंत्रण प्राप्त करना)
  • सेबी द्वारा असाही इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कार्रवाई से चर्चा में रहे ‘ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स’ (GDR) क्यों और किसे निर्गत किया जाता है?   (कंपनियों द्वारा विदेशों से पूंजी जुटाने हेतु, विदेश स्थित डिपोजिटरी द्वारा अनिवासी निवेशकों को)
  • हाल ही में किस अंतरिक्ष स्टार्टअप कंपनी में भारत में 5G सेवाओं के विस्तार हेतु 35 से अधिक उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजने की योजना बनाई है?   (वेस्टास्पेश टैक्नालाजी)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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