(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (28 जुलाई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर

:: राष्ट्रीय समाचार ::

मौसम एप्लीकेशन

चर्चा का कारण

  • हाल ही में केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री हर्ष वर्धन ने समय रहते मौसम की चुनौतियों से निपटने के इरादे से एक सरकारी मोबाइल एप्लीकेशन ‘मौसम(Mausam) लॉन्च किया।
  • ऐप लॉन्चिंग के मौके पर डॉ॰ हर्षवर्धन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मौसम के अपडेट को सटीक बनाने के लिए नई डिवाइस, कंप्यूटर से जुड़े संसाधनों इत्यादि को बदलने के लिए भारी निवेश की जरूरत है और यह निवेश मौजूदा बजट से कम से कम दोगुना होना चाहिए।

मौसम एप्लीकेशन

  • पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के भारत मौसम विज्ञान विभाग ने नवीनतम टूल्स एवं प्रौद्योगिकियों पर आधारित मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी सेवाओं के प्रसार में सुधार के लिए हाल के वर्षों में कई अभिनव कदम उठाये हैं। इस पहल को और आगे बढ़ाने के लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने भारत मौसम विज्ञान विभाग के लिए मोबाइल ऐप ‘मौसम‘ लॉन्‍च किया है।
  • यह मोबाइल ऐप आम लोगों को समर्पित है और इसका उद्देश्य सरल तरीके से मौसम की सूचना एवं पूर्वानुमान को प्रेषित करना है।
  • इस मोबाइल ऐप को इंटरनेशनल कॉर्प्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर सेमी – एरीड ट्रॉपिक्स (आईसीआरआईएसएटी) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटिरोलॉजी, पुणे (आईआईटीएम) और भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा मिलकर विकसित किया गया है।

मोबाइल ऐप ‘मौसम‘के द्वारा 5 प्रकार की सेवाएं प्रदान की जाएगी :

  1. वर्तमान मौसम: 200 शहरों के लिए रोजाना आठ घंटों पर वर्तमान तापमान, आर्द्रता, हवा की गति एवं दिशा का अद्यतन किया जाता है। सूर्योदय/सूर्यास्त एवं चांद के निकलने तथा अस्त होने के बारे में भी जानकारी दी जाती है।
  2. नाऊकास्ट: आईएमडी के राज्य मौसम विज्ञान विभाग केंद्रों द्वारा भारत के 800 स्टेशनों एवं जिलों के बारे में स्थानीय मौसम की अवधारणा की तीन घंटे पर चेतावनी जारी की जाती है। उग्र मौसम के मामले में इसके प्रभाव को भी चेतावनी में शामिल किया जाता है।
  3. नगर पूर्वानुमान: भारत के लगभग 450 शहरों के आसपास की मौसम स्थितियों के पिछले 24 घंटों एवं 7 दिनों का पूर्वानुमान।
  4. चेतावनियांः नागरिकों को आने वाले खतरनाक मौसम की चेतावनी देने के लिए कलर कोड (रेड, औरेंज एवं येलो) में अगले पांच दिनों के लिए सभी जिलों के बारे में रोजाना दोबार अलर्ट जारी किए जाते हैं। कलर कोड रेड सर्वाधिक उग्र वर्ग है जो प्राधिकारियों और आम लोगों को कदम उठाने के लिए आग्रह करता है, औरेंज कोड प्राधिकारियों और आम लोगों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित करता है जबकि येलो कोड प्राधिकारियों और आम लोगों को खुद को अपडेट रखने के लिए प्रेरित करता है।
  5. राडार उत्पाद: नवीनतम स्टेशन वार राडार उत्पादों का प्रत्येक 10 मिनट पर अद्यतन किया जाता है।

लाभ

  • अभी तक देश में मौसम पूर्वानुमान को लेकर रोजाना के अपडेट के लिए कोई खास तंत्र नही था। ऐसे में लोगों को प्राइवेट संस्थानों की रिपोर्ट का सहारा लेना पड़ता था, जिसमें हर एक शहर के मौसम की अपडेट नहीं होती थी। ऐसे में मौसम ऐप से इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

मौसम पुर्वानुमान बताने वाला ‘उमंग ऐप’

  • भारत में मौसम की जानकारी देने से संबन्धित दूसरा महत्वपूर्ण सरकारी ऐप ‘उमंग ऐप’ (UMANG App) है ।
  • भारत सरकार के यूनीफाइड मोबाइल एप्‍लीकेशन फॉर न्‍यू-एज गवर्नेंस यानी उमंग ऐप पर मौसम की जानकारी प्रदान की जाती है।
  • यह ऐप भारत सरकार का ऑल-इन-वन सिंगल, यूनिफाइड, सुरक्षित, मल्‍टी-चैनल, मल्‍टी-प्‍लेटफॉर्म, मल्टी लैंग्वेस मोबाइल ऐप है, जो कई तरह की सेवाएं प्रदान करता है। यहां आधार कार्ड, भारत गैस, भारत बिल पे, ईपीएफओ, एम-किसान, सीबीएसई जैसी 127 विभागों और 25 राज्‍यों की 660 सेवाएं उपलब्‍ध हैं।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समस्‍त सरकारी सेवाओं को सिंगल मोबाइल ऐप पर लाते हुए 2017 में UMANG App का शुभारंभ किया था।

आकांक्षी जिला कार्यक्रम

चर्चा में क्यों?

  • नीति आयोग के द्वारा आकांक्षी जिला कार्यक्रम की डेल्टा रैंकिंग फरवरी-जून, 2020 की अवधि के लिए जारी कर दी गयी है।

डेल्टा रैंकिंग फरवरी-जून, 2020 से संबंधित तथ्य

  • विकास की राह पर प्रगति की नीति आयोग की कसौटी पर पिछड़ा जिलों में छत्तीसगढ़ का बीजापुर को पहला स्थान दिया गया है। मेघालय की रीभोई और उत्तर प्रदेश का बहराइच क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
  • आयोग की डेल्टा रैंकिंग 112 आकांक्षी जिलों में इस साल फरवरी-जून के दौरान स्वास्थ्य और पोषण तथा शिक्षा समेत छह विकासत्मक क्षेत्रों में हुई प्रगति के आधार पर की गयी है।

क्या है आकांक्षी जिला कार्यक्रम?

  • नीति आयोग के द्वारा आकांक्षी जिला कार्यक्रम जनवरी 2018 में शुरू किया। इस कार्यक्रम मकसद मुख्य सामाजिक क्षेत्रों में पीछे रह गये और अल्पविकसित श्रेणी में आने वाले उन जिलों को तरक्की के रास्ते पर लाना है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम की डेल्टा रैंकिंग के लिये स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा के अलावा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेश, कौशल विकास तथा मूल ढांचागत सुविधा को आधार बनाया जाता है।

नॉलेज रिसोर्स सेंटर नेटवर्क (केआरसीनेट)

चर्चा में क्यों?

  • भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के तहत पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का लक्ष्य एक विश्व स्तरीय नॉलेज रिसोर्स सेंटर नेटवर्क (केआरसीनेट) विकसित करना है।

नॉलेज रिसोर्स सेंटर नेटवर्क (केआरसीनेट) क्या है?

  • सूचना प्रौद्योगिकी में हुए उल्लेखनीय विकास को देखते हुए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय प्रणाली की पारंपरिक पुस्तकालयों का एक शीर्ष नॉलेज रिसोर्स सेंटर (केआरसी) में उन्नयन किया जाएगा। केआरसी को एक-दूसरे के साथ कनेक्ट किया जाएगा तथा केआरसीनेट पोर्टल के साथ समेकित किया जाएगा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की बौद्धिक दुनिया में यह एक सिंगल प्वांईंट एंट्री होगी।
  • पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय प्रणाली के संसाधन एवं सेवाएं एक एकल प्वांईंट गतिशील, अपडेटेड एवं इंटीग्रेटिड केआरसीनेट पोर्टल के जरिये 24 घंटे सुलभ होंगी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के मुख्यालय में एक प्रायोगिक परियोजना विकसित की गई है जिसे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अन्य संस्थानों के साथ समेकित किया जाएगा।

केआरसीनेट के प्रमुख उद्वेश्य:

  • पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ज्ञान संसाधनों, इसके रखरखाव, सरल पुनःप्राप्ति और प्रसार के प्रलेखन के लिए आईएसओ प्रमाणन सुनिश्चित करने के द्वारा एक कुल गुणवत्ता प्रबंधन (टीक्यूएम) प्रणाली की स्थापना करना।
  • पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय मुख्यालय तथा इसके संस्थानों में उपलब्ध बौद्धिक संसाधनों, उत्पादों तथा प्रोजेक्ट आउटपुट के संग्रह, परितुलन, विश्लेषण, सूचकांक, भंडारण तथा प्रसार करना।
  • पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय सेवाओं सहित पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय मुख्यालय तथा इसके संस्थानोंमें उपलब्ध प्रिंट एवं डिजिटल संसाधनों का एक अद्यतन मेटा डाटा का विकास एवं रखरखाव।
  • केआरसीनेट पोर्टल के जरिये अभिदत्त ज्ञान तत्वों तक 24 घंटे पहुंच की सुविधा।
  • नीति निर्माण के लिए बिबलियोमेट्रिक्स, साईटोमेट्रिक्स, बिग डाटा एनालिटिक्स, सोशल मीडिया एनालिटिक्स, आदि जैसे सूचना विश्लेषण संबंधी टूल्स एवं तकनीकों का अनुप्रयोग, रिपोर्ट तैयार करना तथा सूचना प्रसार।
  • इलेक्ट्रानिक जर्नल्स, डाटाबेस, डिजिटल उत्पाद, डाटा एनालिटिक्स आदि के उपयोग को लोकप्रिय बनाने के लिए सावधिक रूप से प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन।

पीएम केयर्स फंड

चर्चा में क्यों?

  • उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी के लिये पीएम केयर्स फंड को प्राप्त धनराशि राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष में अंतरित करने के लिये दायर याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली। न्यायालय इस पर अपना निर्णय बाद में देगा।

पृष्ठभूमि

  • सुप्रीम कोर्ट में पिछले दिनों सेंटर फॉर पब्लिक इंट्रेस्ट लिटिगेशन की ओर से अर्जी दाखिल की गई थी। याचिका दाखिल कर गुहार लगाई गई है कि कोरोना महामारी से लड़ने के लिए लोगों ने और संस्थानों ने जो पैसे डोनेट किए हैं वह पीएम केयर्स फंड से नैशनल डिजास्टर रिस्पांस फंड में ट्रांसफर किया जाए। सुप्रीम कोर्ट में इसको लेकर पीआईएल दाखिल की गई है और कहा गया है कि करोड़ों का फंड जो पीएम केयर फंड में आया है उसे एनडीआरएफ में ट्रांसफर किया जाए ताकि महामारी से लड़ने में उसका इस्तेमाल हो।

क्या है पीएम केयर्स फंड?

  • कोविड-19 महामारी जैसी किसी भी तरह की आपातकालीन या संकट की स्थिति से निपटने के प्राथमिक उद्देश्य के साथ एक समर्पित राष्ट्रीय निधि की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए और उससे प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए ‘आपात स्थितियों में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष (पीएम केयर्स फंड)’ के नाम से एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट बनाया गया है।

उद्देश्य:

  • संकट की स्थिति, चाहे प्राकृतिक हो या कोई और, में प्रभावित लोगों की पीड़ा को कम करने और बुनियादी ढांचागत सुविधाओं एवं क्षमताओं को हुए भारी नुकसान में कमी/नियंत्रण करने, इत्यादि के लिए त्‍वरित अवसंरचना और संस्थागत क्षमता के पुनर्निर्माण/विस्‍तार के साथ-साथ त्वरित आपातकालीन कदम उठाना और सामुदाय की प्रभावकारी सुदृढ़ता के लिए क्षमता निर्माण करने हेतु।
  • प्रभावित लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए, पैसे के भुगतान हेतु अनुदान प्रदान करने या ऐसे अन्य कदम उठाने के लिए पैसे के भुगतान के लिए न्यासी बोर्ड द्वारा आवश्यक समझा जा सकता है।

ट्रस्ट की संरचना:

  • प्रधानमंत्री, PM CARES कोष के पदेन अध्यक्ष और रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री, निधि के पदेन ट्रस्टी होते हैं।प्रधानमंत्री के पास 3 ट्रस्टीज को बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज में नामित करने की शक्ति होगी जो अनुसंधान, स्वास्थ्य, विज्ञान, सामाजिक कार्य, कानून, लोक प्रशासन और परोपकार के क्षेत्र में प्रतिष्ठित व्यक्ति होंगे।
  • ट्रस्टी नियुक्त किया गया कोई भी व्यक्ति निशुल्क रूप से कार्य करेगा। अन्य जानकारी :
  • इस कोष में पूरी तरह से व्यक्तियों / संगठनों से स्वैच्छिक योगदान होता है और इसे कोई बजटीय सहायता नहीं मिलती है। निधि का उपयोग ऊपर बताए गए उद्देश्यों को पूरा करने में किया जाएगा।
  • पीएम-केयर्स फंड में दान दी गई रकम पर 80जी के तहत इनकम टैक्‍स से 100 फीसदी छूट मिलेगी।
  • पीएम-केयर्स फंड में दान भी कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत CSR व्यय के रूप में गिना जाएगा।
  • पीएम केयर्स फंड को भी FCRA के तहत छूट मिली है और विदेशों से दान प्राप्त करने के लिए एक अलग खाता खोला गया है। इससे विदेशों में स्थित व्यक्ति और संगठन पीएम केयर्स फंड में दान दे सकते हैं।

टाइम कैप्सूल

चर्चा में क्यों?

  • श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर निर्माण स्थल पर जमीन में लगभग 200 फीट एक टाइम कैप्सूल रखे जाने के बाद एक बार फिर से इसकी चर्चा होने लगी है। इस टाइम कैप्सूल का मकसद यह है कि सालों बाद भी यदि कोई श्रीराम जन्मभूमि के बारे में जानना चाहे तो वो इससे जान सकता है।
  • ऐसा नहीं है कि किसी जगह पर टाइम कैप्सूल पहली बार रखा जा रहा है इससे पहले भी देश में अलग-अलग जगहों पर टाइम कैप्सूल रखे जा चुके हैं। लाल किला, कानपुर के आइआइटी कॉलेज और कृषि विश्वविद्यालय में इसे रखा जा चुका है। अब ऐतिहासिक रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण में टाइम कैप्सूल रखा जा रहा है। टाइम कैप्सूल का इस्तेमाल दुनिया के अन्य देशों में भी किया जा रहा है।

​टाइम कैप्सूल होता क्या है?

  • टाइम कैप्सूल एक कंटेनर की तरह होता है जिसे विशिष्ट सामग्री से बनाया जाता है। टाइम कैप्सूल हर तरह के मौसम का सामना करने में सक्षम होता है, उसे जमीन के अंदर काफी गहराई में दफनाया जाता है। काफी गहराई में होने के बावजूद भी हजारों साल तक न तो उसको कोई नुकसान पहुंचता है और न ही वह सड़ता-गलता है।
  • टाइम कैप्सूल एक कंटेनर की तरह होता है जिसे विशेष प्रकार के तांबे (कॉपर) से बनाया जा रहा है और इसकी लंबाई करीब तीन फुट होगी। इस कॉपर की विशेषता यह है कि यह सालों साल खराब नही होता है और सैकड़ों हजारों साल बाद भी इसे जब जमीन से निकाला जाएगा तो इसमें मौजूद सभी दस्तावेज पूरी तरह से सुरक्षित होंगे। टाइम कैप्सूल हर तरह के मौसम का सामना करने में सक्षम होता है, उसे जमीन के अंदर काफी गहराई में दफनाया जाता है। काफी गहराई में होने के बावजूद भी हजारों साल तक न तो उसको कोई नुकसान पहुंचता है और न ही वह सड़ता-गलता है।
  • 30 नवंबर, 2017 में स्पेन के बर्गोस में करीब 400 साल पुराना टाइम कैप्सूल मिला था। यह यीशू मसीह के मूर्ति के रूप में था। मूर्ति के अंदर एक दस्तावेज था जिसमें 1777 के आसपास की आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक सूचना थी। फिलहाल इसे ही सबसे पुराना टाइम कैप्सूल माना जा रहा है। इसके बाद फिलहाल ऐसा कोई टाइम कैप्सूल नहीं मिला है।
  • टाइम कैप्सूल को दफनाने का मकसद किसी समाज, काल या देश के इतिहास को सुरक्षित रखना होता है। यह एक तरह से भविष्य के लोगों के साथ संवाद है। इससे भविष्य की पीढ़ी को किसी खास युग, समाज और देश के बारे में जानने में मदद मिलती है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF)

चर्चा में क्यों?

  • कोरोना के कारण बनी परिस्थितियों में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने भारत की मनी लांड्रिंग रोधी व्यवस्था और वित्तीय अपराधों पर लगाम के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा फिलहाल टाल दी है।एफएटीएफ के विशेषज्ञ सितंबर-अक्टूबर में भारत आकर इन कदमों की समीक्षा करने वाले थे। अब पेरिस स्थित एफएटीएफ सचिवालय ने भारत को बताया है कि यह समीक्षा अगले साल जनवरी-फरवरी तक के लिए टाल दी गई है।

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) क्या है?

  • एफएटीएफ, पेरिस स्थित एक वैश्विक संगठन है जो आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग पर लगाम लगाने के लिए काम करती है। साल 1989 में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन में मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने के मक़सद से फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इसका सचिवालय पैरिस स्थित आर्थिक सहयोग और विकास संगठन यानी OECD के मुख्यालय में है। साल 2001 में इसके कार्य क्षेत्र को थोड़ा विस्तार दिया गया और आतंकवाद को धन मुहैया कराने के विरूद्ध नीतियां बनाना भी इसकी जिम्मेदारियों में शामिल कर दिया गया।
  • अभी एफएटीएफ में 39 सदस्य हैं जिसमें 2 क्षेत्रीय संगठन - यूरोपीय कमीशन और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल शामिल है। साथ ही, इंडोनेशिया इसमें बतौर आब्जर्वर शामिल है। भारत 2010 में एफटीएफ का सदस्य बना था।

दारफुर सूडान

  • सूडान के युद्ध ग्रस्त दारफुर क्षेत्र में नये सिरे से हुई हिंसा में 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। संयुक्त राष्ट्र ने यह जानकारी दी। ये हिंसात्मक घटनाएं निरंकुश शासक उमर अल बशीर को सेना द्वारा सत्ता से बेदखल किए जाने के एक साल से भी अधिक वक्त के बाद लोकतंत्र की तरफ बढ़ने के देश के नाजुक प्रयासों को विफल करने का जोखिम पैदा करती हैं।
  • सूडान में मानवीय मामला समन्वयन के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने कहा कि 500 सशस्त्र लोगों ने पश्चिमी दारफुर प्रांत की प्रांतीय राजधानी जेनेना से 48 किलोमीटर दक्षिण में स्थित मास्तेरी गांव पर हमला कर दिया था। ये झड़पें इलाके के मसलित और अरब जनजातियों के बीच शनिवार सुबह शुरू होकर रविवार देर रात तक चली थीं।

:: राजव्यवस्था ::

उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020

चर्चा में क्यों?

  • श्री राम विलास पासवान ने सूचित किया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के सभी प्रावधान 24 जुलाई, 2020 से लागू हो गए हैं, जिनमें उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 भी शामिल है। नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 पूरे देश में 20.7.2020 से लागू किया गया है।

क्या है उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020?

  • नया अधिनियम ई-कॉमर्स में अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने के लिए और उपभोक्ताओं के विवादों के निपटारे और समय पर व प्रभावी प्रशासन के लिए तंत्र स्थापित करते हुए उपभोक्ताओं के हितों और अधिकारों की रक्षा करने के लिए, नियमों के माध्यम से कई उपाय प्रदान करता है। केंद्र सरकार ने तदनुसार उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 को अधिसूचित किया है।
  • ये नियम डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर खरीदे या बेचे जाने वाले सभी सामानों और ई-कॉमर्स के सभी मॉडलों पर लागू होंगे जिनमें मार्केट प्लेस यानी बाजार (जैसे एमेज़ॉन और फ्लिपकार्ट) और इन्वेंट्री मॉडल (जहां ई-कॉमर्स कंपनी शेयरों की भी मालिक है) भी शामिल हैं।

उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 से जुड़ें महत्वपूर्ण तथ्य

  • ये नियम ई-कॉमर्स कंपनियों (बाजार और इन्वेंट्री मॉडल) और ई-कॉमर्स कंपनियों के बाजार स्थान पर बेचने वालों के कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों को निर्दिष्ट करते हैं।
  • ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने मंचों के बारे में जानकारियां प्रदान करनी होंगी जैसे उनका कानूनी नाम, मुख्यालयों / सभी शाखाओं के प्रमुख भौगोलिक पते, वेबसाइट का नाम व ब्यौरा और ग्राहक देखभाल व शिकायत अधिकारी का ई-मेल पता, फैक्स, लैंडलाइन और मोबाइल नंबर आदि।
  • ई-कॉमर्स कंपनियों को रिटर्न, रिफंड, एक्सचेंज, वारंटी और गारंटी, डिलीवरी और शिपमेंट, भुगतान के माध्यम, शिकायत निवारण तंत्र, भुगतान के तरीके, भुगतान के तरीकों की सुरक्षा, चार्ज-बैक विकल्प आदि से संबंधित जानकारी प्रदान करना आवश्यक है। इन नियमों के अंतर्गत ई-कॉमर्स संस्थाओं को पुष्टि के बाद ऑर्डर रद्द करने वाले उपभोक्ताओं पर रद्दीकरण शुल्क नहीं लगाना चाहिए, जब तक कि उनके द्वारा आदेशों को एकतरफा रद्द करने की स्थिति में उन्हें भी इसी तरह के शुल्क वहन करने पड़ रहे हों।
  • अगर कोई ई-कॉमर्स कंपनी आयातित वस्तुओं या सेवाओं की बिक्री कर रही है तो इस स्थिति में उसे आयातक के नाम और विवरण का उल्लेख करना होगा।
  • एक बाज़ार स्थान पर हर विक्रेता को बिक्री के लिए प्रस्तुत वस्तुओं और सेवाओं के मूल देश समेत सभी प्रासंगिक विवरण प्रदान करने होंगे जो कि उपभोक्ता को खरीद से पहले के चरण में एक सूचित निर्णय लेने में सक्षम करने के लिए आवश्यक हैं।
  • प्रत्येक ई-कॉमर्स संस्था को एक शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने और एक शिकायत अधिकारी नियुक्त करने की आवश्यकता हैजिसका नाम, पदनाम, संपर्क विवरण उस मंच पर प्रदर्शित होना आवश्यक है। ई-कॉमर्स संस्थाओं को ये सुनिश्चित करना होगा कि उनका शिकायत अधिकारी 48 घंटों के भीतर किसी भी उपभोक्ता की शिकायत को स्वीकार कर ले और शिकायत प्राप्त होने की तारीख से एक महीने के भीतर उस शिकायत का निवारण कर दे।
  • इन नियमों के उल्लंघन को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत निपटा जाएगा। अनुचित व्यापार व्यवहार और भ्रामक विज्ञापनों को लेकर मुकदमे की स्थिति में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण कार्रवाई कर सकता है। किसी भी मुआवजे के लिए कोई उपभोक्ता उचित अधिकार क्षेत्र के उपभोक्ता आयोग से संपर्क कर सकता है।

:: अर्थव्यवस्था ::

फ्री ट्रेड एग्रिमेंट्स (FTAs)

  • भारत अब अपने फ्री ट्रेड एग्रिमेंट्स (FTAs) को फिर से रिव्यू करने की सोच रहा है। इसमें वो एग्रिमेंट भी शामिल होंगे, जिनसे भारत को फायदा तो बहुत कम हुआ है, लेकिन नुकसान काफी हुआ है। अब इन नुकसान वाली या यूं कहें बेकार डील्स के बारे में भारत गंभीरता से सोच रहा है।

फ्री ट्रेड एग्रिमेंट्स (FTAs)होता है?

  • फ्री ट्रेड एग्रिमेंट्स, यानी दुनिया के दो देशों/ट्रेड ब्लाक के बीच व्यापारिक संधि, जिसके तहत देशों के बीच आयात व निर्यात शुरू होता है, इसमें कई तरह की छूट दी जाती है, जिससे सामान सस्ता हो जाता है। इसमें जिसमें दो देश या देशों का समूह आपस में सीधे-सीधे समझौता करते है और इसमें डब्ल्यूटीओ का सीधे कोई हस्तक्षेप नहीं होता।

फ्री ट्रेड एग्रिमेंट्स की समीक्षा के बारे में

  • फ्री ट्रेड एग्रिमेंट से भारत को फायदा तो बहुत कम हुआ है, लेकिन नुकसान काफी हुआ है। ये देखा जा रहा है कि कौन से ऐसे फ्री ट्रेड एग्रिमेंट हैं, जो उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। इसे लेकर हाई लेवल पर फैसला किया जाएगा की भविष्य में इसका क्या करना है। अधिकतर ट्रेडिंग एग्रिमेंट में एक रिव्यू करने का या फिर उस एग्रिमेंट से बाहर निकलने का क्लॉज है। सबबसे अधिक फोकस अमेरिका, यूरोपियन यूनियन और यूके पर किया जा रहा है, जो भारत के निर्यातकों के लिए बेहद खास मार्केट है।
  • भारत ने रीजनल कॉम्प्रेहेंसिव इकनॉमिक पार्टनरशिप डील से नवंबर में ही खुद को बाहर कर लिया था। फिलहाल 15 सदस्यों वाले समूह के साथ भारत का ट्रेडिंग एग्रिमेंट नहीं है, जिसमें चीन भी शामिल है। भारत कुछ ट्रेडिंग एग्रिमेंट का रिव्यू कर सकता है औरर कुछ आइटम पर टैरिफ पर फिर से नेगोशिएशन हो सकता है।
  • भारत ने ट्रेड एग्रिमेंट का आकलन करने के लिए 4 वर्किंग ग्रुप बनाए हैं, जो आकलन के बाद नई रणनीति बनाएंगे। नई रणनीति बनाते वक्त यह भी ध्यान में रखा जाएगा कि भारत अभी कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है। इससे देश में निवेश आएगा और निर्यात को मजबूती मिलेगी।

भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा नवीनतम पहल

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री राम विलास पासवान ने उपभोक्ताओं के लिए का मोबाइल ऐप्स ‘बीआईएस-केयर’और ई-बीआईएस के तीन पोर्टलों- मानकीकरण, अनुरूपता आकलन तथा प्रशिक्षण को लॉन्च किया। आपको बता दे बीआईएस की कार्यप्रणाली का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू मानकों का कार्यान्वयन लागू करने के लिए प्रमाणन तथा निगरानी है।

भारतीय मानक ब्यूरो के नवीनतम पहल

बीआईएस-केयर

  • मोबाइल ऐप्स बीआईएस-केयर को किसी भी एंड्रायड फोन पर आपरेट किया जा सकता है। यह ऐप हिन्दी तथा अंग्रेजी में संचालन में है तथा इसे गूगल प्ले स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। उपभोक्ता इस ऐप का उपयोग करके आईएसआई चिन्हित एवं हॉलमार्क्ड उत्पादों की प्रमाणिकता की जांच कर सकते हैं और अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

बीआईएस ई-बीआईएस

  • बीआईएस ई-बीआईएस, जो इसके सभी कार्यों, फैक्टरी एवं बाजार निगरानी तथा मोबाइल आधारित एवं एआई-सक्षम निगरानी पद्धतियों के विकास के लिए बाहर की एजेन्सियों की सेवाओं को सूचीबद्ध करने वाला एक समेकित पोर्टल है, के कार्यान्वयन द्वारा प्रवर्तन की अपनी क्षमता को सुदृढ़ कर रहा है।
  • बीआईएस उपभोक्ता भागीदारी पर एक पोर्टल का विकास कर रहा है जो उपभोक्ता समूहों के ऑनलाइन पंजीकरण, प्रस्तावों को प्रस्तुत करने और उसके बाद अनुमोदन तथा शिकायत प्रबंधन को सुगम बनायेगा।

एक राष्ट्र, एक मानक

  • एक राष्ट्र, एक मानक को कार्यान्वित करने की योजना की भी चर्चा की और कहा कि बीआईएस ने मानक प्रतिपादनों के समन्वयीकरण के उद्देश्य से देश में अन्य मानक विकास संगठनों की मान्यता के लिए एक स्कीम बनाई है। अभी इसका परीक्षण चल रहा है तथा जल्द ही इसे लांच किया जाएगा।

क्यूसीओ

  • निर्यात एवं आयात को विनियमित करने के लिए गैर टैरिफ बाधाओं के उपयोग पर और मानकों को अनिवार्य बनाने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के निर्माण में बीआईएस द्वारा निभाई जा रही है। बीआईएस ने सक्रियतापूर्वक विभिन्न मंत्रालयों तथा विभागों के साथ करार किया है जिससे कि उन्हें 368 उत्पादों के लिए क्यूसीओ जारी करने में मदद की जा सके और 239 उत्पादों के लिए क्यूसीओ का निर्माण का कार्य प्रगति पर है। मानकों के अनिवार्य बन जाने के बाद घरेलू तथा विदेशी दोनों ही विनिर्माताओं को उनका अनुपालन करना हागा। वर्तमान में बीआईएस द्वारा जारी लाइसेंस की संख्या लगभग 37000 है जिसमें क्यूसीएस के कारण तेज बढोतरी होने की उम्मीद है।

बीआईएस प्रयोगशालाओं

  • बीआईएस लैब्स के विस्तार और आधुनिकीकरण के क्रम में पेय जल तथा स्वर्ण आभूषणों की जांच के लिए परीक्षण सुविधाओं का सृजन न केवल आठ बीआईएस प्रयोगशालाओं में किया जा रहा है बल्कि हैदराबाद, अहमदाबाद, जम्मू, भोपाल, रायपुर एवं लखनऊ जैसी कई शाखा कार्यालयों में किया जा रहा है।

राष्ट्रीय मानकीकरण संस्थान

  • नोएडा स्थित राष्ट्रीय मानकीकरण संस्थान के जरिये भारतीय मानक ब्यूरो विभिन्न हितधारकों को प्रशिक्षण प्रदान करता रहा है, क्यांकि प्रशिक्षण मानकों को बढ़ावा देने एवं कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके माध्यम से इसने एक व्यापक प्रशिक्षण नीति तैयार की है तथा आनलाइन और आफ लाइन पाठ्यक्रमों के जरिये बड़े स्तर पर उद्योग, उपभोक्ता संगठनों तथा सरकारी अधिकारियों तक पहुंचने के लिए एक कार्य योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

एस- 400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम

चर्चा का कारण

  • हाल ही में रूस ने चीन को दी जाने वाली एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। रूस ने यह आपूर्ति तब रोकी है, जब चीन अपनी आक्रमकता के कारण कूटनीतिक मोर्चे पर कई देशों से एक साथ संघर्ष कर रहा है।
  • यह चीन के लिए बड़ा झटका है। रूस के इस कदम के कई निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।

पृष्ठभूमि

  • एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति को रोकने से पहले मास्‍को ने बीजिंग पर जासूसी करने का आरोप लगाया था।
  • रूसी अधिकारियों ने अपने सेंट पीटर्सबर्ग आर्कटिक सोशल साइंसेज अकादमी के अध्यक्ष वालेरी मिट्को को चीन को गोपनीय सामग्री सौंपने का दोषी पाया है। इस घटना को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है।

एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम

  • यह एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है। इसे रूस ने विकसित किया है। इसे सतह से हवा में मार करने वाला दुनिया का सबसे सक्षम मिसाइल सिस्टम माना जाता है।
  • एस-400 मिसाइल सिस्टम, एस-300 का अपडेटेड वर्जन है। एस-400 के तीन प्रमुख अंग हैं जिनमें मिसाइल लॉन्चर, राडार और कमांड सेंटर शामिल है।
  • यह एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम 400 किलोमीटर के दायरे में आने वाली क्रूज और बलिस्टिक मिसाइलों के साथ पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को भी खत्म कर देने में सक्षम है।
  • एस-400 डिफेंस सिस्टम एक तरह से मिसाइल शील्ड का काम करता है।
  • एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम में एक साथ तीन मिसाइलें दागी जा सकती हैं और इसके प्रत्येक चरण में 72 मिसाइलें शामिल हैं, जो 36 लक्ष्यों पर सटीकता से मार करने में सक्षम हैं।

एस-400 मिसाइल और भारत

  • चीन ने भारत से पहले इस मिसाइल सिस्टम को खरीदने का फैसला किया था। पहला बैच उसे 2018 में मिल भी चुका है। चीन के बाद इस डिफेंस सिस्टम को खरीदने वाला भारत दूसरा देश है। भारत को इस साल के आखिर तक यह सिस्टम मिल जाएगा।
  • लंबी दूरी की एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद को लेकर भारत और रूस के बीच हुआ यह समझौता सामरिक दृष्टि से बेहद महत्त्वपूर्ण है। यह पाकिस्तान और चीन की एटमी क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलों से भारत को सुरक्षा देगा।

एजी600 एम्फीबियस प्लेन

  • चीन ने स्वदेशी तकनीक पर आधारित दुनिया के सबसे बड़े एजी600 एम्फीबियस प्लेन को सफलतापूर्वक समुद्र में उतारा। यह प्लेन पानी और जमीन दोनों जगहों से उड़ान भरने और लैंडिंग करने में सक्षम है।
  • चीनी एम्फीबियस प्लेन एजी600 खुङलूंग ने पूर्वी चीन के शानतोंग प्रांत के छिंगताओ शहर के समुद्र में सफलतापूर्वक लैंडिंग की। जिसने अन्य समुद्रीय उड़ान प्रशिक्षण व विमान क्षमता को आगे बढ़ाने के लिये आधार तैयार किया है। चीन ने कहा है कि एजी600 का प्रयोग मुख्य तौर पर वन्य आग को बुझाने और जल में बचाव करने में किया जाएगा।
  • 37 मीटर लंबा यह विमान बोइंग 737 की तरह दिखता है। इसके पंखों का फैलाव 38.8 मीटर है। एविएशन इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना के अनुसार, यह प्लेन 53.5 टन का अधिकतम भार उठा सकता है। जबकि, यह प्लेन एक बार में 4,500 किलोमीटर की अधिकतम उड़ान भर सकता है।

बीसीजी वैक्सीन: वीपीएम-1002

चर्चा में क्यों?

  • जैव प्रौद्योगिकी विभाग के राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन के तहत अधिक उम्र के लोगों, जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और चिकित्सा कर्मियों में संक्रमण और उसके दुष्प्रभाव को कम करने में बीसीजी वैक्सीन वीपीएम-1002 के प्रभाव को परखने के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल कर रहा है। इसके लिए छह हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों और लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

क्या है बीसीजी वैक्सीन?

  • बीसीजी के टीके को नियमित रूप से सभी नवजात शिशुओं को राष्ट्रीय बचपन प्रतिरक्षण कार्यक्रम के एक अंग के रूप में दिया जाता है, जो तपेदिक (टीबी) की बीमारी को रोकने के लिए होता है। यह बीमारी मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करने वाले बैक्टीरिया के कारण होती है। इसके टीके में एंटीवायरल और प्रतिरक्षा विनियामक गुण हैं जो जन्मजात प्रतिरक्षा और विषम प्रभाव वाले अनुकूल प्रतिरक्षा के प्रेरण के माध्यम से संक्रामक रोगों से रक्षा करते हैं।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

विश्व बाघ दिवस

चर्चा में क्यों

  • केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने विश्व बाघ दिवस की पूर्व संध्या पर भारत के लोगों को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड समर्पित करने का निर्णय किया।
  • इस गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भारत में बाघों की आबादी की निगरानी में वन्यजीवों के सर्वेक्षण के लिए दुनिया का सबसे बड़ा कैमरों का जाल बिछाने के रूप में देश के प्रयासों को मान्यता दी गई है।
  • आपको बता दे भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India) द्वारा वर्ष 2006 से प्रत्येक 4 वर्ष के अंतराल पर बाघ जनगणना का कार्य किया जा रहा है। बाघ जनगणना की रिपोर्ट को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा संकलित किया जाता है।

विश्व बाघ दिवस

  • दुनिया भर में बाघों की घटती जनसंख्या को देखते हुए इन्हें संरक्षित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तमाम प्रयास शुरू किये गए।
  • इसी कड़ी में, साल 2010 में सेंट पिट्सबर्ग में एक 'बाघ समिट' का आयोजन किया गया। इस समिट में 29 जुलाई की तारीख को बाघों को समर्पित करने का निर्णय लिया गया।
  • साथ ही, इस सम्मेलन में बाघ की आबादी वाले 13 देशों ने ये वादा किया कि साल 2022 तक वे बाघों की आबादी दुगुनी कर देंगे।
  • पिछले साल वैश्विक बाघ दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया के सामने तय समय से चार साल पहले ही बाघों की संख्या दोगुना करने के भारत के संकल्प को पूरा कर लेने की घोषणा की थी।

प्रोजेक्ट टाइगर

  • बाघों के संरक्षण के लिहाज से साल 1973 में केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट टाइगर योजना की शुरुआत की थी।
  • इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत में उपलब्ध बाघों की संख्या के वैज्ञानिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पारिस्थिक मूल्यों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।
  • इसके तहत अब तक 50 टाइगर रिजर्व बनाए जा चुके हैं।

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण

  • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण पर्यावरण मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय है।
  • वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों में संशोधन कर वर्ष 2006 में बाघ संरक्षण प्राधिकरण की स्थापना की गई थी।
  • इसका प्रमुख काम प्रोजेक्ट टाइगर का क्रियान्वयन करना है।

2018 की बाघ गणना से संबंधित तथ्य

  • भारत में कुल बाघों की संख्या का आंकड़ा 2967 पहुँच गया है जो कि विश्व बाघ संरक्षण के क्रम में भारत को प्रथम स्थान पर ले आया हैं।
  • 2014 के मुकाबले में बाघों की संख्या में 33% की हुई है जो कि अब तक की सर्वाधिक वृद्धि है।
  • इस तरह देश ने बाघों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य 4 साल पहले हासिल कर लिया है।
  • सबसे अधिक 526 बाघ मप्र में हैं, 524 बाघों के साथ कर्नाटक दूसरे और 442 बाघों के साथ उत्तराखंड तीसरे स्थान पर रहा।

:: विविध ::

UNGA प्रेसिडेंट वोल्कान बोजकिर

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा वोल्कान बोजकिर अध्यक्ष ने विमान में आई तकनीकी समस्या के कारण अपनी पाकिस्तान यात्रा को स्थगित कर दिया है। वोल्कान बोजकिर का पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के न्यौते पर 26-27 जुलाई को पाकिस्तान की यात्रा करने का कार्यक्रम था। इमरान सरकार संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75 वें सत्र के लिये निर्वाचित अध्यक्ष वोल्कान बोजकिर की पाकिस्तान यात्रा के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठाने वाली थी।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में फरवरी जून के लिए जारी हुई आकांक्षी जिला की रैंकिंग में कौन से स्थान क्रमशः शीर्ष स्थान पर रहे? (प्रथम बीजापुर छत्तीसगढ़; द्वितीय रीभो- ‘मेघालय; तृतीय उत्तर प्रदेश का बहराइच)
  • हाल ही में रैंकिंग जारी करने से चर्चा में रहे आकांक्षी जिला कार्यक्रम को कब शुरू किया गया एवं यह रैंकिंग की संस्था के द्वारा जारी की जाती है? (2018, नीति आयोग)
  • भारतीय लोगों को पुरस्कार समर्पित करने से चर्चा में रहे भारत के किस वन्य जीव संरक्षण को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है एवं इस सर्वेक्षण हेतु नोडल एजेंसी कौन है? (भारत की 2018 बाघ गणना, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण NCTA)
  • वैश्विक बाघ दिवस के संदर्भ में चर्चा में रहे किस घोषणा पत्र के अनुसार संबंधित देशों को बाघों की संख्या दोगुना करना था एवं इसके लिए निर्धारित समय सीमा क्या थी? (सेंट पीटर्सबर्ग घोषणा-2010, 2022)
  • हाल ही में कोविड-19 महामारी में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर ट्रायल करने से चर्चा में रहे ‘VPM1002’ क्या है एवं इसका प्रयोग किस रूप हेतु किया जाता है? (बीसीजी वैक्सीन, क्षय रोग-TB)
  • हाल ही में वस्तुओं पर ISI मार्क और हाल मार्क के साथ शिकायतों को दर्ज करने हेतु उपभोक्ता मंत्रालय के द्वारा किस मोबाइल ऐप को लांच किया गया है? (BIS-Care)
  • हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में याचिका से सुनवाई में चर्चा में रहे ‘पीएम केयर फंड’ के पदेन अध्यक्ष और ट्रस्टी क्रमशः कौन होते हैं? (अध्यक्ष- प्रधानमंत्री, पदेन ट्रस्टी रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री)
  • हाल ही में किस देश के द्वारा स्वदेशी तकनीक पर आधारित दुनिया के सबसे बड़े एजी600 एम्फीबियस प्लेन को सफलतापूर्वक समुद्र में उतारा गया? (चीन)
  • हाल ही में पाकिस्तान की यात्रा स्थगित करने से चर्चा में रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75 वें सत्र के निर्वाचित अध्यक्ष कौन है? (वोल्कान बोजकिर)
  • मौसम की भविष्यवाणी को सर्व सुलभ बनाने हेतु किस मोबाइल ऐप को लॉन्च किया गया है एवं इसके द्वारा कौन सी जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी? (मौसम, क्रमशःCurrent Weather, Nowcast, City Forecast,Warnings, Radar products)
  • हाल ही में किस विभाग के द्वारा विश्व स्तरीय ज्ञान केंद्र के रूप में Knowledge Resource Centre Network (KRCNet) को विकसित करने का निर्णय लिया गया है? (पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय)
  • श्री राम जन्मभूमि में स्थापित किए जाने से चर्चा में रहे ‘टाइम कैप्सूल’ क्या है एवं इसको किस उद्देश्य हेतु स्थापित किया जाता है? (विशिष्ट सामग्री से बना अत्यधिक मजबूत कंटेनर; किसी समाज, काल या देश के इतिहास को सुरक्षित रखना)
  • हाल ही में चीन को मिसाइलों की डिलीवरी रोके जाने से चर्चा में रहे S-400 ट्रायम्फ क्या है एवं इसकी मारक क्षमता कितनी है? (विश्व का अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम, 400 किलोमीटर)
  • भारत की समीक्षा को अगले वर्ष लिए स्थगित करने से चर्चा में रहे FATF क्या है एवं इसका मुख्यालय कहां है? (मनी लांड्रिंग और आतंकी फंडिंग की निगरानी हेतु शीर्ष संस्था, पेरिस-फ्रांस)
  • संयुक्त राष्ट्र के द्वारा हिंसा में 60 से अधिक लोगों के मारे जाने के कारण चिंता प्रकट करने से चर्चा में रहे अशांत क्षेत्र ‘दारफुर’ किस देश से संबंधित है? (सूडान)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB