(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (28 जुलाई 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (28 जुलाई 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

अपाचे गार्जियन (लड़ाकू हेलीकॉप्टर)

  • भारतीय सेना को शक्तिशाली बनाने की कड़ी में उसे अपना पहला लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे गार्जियन मिल गया है। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, पहली खेप के तहत बोइंग एएच-64 ई अपाचे गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पहुंच गया है। इसे यहां से पंजाब के पठानकोट एयरबेस को रवाना किया जाएगा। यह वायुसेना के MI-35 चॉपर्स की जगह लेगा। जानकारी के मुताबिक, भारत को मशहूर अटैक हेलिकॉप्टर अपाचे की पहली किस्त के तौर पर 4 चॉपर मिल गए हैं।
  • इसका निर्माण अमेरिका के एरिजोना में हुआ है। भारत ने अमेरिका के साथ 22 ऐसे हेलीकॉप्टर के लिए अनुबंध किया था। इससे पहले वायुसेना को चिकून हैवीलिफ्ट हेलीकॉप्टर मिल चुका है। इसे दुनिया का सबसे खतरनाक मारक हेलिकॉप्टर माना जाता है और यह हेलीकॉप्टर इजराइल, मिस्र और नीदरलैंड के पास ही है।

बोइंग एएच-64 ई अपाचे के बारे में

  • इसे दुनिया का सबसे घातक हेलीकॉप्टर माना जाता है। पिछले साल अमेरिका ने भारतीय सेना को छह एएच-64 ई हेलीकॉप्टर देने के समझौते पर हस्ताक्षर किया था। माना जा रहा है कि इसे चीन और पाकिस्तानी सीमा पर तैनात किया जाएगा। इसकी खूबी यह है कि ये विमान पहाड़ों औऱ जंगलों में आतंकवादियों और दुश्मनों से मुक़ाबला करने के लिए भी कारगर होते हैं। इसके अलावा, अपाचे हेलीकॉप्‍टर अमेरिकी सेना के एडवांस्‍ड अटैक हेलीकॉप्‍टर प्रोग्राम का हिस्‍सा है।
  • अमेरिकी कंपनी का AH-64 अपाचे दुनिया भर में मल्टि रोल युद्धक हेलिकॉप्टर के तौर पर जाना जाता है।
  • विमान को लंबे समय से अमेरिकी सेना में इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन अब इसका इस्तेमाल करने वाले देशों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
  • दुनिया भर में कंपनी ने अब तक 2,100 अपाचे हेलिकॉप्टर्स की सप्लाई की है।
  • अमेरिकी सेना पहली बार 1984 में इस हेलिकॉप्टर को अपने बेड़े में शामिल किया था।
  • अपाचे पहला ऐसा हेलिकॉप्‍टर है जो भारतीय सेना में विशुद्ध रूप से हमले करने का काम करेगा।
  • भारतीय सेना रूस निर्मित एमआई-35 का इस्‍तेमाल वर्षों से कर रही है, लेकिन यह अब रिटायरमेंट के कगार पर है।
  • अपाचे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि दुश्‍मन की किलेबंदी को भेदकर और उसकी सीमा में घुसकर हमला करने में सक्षम है।
  • इस घातक विमान से पीओके में आतंकी ठिकानों को आसानी से तबाह किया जा सकेगा।
  • अमेरिका ने अपने इस अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर को पनामा से लेकर अफगानिस्तान और इराक तक के साथ दुश्मनों से लोहा लेने में इस्तेमाल किया।
  • इजरायल भी लेबनान और गाजा पट्टी में अपने सैन्य ऑपरेशनों में इसी अटैक हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करता रहा है।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

‘डिजिटल कर’ लागू रखेगा फ्रांस

  • फ्रांस ने अमेरिका की धमकियों के बाद भी गूगल और फेसबुक जैसी बड़ी डिजिटल कंपनियों के ऊपर लगाए गए ऐतिहासिक कर को वापस नहीं लेने का संकेत दिया है। फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रुनो ली मेयर ने कहा कि डिजिटल कर लागू रहेगा। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर फ्रांस के डिजिटल कर को बेवकूफी बताते हुए कहा है कि वह इसके बदले में फ्रेंच वाइन पर कर लगाएंगे।
  • मेयर ने ट्रंप की टिप्पणी के मद्देनजर कहा, ‘फ्रांस हर स्थिति में इसे लागू रखेगा।’ मेयर के कार्यालय के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘डिजिटल गतिविधियों पर सब जगह कोई कर आरोपित करान हम सबके लिए एक चुनौती है।’ उन्होंने कहा कि यह कर एक तात्कालिक कदम है, क्योंकि इस विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय कर समझौते पर बातचीत चल रही है।

पृष्ठभूमि

  • फ्रांस ने इस सप्ताह तीन प्रतिशत की दर से डिजिटल कर लागू किया है। यह मुख्यत: उन कंपनियों के लिए है, जो ऑनलाइल विज्ञापन बेचने के लिए उपभोक्ताओं की सूचनाओं का इस्तेमाल करती हैं।
  • अभी गूगल, ऐमजॉन, फेसबुक, ऐपल, एयरबीएनबी और उबर जैसी कंपनियां फ्रांस जैसे देशों में कारोबार करने के एवज में बेहद कम कर का भुगतान करते हैं। कर से बचने के लिए अधिकतर कंपनियां यूरोपीय संघ के किसी ऐसे देश में क्षेत्रीय मुख्यालय बनाते हैं, जहां कर अपेक्षाकृत निम्न है।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने को हरी झंडी दी

  • अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए रक्षा विभाग के बजट आवंटन में से 2.5 अरब डॉलर (करीब 17 हजार करोड़ रुपये) की धनराशि खर्च करने को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सीमा पर दीवार बनाना देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
  • सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 5-4 के बहुमत से कैलीफोर्निया की अदालत के उस फैसले को बदल दिया जिसमें कहा गया था कि संसद द्वारा स्वीकृत धनराशि की मद को सरकार नहीं बदल सकती। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 के अपने चुनाव अभियान में मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने का वादा किया था।
  • चुनाव जीतने के बाद उनकी कोशिश का काफी विरोध भी हुआ लेकिन ट्रंप टस से मस नहीं हुए और अरबों डॉलर के व्यय से दीवार बनने का काम जारी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ट्रंप ने बड़ी जीत बताया है।
  • दीवार निर्माण के पीछे ट्रंप का तर्क है कि इससे मेक्सिको से होने वाली अवैध घुसपैठ और नशीले पदार्थो की तस्करी रुकेगी। ट्रंप के अनुसार ज्यादातर ये घुसपैठिये ही अमेरिका में अपराध करते हैं और समस्याओं को बढ़ाते हैं। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा है कि दीवार बनने से सीमा पर आपातस्थिति जैसे हालात बन गए हैं।
  • उसने दीवार बनाने को धन की बर्बादी करार दिया है। संसद से दीवार को पूरा करने के लिए अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत न होने पर ट्रंप ने रक्षा विभाग को आवंटित धन से दीवार बनवाने का फैसला किया लेकिन कैलीफोर्निया कोर्ट की रोक के बाद प्रक्रिया रुक गई थी। इसी के बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी।

ब्रिक्स राष्ट्रों के विदेश मामलों/अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मंत्रियों की बैठक

  • भारत ने अन्य ब्रिक्स राष्ट्रों के साथ शुक्रवार को सभी देशों से आतंकी नेटवर्क के वित्तपोषण और अपने क्षेत्रों से आतंकवादी गतिविधियों को रोकने की अपील की। साथ ही सभी देशों से आर्थिक भगोड़ों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
  • ब्राजील की राजधानी रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) राष्ट्रों के विदेश मामलों/अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मंत्रियों की बैठक हो रही है। भारत की तरफ से सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
  • बैठक के दौरान पांचों देशों ने संयुक्त राष्ट्र के तहत अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर आतंकवाद से लड़ने के लिए ठोस प्रयास करने का आह्वान किया। सभी तरह के आतंकवाद की निंदा करते हुए पांचों देशों ने आतंकवाद को रोकने और उसका मुकाबला करने में देशों तथा उनके सक्षम निकायों की प्राथमिक भूमिका को रेखांकित किया। इन देशों के मंत्रियों ने संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करने के लिए व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
  • बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया कि व्यापक दृष्टिकोण में कट्टरता, आतंकियों की भर्ती, विदेशी आतंकवादियों के मूवमेंट, आतंक के वित्तपोषण के स्रोतों और माध्यमों को प्रतिबंधित करना, आतंकी ठिकानों को नष्ट करना तथा सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से आतंकी संस्थाओं को इंटरनेट का दुरुपयोग करने से रोकना शामिल होना चाहिए।
  • विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे आर्थिक भगोड़ों के संबंध में वीके सिंह ने कहा कि ब्रिक्स राष्ट्रों को ऐसे मामलों में मिलकर काम करने की जरूरत है। इस दौरान सिंह ने पीएम मोदी के उन 9-बिंदुओं वाले एजेंडे को दोहराया, जो उन्होंने अर्जेटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन 2018 में आर्थिक भगोड़ों की संपत्ति जब्त करने के संबंध में दिया था।

शांति प्रक्रिया के समर्थन की बात दोहराई

  • ब्रिक्स राष्ट्रों ने अफगानिस्तान की अगुआई वाली शांति प्रक्रिया के समर्थन के लिए अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रयासों के समर्थन की बात एक बार फिर से दोहराई है। बैठक के दौरान अफगान सुरक्षा बलों, सरकारी अधिकारियों और आम लोगों पर बढ़ते हमले पर भी चिंता व्यक्त की गई।

खाड़ी संकट पर बातचीत का आग्रह

  • भारत के साथ ही ब्रिक्स सदस्य देशों ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव पर चिंता व्यक्त की है। सदस्य देशों ने संबंधित पक्षों से इस मुद्दे पर आपस में बातचीत करने का आग्रह किया। बता दें कि कुछ दिनों पहले ईरान और ब्रिटेन ने एक-दूसरे के तेल टैंकरों को पकड़ लिया था।

डोनाल्‍ड ट्रंप के ऊपर महाभियोग संभावना

  • अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के ऊपर महाभियोग की तलवार उनके राष्‍ट्रपति पद संभालने के साथ ही लटक गई थी। राष्‍ट्रपति चुनाव को रूस द्वारा ट्रंप के हक में प्रभावित किए जाने का मामला लगातार लगातार तूल पकड़ रहा है। आरोप ये भी है कि ट्रंप ने रूसी राजदूत को कई खुफिया जानकारियां मुहैया करवाई थीं, जिनसे चुनाव को प्रभावित किया जा सकता था। इस मामले की जांच करने वाले विशेष वकील रॉबर्ट मुलर की रिपोर्ट आने के बाद से ही विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद राष्ट्रपति ट्रंप पर महाभियोग चलाने की मांग कर रहे हैं। निचले सदन की न्यायिक समिति ने भी जस्टिस बेरिल ए हॉवेल से विशेष वकील मुलर की रिपोर्ट से जुड़ी सभी जानकारियां उजागर करने को कहा है।

सबसे बड़ा सवाल

  • केवल संसद के निचले सदन (House of Representatives) में ही ट्रंप को उनके क्रियाकलापों के लिए दोषी ठहराया जा सकता है। लेकिन यहां पर ये सवाल काफी बड़ा है कि यदि राष्‍ट्रपति ट्रंप पर महाभियोग चलता है तो उस परिस्थिति में क्‍या होगा। इसको समझने के लिए जरूरी है कि अमेरिकी संसद के निचले सदन के बारे में भी जान लिया जाए। ऐसा इसलिए भी जरूरी है क्‍योंकि महाभियोग चलाने या गिराने के लिए जरूरी बहुमत को लेकर यहीं पर वोटिंग होती है। इसी निचले सदन की न्यायिक समिति भी ट्रंप पर महाभियोग चलाने के रास्ते तलाशने में जुटी है।

मुश्किल में आ सकते हैं राष्‍ट्रपति ट्रंप

  • अब जरा राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप पर महाभियोग की सूरत में क्‍या होगा इस बारे में भी आपको जानकारी दे देते हैं। दरअसल, निचले सदन जहां पर महाभियोग की पूरी प्रक्रिया होती है और इसको लेकर वोटिंग की जाती है, में 435 सीटें हैं। इस सदन में डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत हासिल है और उनकी सीट 235 हैं। वहीं रिपब्लिकन पार्टी को 197 सीटें हासिल हैं, जबकि एक निर्दलीय है और दो सीटें अभी रिक्‍त हैं। यहां पर ये भी आपको बता दें कि राष्‍ट्रपति ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी से ही आते हैं। लेकिन इस सदन में उनकी पार्टी की सीटों का कम होना ट्रंप के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। ऐसे में यदि ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू होती है तो उन्‍हें पद भी छोड़ना पड़ सकता है।
  • नवंबर 2016 में अमेरिका के राष्‍ट्रपति बनने के बाद से ही डोनाल्‍ड ट्रंप को कई झटके लग चुके हैं। ट्रंप के बेहद करीबी कहे जाने वाले लोग जिनमें उनके चुनावी अभियान के चीफ और डिप्‍टी चीफ, उनके एनएसए, वकील को रॉबर्ट मुलर की जांच में दोषी ठहराया गया है। इसके अलावा इस मामले की जांच में जुटी एफबीआई के डायरेक्‍टर जेम्‍स कॉमी को राष्‍ट्रपति ट्रंप हटा चुके हैं। इसको लेकर वह सांसदों के निशाने पर आ चुके हैं। कुछ सांसदों का आरोप है कि ट्रंप ने जिस तरह से न्‍याय प्रणाली में हस्‍तक्षेप किया है, वह उन पर महाभियोग चलाने के लिए काफी है।

इन मामलों में चल सकता है राष्‍ट्रपति पर महाभियोग

  • अमेरिकी संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति को देशद्रोह, रिश्वत और दूसरे संगीन अपराधों में महाभियोग का सामना करना पड़ता है। महाभियोग के बाद राष्ट्रपति को पद छोड़ना पड़ता है। अमेरिकी संसद के निचले सदन (House of Representatives) में महाभियोग की प्रक्रिया शुरू होती है महाभियोग चलाने की मंजूरी को लेकर सबसे पहले सीनेट में इसको लेकर बहस होती है, जिसके बाद इसको मंजूरी देने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।

अमेरिकी इतिहास में महाभियोग

  • अमेरिकी इतिहास में केवल दो राष्ट्रपतियों को ही अब तक महाभियोग का सामना करना पड़ा है। इनमें अमेरिका के 42वें राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का नाम शामिल है। क्लिंटन को जूरी के समक्ष झूठी गवाही देने और न्याय में बाधा डालने के मामले में महाभियोग का सामना करना पड़ा था। दरअसल, मोनिका लेविंस्की से प्रेम संबंधों के बारे में उन्‍होंने न सिर्फ जूरी के समक्ष झूठ बोला था बल्कि मोनिका पर भी झूठ बोलने के लिए दबाव बनाया था। हालांकि उनके इस मामले में जरूरत बहुमत नहीं मिल सका था, लिहाजा ये गिर गया। महाभियोग की यह प्रक्रिया करीब 21 दिन चली थी।
  • क्लिंटन के अलावा अमेरिका के 17वें राष्‍ट्रपति एंड्रयू जॉनसन को भी महाभियोग का सामना करना पड़ा था। उनका कार्यकाल 1865 से 1869 तक था। जॉनसन के खिलाफ 1868 में महाभियोग लाया गया था। दरअसल, नीतियों को लेकर युद्ध मंत्री एडविन स्टैंचन और राष्‍ट्रपति जॉनसन के बीच नाराजगी थी। जिसके बाद एडविन को पद से हटा दिया गया था। हालांकि राष्‍ट्रपति को हटाने के लिए लाए गए इस महाभियोग को भी जरूरी बहुमत नहीं मिल सका था, जिसकी वजह से जॉनसन की कुर्सी भी बच गई।

:: राजव्यवस्था एवं महत्वपूर्ण विधेयक ::

ध्वनि प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट का अहम आदेश

  • पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर जारी अपने अहम आदेश में यह स्पष्ट कर दिया कि मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों में भी बिना लिखित इजाजत के लाउड स्पीकर का इस्तेमाल गैरकानूनी है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी स्थिति में कहीं पर भी सुबह 6 बजे से पहले लाउड स्पीकर का उपयोग पूरी तरह से अवैध है। धार्मिक स्थलों पर इस समय से पहले लाउड स्पीकर का इस्तेमाल करने पर कार्रवाई होगी।
  • अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह प्रतिबंध दिन के समय भी जारी रहेगा और शोर का स्तर दस डेसिबल (ए) से अधिक नहीं होगा। न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति हरिंदर सिंह सिद्धू की खंडपीठ ने दोनों राज्यों और चंडीगढ़ को आदेश दिया कि वह यह सुनिश्चित करें कि लाउडस्पीकर, जन संबोधन प्रणाली, संगीत वाद्ययंत्र और ध्वनि एम्पलिफायरों का इस्तेमाल रात के समय नहीं हो। हालांकि, आडिटोरियम, काफ्रेंस कक्षों, सामुदायिक भवनों, बैंक्वेट हॉल को ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम 2000 के नियमों के अनुसार छूट दी गई है।
  • खंडपीठ ने आदेश दिया कि दोनों राज्यों एवं संघ शासित प्रदेश को निर्देश दिया जाता है कि वह यह सुनिश्चित करें कि लाउडस्पीकर और जन संबोधन प्रणाली का इस्तेमाल, किसी सांस्कृतिक या धार्मिक उत्सव को छोड़कर (रात दस बजे से 12 बजे तक) रात दस बजे से सुबह छह बजे तक नहीं हो। सांस्कृतिक या धार्मिक उत्सव को दी गई यह छूट साल में 15 दिन से अधिक नहीं होनी चाहिए और वह भी तब जब शोर का स्तर 10 डेसिबल (ए) से अधिक नहीं बढ़े।
  • पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के उपायुक्तों से कहा गया है कि वह यह सुनिश्चित करें कि वार्षिक परीक्षाओं के दौरान और उससे 15 दिन पहले लाउडस्पीकरों की अनुमति नहीं दी जाए। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि यदि अथॉरिटी लाउड स्पीकर की अनुमति देता भी है तो यह सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है कि उसकी ध्वनि 10 डेसीबल से ज्यादा न हो।
  • हाईकोर्ट ने इसके लिए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के डीजीपी, डीसी, एसएसपी/एसपी को आदेश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा कि आदेश का पालन कराने के लिए ये अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

:: आर्थिक समाचार ::

ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-2

  • गृह मंत्री अमित शाह रविवार को 64,860 करोड़ की 290 निवेश परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ देश के दिग्गज उद्योगपति और गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।
  • इन निवेश परियोजनाओं से आने वाले दिनों में दो लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
  • योगी सरकार के ढाई वर्ष से भी कम के कार्यकाल में यह तीसरा मौका है जब निवेश प्रोत्साहन से जुड़ा कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इसी तरह एक वर्ष के भीतर निवेश परियोजनाओं का दूसरा सामूहिक शिलान्यास समारोह है। फरवरी-2018 में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट और जुलाई-2018 में आयोजित पहले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य मेहमान थे।
  • इन्वेस्टर्स समिट का समापन करने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आए थे। मोदी की मौजूदगी में संपन्न इन्वेस्टर्स समिट में 4.28 लाख करोड़ के एमओयू हुए थे। इसके बाद प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित पहले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरिमनी में मोदी ने 81 निवेश परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। अब दूसरे ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में शाह एकमुश्त 290 निवेश परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएं प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित हो रही हैं।
  • गृह मंत्री अमित शाह जिन 290 निवेश परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे उनमें सर्वाधिक 158 प्रोजेक्ट पश्चिम यूपी में स्थापित होंगे। इन परियोजनाओं से 38,359 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके बाद सर्वाधिक 54 प्रोजेक्ट मध्यांचल में स्थापित होंगे। इनसे 9,068 करोड़ का निवेश होगा। इसके बाद पूर्वांचल में 5,580 करोड़ के 38 प्रोजेक्ट स्थापित होंगे। सबसे कम 11 प्रोजेक्ट बुंदेलखंड के लिए हैं। इन पर 2,634 करोड़ का निवेश होगा। 9216 करोड़ के 29 प्रोजेक्ट प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित हो रहे हैं।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

प्रकृति संरक्षण दिवस

  • दुनियाभर में आज (29 जुलाई) विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इन्हीं प्राकृतिक संसाधनों का बेहद जरूरी हिस्सा हैं पेड़-पौधे और जंगल। जंगलों की घटती संख्या के चलते, इनके संरक्षण पर जोर देना अब और भी जरूरी होता जा रहा है। एक पेड़ केवल छांव और ऑक्सीजन ही नहीं देता, इसकी कीमत इससे कहीं ज्यादा होती है। एक पेड़ की आर्थिक कीमत कितनी होती है, यह जानने के शुरुआती प्रयास भारत में ही हुए थे। 1979 में कलकत्ता यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. तारक मोहन दास ने एक अध्ययन किया था, जिसमें उन्होंने एक पेड़ की कीमत बताई थी।
  • डॉ. दास ने बताया था कि एक पेड़ अपने 50 साल के जीवन में 2 लाख डॉलर (1979 की दर) की सेवाएं देता है। इन सेवाओं में ऑक्सीजन का उत्सर्जन, भूक्षरण रोकने, मिट्‌टी उर्वरक बनाने, पानी रिसायकल करने और हवा शुद्ध करने जैसी सेवाएं शामिल हैं। अगर 1979 की कीमत की महंगाई दर को ध्यान में रखते हुए गणना की जाए तो आज एक पेड़ की सेवाओं की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए होती है। एक अन्य अध्ययन दिल्ली के एक एनजीओ दिल्ली ग्रीन्स ने 2013 में किया था। इसके मुताबिक एक स्वस्थ पेड़ साल में जितनी ऑक्सीजन देता है, अगर उसे खरीदने जाएं तो कीमत 30 लाख रुपए से भी ज्यादा होगी। यूं तो एक-एक पेड़ अमूल्य है, लेकिन यह आंकड़े यह तो बताते ही हैं कि पेड़ लगाने का हमारा प्रयास कितना महत्वपूर्ण होता है।

जंगलों का महत्वपूर्ण योगदान

  • बाढ़ को रोकते हैं: पेड़ 10% घटे तो बाढ़ का खतरा 28% ज्यादा: आईआईटी खड़गपुर के एक अध्ययन के मुताबिक, देश में जिन राज्यों में जंगल कम हैं या हो रहे हैं वहां बाढ़ से ज्यादा नुकसान हुआ। वहीं नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के 56 देशों के आकंड़ों के अध्ययन में भी यही बात सामने आई। इसके मुताबिक जिन देशों में प्राकृतिक जंगलों का क्षेत्र 10 फीसदी तक कम हुआ, वहां बाढ़ की आशंका 4 से 28 फीसदी तक बढ़ गई।
  • बीमारियों से बचाते हैं: अस्थमा की आशंका 33% कम करते हैं 343 पेड़: यूके में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, एक वर्ग किमी में 343 पेड़ लगाने पर बच्चों में अस्थमा की आशंका 33% तक कम हो जाती है। इसी तरह जंगल बीमारी फैलाने वाले जीवों, खासतौर पर मच्छरों को रिहायशी इलाकों में आने से रोकते हैं। उदाहरण के लिए 90 के दशक में पेरू में सड़कों के लिए जंगल कटे। इससे वहां मलेरिया मरीजों की संख्या 600 से बढ़कर 1.2 लाख सालाना हो गई।
  • दवाएं देते हैं: दुनिया में 50 हजार से ज्यादा प्रकार के पौधे दवाओं वाले: अमेरिका के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक दुनिया में पेड़-पौधों की करीब 50 हजार ऐसी प्रजातियां हैं जिनसे दवाइयां बना सकते हैं। चीन के बाद सबसे ज्यादा ऐसी किस्में भारत में हैं। चीन में 4900 और भारत में 3000 पौधे ऐसे हैं जिन्हें दवाओं के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। सिर्फ अमेरिका में ही हर चार में से एक दवा में जंगली पौधों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • सालाना 36000 जानें बच सकती हैं: खराब पर्यावरण से बचाते हैं: पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले संस्थान नेचर कंजर्वेंसी के एक अध्ययन के मुताबिक शहरों में अगर ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं तो खराब पर्यावरण से होने वाली मौतों को 9 फीसदी तक कम किया जा सकता है और हर साल 36,000 लोगों की जान बचाई जा सकती है। एक अन्य अध्ययन बताता है कि एक पेड़ सालभर में 20 किग्रा तक धूल सोखता है।
  • जैव विविधता बचाने में मदद करता है: एक पेड़ से पक्षियों की 80 प्रजाति तक बच सकती हैं। देश के 84 जानवर विलुप्त हो रहे जानवरों की रेड लिस्ट में हैं। इसमें यहां दिख रहे घड़ियाल, जेपोर छिपकली, उड़न गिलहरी भी हैं।

एक पेड़ हमारे लिए क्या-क्या करता है

  • तापमान नियंत्रित करता है, CO2 कम करता है: पेड़ किसी इलाके का तापमान 1 से 5 डिग्री तक कम कर सकते हैं। सालभर में एक पेड़ 22 किग्रा तक कार्बन-डायऑक्साइड सोख सकता है।
  • हर साल 100 किग्रा ऑक्सीजन देता है: एक पेड़ एक साल में 100 किग्रा तक ऑक्सीजन देता है। एक व्यक्ति को सालभर में 740 किग्रा ऑक्सीजन की जरूरत होती है।
  • बारिश करवाता है, ग्राउंडवाटर बढ़ाता है: एक पेड़ की मदद से सालाना 3500 लीटर पानी बरस सकता है। हर पेड़ करीब 3700 लीटर पानी रोककर जमीन में पहुंचाता है। इससे ग्राउंडवाटर बढ़ता है।
  • हवा फिल्टर कर फेफड़ों को बचाता है: एक पेड़ 6 फीसदी तक स्मॉग (धुआं और फॉग) कम करता है। पूर्ण विकसित पेड़ प्रदूषित हवा से 108 किलोग्राम तक छोटे कण और गैस सोख सकता हैै।
  • पानी स्टोर करता है, शहरों में बाढ़ रोकता है: पानी स्टोर करता है, वातावरण में पानी बनाए रखता है। इससे सूखे की आशंका कम होती है। शहरों में 530 लीटर पानी को नालियों में जाने से रोककर बाढ़ से बचाता है।
  • शांति और बचत के साथ सुकून भी: घर के आसपास सही जगह पेड़ लगाने पर एसी की जरूरत 30% कम होती है। इससे 20-50% बिजली बच सकती है। अंदर आने वाला शोर 50% तक कम कर सकता है।
  • मिट्‌टी से जहरीले पदार्थ सोखता है: एक पेड़ मिट्‌टी से करीब 80 किलोग्राम पारा, लीथियम, लेड आदि जैसी जहरीली धातुओं को सोखता है। इससे मिट्‌टी ज्यादा उर्वरक और खेती लायक बनती है।

दुनिया में इन कारणों से सबसे ज्यादा पेड़ काटे जा रहे हैं...

  • 23% जंगल में लगनी वाली आग की वजह से
  • 26% लकड़ी से बनने वाले उत्पादों के लिए
  • 0.6% शहरीकरण करने के लिए
  • 27% खेती की जमीन बढ़ाने और खनन, तेल और गैस उत्पादन के लिए
  • 24% स्थानांतरी कृषि (खेती हेतु खाली की गई जमीन, जिसे बाद में छोड़ दिया)
  • 17200 करोड़ वर्गफीट में फैले पेड़ काटे जा चुके हैं भारत में, पिछले 18 सालों में। यानी करीब 125 करोड़ पेड़ काटे गए। (गणना प्रति वर्गकिमी जंगल में 75000 पेड़ पर आधारित)
  • 14000 करोड़ पेड़ लगाने की जरूरत है, देश के 33 फीसदी क्षेत्र में जंगल फैलाने के लिए। सरकार ने 33 फीसदी का लक्ष्य रखा है। देश में अभी 21.54% क्षेत्र में जंगल हैं।

पेड़ और बारिश का साइकिल: ज्यादा पेड़ यानी ज्यादा बारिश

  • वाष्पीकरण: पानी से भाप बनने की प्रक्रिया। जल स्रोतों के साथ पेड़ों की पत्तियों से भी वाष्पन होता है। इससे हवा में नमी बढ़ती है।
  • मानसून: भाप का ठंडी होकर पानी में बदलना। बड़े और घने पेड़ हवा की नमी को ज्यादा रोकते हैं, इससे ज्यादा बारिश होती है।
  • वाष्पोत्सर्जन: पेड़ जितना पानी सोखता है, उतने का इस्तेमाल नहीं करता। पत्तियां अतिरिक्त पानी भाप के रूप में हवा में छोड़ती हैं।
  • टपकन/रिसाव: पानी का रिसकर धरती में जाना। पेड़ तेज बारिश के पानी को बहने से रोकते हैं। इससे धरती में ज्यादा पानी जा पाता है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

ट्रेनों में स्मार्ट कोच

  • रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और आरामदायक सफर के लिए ट्रेनों में स्मार्ट कोच लगाने जा रहा है। ये कोच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम से लैस होंगे। इसमें सुरक्षा के लिए दो और सुविधाओं के लिए 6 बदलाव किए गए हैं। इसमें लगा एआई सिस्टम संदिग्ध चेहरों को पहचानकर सीधे कंट्रोल रूम को सूचना देगा। इस सिस्टम में देशभर के अपराधियों की जानकारी और फोटो क्लाउड इंटरनेट के सहारे जोड़े गए हैं।
  • कोच में नाइटविजन के 4 मेगा पिक्सल कैमरे लगे हैं। यह कैमरे कोच में चढ़ने वाले यात्रियों के फोटो को सिस्टम में उपलब्ध अपराधियों के डेटा से मिलान कर अवांछित तत्व के होने पर सीधे आरपीएफ के कंट्रोल रूम को सूचना दे देगा। यही नहीं, कोच में चढ़ने वाले किसी यात्री के पास कोई हथियार हो, तो इसकी सूचना भी कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। इसके अलावा कोच में ऐसे सेंसर सिस्टम लगाए गए हैं, जो यह बता देते हैं कि कोच में पानी खत्म हो गया है, पहिया गर्म हो गया है या फिर कोच में किसी तरह की अन्य खराबी आ गई है। इसकी सूचना भी अगले स्टेशन पर सीधे स्टेशन मास्टर के पास पहुंच जाएगी
  • इससे समय की बचत होगी और सुविधाओं के लिए यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। उत्तर रेलवे अगले तीन महीनों में 100 ट्रेनों में ऐसे कोच लगा देगा। दिल्ली से आजमगढ़ के बीच चलने वाली ट्रेन कैफियत एक्सप्रेस में इसका ट्रायल किया जा रहा है। यह कोच पैसेंजर इंफॉर्मेशन एंड कोच कंप्यूटर यूनिट से लैस है। कोच में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग गूगल क्लाउड्स पर रिकॉर्ड होगी। अधिकारी ट्रेन का लाइव स्टेटस मोबाइल फोन या लैपटॉप पर भी देख सकेंगे।

स्मार्ट कोच की अन्य विशेषता

  1. संदिग्ध चेहरे और हावभाव पहचान लिए जाएंगे
  2. कोच में पानी खत्म होने की सूचना मिलेगी
  3. पहिए की खराबी को पहले ही बता देगा
  4. ट्रेन में कैमरों से लाइव स्टेटस पता चलेगा
  5. गूगल क्लाउड पर होगी इसकी रिकॉर्डिंग
  6. अधिकारी इसे मोबाइल पर भी देख सकेंगे
  7. जीपीएस से लोकेशन भी पता चल जाएगी
  8. आपात स्थिति में तुरंत मदद उपलब्ध होगी

अब ट्रेनों में ब्लैक बॉक्स

  • मंत्रालय के मुताबिक हवाई जहाज में प्रयोग किए जाने वाले ब्लैक बॉक्स के जैसा होता है। इसकी गहन जांच पड़ताल के लिए मंत्रालय के पास विस्तृत डाटा उपलब्ध हो सकेगा और रेल हादसों की सही जानकारियां मिल सकेगी।
  • देशभर की ट्रेन जल्द लोको कैब ऑडियो वीडियो रिकार्डिंग सिस्टम (एलसीवीएआर) से लैस होगी। हवाई जहाज की तर्ज पर रेल मंत्रालय ने ट्रेन में यह तकनीक इस्तेमाल करने की शुरुआत की है। रेल मंत्रालय के मुताबिक अबतक देश की विभिन्न ट्रेन में 32 लोकोमोटिव लगाए जा चुके है। इस समय ऐसी 25 डीजल व 7 इलेक्ट्रिक ट्रेन में उपलब्ध है। जल्द ही 470 लोकोमोटिव ट्रेन में लगाए जाएंगे, इसके लिए मंत्रालय ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
  • मंत्रालय के मुताबिक हवाई जहाज में प्रयोग किए जाने वाले ब्लैक बॉक्स के जैसा होता है। इसकी गहन जांच पड़ताल के लिए मंत्रालय के पास विस्तृत डाटा उपलब्ध हो सकेगा और रेल हादसों की सही जानकारियां मिल सकेगी। इन जानकारियों के आधार पर मंत्रालय पहल कर दुर्घटनाओं को कम करने की तैयारी कर सकेगा। अब तक मंत्रालय के पास ऐसा कोई एडवांस सिस्टम नहीं है। यह अत्यंत ही अत्याधुनिक तकनीक है।
  • सूत्रों के मुताबिक ब्लैक बॉक्स 11 हजार सेल्सियस के तापमान को एक घंटे तक सहन कर सकता है। जबकि 260 डिग्री सेल्सियस के तापमान को 10 घंटे तक सहन करने की क्षमता रखता है। देश में 1953-54 में हवाई हादसों की संख्या बढ़ने के बाद इस व्यवस्था को लागू किया गया था। इसकी मदद से किसी भी प्रकार का हादसा होने की स्थिति में सभी जानकारियां रिकार्ड हो जाती है। इसका रिकार्डिंग के प्रयोग से भविष्य के हादसों को कम करने में मदद मिलेगी। विमान में प्रयोग होने वाले ब्लैक बॉक्स में विमान की दिशा, ऊंचाई, ईंधन, गति, हलचल व केबिन के तापमान समेत 88 चीजों की जानकारी रहती है और इसमें करीब 25 घंटे तक की रिकार्डिंग की जा सकती है।

ब्लैक बॉक्स

  • ‘ब्लैक बॉक्स’ वायुयान में उड़ाने के दौरान विमान से जुड़ी सभी प्रकार की गतिविधियों को रिकार्ड करने वाला उपकरण होता है। इस उपकरण को फ्लाइट रिकॉर्डर भी कहा जाता है। आमतौर पर इस बॉक्स को सुरक्षा की दृष्टि से विमान के पिछले हिस्से में रखा जाता है। यह बॉक्स टाइटेनियम से बना होता है और टाइटेनियम के बॉक्स में ही बंद रहता है। ऊंचाई से जमीन पर गिरने या समुद्री पानी में गिरने की स्थिति में इसको कम से कम नुकसान होता है।
  • यह बॉक्स जिस भी जगह पर दुर्घटनाग्रस्त होता है। उस जगह पर प्रत्येक सेकेंड पर एक बीप की आवाज करता है। यह आवाज लगातार 30 दिन तक होती है। इस आवाज की वजह से खोजी दस्ता आसानी से इस बॉक्स को तलाश कर सकता है। जानकार बताते हैं कि अगर यह समुद्र में 14 हजार फीट गहरे तक भी चला जाता है तो वहां से संकेत भेजता रहता है।

:: विविध ::

विश्व का पहला अंडरवाटर मिलिट्री म्यूजियम

  • जॉर्डन के अकाबा में दुनिया का पहला अंडरवाटर मिलिट्री म्यूजियम बनाया गया है। 19 सैन्य अवशेषों वाले इस म्यूजियम को आधिकारिक तौर पर अकाबा में लांच किया है। यह लाल सागर में आठ फीट की गहराई में बना है। सेना ने यहां युद्ध टैंक, सैन्य एंबुलेंस, हेलिकॉप्टर, युद्धक विमान, क्रेन और एंटी एयरक्राफ्ट समेत 19 तरह के सैन्य उपकरण रखे हैं। खास बात यह है कि इसे सिर्फ सात दिन में बनाकर तैयार किया गया है। सतह से नीचे 15 से 20 मीटर दूरी पर आठ सैन्य अवशेषों को लगाया गया। जबकि अन्य 11 को 20 से 28 मीटर की दूरी पर लगाया गया। वहां के प्रशासन की ओर से समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव उपाय किए गए हैं। लोग बोट से यहां पहुंच सकेंगे, लेकिन स्कूबा डाइविंग ड्रेस पहनकर ही की जा सकती है। ये अपने आप में पहला अनोखा म्यूजियम है इस वजह से इसको देखने के लिए लोगों में उत्साह भी बना हुआ है।

खेलो इंडिया: तीसरा सीजन अगले साल जनवरी में

  • खेलो इंडिया यूथ गेम्स का तीसरा सीजन जनवरी 2019 में होगा। ये गेम्स गुवाहाटी में 18 से 30 जनवरी तक खेले जाएंगे। इसमें 10 हजार से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। आयोजन भारतीय ओलिंपिक संघ, स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और असम स्पोर्ट्स एसोसिएशन मिलकर करेंगे।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे गार्जियन को किस कंपनी के द्वारा निर्मित किया गया है? (बोइंग कंपनी)
  • भारत के द्वारा किस देश से लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे गार्जियन को खरीदा गया है? (अमेरिका)
  • हाल ही में चर्चा में रहे ‘डिजिटल टैक्स’ को किस देश के द्वारा लगाया गया है? (फ्रांस)
  • हाल ही में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप के महत्वाकांक्षी परियोजना (अमेरिका की सीमा पर दीवार बनाना) को मंजूरी प्रदान की गई। यह दीवार किस देश की सीमा पर बनाई जा रही है? (मैक्सिको)
  • हाल ही में ब्रिक्स राष्ट्रों के विदेश मामलों/अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मंत्रियों की शिखर बैठक कहां आयोजित की गई? (ब्राजील- रियो डी जेनेरियो)
  • हाल ही में किस हाईकोर्ट के द्वारा मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों में भी बिना लिखित इजाजत के लाउड स्पीकर के इस्तेमाल को गैरकानूनी बतलाया गया है? (पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट)
  • उत्तर प्रदेश में किस आयोजन के तहत 64,860 करोड़ की 290 निवेश परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया? (ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-2)
  • ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-2 के तहत उत्तर प्रदेश में 64,860 करोड़ की 290 निवेश परियोजनाओं का शिलान्यास किनके द्वारा किया गया? (गृह मंत्री अमित शाह)
  • विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस किस दिनांक को मनाया जाता है? (29 जुलाई)
  • रेलवे के द्वारा किस ट्रेन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस स्मार्ट कोच का ट्रायल किया जा रहा है? (कैफियत एक्सप्रेस)
  • दुनिया का पहला अंडर वाटर मिलिट्री म्यूजियम किस देश के द्वारा निर्मित किया गया है? (जॉर्डन)
  • दुनिया का पहला अंडर वाटर मिलिट्री म्यूजियम किस सागर में स्थित है? (लाल सागर)
  • खेलो इंडिया यूथ गेम्स का तीसरा सीजन किस राज्य में आयोजित किया जाएगा? (गुवाहाटी-असम)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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