(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (28 जनवरी 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (28 जनवरी 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

तीसरा विश्‍व आलू सम्‍मेलन

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी कल यानी 28 जनवरी, 2020 को रिमोट वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गांधीनगर, गुजरात में तीसरे विश्‍व आलू सम्‍मेलन को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री द्वारा आलू अनुसंधान, व्‍यापार और उद्योग, तथा मूल्‍य श्रृंखला प्रबंधन के क्षेत्र में संपूर्ण उपलब्धियों और अवसरों की समीक्षा करने की उम्‍मीद है और वे दशक के लिए एक रोडमैप तय करेंगे।
  • वर्तमान सम्‍मेलन इस श्रृंखला का तीसरा सम्‍मेलन है। प्रत्‍येक 10 वर्ष के अंतराल में यह आवश्‍यक है कि आलू के क्षेत्र में उपलब्धियों की जानकारी ली जाए और आने वाले दशक के लिए एक रोडमैप तय किया जाए। पिछले दो दशकों में 1999 और 2008 के दौरान 10 विश्‍व आलू सम्‍मेलनों का आयोजन किया जा चुका है।

सम्‍मेलन से जुड़े अन्य तथ्य

  • सम्‍मेलन का आयोजन भारतीय आलू एसोसिएशन (आईपीए) ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्‍ली और आईसीएआर-केन्‍द्र आलू अनुसंधान संस्‍थान, शिमला और अंतर्राष्‍ट्रीय आलू केन्‍द्र (सीआईपी), लीमा, पेरू के सहयोग से किया है।
  • यह सम्‍मेलन सभी साझेदारों को एक साझा मंच प्रदान करने के लिए अवसर प्रदान करेगा, ताकि आलू क्षेत्र से जुड़े प्रत्‍येक व्‍यक्ति को शामिल कर सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा सके और भविष्‍य की योजना तय की जा सके। आलू अनुसंधान में अग्रिम जानकारी रखने वालों और नवोन्‍मेष करने वाले देश के विभिन्‍न साझेदारों को बाहर लाने का यह एक अनोखा अवसर है।
  • इस कार्यक्रम के तीन प्रमुख हिस्‍से हैं– (i) आलू सम्‍मेलन (ii) कृषि निर्यात और (iii) आलू की खेती का दिन।
  • आलू सम्‍मेलन तीन दिन तक चलेगा। इसके 10 विषय होंगे। 10 में से 8 विषय वस्‍तुएं व्‍यावहारिक और प्रायोगिक अनुसंधान पर आधारित होगी। शेष दो विषय वस्‍तुओं में आलू व्‍यापार, मूल्‍य श्रृंखला प्रबंधन और नीतिगत वस्‍तुओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।
  • एग्रीएक्‍सपो का आयोजन 28 से 30 जनवरी, 2020 के दौरान किया जाएगा। इसमें आलू आधारित उद्योगों और व्‍यापार की स्थिति, प्रसंस्‍करण, बीज वाले आलू का उत्‍पादन, जैव प्रौद्योगिकी, प्रौद्योगिकी हस्‍तांतरण में सार्वजनिक-निजी भागीदारी तथा किसान संबंधी उत्‍पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।
  • आलू की खेती के दिन का आयोजन 31 जनवरी, 2020 को किया जाएगा। इसमें आलू के मशीनीकरण की दिशा में बढ़ने, आलू की किस्‍मों और नवीनतम प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन शामिल है।
  • इसमें जो प्रमुख मुद्द उठेंगे, उनमें पौधा रोपण सामग्री, आपूर्ति श्रृंखलाओं की कमी, खेती के बाद होने वाले नुकसान, प्रसंस्‍करण को बढ़ाने की आवश्‍यकता, निर्यात और विविध उपयोग तथा आवश्‍यक नीतिगत सहायता – यानी लम्‍बी दूरी के परिवहन और निर्यात संवर्धन के लिए उत्‍पादन तथा प्रमाणित बीजों का इस्‍तेमाल शामिल है।

बोडो समझौता

  • केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में 50 वर्षों से चले आ रहे बोडो मुद्दे के समाधान के लिये समझौता किया गया। इस समझौते के बाद 1500 से अधिक हथियारधारी सदस्य हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो जाएँगे | समझौते में भारत सरकार और राज्य सरकार विशेष विकास पैकेज द्वारा 1500 करोड़ रु असम में बोडो क्षेत्रों के विकास के लिए विशिष्ट परियोजनाएं शुरू करना शामिल है। इसके अलावा बोडो आंदोलन में मारे गए लोगों के प्रत्येक परिवार को 5 लाख का मुआवजा दिया जाएगा |

पृष्ठभूमि

  • पूर्व में वर्ष 1993 और 2003 के समझौतों से संतुष्ट न होने के कारण बोडो द्वारा और अधिक शक्तियों की मांग लगातार की जाती रही और असम राज्य की क्षेत्रीय अखंडता को बरकरार रखते हुए बोडो संगठनों के साथ उनकी मांगों के लिए एक व्यापक और अंतिम समाधान के लिए बातचीत की गई। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद अगस्त 2019 से एबीएसयू, एनडीएफबी गुटों और अन्य बोडो संगठनों के साथ दशकों पुराने बोडो आंदोलन को समाप्त करने के लिए व्यापक समाधान तक पहुंचने के लिए गहन विचार-विमर्श भी किया गया।

समझौता ज्ञापन के मुख्य तथ्य

  • इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य बीटीसी के क्षेत्र और शक्तियों को बढ़ाने और इसके कामकाज को कारगर बनाना है | इसके साथ बीटीएडी के बाहर रहने वाले बोडो से संबंधित मुद्दों का समाधान तथा बोडो की सामाजिक, सांस्कृतिक, भाषाई और जातीय पहचान को बढ़ावा देना और उनकी रक्षा करना भी है । समझौते के अन्य बिंदुओं में आदिवासियों के भूमि अधिकारों के लिए विधायी सुरक्षा प्रदान करना और जनजातीय क्षेत्रों का त्वरित विकास सुनिश्चित करने के साथ साथ एनडीएफबी गुटों के सदस्यों का पुनर्वास करना भी शामिल है।
  • समझौते से संविधान में छठी अनुसूची के अनुच्छेद 14 के तहत एक आयोग का गठन करने का प्रस्ताव है जो बहुसंख्यक गैर-आदिवासी आबादी कि बीटीएडी से सटे गांवों को शामिल करने और बहुसंख्यक आदिवासी आबादी की जांच करने का काम करेगा ।
  • असम सरकार निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बीटीएडी के बाहर बोडो गांवों के विकास के लिए बोडो-कचारी कल्याण परिषद की स्थापना करेगी। असम सरकार बोडो भाषा को राज्य में सहयोगी आधिकारिक भाषा के रूप में अधिसूचित करेगी और बोडो माध्यम स्कूलों के लिए एक अलग निदेशालय की स्थापना करेगी।
  • वर्तमान समझौते के तहत NDFB गुट हिंसा का रास्ता छोड़ने के साथ साथ आत्मसमर्पण करेंगे और इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक महीने के भीतर अपने सशस्त्र संगठनों को खत्म कर देंगे। भारत और असम सरकार इस संबंध में निर्धारित नीति के अनुसार एनडीएफबी (पी), एनडीएफबी (आरडी) और एनडीएफबी (एस) के लगभग 1500 से अधिक कैडरों के पुनर्वास के लिए आवश्यक उपाय भी करेगी।

'शिव भोजन' थाली योजना

  • महाराष्ट्र सरकार ने 71वें गणतंत्र दिवस पर रविवार को शिव भोजन योजना योजना लांच कर दी है। इस योजना के तहत 10 रुपए में भोजन की थाली दी जाएगी। इस पायलट परियोजना के तहत राज्य के सभी जिलों में निर्धारित जगहों या कैंटीनों में निर्धारित समय पर गरीबों को 10 रुपए में पूरा भोजन मुहैया कराया जाएगा।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

CAA पर यूरोपीय संसद का प्रस्ताव

  • लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ प्रस्तावों को लेकर यूरोपीय संसद के अध्यक्ष डेविड मारिया सासोली को पत्र लिखा है। जिसमें ओम बिरला ने ईयू संसद के अध्यक्ष से कहा है कि एक विधान मंडल का दूसरे विधान मंडल पर फैसला देना अनुचित है, इस चलन का निहित स्वार्थों द्वारा दुरूपयोग किया जा सकता है। पत्र में ओम बिरला ने कहा है कि अंतर-संसदीय यूनियन के सदस्य होने के नाते हमें अन्य विधानमंडलों की संप्रभु प्रक्रियाओं का सम्मान करना चाहिए।
  • पत्र में लोकसभा स्पीकर ने सीएए को समझाते हुए बताया है कि यह पड़ोसी देशों में धार्मिक प्रताड़ना के शिकार हुए लोगों को आसानी से नागरिकता देने के लिए है, न की किसी की नागरिकता छीनने के लिए। इसे भारतीय संसद के दोनों सदनों में चर्चा के बाद पास किया गया है। पत्र में आगे लिखा है कि इंटर पार्ल्यामेंटरी यूनियन का सदस्य होने के नाते, हमें एक दूसरे की संप्रभ प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए, खासकर लोकतंत्र में।

पृष्ठभूमि

  • दरअसल यूरोपीय संसद भारत के नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चर्चा और मतदान करने वाली है जहां अधिकतर सदस्य इसके खिलाफ हैं। यूरोपीय संघ में अलग अलग समूहों ने इस तरह के कुल छह प्रस्ताव रखे गए हैं। संसद में इस सप्ताह की शुरुआत में यूरोपियन यूनाइटेड लेफ्ट/नॉर्डिक ग्रीन लेफ्ट (जीयूई/एनजीएल) समूह ने प्रस्ताव पेश किया था जिस पर बुधवार को बहस होगी और इसके एक दिन बाद मतदान होगा।
  • इस प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्र, मानव अधिकार की सार्वभौमिक घोषणा (यूडीएचआर) के अनुच्छेद 15 के अलावा 2015 में हस्ताक्षरित किए गए भारत-यूरोपीय संघ सामरिक भागीदारी संयुक्त कार्य योजना और मानव अधिकारों पर यूरोपीय संघ-भारत विषयक संवाद का जिक्र किया गया है। इसमें भारतीय प्राधिकारियों के अपील की गई है कि वे सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ ''रचनात्मक वार्ता करें और ''भेदभावपूर्ण सीएए को निरस्त करने की उनकी मांग पर विचार करें।

:: भारतीय राजव्यवस्था ::

बहुविवाह और निकाह हलाला

  • मुस्लिम समुदाय में प्रचलित बहुपत्नी प्रथा और ‘निकाह हलाला’ की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं में पक्षकार बनने के लिये ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय में आवेदन दायर किया।
  • बहुविवाह और निकाह हलाला प्रथा को असंवैधानिक घोषित कराने के लिये शीर्ष अदालत में मुस्लिम महिलाओं की याचिकाओं का विरोध करने के लिये मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने यह आवेदन दायर किया है।

पृष्ठभूमि

  • शीर्ष अदालत ने दिल्ली निवासी नफीसा खान की याचिका पर मार्च 2018 में कानून मंत्रालय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग को नोटिस जारी करने के साथ ही कहा था कि इस मामले पर पांच सदस्यीय संविधान पीठ विचार करेगी। इस महिला ने अपनी याचिका में बहुविवाह और निकाह हलाला प्रथा को चुनौती दी थी।
  • बहुविवाह प्रथा मुस्लिम व्यक्ति को चार बीवियां रखने की इजाजत देता है जबकि ‘निकाह हलाला’ का संबंध पति द्वारा तलाक दिये जाने के बाद यदि मुस्लिम महिला उसी से दुबारा शादी करना चाहती है तो इसके लिये उसे पहले किसी अन्य व्यक्ति से निकाह करना होगा और उसके साथ वैवाहिक रिश्ता कायम करने के बाद उससे तलाक लेने से है।
  • शीर्ष अदालत में एक ही बार में तीन तलाक देने की प्रथा के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान मुस्लिम समाज में प्रचलित बहुविवाह और निकाह हलाला प्रथा के मुद्दे भी उठे थे। शीर्ष अदालत की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 22 अगस्त 2017 को 3:2 के बहुमत से सुन्नी समाज में प्रचलित तीन तलाक की प्रथा पर प्रतिबंध लगा दिया था। न्यायालय ने कहा था कि यह पवित्र कुरान के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है और यह शरियत का उल्लंघन करती है। शीर्ष अदालत ने उसी समय यह स्पष्ट कर दिया था कि बहुविवाह और निकाह हलाला के मुद्दों पर अलग से बाद में विचार किया जायेगा।

बहुविवाह और निकाह हलाला के विरुद्ध याचिका के प्रमुख तर्क

  • नफीसा खान ने 14 मार्च, 2018 को शीर्ष अदालत में दायर याचिका में कहा था कि मुस्लिम पर्सनल लॉ की वजह से भारतीय दंड संहिता की धारा 494 (पति या पत्नी के जीवनकाल में ही दूसरी शादी करना) इस समुदाय पर लागू नहीं हो रहा है और किसी भी मुस्लिम महिला के पास बहुविवाह के अपराध के लिये अपने पति के खिलाफ शिकायत दायर करने का उपाय नहीं है।
  • नफीसा खान ने मुस्लिम विवाह विच्छेद कानून, 1939 को असंवैधानिक और संविधान के अनुच्देद 14, 15, 21 और 25 में प्रदत्त अधिकारों का हनन करने वाला घोषित करने का अनुरोध किया। याचिका के अनुसार यह कानून भारतीय मुस्लिम महिलाओं को बहुविवाद के दंश से संरक्षण प्रदान नहीं करता जो भारत के दूसरे धर्मो की महिलाओं को कानूनी रूप से प्रदान करता है।
  • याचिकाकर्ता का दावा है कि वह खुद इन प्रथाओं की शिकार है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उसका पति और उसके परिवार के सदस्य दहेज की खातिर उसे यातनाएं देते हैं और दो बार उसे ससुराल से बेदखल किया जा चुका है।
  • नफीसा खान ने यह भी आरोप लगाया था कि उसके पति ने कानूनी रूप से तलाक लिये बगैर ही दूसरी महिला से शादी कर ली और पुलिस ने भी भारतीय दंड संहिता की धारा 494 तथा 498ए के तहत उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार कर दिया।
  • शीर्ष अदालत ने कोलकाता की मुस्लिम महिला प्रतिरोध समिति को भी इस मामले में पक्षकार बनाने के लिये आवेदन दाखिल करने की अनुमति दे दी थी।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का तर्क

  • मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपने आवेदन में कहा है कि शीर्ष अदालत पहले ही 1997 में अपने फैसले में बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे पर गौर कर चुकी है जिसमें उसने इसे लेकर दायर याचिकाओं पर विचार करने से इनकार कर दिया था।
  • मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपने आवेदन में कहा है कि पर्सनल लॉ को किसी कानून या अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा बताए जाने की वजह से वैधता नहीं मिलती है। इन कानूनों का मूल स्रोत उनके धर्मग्रंथ हैं।
  • आवेदन में कहा गया है कि मुस्लिम लॉ मूल रूप से पवित्र कुरान और हदीस (मोहम्मद साहब की शिक्षाओं) पर आधारित है। अत: यह संविधान के अनुच्छेद 13 में उल्लिखित ‘लागू कानून’ के भाव के दायरे में नहीं आता है। इसलिए इनकी वैधता का परीक्षण नहीं किया जा सकता।
  • बोर्ड ने अपनी अर्जी में कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 44 में प्रावधान है कि देश भर में नागरिकों के लिये समान नागरिक संहिता बनाने का प्रयास किया जायेगा लेकिन यह शासकीय नीति का निर्देशित सिद्धांत है और यह लागू करने योग्य नहीं है।
  • बोर्ड ने कहा है कि इन्हीं प्रथाओं को शीर्ष अदालत में पहले भी चुनौती दी गयी थी और न्यायालय ने 1997 में अहमदाबाद वुमेन एक्शन ग्रुप बनाम भारत सरकार में अपने फैसले में इस मामले पर विचार करने से इंकार कर दिया था। न्यायालय ने कहा कि इन पर न्यायपालिका नहीं बल्कि विधायिका विचार करेगी। बोर्ड क अनुसार मुस्लिम महिला (तलाक होने पर अधिकारों का संरक्षण) कानून, 1986 से मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को संरक्षण प्राप्त है।
  • मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भाजपा नेता एवं अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय द्वारा जनहित याचिका दायर करने के औचित्य पर सवाल उठाया है। बोर्ड ने कहा है कि उसका मानना है कि आमतौर पर एक धर्म के व्यक्ति को दूसरे धर्म की आस्था के बारे में सवाल उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

CAA-NPR की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाएं

  • सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम और नागरिकता जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली नई याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इस प्रक्रिया को रोकने से इनकार कर दिया। इन याचिकाओं पर भी अन्य मामलों के साथ-साथ सुनवाई करेगी।

पृष्ठभूमि

  • नई याचिका में गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना को चुनौती देते हुए कहा गया है, ''सीएए की धाराएं 2,3,5,6 संविधान के अनुच्छेद-14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद-19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का उल्लंघन करती हैं।"
  • याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय की अधिसूचना और सीएए संवैधानिक नैतिकता के सिद्धांत का उल्लंघन करता है और धर्मनिरपेक्षता, समानता, जीवन की गरिमा और बहुलवाद को कमतर कर संविधान के मूल ढांचे पर चोट करता है।
  • याचिका में आरोप लगाया है कि सीएए और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का उल्लेख नागरिकता कानून 1955 और नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय परिचय पत्र का वितरण)-2003 की धारा का संबंध है। हिंदू, सिख, बौद्ध, पारसी,जैन और ईसाई समुदाय के लोगों को धार्मिक उत्पीड़न की कल्पना के आधार पर नागरिकता मिल रही है।
  • याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया, ''सीएए और नियमों से लाखों भारतीय नागरिकों (मुस्लिमों) को संदिग्ध नागरिक घोषित किए जाने का खतरा है।" गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने सीएए के खिलाफ अखिल भारतीय मुस्लिम लीग और कांग्रेस नेता जयराम रमेश सहित 60 याचिकाओं पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था।

आंध्र मंत्रिमंडल विधान परिषद

  • आंध्र प्रदेश के मंत्रिमंडल ने सोमवार को एक प्रस्ताव पारित कर राज्य विधान परिषद को समाप्त करने की प्रक्रिया को हरी झंडी दिखा दी. यह प्रस्ताव प्रदेश के विधानसभा में लाया गया है जिसपर चर्चा जारी है. विधानसभा से प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे आवश्यक कार्यवाही के लिए केंद्र के पास भेजा जाएगा.

पृष्ठभूमि

  • आंध्र की 58 सदस्यीय परिषद में वाईएसआर कांग्रेस नौ सदस्यों के साथ अल्पमत में है. इसमें विपक्षी तेलगू देशम पार्टी के 28 सदस्य हैं. सत्तारुढ़ दल सदन में वर्ष 2021 में ही बहुमत प्राप्त कर पाएगा जब विपक्षी सदस्यों का छह साल का कार्यकाल खत्म हो जाएगा. दरअसल वाईएस जगनमोहन रेड्डी की सरकार पिछले हफ्ते राज्य विधानसभा के उच्च सदन में राज्य में तीन राजधानियों से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करवाने में विफल रही थी. इसी के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने यह कदम उठाया.

छह राज्यों में है विधान परिषद की व्यवस्था

  • वर्तमान में भारत के छह राज्यों में विधानमंडल के साथ-साथ विधान परिषद भी काम कर रहा है. जिन राज्यों में विधानपरिषद है उनके नाम हैं- आंध्र प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश. विधान परिषद के सदस्य छह वर्ष के चुने जाते हैं और यहां की व्यवस्थाएं राज्यसभा की तरह चलती हैं. यह एक स्थायी परिषद है जो भंग नहीं होती है. दो तिहाई लोगों की सदस्यता दो वर्ष में समाप्त हो जाती है.

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

एयर इंडिया

  • केंद्र सरकार ने सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया में से अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए सोमवार को निविदा पत्र जारी कर दिया। निविदा पत्र के अनुसार, रणनीतिक विनिवेशक के तहत एयर इंडिया लो कॉस्ट एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस की अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी और संयुक्त उपक्रम AISATS की 50 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। एयरलाइन का प्रबंधन भी सफल निविदादाता को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।

एयर इंडिया और सिंगापुर एयरलाइंस का संयुक्त उपक्रम है AISATS

  • AISATS एयर इंडिया और सिंगापुर एयरलाइंस का संयुक्त उपक्रम है। यह कंपनी ग्राउंड हैंडलिंग का कार्य करती है। निविदा पत्र में कहा गया है कि एयर इंडिया इसके अलावा एयर इंडिया इंजिनियरिंग सर्विसेज, एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज, एयरलाइन एलाइड सर्विसेज और होटल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में भी हिस्सेदारी रखती है। इन सभी कंपनियों को एक अलग कंपनी एयर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया चल रही है। यह सभी कंपनियां मौजूदा बिक्री मसौदे का हिस्सा नहीं होंगी। निविदा पत्र के अनुसार विनिवेश के समय एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के कुल 60 हजार करोड़ में से 23,286.5 करोड़ रुपए का कर्ज रहेगा। अन्य कर्ज को एयर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड को आवंटित कर दिया जाएगा। सलाहकार फर्म अर्नेस्ट एंड यंग (EY) को विनिवेश सलाहकार बनाया गया है।

3500 करोड़ होनी चाहिए खरीदारी की नेटवर्थ

  • सरकार की ओर से जारी निविदा प्रक्रिया में कहा गया है कि यह कई कंपनियों का कंसोर्टियम ईओआई जमा करता है तो ऐसे कंसोर्टियम का मुख्य सदस्य 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकता है। पहले यह हिस्सेदारी 51 फीसदी रखी गई थी। कंसोर्टियम में कम से कम हिस्सेदारी को आसान करके 10 फीसदी कर दिया गया है। ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को कंसोर्टियम में शामिल होने के मकसद से इस बार शर्तों में ढील दी गई है। योग्य निविदादाता की कुल नेटवर्थ 3500 करोड़ रुपए होनी चाहिए। पहले निविदादाता की नेटवर्थ 5000 करोड़ रुपए तय की गई थी।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

युद्धपोत आईएनएस कवरत्ती

  • नौसेना को पनडुब्बी रोधी युद्धपोत आईएनएस कवरत्ती जल्द मिल सकता है। रडार की पकड़ में नहीं आने वाले इस युद्धपोत से नौसेना की ताकत में इजाफा होगा। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक एडमिरल वीके सक्सेना ने बताया, आईएनएस कवरत्ती उन चार पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों में से अंतिम है, जिनका निर्माण पी-28 परियोजना के तहत नौसेना के लिए किया जा रहा है।
  • इस युद्धपोत के सभी परीक्षण सफल रहे हैं और पूरे हो चुके हैं। इसे इस महीने के अंत तक नौसेना को सौंपने की योजना है।

विशेषता

  • कवरत्ती जीआरएसई द्वारा निर्मित 104वां पोत होगा। 3300 टन वजनी इस पोत के 90 फीसदी पुर्जे स्वदेश निर्मित हैं और नई तकनीक की मदद से इसकी देखरेख की आवश्यकता भी कम होगी।
  • यह युद्धपोत परमाणु, रासायनिक तथा जैविक युद्ध की स्थिति में भी काम करेगा। चार रडार रोधी और पनडुब्बी रोधी पोतों के नाम हैं, आईएनएस कमोर्ता, आईएनएस कदमत और आईएनएस किलतान।
  • ये नाम लक्षद्वीप द्वीपसमूह के द्वीपों के नाम पर रखे गए हैं। आईएनएस कमोर्ता को 2014 में नौसेना को सौंपा गया था। वहीं आईएनएस कदमत नवंबर, 2015 में और किलतान अक्तूबर, 2017 में नौसेना के सुपुर्द कर दिया गया था।

:: विविध ::

सुनील मेहता

  • पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील मेहता ने सोमवार को भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के मुख्य कार्यकारी का पदभार ग्रहण कर लिया।

मशहूर रंगकर्मी संजना कपूर को फ्रांसीसी सम्मान

  • मशहूर रंगमंच कलाकार संजना कपूर को फ्रांस के प्रतिष्ठित सम्मान ‘नाइट ऑफ द ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स’ से सम्मानित किया जाएगा। संजना बालीवुड अभिनेता शशि कपूर की बेटी हैं और उन्हें यह सम्मान रंगमंच की दुनिया में उनके सराहनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है।
  • यह सम्मान पाने वाले भारतीयों में भारती खेर, शाहरूख खान, पंडित हरिप्रसाद चौरसिया, ऐश्वर्या राय आदि शामिल हैं।

कोबी ब्रायंट

  • नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन के महान खिलाड़ी रह चुके कोबी ब्रायंट का निधन हो गया। रविवार को हेलिकॉप्टर क्रैश में कोबी ब्रायंट निधन हुआ। ये हादसा कैलिफोर्निया के कैलाबैसस में हुआ। हादसे में कोबी ब्रायंट के साथ उनकी बेटी गियाना मारिया (13) की भी मौत हो गई है।

62वें ग्रैमी अवॉर्ड्स

  • 62वें ग्रैमी अवॉर्ड्स की घोषणा कर दी गई है. सबसे ज्यादा 8 केटेगरी में नॉमिनेटेड लिज्जो को उनकी क्रिएशन 'ट्रुथ हर्ट्स' के लिए बेस्ट पॉप सोलो परफॉर्मेन्स के लिए ग्रैमी अवॉर्ड से नवाजा गया है। वहीं अमेरिका पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा को ग्रैमी के प्री-शो में उनके बेस्ट सेलर संस्मरण 'बीकमिंग' के लिए ग्रैमी अवॉर्ड दिया गया। 'बीकमिंग' एक ऑडियोबुक है जिसे ओबामा ने ही आवाज दी है।

62वें ग्रैमी अवॉर्ड्स की सूची

  • सॉन्ग ऑफ दी ईयर- बैड गाय - बिली इलिश
  • वर्ष का सर्वश्रेष्ठ एलबम- बिली इलिश - वैन वी ऑल फॉल अस्लीप...
  • वर्ष का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड- बिली इलिश - बैड गाय
  • बेस्ट रैप एलबम- टेलर द क्रिएटर- ईगोर
  • बेस्ट कंट्री ड्यूओ/ ग्रुप परफॉर्मेंस- डैन+शै- स्पीचलेस
  • बेस्ट पॉप वोकल एलबम- बिली इलिश- व्हैन वी ऑल फॉल अ स्लीप, वेअर डू वी गो?
  • बेस्ट डांस - द कैमिकल ब्रदर्स- नो ज्यॉग्रफी
  • बेस्ट रॉक परफॉरमेंस- गैरी क्लार्क जूनियर- दिस लैंड
  • बेस्ट रॉक सॉन्ग- गैरी क्लार्क जूनियर- दिस लैंड
  • बेस्ट मेटल परफॉर्मेंस- टूल- 7एंपेस्ट
  • बेस्ट कंट्री सोलो परफॉर्मेन्स राइड- विली नेलसन- मी बैक होम
  • 2020 का बेस्ट स्पोकन वर्ड- मिशेल ओबामा- Becoming
  • बेस्ट सॉन्ग फॉर विजुअल मीडिया- लेडी गागा- I'll Never Love Again

डाटा प्राइवेसी डे

  • प्रति वर्ष 28 जनवरी को ‘डाटा प्राइवेसी डे’ (Data Privacy Day) मनाया जाता है। डाटा प्राइवेसी डे’ मनाने का उद्देश्य डाटा की गोपनीयता और डाटा की सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • तीसरे विश्व आलू सम्मेलन का आयोजन कहां किया जा रहा है? (गुजरात)
  • अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र कहां पर स्थित है? (लीमा- पेरू)
  • आलू अनुसंधान संस्थान कहां स्थित है? (शिमला)
  • हाल ही में पूर्वोत्तर राज्य के किस अलगाववादी समूह के साथ भारतीय सरकार द्वारा शांति समझौता किया गया? (बोडो)
  • हाल ही में किस राज्य में ‘शिव भोजन थाली’ योजना प्रारंभ की गई है? (महाराष्ट्र)
  • हाल ही में किस राज्य के द्वारा राज्य के विधान परिषद के उन्मूलन हेतु प्रस्ताव विधानसभा में लाया गया है ? (आंध्र प्रदेश)
  • हाल ही में केंद्र सरकार के द्वारा किस सरकारी कंपनी में से अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए निविदा पत्र जारी किया गया है? (एयर इंडिया)
  • पी-28 परियोजना के तहत किन-किन चार पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों का निर्माण किया जा रहा है? (आईएनएसकवरत्ती, आईएनएस कमोर्ता, आईएनएस कदमत और आईएनएस किलतान)
  • हाल ही में किसने भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के मुख्य कार्यकारी के रूप में पद ग्रहण किया है? (सुनील मेहता)
  • हाल ही में किस भारतीय को फ्रांस के प्रतिष्ठित सम्मान ‘नाइट ऑफ द ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स’ से सम्मानित किया जाएगा? (संजना कपूर)
  • हाल ही में दिवंगत हुए कोबी ब्रायंट किस खेल से संबंधित थे? (बास्केटबॉल)
  • 62वें ग्रैमी अवॉर्ड्स सॉन्ग ऑफ द ईयर का खिताब किसे प्रदान किया गया? (बैड गाय - बिली इलिश)
  • किस तिथि को ‘डाटा प्राइवेसी डे’ (Data Privacy Day) मनाया जाता है? (28 जनवरी)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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