(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (27 अगस्त 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (27 अगस्त 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

राष्‍ट्रीय संसाधन दक्षता नीति, 2019

  • राष्‍ट्रीय संसाधन दक्षता नीति (एनआरईपी), 2019 को लागू करने की गति को देखते हुए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जनता की टिप्‍पणियां आमंत्रित करने की समय सीमा एक महीने के लिए बढ़ाकर 24.09.2019 कर दी है।
  • मंत्रालय ने जनता के हितों को ध्‍यान में रखते हुए मसौदा नीति के आसान और व्‍यवस्थित कार्यान्‍वयन के लिए इस समय सीमा को बढ़ाने पर सहमति व्‍यक्‍त की।
  • इससे पहले मंत्रालय ने 25.07.2019 को रक्षा संसाधन दक्षता नीति, 2019 का मसौदा जारी कर सार्वजनिक/निजी संगठनों, विशेषज्ञों और संबद्ध नागरिकों सहित साझेदारों से मसौदा नीति के बारे में टिप्‍पणियां और सुझाव आमंत्रित किए थे।
  • राष्‍ट्रीय संसाधन दक्षता नीति (एनआरईपी) के मसौदे में पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल निरंतर और उचित आर्थिक विकास, संसाधन सुरक्षा, स्‍वस्‍थ वातावरण (वायु, जल और भूमि) और समृद्ध पारिस्थितिकी तथा जैव विविधता के साथ पुन: स्‍थापित पारिस्थितिकी तंत्र के भविष्‍य की कल्‍पना की गई है।
  • राष्‍ट्रीय संसाधन दक्षता नीति का मसौदा (i) दीर्घकालिक विकास लक्ष्‍य को हासिल करने और भूमंडलीय सीमाओं के भीतर रहने की बात को ध्‍यान में रखकर प्राथमिक संसाधनों के उपभोग में ‘वहनीय’ स्‍तरों तक कटौती, (ii) संसाधन दक्षता और संसाधनों के निरंतर उपयोग के जरिए कम वस्‍तुओं के साथ उच्‍च मूल्‍य तैयार करना (iii) कचरे को न्‍यूनतम करने (iv) वस्‍तुओं की सुरक्षा, और रोजगार के अवसर तथा पर्यावरण संरक्षण और उसे बहाल करने के लिए लाभकारी बिजनेस मॉडल से निर्देशित है।

7वां कम्‍युनिटी रेडियो सम्‍मेलन

  • सातवां कम्‍युनिटी रेडियो सम्‍मेलन नई दिल्‍ली के डॉ. बी.आर. अम्बेडकर भवन में 27 से 29 अगस्‍त, 2019 तक आयोजित किया जाएगा। सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा आयोजित इस सम्‍मेलन में देश भर में चल रहे सभी रेडियो स्‍टेशनों की भागीदारी देखने को मिलेगी।
  • इस वर्ष के सम्‍मेलन का विषय ‘एसडीजी के लिए कम्‍युनिटी रेडियो’ है। कम्‍युनिटी रेडियो स्‍टेशनों के प्रतिनिधि अपने अनुभवों के बारे में चर्चा करेंगे और निरंतर विकास लक्ष्‍य के बारे में लोगों के बीच बेहतर जागरूकता पैदा करने के लिए कार्यक्रम संबंधी योजनाएं तैयार करने की संभावनाओं का पता लगाएंगे।

खुले भूमिक्षेत्र लाइसेंसिंग कार्यक्रम की बोली के चरण-IV की शुरुआत

  • सरकार ने अन्‍वेषण और उत्‍पादन के क्षेत्र में पिछले पांच वर्ष में अनेक सुधारों को लागू किया है। तत्‍कालीन नई अन्‍वेषण लाइसेंसिंग नीति (एनईएलपी) के स्‍थान पर हाइड्रोकार्बन अन्‍वेषण और लाइसेंसिंग नीति (एचईएलपी) को मार्च, 2016 में मंजूरी दी गई और राष्‍ट्रीय डेटा कोष (एनडीआर) के साथ खुले भूमिक्षेत्र लाइसेंसिंग कार्यक्रम (ओएएलपी) की भारत में अन्‍वेषण और उत्‍पादन कार्यों में तेजी लाने के लिए मुख्‍य संचालक के रूप में जून, 2017 में शुरूआत की गई। सरकार ओएएलपी के तीन दौर में प्रमुख अन्‍वेषण और उत्‍पादन कंपनियों को1,18,280 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के 87 ब्‍लॉक प्रदान कर चुकी है।
  • तेल और गैस की आयात निर्भरता कम करने की अपनी प्रतिबद्धता को जारी रखते हुए और अन्‍वेषण और उत्‍पादन कार्यों में तेजी लाते हुए, सरकार ने 28 फरवरी, 2019 को तेल और गैस की खोज वाले क्षेत्रों में और नीतिग‍त सुधार अधिसूचित किए, ताकि अन्‍वेषण कार्यों को बढ़ाया जा सके, तलछट बेसिनों के गैर-अन्वेषित/गैर-आवंटित क्षेत्रों में घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सके और मंजूरी की प्रक्रिया को सरल एवं कारगर बनाकर तथा उसमें तेजी लाकर सुगम व्‍यवसाय को बढ़ावा दिया जा सके।
  • सरकार अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतिस्‍पर्धात्‍मक बोलियों के लिए चौथे दौर की बोली की 27 अगस्‍त, 2019 को शुरूआत कर रही है, जिसे संशोधित नीति के दायरे में किया जाएगा। बोली के इस दौर में करीब 18,500 वर्गमीटर क्षेत्र के 7 ब्‍लॉकों की निवेशक समुदाय की बोलियों के लिए पेशकश की गई है। सभी 7 ब्‍लॉक बोलीकर्ताओं द्वारा दिए गए अभिव्‍यक्ति की रूचि पर आधारित हैं।
  • नीतिगत सुधारों की प्रमुख विशेषताओं में श्रेणी विशेष बोली मूल्‍यांकन मानदंड जिनमें अन्‍वेषण संबंधी कार्यक्रमों को अधिक महत्‍व दिया गया है, श्रेणी-IIऔर III प्रकार की बोलियां लगाना शामिल है, जो केवल अन्‍वेषण कार्य कार्यक्रम, अल्‍प अन्‍वेषण अवधि, रियायती दर पर रॉयल्‍टी दरों पर आधारित हैं, ताकि तेल और गैस के उत्‍पादन में तेजी लाई जा सके और वैकल्पिक विवाद निपटारा तंत्र की शुरूआत की जा सके।

सी-डॉट का 36वां स्थापना दिवस

  • सरकार ने आज अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि ग्रामनेट के जरिये सभी गांव में वाई-फाई उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी कनेक्टिविटी 10 एमबीपीएस से 100 एमबीपीएस गति के बीच होगी। आज नई दिल्ली में सी-डॉट के 36वें स्थापना दिवस समारोह में संचार राज्य मंत्री श्री संजय शामराव धोत्रे ने मुख्य वक्तव्य देते हुए कहा कि भारतनेट 01 जीबीपीएस कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रहा है, जिसे 10 जीबीपीएस तक बढ़ाया जा सकता है।
  • सी-डॉट की सी-सैट-फाई प्रौद्योगिकी से भारत के लोग, खासतौर से गांव और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को फायदा होगा। इसके जरिये उन्हें टेलीफोन और वाई-फाई सुविधाएं मिलेंगी। इस प्रौद्योगिकी से देश के सभी भागों में यह सुविधा सभी मोबाइल फोनों पर उपलब्ध होगी। नई प्रौद्योगिकी से सुदूर स्थानों पर रहने वाले लोग उपग्रह के जरिये संपर्कता प्राप्त करके मुख्यधारा में आ जायेंगे।इन स्थानों पर फाइबर लाइन बिछाना कठिन होता है और वहां इंटरनेट उपलब्ध नहीं है। सी-डॉट – एक्सजीएसपीओएन, सी-सैट-फाई और सीआईएसटीबी जैसे नए उत्पाद भी जारी किये।
  • सी-सैट-फाई वायरलैस और उपग्रह संचार पर आधारित है, ताकि दुर्गम स्थानों और दूरदराज के इलाकों तक कनेक्टिविटी पहुंचेगी। इस सस्ती सुविधा में महंगे सेटेलाइट फोनों की जरूरत नहीं है और यह सुविधा वाई-फाई वाले फोन पर काम करेगी।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

नेशनल फंडिंग एक्‍शन टास्‍क फोर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी-पाकिस्‍तान

  • पाकिस्‍तान हुक्‍मरानों में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था 'फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स' (FATF) का खौफ सर चढ़कर बोल रहा है। आतंकियों को पालने पोसने वाले पाकिस्‍तानी हुक्‍मरानों में डर है कि एफएटीएफ कहीं पाकिस्‍तान को ब्‍लैकलिस्‍ट न कर दे। यदि ऐसा हुआ तो कंगाल पाकिस्‍तान की हालत और पतली हो जाएगी। डूबती अर्थव्‍यवस्‍था को संभालने के लिए उसे विदेशी कर्ज भी मिलना मुश्किल होगा। यही वजह है कि पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने एफएटीएफ के मसले से निपटने के लिए एक कमेटी गठित की है।

FATF के एक्‍शन प्‍लान का अनुपालन कराएगी समिति

  • इमरान खान ने 12 सदस्‍यीय कमेटी को एफएटीएफ के 27 सूत्री कार्ययोजना की कड़ाई से अनुपालन के लिए ही यह समिति गठ‍ित की है। एफएटीएफ अक्टूबर में होने वाली अपनी बैठक में पाकिस्तान को काली सूची में डालने के बारे में फैसला लेगा। एफएटीएफ पाकिस्‍तान को ब्‍लैक लिस्‍ट होने से खुद को बचाने के लिए 27 सूत्रीय एक्‍शन प्‍लान सौंपा था। पिछली बैठक में एफएटीएफ ने आतंकियों और उनकी फंडिंग के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के लिए पाकिस्‍तान को 15 महीने की मोहलत दी थी। यह समय सीमा अक्‍टूबर में खत्‍म हो रही है।

समिति में ये लोग शामिल

  • पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने वित्‍त मंत्री हम्‍माद अजहर के नेतृत्‍व में नेशनल फंडिंग एक्‍शन टास्‍क फोर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी (National Financial Action Task Force Coordination Committee, NFATFCC) का गठन किया है। इस कमेटी में सभी संस्थानों के प्रमुखों और नियामकों के अलावा वित्त, विदेशी मामलों और आंतरिक सचिवों के संघीय सचिव शामिल हैं। समिति को एफएटीएफ के मसले पर पाकिस्‍तान की कोशिशों को बढ़ावा देने की अनिवार्यता सुनिश्चित करने की जिम्‍मेवारी सौंपी गई है। सम‍िति को एफएटीएफ के एक्‍शन प्‍लान को 21 दिसंबर तक हर हाल में अनुपालन कराने के लिए कहा गया है।

APG ने कर दिया है Backlist

  • पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब FATF की एशिया प्रशांत इकाई (Asia Pacific Group, APG) ने उसे डाउनग्रेड करते हुए 'ब्लैक लिस्ट' में डाल दिया है। बीते दिनों एशिया पैसिफिक ग्रुप (Asia Pacific Group, APG) की ऑस्‍ट्रेलिया के कैनबरा (Canberra, Australia) में बैठक हुई थी जिसमें उक्‍त फैसला लिया गया। APG ने टेरर फंडिंग के मानकों को पूरा करने में विफल रहने पर पाकिस्‍तान को ब्‍लैक लिस्‍ट किया था। एशिया पैसिफिक ग्रुप ने पाकिस्‍तान को आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के 40 अनुपालन मानकों में से 32 पर खरा नहीं पाया था।

बचने के लिए हर हथकंडे अपना रहा पाकिस्‍तान

  • एपीजी ने आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर लगाम लगाने वाले 11 प्रभावशाली मानक तय किए थे जिसमें से 10 पर उसकी रेटिंग खराब थी। पाकिस्‍तान लश्‍कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्‍मद जैसे आतंकी संगठनों की फंडिंग को लेकर काफी समय से एफएटीएफ के निशाने पर है। एफएटीएफ ने जून 2018 से ही पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्‍ट' में रखा है। निगरानी सूची से बाहर आने के लिए पाकिस्तान पिछले साल एफएटीएफ की ओर से दिए गए 27 में से दो-तीन मानकों को ही पूरा कर पाया है। अब अक्‍तूबर में जब एफएटीएफ की बैठक होने वाली है तो अब पाकिस्‍तान एफएटीएफ के एक्‍शन से बचने के लिए हर हथकंडे अपना रहा है।

ब्‍लैकलिस्‍ट का प्रभाव

  • FATF द्वारा Grey List में डाले जाने के बाद पाकिस्‍तान को आईएफएफ (IMF), विश्‍व बैंक (World Bank) जैसी वैश्विक संस्‍थाएं डाउन ग्रेड कर चुकी है। इससे बदहाली की मार झेल रही पाकिस्‍तानी अर्थव्‍यवस्‍था में विदेशी निवेश घट गया है। यही नहीं पाकिस्‍तान पर मूडीज (Moody) और फ‍िच (Fitch) जैसी रेटिंग एजेंसियों द्वारा डाउनग्रेड किए जाने का भी खतरा है। ऐसे में यदि पाकिस्‍तान एफएटीएफ द्वारा ब्‍लैक लिस्‍ट कर दिया जाता है तो उसके लिए 'कोढ़ में खाज' वाली स्थिति हो जाएगी। पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी इसे लेकर पहले ही आशंका जता चुके हैं। उन्‍होंने कहा था कि पाकिस्तान एफएटीएफ द्वारा यदि ब्‍लैक लिस्‍ट हुआ तो उसकी अर्थव्यवस्था को 10 अरब डॉलर का झटका लगेगा।

:: भारतीय राजव्यवस्था और महत्वपूर्ण विधेयक ::

सामान नागरिक संहिता लागू करने और उसका प्रारूप तैयार करने की याचिका

  • देश में समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर सोमवार को एक और याचिका दायर की गई। इसमें केंद्र सरकार और विधि आयोग को समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करने के लिए न्यायिक आयोग और विशेषज्ञ कमेटी बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने इसे मूल याचिका के साथ संलग्न कर मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्घ कर दिया है।
  • पेश याचिका में अधिवक्ता अभिनव बेरी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 को लागू किए बिना महिलाओं को लिंग समानता व न्याय, सम्मान नहीं मिल सकता। इस अनुच्छेद का मकसद ही देश में समान नागरिक संहिता लागू कराना है। इसलिए विधि आयोग व केंद्र सरकार को इस संहिता का प्रारूप तैयार करने के लिए न्यायिक आयोग अथवा विशेषज्ञ कमेटी बनाने का निर्देश दिया जाए। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मूल याचिका पर अर्जी दायर कर अपना विरोध जता चुका है। बोर्ड का कहना है कि भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। इस याचिका को खारिज किया जाए या फिर उसका पक्ष भी सुना जाए।
  • हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और विधि आयोग को देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग वाली याचिका पर जवाब देने के लिए 8 जुलाई को चार सप्ताह की मोहलत दी थी। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर 31 मई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन पक्षकारों ने जवाब नहीं दिया था। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने केंद्र सरकार व विधि आयोग को भाजपा नेता अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया था। इन पक्षकारों ने याचिका को खारिज करने की मांग की थी, जिसे मानने से इनकार करते हुए खंडपीठ ने कहा था कि सरकार व आयोग हलफनामा पेश कर जवाब दें।

:: आर्थिक समाचार ::

सरकार को के सरप्लस RBI से मिलेंगे पौने दो लाख करोड़ रुपये

  • रिजर्व बैंक ने जालान समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए सरकार को भारी भरकम 1,76,051 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का फैसला किया है। इसमें से रिकार्ड 1,23,414 करोड़ रुपये राशि सरप्लस के रूप में होगी जो आरबीआइ वित्त वर्ष 2018-19 के लिए सरकार को ट्रांसफर करेगा।
  • सरकार ने चालू वित्त वर्ष में आरबीआइ से लगभग एक लाख करोड़ रुपये सरप्लस मिलने की उम्मीद जतायी थी ऐसे में जालान समिति की सिफारिश के आधार पर केंद्रीय बैंक से भारी भरकम राशि मिलने पर सरकार के लिए राजकोषीय घाटे को काबू रखना आसान हो जाएगा।
  • आरबीआइ ने सोमवार शाम को एक बयान जारी कर कहा कि रिजर्व बैंक के बोर्ड ने सरकार को 1,76,051 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का निर्णय किया है। इसमें 1,23,414 करोड़ रुपये वित्त वर्ष 2018-19 के लिए सरप्लस के रूप में हैं जबकि 52,637 करोड़ रुपये संशोधित इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क के तहत अतिरिक्त प्रावधान के हैं।
  • आरबीआइ गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में हुई आरबीआइ के बोर्ड की 578वीं बैठक में रियलाइज्ड इक्विटी के स्तर को बैलेंस शीट के 5.5 प्रतिशत पर बनाकर रखने का फैसला किया गया जबकि फिलहाल यह 6.8 प्रतिशत है। रियलाइज्ड इक्विटी के स्तर को घटाने का ही नतीजा है कि सरकार को 52,637 करोड़ रुपये सरप्लस से अतिरिक्त मिलेंगे। बोर्ड ने अपने बयान में कहा है कि 30 जून 2019 को आरबीआइ वित्तीय मजबूती की दृष्टि से वैश्विक स्तर पर अच्छी स्थिति में है। यही वजह है कि इस राशि के ट्रांसफर करने का निर्णय किया गया।
  • खास बात यह है कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में लक्ष्य के मुकाबले 15.5 प्रतिशत रेवेन्यू का लक्ष्य हासिल कर लिया गया था। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने फिस्कल डेफिसिट जीडीपी के 3.3 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य रखा है। हालांकि इकोनॉमी के कई क्षेत्रों में सुस्ती के चलते टैक्स रेवेन्यू में अपेक्षित वृद्धि न होने के चलते इस लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था ऐसे में अब आरबीआइ से रिकार्ड सरप्लस मिलने से सरकार के लिए इस लक्ष्य को हासिल करना आसान हो जाएगा।

जालान समिति

  • आरबीआइ ने सरकार से परामर्श के बाद केंद्रीय बैंक के इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क की समीक्षा करने को बिमल जालान की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। हालांकि सरकार ने जब आरबीआइ के रिजर्व पर नजर टिकाई तो आरबीआइ के एक तत्कालीन डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने परोक्ष रूप से इस आशय के प्रस्ताव का समर्थन न करने का संकेत दिया था। उन्होंने समय-समय पर अपने भाषणों में इसका संकेत भी दिया था।

देश की औसत आर्थिक वृद्धि दर अप्रैल-जून में 6% रहने का अनुमान: फिक्की

  • देश की आर्थिक विकास दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में औसतन 6 प्रतिशत रहेगी। उद्योग मंडल फिक्की ने एक रिपोर्ट में यह कहा है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय अगले सप्ताह पहली तिमाही के आर्थिक वृद्धि के आंकड़े जारी करेगा। देश की आर्थिक वृद्धि दर 2018-19 की अप्रैल-जून तिमाही में 8.2 प्रतिशत थी।
  • फिक्की के आर्थिक परिदृश्य सर्वे के अनुसार, ‘एनएसएसओ के हाल में जारी बेरोजगारी के आंकड़े देश में रोजगार की गंभीर स्थिति को बयां करता है।’ उद्योग मंडल ने 2019-20 में सालाना औसत जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। इसके न्यूनतम 6.7 प्रतिशत और अधिकतम 7.2 प्रतिशत तक जाने का अनुमान है।
  • सर्वे में शामिल ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक नरम रुख बनाए रखेगा और 2019-20 की शेष अवधि में रीपो दर में और कटौती की जाएगी। उनका मानना है कि मौजूदा वास्तविक ब्याज दर ऊंची है। जमा में हल्की वृद्धि से बैंक परेशान हैं, क्योंकि इससे उनके कर्ज देने की क्षमता प्रभावित हो रही है और यह उन्हें पर्याप्त रूप से ब्याज दर में कटौती का लाभ देने से रोक रहा है।
  • सर्वे में शामिल प्रतिभागियों ने अधिक रोजगार सृजित करने के लिये सुधार के चार क्षेत्रों को चिन्हित किया है। ये चार क्षेत्र हैं कारोबार करने की लागत, नियामकीय सुधार, श्रम सुधार और क्षेत्र केंद्रित विशेष पैकज की घोषणा। उनका कहना है कि आने वाले समय में धीमी वैश्विक वृद्धि से भारत की वृद्धि संभावना प्रभावित होगी।
  • रिपोर्ट में अर्थशास्त्रियों ने आम सहमति से भारत की संभावित वृद्धि दर 7 से 7.5 प्रतिशत रहेगी, जो कुछ साल पहले जताई गई 8 प्रतिशत की संभावना से कम है। हालांकि, बहुसंख्यक अर्थशास्त्रियों का मानना है कि जीडीपी वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहेगी। सर्वे में शामिल प्रतिभागियों ने पहले हासिल की गई 8 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर को दोहराने और उसे बनाए रखने की संभावना पर संदेह जताया। हालांकि, इस मामले में अर्थशास्त्री बंटे दिखे।
  • आशावादी अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक माहौल को देखते हुए परिस्थिति में बदलाव चुनौतीपूर्ण होगा और इसमें कम-से-कम तीन से चार साल लग सकते हैं। देश की वृद्धि दर की संभावना हासिल करने के बारे में अर्थशास्त्रियों ने कृषि क्षेत्र को गति देने, सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों को मजबूत बनाने, उत्पादन साधन बाजार सुधारों को आगे बढ़ाने तथा बुनियादी ढांचा क्षेत्र के वित्तपोषण के लिए विकल्प बढ़ाने के सुझाव दिए। यह सर्वे इस साल जून-जुलाई के दौरान उद्योग, बैंक और वित्तीय सेवा क्षेत्र से जुड़े अर्थशास्त्रियों के बीच किया गया

एमनेस्टी स्कीम

  • रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने कहा है कि इंपावर्ड कमेटी एमनेस्टी स्कीम के तहत टैक्स में राहत देने की घोषणा पर 60 दिनों के भीतर निर्णय लेगी। सबका विश्वास-लिगेसी डिस्प्यूट स्कीम 2019, सितंबर से अगले चार महीनों के लिए लागू होगी। इस स्कीम के तहत लिगेसी सर्विस टैक्स और सेंट्रल एक्साइज से संबंधित मामलों का निपटान किया जाएगा। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स (सीबीआइसी) ने बताया कि स्कीम इंटरेस्ट, पेनाल्टी और फाइन में पूरी तरह से छूट देगी। इसके अलावा यह स्कीम मुकदमे से बचाव भी करेगी।
  • आवेदक को उसके मामले में फैसले की सूचना के सवाल पर सीबीआइसी ने बताया कि इंपावर्ड कमेटी 60 दिनों के भीतर किसी मामले में फैसला लेगी और आवेदक को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से फैसले के बारे में अवगत कराया जाएगा। यह स्कीम टैक्स देने वालों को बाकी पड़े टैक्स को चुकाने और इससे संबंधित विवादों से निपटने का अवसर देगी।
  • इस समय 3.75 लाख करोड़ से अधिक रुपये सर्विस टैक्स और एक्साइज से संबंधित मुकदमों में फंसे हुए हैं। इस स्कीम की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट के दौरान की थी। इसका मुख्य मकसद छोटे टैक्स दाताओं को टैक्स से संबंधित मुकदमों के बोझ से मुक्ति दिलाना है।

:: पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी ::

अमेजन वर्षावन

  • अमेजन वर्षावन में लगी आग पर काबू पाने के लिए ब्रिटेन ने मदद की पेशकश की है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने धरती का फेफड़ा कहे जाने वाले इस जंगल को संरक्षित करने के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है।
  • फ्रांस के तटीय शहर बायरिट्ज में चल रहे जी7 सम्मेलन के दौरान जॉनसन ने अमेजन वर्षावन के लिए 1.23 करोड़ डॉलर (करीब 88 करोड़ रुपये) देने का वादा किया। ब्रिटेन सरकार ने बयान जारी कर कहा कि आग से प्रभावित अमेजन के हिस्सों को फिर से हरा-भरा करने और जीव-जंतुओं के प्राकृतिक आवास के पुनर्निर्माण के लिए यह धनराशि तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।
  • इस एलान से एक दिन पहले सम्मेलन की मेजबानी कर रहे फ्रांस ने कहा था कि अमेजन वर्षावन की सुरक्षा के लिए सभी देश हाथ बढ़ाने को तैयार हैं। वायुमंडल को 20 फीसद ऑक्सीजन देने वाले अमेजन के जंगलों में दो हफ्ते से ज्यादा समय से आग लगी है।
  • जैव विविधता से लबरेज इन जंगलों का 60 फीसद हिस्सा ब्राजील में पड़ता है। ब्राजील के अलावा यह बोलिविया, कोलंबिया, इक्वाडोर, पेरु आदि में भी फैला हुआ है। जंगल की आग से ब्राजील के अलावा बोलिविया और पेरू के कई शहर भी प्रभावित हुए हैं। कई यूरोपीय देशों ने जंगल में लगी इस भयानक आग को नजरअंदाज करने के लिए ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो पर आरोप लगाया है। पर्यावरणविदों का कहना है कि बोल्सोनारो ने जंगल की कटाई और खनन को बढ़ावा दिया है, जिसकी वजह से इतनी भयावह आग लगी है।
  • ऑस्कर जीत चुके हॉलीवुड अभिनेता लियोनार्डो डिकैप्रियो के नए पर्यावरण संगठन अर्थ अलायंस ने अमेजन जंगलों को संरक्षित करने के लिए पचास लाख डॉलर की मदद की पेशकश की है है। संगठन की वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी गई है। टाइटेनिक में मुख्य भूमिका निभाने वाले अभिनेता लियानोर्डो डिकैप्रियो फाउंडेशन (एलडीएफ) पर्यावरण संकट से निपटने के लिए पिछले महीने ही अर्थ अलायंस में शामिल हुए थे।
  • लड़ाकू विमान से बुझाई जा रही आग ब्राजील के रोंडोनिया राज्य में पड़ने वाले वर्षावन में लगी आग बुझाने के लिए लड़ाकू विमानों से पानी की बौछार की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो ने आग पर काबू पाने के लिए सैनिक उतारे हैं।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

मैकबुक प्रो

  • नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सोमवार को यात्रियों से कहा कि वे 15 इंच मैकबुक प्रो लैपटॉप के कुछ मॉडल लेकर विमान में यात्रा न करें। डीजीसीए ने कहा कि बैटरी ओवरहीटिंग की समस्या के कारण इनसे विमान की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। ऐसे में चेक-इन बैगेज या हैंड बैगेज में मैकबुक प्रो रखकर यात्रा न करें।
  • डीजीसीए के प्रमुख अरुण कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘एपल इंक ने ओल्ड जेनरेशन की 15-इंच मैकबुक प्रो लैपटॉप को रिकॉल किया है। जब तक कि बैटरी निर्माता द्वारा बदल दी नहीं जाती, तब तक डीजीसीए सभी हवाई यात्रियों से अनुरोध करता है कि वे प्रभावित मॉडल के साथ उड़ान न भरें। ऐसे लैपटॉप में बैटरी के ओवरहीट होने का खतरा है।’’
  • मैकबुक प्रो के मॉडल में एपल ने 20 जून को अपनी वेबसाइट पर एक नोटिस जारी किया था। इस मॉडल के सभी लैपटॉप को मार्केट से री-कॉल कर लिया गया था। नोटिस के मुताबिक, एपल ने कहा था कि ओल्ड जेनरेशन के 15 इंच के मैकबुक प्रो में बैटरी गर्म होने की समस्या है। ऐसे लैपटॉप की बिक्री सितंबर 2015 से फरवरी 2017 के बीच हुई है। प्रोडक्ट की पहचान उनके सीरियल नंबर से की गई है। मैकबुक प्रो यूजर्स एपल की वेबसाइट पर अपने मॉडल का सीरियल नंबर डालकर देख सकते हैं कि उसे रिकॉल किया गया है या नहीं। यह रिकॉल अन्य मैक नोटबुक या एपल के अन्य उत्पादों पर लागू नहीं होता है।

सी-17 ग्लोबमास्टर विमान

  • अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनी बोइंग ने सोमवार को भारतीय वायुसेना को 11वां सी-17 ग्लोबमास्टर III परिवहन विमान सौंप दिया, जिससे भारतीय वायुसेना की सामरिक हवाई परिवहन की क्षमता बढ़ गई है।
  • सी-17 ग्लोबमास्टर III मुख्य तौर पर एक परिवहन विमान है। विशाल, मजबूत और लंबी दूरी तक सामान ढोने वाला यह विमान किसी भी मौसम में लंबी दूरी तक बड़े लड़ाकू उपकरणों, सैनिकों और मानवीय सहायता ले जाने में सक्षम हैं।
  • कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘बोइंग ने आज भारत को 11वां सी-17 ग्लोबमास्टर III सौंपा, जो भारत की वर्तमान और भविष्य की रणनीतिक एयरलिफ्ट आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता को बढ़ाएगी।’
  • सी-17 का बेड़ा भारतीय वायुसेना की सामरिक और लड़ाकू विमान चालन क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
  • 2013 में स्काई लॉर्ड्स स्क्वाड्रन में शामिल होने के बाद से भारतीय वायुसेना के सी-17 बेड़े में शामिल विमानों ने सैन्य अभियानों के तहत कई तरह के ऑपरेशन को अंजाम दिए हैं। साथ ही भारत में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति व्यवस्था, मानवीय सहायता और आपदा राहत प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उत्तर प्रदेश में ई-गवर्नेंस के नए युग का आगाज - UPSWAN 2.0

  • सरकारें भी अपने कामकाज के तरीके कोबदल रही हैं ताकि बहुमूल्य समय और संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल कर तेजी से काम किया जा सके। पिछले कुछ सालों में ई-गवर्नेंस के जरिए सरकारी सेवाओं को जनता तक जल्द पहुंचाने में उत्साहजनक सफलता मिली है। सरकारी कामकाज में इसी डिजिटल क्रांति का अगला चरण है UPSWAN 2.0, जिसे देश की अग्रणी टेलीकॉम कंपनी Airtel ने खासतौर पर उत्तर प्रदेश के लिए बनाया है।

UPSWAN 2.0 की जरूरत क्यों?

  • बड़ा राज्य, भारी जनसंख्या और सीमित संसाधन- ये चीजें किसी भी स्टेट मशीनरी को सुस्त बनाने के लिए काफी हैं। और उत्तर प्रदेश जैसा बड़ा राज्य, लंबे समय से इन समस्याओं के साथ जूझ रहा है- जिसका नतीजा है सरकारी दफ्तर में राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, पेंशन और सरकारी मदद के लिए आवेदन जैसे मूलभूत कागजों के लिए भी लंबी लाइनें और लंबा इंतजार। जाहिर है इतनी बड़ी आबादी के इतने बड़े डेटा की सहज उपलब्धता न होने के चलते ही इन कामों में जरूरत से ज्यादा वक्त लग जाता है। इसी के चलते उत्तर प्रदेश सरकार ने UPSWAN 2.0 का सहारा लिया है- ताकि उत्तर प्रदेश की सभी सरकारी और प्रशासनिक मशीनरी को एक तार में जोड़कर कामों में होनेवाली देरी से निजात मिले और जनता तक पहुंचनेवाली सरकारी सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द दिया जा सके।

क्या है UPSWAN 2.0?

  • UPSWAN 2.0 उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी आधारभूत परियोजना है जिसे राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्लान के तहत अमल में लाया गया है। ये परियोजना अपने आप में देश की सबसे बड़ी ऐसी परियोजना है जिससे पूरे उत्तर प्रदेश के राज्य स्तरीय, जिले, ब्लॉक और तहसील मुख्यालय आपस में जुड़ जाएंगे। इस आधुनिक नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर में 885 प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस हैं जो एक सुरक्षित और हाई स्पीड नेटवर्क के जरिए सरकारी सेवाएं जनता तक पहुंचाएंगे। साधारण शब्दों में इस नेटवर्क के जरिए ब्लॉक स्तर से लेकर पूरे राज्य का सरकारी डेटा सभी मुख्यालयों की पहुंच में होगा। जिससे सरकारी सेवाएं तेजी से जनता तक पहुंचायी जा सकेंगी।

UPSWAN 2.0 से लाभ

  • सुदूर इलाकों और कोनों तक सरकारी सेवाएं ई-डिलिवरी के जरिए पहुंचाई जा सकेंगी।
  • राज्य के सभी निवासी, राज्य सरकार के किसी भी मुख्यालय से अपनी जरूरत का सर्टिफिकेट आसानी से आवेदन करके ले सकते हैं।
  • राज्य के नागरिक आसानी से पेंशन, सरकारी मदद, नए राशन कार्ड या नवीनीकरण और रोजगार के लिए राज्य के सभी मुख्यालयों में आवेदन दे सकते हैं।
  • अब मुख्यालयों से बिना किसी देरी के जन्म/मृत्यु प्रमाणपत्र बेहद आसानी से जारी किए जा सकेंगे।

कैसे साकार हुआ UPSWAN 2.0 ?

  • UPSWAN 2.0 Airtel का ऐसा प्रोडक्ट है जिसे खास तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार के लिए डिजाइन किया गया है। इसके लिए कंपनी ने राज्य में बृहद नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है ताकि सरकारी सेवाओं को डिजिटल माध्यम के जरिए प्रदेश के कोने-कोने में पहुंचाया जा सके। इसमें MPLS, इंटरनेट, नेटर्क हार्डवेयर के संसाधन, सेक्योरिटी फायरवॉल, सिस्टम इंटीग्रेशन और मैनेज्ड सर्विस समेत तमाम चीजें Airtel ने मुहैय्या करवाई हैं। सभी राजकीय मुख्यालयों को 10 GBPS और तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों को 10 MBPS की नेटवर्क कनेक्टिविटी दी गई है। साथ ही इस प्रोजेक्ट के तहत नेटवर्क परफॉर्मेंस की निगरानी के लिए लखनऊ में एक नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है। यही नहीं, UPSWAN 2.0 के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार एक ऐसी नींव रख रही है, जिस पर भविष्य में पूरे राज्य में स्मार्ट सिटी बनाई जाएंगी।

प्रीसिशन एप्रोच रेडार

  • सटीक पहुंच वाले (प्रीसिशन एप्रोच रेडार) नौ रेडारों की तैनाती और उन्‍हें चालू करने के लिए ‘बाय इंडियन’श्रेणी के अंतर्गत रक्षा मंत्रालय और मैसर्स डेटा पैटर्न (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के बीच आज 380 करोड़ रुपये का एक करार किया गया। इन आधुनिक रेडारों में नवीनतम फ़ैज्‍ड अरे टेक्‍नोलॉजी को शामिल किया गया है। इन्‍हें भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना स्‍टेशनों पर तैनात किया जाएगा।
  • इन रेडारों की तैनाती से हवाई क्षेत्रों में विमानों के उतरने के समय टर्मिनल पर उड़ान की सुरक्षा बढ़ जाएगी। भारतीय नौसेना के स्‍टेशनों पर इन रेडारों की तैनाती और इनकी शुरूआत का काम अप्रैल 2022 तक तथा भारतीय वायु सेना स्‍टेशनों पर दिसंबर 2022 तक पूरा हो जाएगा।

:: विविध ::

बोल-बोलकर पढ़ने का बनाया विश्व रिकॉर्ड

  • छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज के छात्र अलाउद्दीन ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। बीएससी इन मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजी अंतिम वर्ष के इस छात्र ने बिना रुके बोल-बोलकर 27 घंटे पांच मिनट तक लगातार पढ़ने का विश्व रिकार्ड बनाया है। गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकार्ड एशिया के पदाधिकारी डॉ. मनीष विश्नोई ने उन्हें 'लांगेस्ट रीडिंग एलाउड मैराथन (सिंगल सिटिंग) के प्रमाण पत्र दिया। इससे पहले बोल-बोलकर 25 घंटे चार सेकेंड पढ़ने का रिकार्ड लखीमपुर खीरी के यतीश चंद्र शुक्ला के नाम था।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • भारतीय सरकार के द्वारा दीर्घकालिक सतत विकास लक्ष्य को हासिल करने हेतु एवं प्राथमिक संसाधनों की दक्षता सुनिश्चित करने के लिए कौन सी नीति तैयार कर रही है? (राष्‍ट्रीय संसाधन दक्षता नीति -एनआरईपी 2019)
  • सातवां कम्‍युनिटी रेडियो सम्मेलन का आयोजन कहां किया जा रहा है? (नई दिल्ली)
  • सातवें कम्युनिटी रेडियो सम्मेलन 2019 की थीम क्या है? (‘एसडीजी के लिए कम्‍युनिटी रेडियो’)
  • हाल ही में पाकिस्तान ने एफएटीएफ की कार्रवाई से बचने हेतु किस कमेटी का गठन किया है? (नेशनल फंडिंग एक्‍शन टास्‍क फोर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी)
  • हाल ही में किस समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए रिजर्व बैंक ने सरकार को 176051 करोड़ रुपए हस्तांतरित करने का फैसला लिया है? (विमल जालान समिति)
  • रेवेन्यू डिपार्टमेंट द्वारा किस स्कीम के तहत टैक्स में राहत देने की घोषणा पर 60 दिनों के भीतर निर्णय लेने की घोषणा की गई है? (एमनेस्टी स्कीम)
  • हाल ही में वायु सेना को प्राप्त हुए 11वां सी-17 ग्लोबमास्टर III का निर्माण किस कंपनी के द्वारा किया गया है? (बोइंग-अमेरिका)
  • उत्तर प्रदेश में डिजिटल क्रांति को अगले चरण में ले जाने वाली यूपी स्वान 2.0 (UPSWAN 2.0) को किस कंपनी के द्वारा तैयार किया गया है? (एयरटेल)
  • हाल ही में रक्षा मंत्रालय के द्वारा प्रीसिशन एप्रोच रेडार के लिए किस कंपनी से करार किया गया? (मैसर्स डेटा पैटर्न इंडिया प्राइवेट लिमिटेड)
  • हाल ही में किस व्यक्ति को सबसे ज्यादा लगातार बोलने के लिए 'लांगेस्ट रीडिंग एलाउड मैराथन (सिंगल सिटिंग) का प्रमाण पत्र दिया गया? (अलाउद्दीन)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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