(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (26 जुलाई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (26 जुलाई 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

कश्मीर की केसर को मिला GI टैग

  • कश्मीर में पैदा होने वाले केसर को ‘जियोग्राफिकल इंडिकेशन’ (जीआई) प्रमाण पत्र मिल गया है। यह कश्मीर के इस उत्पाद को दुनियाभर में पहचान दिलाने के लिहाज से प्रमुख ऐतिहासिक कदम है। जीआई प्रमाण पत्र मिलने से कश्मीरी केसर में मिलावट के रास्ते बंद हो जाएंगे। इसके बाद अच्छी केसर के लिये अच्छे दाम मिल सकेंगे।

केसर के बारे में

  • केसर का इस्तेमाल सेहत और सौंदर्यता को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। केसर सबसे ज्यादा जम्मू-कश्मीर के पुलवामा इलाके में होती है। केसर को रोपने का काम अगस्त- सितंबर के दौरान होता है। इसके अलावा अक्टूबर से दिसंबर तक केसर के फूल निकल आते हैं।
  • कश्मीर को गोल्डन स्पाइस कहा जाता है और भारत में केसर की खेती सिर्फ जम्मू-कश्मीर में होती है। दुनिया में जम्मू-कश्मीर का केसर क्वालिटी के मामले में सर्वोत्तम माना जाता है और उत्पादन के लिहाज से भी भारत ईरान के बाद दुनिया में दूसरे नंबर पर है।

GI टैग क्या है?

  • जीआई टैग या भौगोलिक संकेत(Geographical Indication) किसी भी उत्पाद के लिए एक प्रतीक चिन्ह के समान होता है।
  • यह उत्पाद की विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति, विशेष गुणवत्ता और पहचान के आधार पर दिया जाता है।
  • जीआई टैग उस उत्पाद की गुणवत्ता और उसकी विशेषता को दर्शाता है।
  • किसी उत्पाद के जीआई टैग के लिए आवश्यक है कि “उत्पाद का उत्पादन या प्रोसेसिंग उसी क्षेत्र में होना चाहिए जहाँ के लिए जीआई टैग लिया जा रहा है।”
  • भारत में जीआई टैग को किसी विशेष फसल, प्राकृतिक और निर्मित उत्पादों को प्रदान किए जाते हैं।
  • कई बार जीआई टैग को एक से अधिक राज्यों में पाई जाने वाली फसलों या उत्पादों को प्रदान की जाती है। उदाहरण के लिए- बासमती चावल( पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड)
  • भारत में सबसे पहले दार्जिलिंग की चाय को 2004 में जीआई टैग प्राप्त हुआ था।
  • भारत के कुछ महत्वपूर्ण उत्पाद जिन्हें जीआई टैग प्राप्त है- महाबलेश्वर-स्ट्रॉबेरी, जयपुर - ब्लू पोटरी, बनारसी साड़ी, तिरुपति के लड्डू, मध्य प्रदेश के झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गा, कांगड़ा की पेंटिंग, नागपुर का संतरा, कश्मीर की पाश्मीना, हिमाचल का काला जीरा, छत्तीसगढ़ का जीराफूल और ओडिशा की कंधमाल हल्दी इत्यादि।

GI टैग का विनियमन

  • औद्योगिक संपत्ति के संरक्षण हेतु जीआई टैग को पेरिस कन्वेंशन के अंतर्गत बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के रूप में शामिल किया गया था।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीआई टैग का विनियमन विश्व व्यापार संगठन( डब्ल्यूटीओ) के द्वारा किया जाता है।
  • भारत में जीआई टैग का विनियमन वस्तुओं के भौगोलिक सूचक (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम 1999 के अंतर्गत किया जाता है।
  • वस्तुओं के भौगोलिक सूचक (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 15 सितंबर, 2003 से लागू हुआ था।
  • जीआई टैग का अधिकार हासिल करने के लिए चेन्नई स्थित जी आई डेटाबेस में अप्लाई करना पड़ता है।
  • एक बार जीआई टैग का अधिकार मिल जाने के बाद 10 वर्षों तक जीआई टैग मान्य होते हैं। इसके उपरांत उन्हें फिर रिन्यू कराना पड़ता है।

पीएम-स्वनिधि योजना

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा रेहड़ी-पटरी वालों को लोन लेने के लिए चलाई जा रही पीएम-स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इसमें बताया गया कि लोन के लिए 2.6 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं। इनमें से 64,000 मंजूर किए जा चुके हैं और 5,500 से अधिक लोन आवंटित किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर संतोष जताया कि इस योजना में पारदर्शिता, जबावदेही और रफ्तार सुनिश्चित करने के लिए एक वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए एंड टु एंड आईटी सॉल्यूशन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

क्या है पीएम स्वनिधि योजना?

  • आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने पीएम स्वनिधि योजना को 01 जून, 2020 को लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी आजीविका शुरू करने के लिए सस्ती कार्यशील पूंजी ऋण मुहैया कराना है।
  • पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक विशेष माइक्रो क्रेडिट सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वाले 10 हजार रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण ले सकते हैं जिसे एक वर्ष की अवधि में मासिक किश्तों में चुकाने होगा।
  • इस योजना के तहत देशभर में करीब 50 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को फायदा मिलने की उम्मीद है। यह योजना 24 मार्च, 2020 और उससे पहले शहरी क्षेत्रों में वेंडिग कर रहे सभी रेहड़ी-पटरी वालों के लिए उपलब्ध है।

उन्नत भारत अभियान (यूबीए)

चर्चा में क्यों?

  • आदिवासियों के कल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्ध प्रमुख संस्थानों में से एक के रूप में, जनजातीय मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला ट्राइफेड, आदिवासी लोगों को विकास की मुख्यधारा में लाने के अपने प्रयास को आगे बढ़ाता रहा है। पहले से चली आ रही अपनी पहलों और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के अलावा, ट्राइफेड द्वारा अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम, उन्नत भारत अभियान (यूबीए) के लिए आईआईटी दिल्ली के साथ साझेदारी की गई है।
  • इस साझेदारी को मजबूती और औपचारिकता प्रदान करने के लिए, कल दिल्ली स्थित आईआईटी में ट्राइफेड, आईआईटी दिल्ली (यूबीए की ओर से, राष्ट्रीय समन्वय संस्थान के रूप में) और विज्ञान भारती (विभा, एक स्वदेशी विज्ञान आंदोलन) के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। ट्राइफेड के वन धन कार्यक्रम के अंतर्गत, जनजातीय उद्यमियों को अब उन्नत भारत अभियान (यूबीए) के अंतर्गत 2600 से अधिक शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के पूरे नेटवर्क की विशेषज्ञता प्राप्त हो सकेगी।

क्या है उन्नत भारत अभियान (यूबीए)?

  • भारत अभियान (यूबीए), मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी), भारत सरकार का एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जो समावेशी भारत की वास्तुकला के निर्माण में सहायता प्रदान करने के लिए ज्ञानी संस्थानों का लाभ उठाकर, ग्रामीण विकास की प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण परिवर्तन करने की कल्पना करता है ।

"ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में जोखिम आधारित आंतरिक लेखा परीक्षा का सुदृढ़ीकरण

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने "ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में जोखिम आधारित आंतरिक लेखा परीक्षा का सुदृढ़ीकरण" पर एक वीडियो सम्मेलन का उद्घाटन किया।

क्या है "ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में जोखिम आधारित आंतरिक लेखा परीक्षा का सुदृढ़ीकरण

एक नई पहल के रूप में, श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने "ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के लिए वित्तीय प्रबंधन सूचकांक" जारी किया, निम्नलिखित मानकों के आधार पर राज्यों के प्रदर्शन को रैंकिंग प्रदान करने के लिए:

  • वार्षिक योजना तैयार करना, वित्तीय वर्ष के लिए आवश्यक धनराशि का अनुमान लगाना, खर्च के लिए राज्य के हिस्से को शीघ्र जारी करना, धनराशि का समय पर उपयोग करना और उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करना आदि।
  • सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण का इष्टतम कार्यान्वयन;
  • आंतरिक लेखा-परीक्षा; और
  • सामाजिक लेखा-परीक्षा

क्या है इस पहल के लाभ?

  • सूचकांक के मापदंडों के आधार पर राज्यों द्वारा प्रदर्शन करने से राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धी और सहकारी संघवाद की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।
  • राज्य इस धनराशि का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करेंगें जिससे राज्य सरकारों द्वारा लागू किए जा रहे सभी कार्यक्रमों का कुशल कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके, जिनमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना आदि शामिल हैं।
  • ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के माध्यम से ग्राम पंचायतों को बड़ी मात्रा में प्रदान की जा रही धनराशि का उपयोग ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों के लिए प्रभावी रूप से किया जायेगा।
  • आंतरिक लेखा-परीक्षा प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाना सकेगा कि इन ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत दी जाने वाली निधियों के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन में अगर कोई भी अनियमितता हो तो उसे तत्काल खोज कर बाहर निकाला और तुरंत उपचारात्मक कार्रवाई शुरू किया जा सकेगा।

डबल कंटेनर मालगाड़ी की सुविधा वाली दुनिया की पहली सुरंग

  • हरियाणा में सोहना के पास रेलवे के वेस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर पर अरावली पहाड़ियों में से एक किलोमीटर लंबी सुरंग काटी गई है, जिसमें से अगले 12 महीने में डबल स्टैक कंटेनर (Double Stack Container) वाली मालगाड़ी को इलेक्ट्रिक रूट पर चलाने की योजना है।
  • संचालन शुरू होने के बाद दोहरे डिब्बों वाली मालगाड़ी इस सुरंग में से 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार से दौड़ पाएगी। यह सुरंग हरियाणा के मेवात और गुड़गांव जिलों को जोड़ती है और अरावली पर्वत श्रृंखला से उतार-चढ़ाव के साथ गुजरती है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

मिसाइल टैक्नोलॉजी कंट्रोल रिजिम (एमटीसीआर) यूएसए क्लाउज

चर्चा में क्यों?

  • चीन से तनातनी के बीच अमेरिका ने अपने मिसाइल टैक्नोलॉजी कंट्रोल रिजिम (एमटीसीआर) यूएसए क्लाउज में संशोधन किया है जिसका फायदा भारत सहित उसके दुनियाभर के साझीदार देशों को मिलेगा। अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों की रक्षा क्षमता को बढ़ाने के लिए 800 किलोमीटर से कम रफ्तार वाले मानव रहित विमान (अनमैन्ड एयर वीकल्स) को कैटगरी-1 की जगह कैटगरी-2 माना है, और इसके निर्यात को मंजूरी दे दी है।

पृष्ठभूमि

  • मिसाइल टैक्नोलॉजी कंट्रोल रिजिम (एमटीसीआर) यूएसए क्लाउज को बदलने का मतलब है 800 किलोमीटर प्रति घंटे से कम के रफ्तार वाले यूएवी पर मिसाइल टैक्नोलॉजी कंट्रोल रिजिम (एमटीसीआर) यूएसए क्लाउज के तहत रोक नहीं रहेगी। एक तरफ जहां अमेरिकी रक्षा कंट्रैक्टर को एमटीसीआर यूएसए क्लाउज के तहत प्रतिबंध लगा हुआ था तो वहीं दूसरी तरफ चीन की तरफ से पाकिस्तान, और यमन और लीबिया में सिविल वॉर के समय इस्तेमाल के लिए विंग लूंग आर्म्ड ड्रोन दिए गए।

एमटीसीआर यूएसए क्लाउज में संशोधन के लाभ

  • अमेरिकी ड्रोन के निर्यात में इस संशोधन से न सिर्फ मध्य पूर्व में उसके सहयोगियों को लीबिया में चीनी लड़ाके ड्रोन्स का मुकाबला करने में मदद मिलेगी, बल्कि भारत को भी प्रीडेटर-बी आर्म्ड और ग्लोबल हॉक सर्विलांस ड्रोन्स अमेरिका से खरीदने में मदद मिलेगी। दोनों ही ड्रोन्स की स्पीड 800 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कम है।

'चीन का म्यांमार में डिप्लो-आतंकवाद'

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में म्यांमार-थाइलैंड सीमा पर मेइ ताओ क्षेत्र में बड़ी मात्रा में अवैध चीनी हथियारों की बरामदगी के बाद उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में एक बार फिर विद्रोह भड़काने की कोशिश को लेकर भारत की चिंता बढ़ गई है।
  • यूनाइडेट स्टेट मिलिट्री इंटेलिजेंस के लिए काम करने वाले एक पूर्व अधिकारी एंडर्स कोर की 'चीन का म्यांमार में डिप्लो-आतंकवाद' शीर्षक वाले स्टडी रिपोर्ट का हवाला देते हुए EFSAS ने कहा, ''म्यांमार में कूटनीतिक प्रभाव जमाने के लिए चीन आतंकवादी समूह अराकन आर्मी को फंड और आधुनिक हथियार मुहैया करा रहा है।

पृष्ठभूमि

  • कुछ समय पहले म्यांमार की सेना ने म्यांमार-थाइलैंड बॉर्डर से बड़ी मात्र में हथियार जब्त किये गए है। म्यांमार-थाइलैंड बॉर्डर से मिले हथियारों के चीनी लिंक होने की पुष्टि करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि ये हथियार अभी AA (अराकन आर्मी) के द्वारा इस्तेमाल नहीं किए जा रहे हैं, हालाँकि जब्त किए गए हथियार असली हैं और चीन निर्मित हैं।

क्यों चिंता की है बात?

  • EFSAS ने कहा ''भारत में नॉर्थ-ईस्ट के विद्रोही जो वर्षों से म्यांमार में शरण लेते रहे हैं और अराकन आर्मी जिसकी जड़ें म्यांमार के रखाइन स्टेट में हैं, दोनों भारत के लिए सुरक्षा चुनौती पेश करते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होने के साथ वे भारत की ऐक्ट ईस्ट पॉलिसी में भी अड़चन डालते हैं। भारत का ऐक्ट ईस्ट प्रॉजेक्ट चीन की रणनीतिक सोच पर भारी है, चीनी हथियारों की आमद इसी के अनुरूप है।''

इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड सीरिया (ISIS)

चर्चा में क्यों?

  • आईएसआईएस, अल-कायदा और संबद्ध व्यक्तियों और संस्थाओं से संबंधित विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंध निगरानी दल की 26वीं रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (एक्यूआईएस) तालिबान के तहत अफगानिस्तान के निमरूज, हेलमंद और कंधार प्रांतों से काम करता है।
  • रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा आतंकवादी संगठन, क्षेत्र में हमले की साजिश रच रहा है। माना जाता है कि इस संगठन में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार के 150 से 200 आतंकवादी हैं।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, ''एक सदस्य राष्ट्र ने खबर दी है कि 10 मई, 2019 को घोषित, आईएसआईएल के भारतीय सहयोगी (हिंद विलायाह) में 180 से 200 के बीच सदस्य हैं।'' इसमें कहा गया कि केरल और कर्नाटक राज्यों में आईएसआईएल सदस्यों की अच्छी- खासी संख्या है।''

पृष्ठभूमि

  • पिछले साल मई में, इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस, आईएसआईएल और दाएश के तौर पर भी जाना जाता है) आतंकवादी संगठन ने भारत में नया 'प्रांत' स्थापित करने का दावा किया था। यह कश्मीर में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ के बाद अनोखी तरह की घोषणा थी। खूंखार आतंकवादी संगठन ने अपनी अमाक समाचार एजेंसी के माध्यम से कहा था कि नई शाखा का अरबी नाम 'विलायाह ऑफ हिंद' (भारत प्रांत) है। इससे पहले कश्मीर में आईएसआईएस के हमलों को इसके तथाकथित खुरासान प्रांतीय शाखा से जोड़ा जाता रहा है जिसका गठन 2015 में हुआ था और जिसका लक्ष्य ''अफगानिस्तान, पाकिस्तान और पास के क्षेत्र' थे।

इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड सीरिया (ISIS) के बारे में

  • इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड सीरिया को इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड दी लीवेंट भी कहते हैं। यह एक जिहादी संगठन है, जो कि इराक और सीरिया में इस्लाम के नाम पर हिंसा फैलाता है। अल कायदा से अलग हुए इस संगठन की स्थापना अप्रैल 2013 में हुई थी।

'पंजाब 2020 जनमत संग्रह'

चर्चा में क्यों?

  • भारत में अलग खालिस्तान राज्य की मांग को लेकर 'पंजाब 2020 जनमत संग्रह' को कनाडा की सरकार ने खारिज कर दिया है। कनाडा की ट्रूडो सरकार ने साफतौर पर कहा है कि वह ऐसे किसी भी जनमत संग्रह को कोई महत्व या पहचान नहीं देगा जो भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ हो।

पंजाब जनमत-संग्रह 2020 क्या है?

  • जनमत-संग्रह खालिस्‍तान समर्थक 'सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) द्वारा पंजाब की स्वतंत्रता के लिए 2020 में कराया जाने वाला एक गैर-बाध्यकारी जनमत संग्रह है।
  • सिख फॉर जस्टिस (SFJ) नाम का यह समूह पिछले कई वर्षों से खालिस्तान की मांग को विश्व भर में रह रहे पंजाबियों को एक साथ लाने का प्रयास कर रहा है।
  • इनका मकसद पाकिस्तान के पंजाब और भारत के पंजाब को एक साथ मिलाकर एक खालिस्तान की मांग करना है और इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र संघ में ले जाना है।

सिख फॉर जस्टिस (SFJ)

  • यह अमेरिका स्थित एक अलगाववादी समूह है जो खालिस्तान के रूप में भारत और पाकिस्तान से पंजाब के अलगाव का समर्थन करता है।
  • 2019 में भारत ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित करते हुए भारत में इसके किसी भी क्रिया-कलाप को प्रतिबंधित कर दिया है।
  • इसके संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारतीय जमीन पर पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी गतिविधियों को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने के लिए आतंकवादी घोषित किया गया है।
  • सिख फॉर जस्टिस द्वारा ही 'जनमत-संग्रह (Referendum) 2020' के लिए एक अभियान शुरू किया गया है।

:: राजव्यवस्था ::

उपभोक्ता संरक्षण (ई-वाणिज्य) नियम, 2020

चर्चा में क्यों?

  • सरकार ने ई-वाणिज्य कंपनियों के लिये नये नियमों को उपभोक्ता संरक्षण (ई-वाणिज्य) नियम, 2020 को को अधिसूचित कर दिया गया।

उपभोक्ता संरक्षण (ई-वाणिज्य) नियम, 2020 के मुख्य बिंदु

  • नये नियमों में उत्पादों पर ‘उत्पति वाले देश’ का नाम देना शामिल हैं। नियमों का अनुपालन नहीं करना दंडानीय अपराध है।
  • नया नियम भारत या विदेश में पंजीकृत लेकिन भारतीय ग्राहकों को सामान और सेवांए देने वाले सभी इलेक्ट्रॉनिक खुदरा बिक्रेताओं पर लागू होगा।
  • नये नियमों के अनुसार ई-वाणिज्य कंपनियों को बिक्री के लिये रखे गये सामानों और सेवाओं की कुल कीमत के साथ अन्य शुल्कों का पूरा ब्योरा देना होगा। साथ ही उन्हें यह भी बताना होगा कि वस्तु की मियाद कब समाप्त होगी यानी यानी उसकी ‘एक्सपायरी’ तारीख क्या है।
  • वस्तु और सेवाओं की उत्पत्ति किस देश में हुई, इसके बारे में भी प्रमुखता से जानकारी देनी होगी ताकि ग्राहक समान या सेवाएं खरीदने से पहले पूरी जानकारी के साथ निर्णय कर सके।
  • नियमों के तहत ई-वाणिज्य कंपनियों को रिटर्न, रिफंड, समान को बदलने, वारंटी और गारंटी, आपूर्ति तथा अन्य सूचनाएं देनी होगी जो ग्राहकों के लिये सामान की खरीद को लेकर निर्णय करने को लेकर जरूरत हो सकती है। जो विक्रेता ई-वाणिज्य कंपनियों के जरिये वस्तु और सेवाओं की बिक्री की पेशकश करते हैं, उन्हें यह जानकारी ई-वाणिज्य कंपनी को देनी होगी ताकि उसकी वेबसाइट पर इसे प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा सके।
  • ई-वाणिज्य कंपनियों को अनुचित तरीके से लाभ कमाने के लिये उनके मंच पर पेश वस्तुओं और सेवाओं के दाम में गड़बडी करने और ग्राहकों के साथ भेदभाव करने या मनमाने तरीके से ग्राहकों के वर्गीकरण करने की अनुमति नहीं होगी।
  • ई-वाणिज्य कंपनियों को भुगतान के उपलब्ध तरीकों और उसकी सुरक्षा के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी।
  • नये कानून के तहत ई-वाणिज्य कंपनियों को विक्रेता के बारे में जानकारी, उसका पता, ग्राहक के लिये संपर्क को लेकर नंबर समेत विक्रेता की अगर कोई रेटिंग है तो उसके बारे में सूचना समेत अन्य जानकारी देनी होगी।
  • कंपनियों को किसी प्रकार की शिकायत को लेकर ‘टिकट’ संख्या भी देनी होगी जिसके जरिये ग्राहक अपनी शिकायत की स्थिति का पता लगा सकता है। नियमों का उल्लंघन होने पर उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019 के तहत दंडनीय कार्रवाई होगी।

:: अर्थव्यवस्था ::

कच्चे तेल के रणनीतिक भंडार (स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व)

चर्चा में क्यों?

  • पूर्व पेट्रोलियम मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने तय योजना के मुताबिक कच्चे तेल के रणनीतिक भंडार नहीं बनाने के लिए केन्द्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा न कर घोर आपराधिक लापरवाही कर रही है। अमेरिका में तेल भंडारण के लिए तैयार सुविधा को किराये पर लेने को लेकर सवाल उठाते हुए मोइली ने कहा कि ऐसे समय जब कच्चे तेल के दाम कई साल के निचले स्तर पर पहुंचे है देश में भंडारण सुविधा तैयार नहीं करके सरकार ने बड़ा अवसर गंवा दिया है।

पृष्ठभूमि

  • भारत और अमेरिका ने आपातकालीन कच्चे तेल के भंडार पर सहयोग के लिए एक प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसमें भारत द्वारा अमेरिकी आपातकालीन भंडार में तेल का भंडारण करने की संभावना भी शामिल है।

स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व क्या है?

  • पेट्रोलियम आपूर्ति के दौरान आनेवाली आपातकालीन स्थिति हेतु कोई भी देश अपनी तेल भंडारण की क्षमता को विकसित करता है।
  • मौजूदा समय में भारत के पास 2 महीने से अधिक का तेल-भंडार है। इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड अब तक तीन जगहों पर पेट्रोलियम भंडार विकसित कर चुका है।
  • इन तीन जगहों में,विशाखापत्तनम में 13.3 लाख टन, मंगलोर में 15 लाख टन और पदुर (कर्नाटक) में 25 लाख टन क्षमता वाले भंडार विकसित कर चुकी है।
  • 2017-18 के बजट भाषण में ओडिशा के चंदीखोल और राजस्थान के बीकानेर में इस तरह के दो और पेट्रोलियम भंडार बनाने की घोषणा की गई थी।
  • इसके अलावा गुजरात के राजकोट में भी भूमिगत तेल भंडार बनाने की योजना पर काम चल रहा है।
  • लुइसियाना और टेक्सास राज्य में भूमिगत रूप से बनाए गए तेल भंडार दुनिया की सबसे बड़ी आपातकालीन आपूर्ति है। मौजूदा समय में यहां करीब 8.7 करोड़ टन तेल का भंडार है।
  • अमेरिका के बाद दुनिया में कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा भूमिगत भंडार चीन के पास है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

सिप्लेंजा (Ciplenza) दवा

चर्चा में क्यों?

  • फार्मास्युटिकल प्रमुख सिप्ला लिमिटेड ने कोरोनो वायरस के मरीजों के उपचार के आपातकालीन इस्तेमाल के लिए ब्रांड नेम सिप्लेंजा के तहत देश में फेवीपिरवीर को लॉन्च करने का ऐलान किया है। कंपनी ने बताया है कि इसके लिए उसे ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) द्वारा हरी झंडी भी मिल गई है।
  • कंपनी ने कहा कि दवा की मांग को पूरा करने के अपने प्रयासों के तहत, अगस्त के पहले सप्ताह में व्यावसायिक रूप से सिप्लेंजा को लॉन्च करेगी। प्रत्येक टैबलेट की कीमत 68 रुपये होगी।

पृष्ठभूमि

  • इस दवा को सिप्ला और सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नॉलजी (आईआईसीटी) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। इस साझेदारी के हिस्से के रूप में, सीएसआईआर-आईआईसीटी ने फेवीपिरवीर के लिए एक सुविधाजनक और लागत प्रभावी सिंथेटिक प्रक्रिया को सफलतापूर्वक विकसित किया है। बयान में कहा गया है कि दवा की पूरी प्रक्रिया और सक्रिय फार्मास्युटिकल घटक (एपीआई) को सिप्ला में ट्रांसफर कर दिया गया है और दवा का निर्माण किया जा रहा है।

:: विविध ::

'ओवरड्राफ्ट: सेविंग द इंडियन सेवर' (Overdraft - saving the Indian saver)

  • भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल ने अपनी नई किताब Overdraft — saving the Indian saver में लिखी है।
  • इस संदर्भ में पटेल ने अपनी किताब 'ओवरड्राफ्ट: सेविंग द इंडियन सेवर' में लिखा कि सरकार ने उस वक्त बैंकरप्सी लॉ के नियमों को ढीला करने का आदेश दिया था, जिसपर वे राजी नहीं थे।
  • पटेल ने पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार को एनपीए के लिए दोषी ठहराया है। उन्होंने अपनी किताब के उद्घाटन मौके पर कहा कि 2014 से पहले यूपीए सरकार व आरबीआई की निगरानी बेहद सुस्त थी। इससे एनपीए में तेज वृद्धि आई, जिसका खामियाजा अब देश का बैंकिंग सेक्टर भुगत रहा है। उन्होंने फरवरी 2018 में दिवालिया मामले पर जारी नोटिस को गवर्नर पद छोड़ने का कारण बताया।
  • पटेल ने पांच सितंबर 2016 को आरबीआई के 24वें गवर्नर के रूप में पद संभाला था। निजी कारणों का हवाला देते हुए, पटेल ने 10 दिसंबर 2018 को आरबीआई के गवर्नर के पद से इस्तीफा दे दिया था।

‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ 2021

  • हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और केन्द्रीय खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने घोषणा की कि 2021 में आयोजित होने वाले ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ के चौथे सत्र की मेजबानी हरियाणा करेगा। इन खेलों का आयोजन अगले साल होने वाले तोक्यो ओलंपिक के बाद पंचकूला में होगा।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • ग्राम पंचायत की निधियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु राज्यों के प्रदर्शन को रैंकिंग प्रदान करने हेतु किस नई पहल की शुरुआत की है? ("ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के लिए वित्तीय प्रबंधन सूचकांक")
  • सरकार के द्वारा भारतीय ग्राहकों को सामान और सेवांए देने वाले सभी इलेक्ट्रॉनिक खुदरा बिक्रेताओं के विनियमन हेतु किन नियमों को अधिसूचित किया गया है? (उपभोक्ता संरक्षण: ई- वाणिज्य नियम, 2020)
  • ट्राइफेड द्वारा आईआईटी दिल्ली से समझौता करने से चर्चा में रहे ‘उन्नत भारत योजना’ क्या है? (ग्रामीण समुदायों की आर्थिक व सामाजिक प्रगति हेतु ग्राम एवं उच्च शिक्षा संस्थानों की साझेदारी)
  • हाल ही में केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने 2021 में आयोजित होने वाले ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ के चौथे सत्र की मेजबानी किस राज्य को सौंपी है? (हरियाणा)
  • हाल ही में किस क्षेत्र में पैदा होने वाले उत्पाद ‘केसर’ को ‘जियोग्राफिकल इंडिकेशन’ (GI) प्रदान किया गया है एवं कौन सा राज्य ‘केसर’ के उत्पादन में अग्रणी है? (कश्मीर, जम्मू और कश्मीर)
  • हाल ही में किस देश ने अपने यहां होने वाले खालिस्तान की मांग को लेकर 'पंजाब 2020 जनमत संग्रह' को खारिज कर दिया है? (कनाडा)
  • हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट से चर्चा में 'विलायाह ऑफ हिंद' क्या है? (आतंकवादी संगठन आईएसआईएस की भारतीय शाखा)
  • यूरोपीयन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (EFSAS) के रिपोर्ट के अनुसार भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में आतंकवादियों की मदद से चर्चा में रहे ‘अराकान आर्मी’ किस देश का विद्रोही समूह है? (म्यांमार)
  • सीएसआईआर-आईआईसीटी द्वारा खोजी गई लागत प्रभावी सिंथेटिक तकनीक से फार्मास्यूटिकल कंपनी सिप्ला के द्वारा ‘फेवीपिरवीर’ को किस ब्रांड से भारतीय बाजार में उतारा जाएगा? (सिप्लेंजा)
  • हाल ही में चर्चा में रहे किताब ‘Overdraft — saving the Indian saver’ किसके द्वारा लिखी गई है? (उर्जित पटेल)
  • विशेषज्ञों समेत विपक्ष द्वारा आलोचना से चर्चा में रहे किस देश के साथ भारत ने कच्चे तेल के भंडारण के लिए तैयार सुविधा को किराए पर लेने हेतु समझौता किया है? (अमेरिका)
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समीक्षा से चर्चा में रहे ‘पीएम-स्वनिधि योजना’ के क्रियान्वयन हेतु नोडल मंत्रालय एवं इसके लाभार्थी कौन है? (आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय, स्ट्रीट वेंडर)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB