(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (24 मार्च 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (24 मार्च 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

आयुष्मान भारत योजना

  • कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने केंद्र की आयुष्मान भारत योजना लागू करने का बड़ा फैसला किया है। इससे पहले केजरीवाल ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना आयुष्मान भारत योजना को लागू करने से इन्कार कर दिया था। अब बजट में ऐलान किया गया है कि आगामी वित्त वर्ष में इसे लागू किया जाएगा। इसके तहत गरीबों को निजी और सरकारी अस्पतालों में 5 लाख रुपए तक का नि:शुल्क इलाज हो सकेगा। दिल्ली सरकार इसके अलावा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना व दिल्ली स्वास्थ्य विधेयक भी लेकर आएगी ताकि स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर की जा सकें।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना

  • सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसके अंतर्गत निजी लैब में निशुल्क रेडियोलॉजी से संबंधित जांच व निजी अस्पतालों में निशुल्क सर्जरी की योजना शामिल होगी। फिलहाल सरकार यह सुविधा दिल्ली आरोग्य कोष के माध्यम से उपलब्ध करा रही है। साथ ही, मुख्यमंत्री हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।

क्या है आयुष्मान भारत योजना ?

  • केंद्र सरकार ने 23 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की थी, जिसका उद्देश्य प्रति वर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा प्रदान करना है। इससे देश भर में 10 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को लाभ होने की संभावना है। अब तक 10 लाख से अधिक लोगों ने इस योजना के तहत मुफ्त इलाज किया है और इसके परिणामस्वरूप राष्ट्र को लगभग 3,000 करोड़ रुपए की बचत हुई है।

नक्सल विरोध अभियान ऑपरेशन प्रहार

  • छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली मुठभेड़ में 17 जवानों के शहीद होने के बाद भी फोर्स का मनोबल टूटा नहीं है। नक्सलियों के कोर एरिया सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में नक्सल विरोध अभियान ऑपरेशन प्रहार जारी रहेगा।

क्या है ऑपरेशन प्रहार?

  • छत्तीसगढ़ पुलिस के एसटीएफ व डीआरजी और सीआरपीएफ के कोबरा जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ इस साल का सबसे बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है। एसटीएफ और डीआरजी के 1400 और कोबरा बटालियन के 450 जवानों ने तेलंगाना से महाराष्ट्र बॉर्डर तक घेराबंदी कर एक साथ सर्चिंग शुरू की है। किस्टाराम और पामेड़ के बीच का क्षेत्र नक्सलियों का कोर एरिया माना जाता है। इसके अलावा अबूझमाड़ में जवान ऑपरेशन चला रहे हैं। इसे ऑपरेशन प्रहार नाम दिया गया है।

भारत का पहला डेडिकेटेड कोविड-19 अस्पताल

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सोमवार को भारत का पहला डेडिकेटेड कोविड-19 अस्पताल मुंबई में बनाने का ऐलान किया है। यह अस्पताल पूरी तरह से रिलायंस फंडेड होगा। कंपनी ने ऐलान किया है कि कोरोना वायरस की वजह से कंपनी में काम न होने के बावजूद कॉन्ट्रैक्ट और टेंपरेरी वर्कर्स को भुगतान करेगा। इसके अलावा रिलायंस ने संकट में फेस मास्क का प्रोडक्शन बढ़ाने और जरूरतमंद को मुफ्त में खाना और फ्यूल देगा।

क्या होगी विशेषता?

  • रिलायंस फाउंडेशन सिर्फ दो हफ्तों में बीएमसी के सहयोग से, सेवन हिल्स हॉस्पिटल, मुंबई में एक 100 बिस्तर का सेंटर स्थापित करेगा। यह सेंटर मुंबई के उन मरीजों के लिए है जो कि कोविड-19 के लिए हुए टेस्ट में पॉजिटिव आए हैं। इसमें एक निगेटिव प्रेशर रूम शामिल है जो संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद करता है। RIL ने लोधीवली, महाराष्ट्र में पूरी तरह से सुसज्जित आइसोलेशन सुविधा का निर्माण किया है। रिलायंस की तरफ से महाराष्ट्र मुख्यमंत्री राहत कोष में 5 करोड़ रुपए का योगदान किया गया है।

अन्य विशेषता?

  • रिलायंस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर और अस्थायी कर्मचारियों को भुगतान जारी रखेगा, भले ही इस संकट के कारण काम रुक गया हो। इसके तहत 30,000 रुपए प्रति माह से कम आय वालों के लिए, वेतन को महीने में दो बार दिया जाएगा ताकि उनको नकदी की समस्या पेश ना आए और उन पर किसी भी तरह का भारी वित्तीय बोझ ना आए। कंपनी ने अपने ज्यादातर कर्मचारियों को अपने वर्क-फ्रॉम-होम प्लेटफॉर्म पर काम करने की सुविधा प्रदान की है, जो कि लगभग 40 करोड़ ग्राहकों के लिए जियो नेटवर्क को बनाए रखने और दैनिक उपभोग के अन्य आवश्यक वस्तुओं, ईंधन, किराने और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

2024 में होने वाले पीसा टेस्ट में शामिल होगा दिल्ली

  • दिल्ली सरकार ने मॉडल ऑफ एजुकेशन गर्वनेंस से विश्व पटल पर छाने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में शिक्षा के लिए 15,815 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है, जो कि कुल बजट का सर्वाधिक 24.33 फीसदी है। विश्व पटल पर छाने के लिए सरकार ने वर्ष 2024 में होने वाले पीसा टेस्ट में शामिल होने का निर्णय लिया है।

क्या है अंतरराष्ट्रीय टेस्ट पीसा?

  • दिल्ली सरकार ने वर्ष 2024 में होने वाली अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पीसा में शामिल होने का निर्णय भी लिया है। यह परीक्षा प्रत्येक तीन साल में होती है। इस परीक्षा से पता चलता है कि देश या राज्य में 15 साल की उम्र के बच्चे ने जो शिक्षा प्राप्त की है, उसका स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों व जरूरतों पर कितना खरा उतरता है। उन्होंने कहा कि पांच साल के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए हम वर्ष 2024 तक दिल्ली को दुनिया के शैक्षणिक मानचित्र पर स्थापित कर देंगे।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

टोक्यो ओलंपिक

  • कोविड -19 के चलते कनाडा के ओलंपिक खेलों से पीछे हटने के बाद भारतीय ओलंपिक संघ ने कहा कि ओलंपिक में देश की भागीदारी को लेकर कोई भी फैसला लेने से पहले वे कम से कम एक महीने इंतजार करेंगे।
  • कनाडा के पीछे हटने के बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति पर जुलाई अगस्त में होने वाले तोक्यो ओलंपिक को लेकर फैसला लेने का दबाव बन गया है। दुनिया भर में तीन लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में हैं और 14000 से अधिक मौतें हो चुकी है।

:: भारतीय राजव्यवस्था ::

राष्ट्रीय रक्षा विवि व फोरेंसिक साइंस विवि विधेयक

  • केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक पेश किए।
  • राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय विधेयक-2020 में गांधीनगर स्थित रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के रूप में तब्दील करने का प्रस्ताव है। गुजरात में गांधीनगर स्थित रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय था जबकि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय एक केंद्रीय संस्थान होगा।इस विधेयक का मकसद राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देना है।
  • राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, 2020 में गुजरात फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय को उन्नयन करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही इस विधेयक में नई दिल्ली स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी एंड फोरेंसिक साइंसेज को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने का भी प्रस्ताव है।

नाशकजीवमार प्रबंध विधेयक, 2020

  • कीटनाशक के कारोबार को नियंत्रित करने और रसायनों के उपयोग से होने वाले नुकसान की भरपाई के प्रावधान वाला एक विधेयक सोमवार को राज्यसभा में पेश किया गया।कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उच्च सदन में नाशकजीवमार प्रबंध विधेयक, 2020 को पेश किया।

विधेयक का उद्देश्य

  • इस विधेयक में कीटनाशकों की कीमतों को तय करते हुए कीटनाशक क्षेत्र के विनियमन का प्रावधान किया गया है। विधेयक में कीटनाशकों के विज्ञापन, भंडारण, वितरण, उपयोग को भी विनियमित करने का प्रावधान किया गया है।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

रिजर्व बैंक रीपो नीलामी के जरिए 1 लाख करोड़ रुपये आर्थिक तंत्र में छोड़ेगा

  • कोरोना वायरस की वजह से आवागमन पर व्यापक पाबंदी के कारण वित्तीय बाजारों पर पड़ रहे दबाव के बीच रिजर्व बेंक ने बैंकिंग तंत्र में एक लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त धन छोड़ने की घोषणा की है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह इस तरह के कदम आगे भी उठाएगा।
  • 'सरकारी प्रतिभूतियों की दीर्घ कालिक खरीद की व्यवस्था (सावधि रीपो) के तहत वह इसमें से 50,000 करोड़ रुपये की पहली किस्त को सोमवार को जारी कर दी गई है। इतनी ही राशि की दूसरी किस्त को मंगलवार को उपलब्ध कराई जाएगी।'

पृष्टभूमि

  • रिजर्व बैंक ने जारी किए गए एक वक्तव्य में कहा है कि किसी भी नकद धन की जरूरत को पूरा करने के लिए पहले से ही उपाय किए जा रहे हैं और कोरोना वायरस की वजह से किसी भी तरह की तंगी को दूर करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
  • रिजर्व बैंक ने इसके लिए एक लाख करोड़ रुपये की परिवर्तनीय रीपो दर नीलामी करने का फैसला किया है। बैंक ने कहा है कि उसकी यह पहल बैंकों को सस्ती दर पर धन उपलब्ध कराना है। इससे बैंकिंग प्रणाली में नकदी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि विशेष मामले के तहत अन्य पात्र भागीदारों के साथ ही प्राथमिक डीलरों को भी इन नीलामियों में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।

कोरोना पर खर्च हो सकेगी सीएसआर की राशि

  • वैश्विक आपदा कोरोना में कंपनियों के अंशदान को अनुमति देने के मकसद से आज सरकार ने इसे कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉसिबिलिटी (सीएसआर) गतिवधि में शामिल कर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा, 'भारत में कोरोनावायरस के प्रसार को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने इसे वैश्विक आपदा घोषित किया है और भारत सरकार ने इसे आपदा के रूप में अधिसूचित किया है। ऐसे में कोविड-19 के लिए सीएसआर फंड को खर्च किया जा सकता है और यह सीएसआर गतिविधि में है।'
  • कंपनियां अपने सीएसआर फंड को अनुसूची 7 में सूचीबद्ध कार्यों स्वास्थ्य सेवाओं के प्रचार, निवारक स्वास्थ्य सेवा, साफ सफाई और आपदा प्रबंधन के तहत खर्च कर सकती हैं। कंपनी मामलों के मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा है, 'अनुसूची 7 में शामिल कार्यों का दायरा व्यापक है और इस उद्देश्य के लिए इसकी व्याख्या उदार तरीके से की जा सकती है।' अनुसूची 7 में प्रधानमंत्री राहत कोष, स्वच्छ भारत कोष जैसे कई कोष शामिल किए गए हैं। पिछले सप्ताह सरकार ने पंजीकृत निजी प्रयोगशालाओं को कोविड-19 के जांच की अनुमति दे दी थी।

कॉरपोरेट सोशल रेस्पांसिब्लिटी (सीएसआर) क्या है?

  • 1 अप्रैल 2014, के अनुसार हर कंपनी, प्राइवेट लिमिटेड या पब्लिक लिमिटेड, जिन्होंने 500 करोड़ रुपये का शुद्ध मूल्य या 1,000 करोड़ रुपये का टर्न ओवर या 5 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ का कारोबार किया है, उन्हें तीन वित्तीय वर्षों के लिए, तुरंत अपने औसत शुद्ध लाभ का कम से कम 2%, निगमित सामाजिक गतिविधियों पर खर्च करना होगा। अधिनियम 2013 की अनुसूची में शामिल व्यापार के सामान्य कारोबार में सीएसआर गतिविधियों को शामिल नहीं करना चाहिए।

S&P ने देश की GDP ग्रोथ का अनुमान घटाकर 5.2 फीसदी किया

  • वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर (Standard & Poor- S&P) ने सोमवार को फिस्कल ईयर 2020-21 के लिए भारत की GDP ग्रोथ रेट का अनुमान घटाकर 5.2 फीसदी कर दिया है। इससे पहले रेटिंग एजेंसी ने 6.5 फीसदी वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया था।
  • कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते वैश्विक रेटिंग एजेंसी ने ये बदलाव किया है। एजेंसी ने कोरोना वायरस ‘कोविड 19’ (COVID-19) की वजह से एशिया प्रशांत (Asia-Pacific) क्षेत्र में तकरीबन 620 अरब डॉलर के स्थाई नुकसान का अनुमान लगाया गया है। हालांकि एजेंसी हर देश में कितना नुकसान हुआ, इसकी कोई जानकारी नहीं दी है।
  • S&P ने जारी किए अपने बयान में कहा है कि उसने एशिया पैसफिक क्षेत्र में रियल GDP, महंगाई (inflation) और नीतिगत ब्याज (policy interest) के अनुमानों में भी संशोधन किया है।
  • भारत के लिए एजेंसी ने साल 2020-21 के लिए GDP अनुमान को घटाकर 5.2 फीसदी कर दिया है। जो कि पहले 6.5 फीसदी था। इसी तरह उसने देश की 2021-22 की वृद्धि के 7 फीसदी रहने के अनुमान को भी घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया है। करेंट फिस्कल ईयर के लिए रेटिंग एजेंसी ने GDP वृद्धि के अनुमान को 5 फीसदी रखा है। एजेंसी ने साल 2022-23 और 2023-24 के लिए GDP वृद्धि के अनुमान को 7 फीसदी बताया है।
  • एजेंसी ने कहा है कि महंगाई दर करेंट फिस्कल ईयर के 4.7 फीसदी से घटकर अगले फिस्कल ईयर में 4.4 फीसदी रह सकती है। इसके बाद साल 2012-22 में यह और घटकर 4.2 फीसदी रह सकता है। इसके बाद इसमें मामूली बढ़ोतरी होगी। और यह साल 2022-23 में 4.4 फीसदी या उससे अगल फिस्कल ईयर में बढ़कर 4.5 फीसदी तक पहुंच सकता है।
  • इससे पहले कई अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाया है। फिच रेटिंग ने शुक्रवार को देश की आर्थिक वृद्धि का अनुमान 2020-21 के अनुमान के लिए 5.6 फीसदी से घटाकर 5.1 फीसदी कर दिया है।
  • वहीं मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने पिछले हफ्ते ही 2019- 20 के लिए देश की भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 5.4 फीसदी से घटाकर 5.3 फीसदी कर दिया है।

:: भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

पानी साफ करने की नई तकनीक

  • स्वच्छ पानी के लिए वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक विकसित की है। इसके इस्तेमाल से नैनोकार्बन की क्षमता में बढ़ोतरी होती है जिससे पानी से विषाक्त भारी धातु आयनों को आसानी से हटाया जा सकता है। यह नई तकनीक पूरी दुनिया में साफ पानी पहुंचाने के प्रयास में मदद कर सकती है। यह अध्ययन एसीएस अप्लाइड नैनो मैटेरियल जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
  • दरअसल, पानी को साफ करने के लिए कई तरह के नैनोकार्बन का इस्तेमाल किया जाता है। इसके जरिए पानी से डाई, गैसों, कार्बनिक यौगिकों और जहरीले धातु आयनों को सोख लिया जाता है। ये नैनोकार्बन आण्विक आकर्षण बलों के माध्यम से अपनी सतहों से सीसा और पारे जैसे भारी धातु आयनों को भी सोख सकता है। लेकिन यह आकर्षण बल काफी कम होता है इसलिए ये अपने दम पर ज्यादा कुछ नहीं कर पाते हैं। इसी को देखते हुए सोखने की क्षमता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक नैनोकणों में अणुओं को जोड़ने पर विचार कर रहे हैं। यह अमीनो समूह के तरह किया जाएगा जो भारी धातुओं के साथ मजबूत रासायनिक बंधन बनाते हैं। वे धातु आयन सोखने के लिए नैनोकार्बन पर उपलब्ध सभी सतहों का उपयोग करने के तरीके खोजने की कोशिश कर रहे हैं, जिनमें आंतरिक छिद्र भी शामिल हैं। इससे एक समय में अधिक धातु आयनों को सोखने की उनकी क्षमता बढ़ जाएगी।

नई विधि विकसित की

  • नागोया विश्र्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इनोवेशन फॉर फ्यूचर सोसाइटी के वैज्ञानिक नागाहिरो सेतो और उनके सहयोगियों ने अमीनो-संशोधित नैनोकार्बन को संश्लेषित करने के लिए एक नई विधि विकसित की है जो पारंपरिक तरीकों की तुलना में कई भारी धातु आयनों का अधिक कुशलता से सोखने का काम करता है। इसके लिए उन्होंने फिनोल को कार्बन के एक स्त्रोत के रूप में और अमीनो समूह के रूप में एपीटीईस नामक यौगिक के साथ मिश्रित किया गया। में मिश्रित किया, जिसमें एमटीईएस नामक एक स्त्रोत के रूप में एपीटीईएस शामिल था। इस मिश्रण को एक ग्लास कक्ष में रखा गया था और हाई वोल्टेज एक्सपोजर के जरिए एक तरल प्लाज्मा तैयार किया गया। इस विधि का उन्होंने उपयोग किया, उसे सोल्यूशन प्लाज्मा प्रोसेस के नाम से जाना जाता है। इस प्रक्रिया को 20 मिनट तक अपनाया गया और अमीनो-संशोधित कार्बन के काले अवक्षेपकों को एकत्र कर धोने के बाद सूखाया गया।

अमीनो समूहों की बांडिंग की सुविधा उपलब्ध कराई

  • विभिन्न प्रकार के परीक्षणों से पता चला कि अमीनो समूहों को समान रूप से नैनोकार्बन सतह पर वितरित किया गया था, जिसमें इसके स्लिट जैसे छिद्र भी शामिल थे। सेतो कहते हैं, 'हमने इस प्रक्रिया के जरिये नैनोकार्बन की बाहरी और आंतरिक दोनों सतहों पर अमीनो समूहों की बांडिंग की सुविधा उपलब्ध कराई। इससे नैनोकार्बन की सोखने की क्षमता पहले से काफी बढ़ गई। उन्होंने दस चरणों में तांबा, जस्ता और कैडमियम धातु के आयनों को सोखने के लिए अमीनो-संशोधित नैनोकार्बन को रखा और इस दौरान प्रत्येक चरण में इसे धोया भी गया। हालांकि हर चरण के बाद धातु आयनों को सोखने की क्षमता कम होती गई लेकिन यह इतनी कम भी नहीं हुई कि प्रभावहीन हो जाए।

नैनोकणों में किए गए परीक्षण

  • अंत में, टीम ने अपने अमीनो-संशोधित नैनोकार्बनों की तुलना पारंपरिक तरीकों से संश्लेषित पांच अन्य तरीकों के साथ की। उनके नैनोकणों में परीक्षण किए गए धातु आयनों के लिए सबसे अधिक सोखने की क्षमता थी। यह दर्शाता है कि अन्य की तुलना में उनके नैनोकार्बन पर अधिक अमीनो समूह हैं।
  • सेतो का कहना है कि उनकी प्रक्तिरियां सभी के लिए सुरक्षित और सस्ता पीने का पानी समान रूप से पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा में मदद करेगी।

राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन: सुपरकंप्यूटिंग में सुधार का दृष्टिकोण

  • भारत के राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (एनएसएम) के लिए 2020-21 एक महत्वपूर्ण वर्ष है। इस मिशन की स्थापना देश को सुपरकंप्यूटिंग बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए की गई थी ताकि भारत में सुपरकंप्यूटरों के डिजाइन तैयार करने और स्वदेश में उनका निर्माण करने की क्षमता उत्पन्न करके शैक्षणिक समुदाय, अनुसंधानकर्ताओं, एमएसएमई, और स्टार्टअप्स की बढ़ती अभिकलनात्मंक मांगों को पूरा किया जा सके।
  • देश की कंप्यूटिंग शक्ति को बढ़ावा देने के लिए अपनी तरह का पहला प्रयास, राष्ट्रीय सुपर कंप्यूटिंग मिशन को इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया गया है और केन्द्र द्वारा उन्नत कंप्यूटिंग (सी-डैक), पुणे और भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु के विकास के लिए लागू किया गया है।
  • मिशन का लक्ष्य 2022 तक देश के राष्ट्रीय महत्व के शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों में कुछ टेरा फ्लॉप्स2 (टीएफ) से लेकर टेरा फ्लॉप्स (टीएफ) के सैकड़ों और 3 पेटा फ्लॉप्स (पीएफ) के बराबर या उससे अधिक की तीन प्रणालियों के साथ सुपर कंप्यूटरों का एक नेटवर्क स्थापित करना था। कुल 15-20 पीएफ की परिकल्पना वाले सुपरकंप्यूटरों के इस नेटवर्क को 2015 में मंजूरी दी गई थी और बाद में इसमें संशोधन करके इसे कुल 45 पीएफ (45000 टीएफ) का कर दिया गया, जो उसी लागत के भीतर 6 गुना अधिक गणना शक्ति वाला और बड़ी और जटिल कम्प्यूटेशनल समस्याओं को हल करने में सक्षम था।
  • संशोधित योजना के साथ, पहले सुपरकंप्यूटर के पुर्जे स्वदेश में जोड़े गए थे, जिसे परम शिवाय कहा जाता था, इसे आईआईटी (बीएचयू) में स्थापित किया गया था और प्रधानमंत्री ने इसका उद्घाटन किया गया था। इसी तरह के सिस्टम परम शक्ति और परम ब्रह्म को आईआईटी-खड़गपुर और आईआईएसईआर, पुणे में स्थापित किया गया। इसमें मौसम और जलवायु, कम्प्यूटेशनल फ्लूइड डायनामिक्स, जैव सूचना विज्ञान और मैटिरियल साइंस जैसे डोमेन हैं।
  • अप्रैल 2020 तक तीन और सुपर कंप्यूटर स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है, आईआईटी-कानपुर, जेएन सेंटर फॉर एडवांस साइंटिफिक रिसर्च, बेंगलुरु और आईआईटी-हैदराबाद में एक-एक सुपरकम्यूटर लगाया जाएगा। इनमें 6 पीएफ की सुपरकंप्यूटिंग सुविधा प्रदान की जाएगी।
  • देश भर में विभिन्न आईआईटी, एनआईटी, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और आईआईएसईआर में इस वर्ष दिसंबर तक 11 नई प्रणालियां स्थापित किए जाने की संभावना है, जिसमें भारत में डिजाइन की गई अनेक उप-प्रणालियां और माइक्रोप्रोसेसर्स होंगे, जिन्हें 10.4 पेटाफ्लॉप्स की संचयी क्षमता में लाया जाएगा।
  • देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए, 16 पीएफ की कुल कम्प्यूट पावर वाली 8 प्रणालियों को चालू किया जा रहा है। तीन 3 पीएफ कंप्यूटिंग शक्ति वाली स्वदेश में डिज़ाइन की गई 5 प्रणालियों को आईआईटी-मुम्बूई, आईआईटी-चेन्नइई और दिल्ली में अंतर-विश्वविद्यालय त्वरित केन्द्र (आईयूएसी) में स्थापित किया जाएगा जिसकी रीढ़ एनकेएन होगा। इसमें सी-डैक, पुणे में एक स्वदेशी रूप से निर्मित 20 पीएफ प्रणाली और 100 पीएफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम भी शामिल है। स्टार्ट-अप, एसएसआई और एमएसएमई को परामर्श प्रदान करने के लिए सी-डैक बेंगलुरु में एक मिडलवेल 650 टीएफएस प्रणाली भी स्थापित की जानी है।
  • लगभग 60-70 संस्थानों को सुपरकंप्यूटिंग सुविधा प्रदान करने और हजारों से अधिक सक्रिय शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, और इसी तरह अन्य के लिए तैयार, एनएसएम ने गति पकड़ ली है और वह न केवल देश के लिए एक कंप्यूटर अवसंरचना बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है बल्कि देश के लिए क्षमता निर्माण भी कर रहा है ताकि सुपरकंप्यूटर विशेषज्ञों की अगली पीढ़ी तैयार हो सके।

कलर ब्लाइंड को भी ड्राइविंग लाइसेंस

  • कलर ब्लाइंडनेस (वर्णांधता) से पीड़ित लोग भी ड्राइविंग लाइसेंस ले सकेंगे। सरकार ने रंगों की पहचान न कर पाने वाले लोगों को भी ड्राइविंग लाइसेंस देने की अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार, एक खास सीमा तक यानी आंशिक कलर ब्लाइंडनेस की स्थिति में लाइसेंस दिया जा सकता है। हालांकि, आवेदन देने वाले को इसके लिए प्रमाणपत्र देना होगा कि वह पूरी तरह कलर ब्लाइंड नहीं है।
  • इस तरह के लोग वाहन चलाने संबंधी सारे काम आसानी से करने में करने में सक्षम हैं। ऐसे लोग सिर्फ रंगों की पहचान नहीं कर सकते हैं और इस आधार पर उसकी पूरी क्षमता को नकारा नही जा सकता है। सरकार ने इस मामले में चिकित्सा विशेषज्ञों से विचार विमर्श किया है और इस मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया गया और नियमों में बदलाव का निर्णय लिया गया है। उनका कहना था कि दुनिया के कई देशों में कलर ब्लाइंड को ड्राइविंग लाइसेंस दिया जा रहा है। इस संबंध ने 16 मार्च को नियमों में संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी की गई है और लोगो से उस पर परामर्श मांगा गया है।

क्या है कलर ब्लाइंडनेस

  • जब कुछ रंगों को पहचानने की क्षमता सामान्य से कम हो जाती है जो उसे कलर ब्लाइंडनेस या वर्णाध्रता कहते हैं। जो अधिकांश आनुवंशिक या अन्य कारणों से भी हो सकती है। इस रोग में व्यक्ति लाल व हरे या नीले व पीले रंग में अंतर नहीं बता पाते हैं।

:: विविध ::

शिवराज सिंह चौहान

  • भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने चौथे कार्यकाल के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा में सर्वसम्मति से विश्वास प्रस्ताव हासिल कर लिया है।
  • शिवराज सिंह चौहान 2003-2004 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। 1990 में पहली बार बुधनी विधानसभा से विधायक बने। अगले ही साल वह पहली बार लोकसभा चुनाव भी जीते। वह पांच बार लगातार विधानसभा लोकसभा सीट से चुनाव जीते। इसके बाद वह 2005 से 2018 तक तीन बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर काबिज रहे। पिछले चुनाव में बीजेपी बहुमत से दूर रह गई, इस कारण उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ गया था, लेकिन अल्पमत में आने के बाद कमलनाथ ने इस्तीफा दिया और शिवराज चौथी बार एमपी के मुख्यमंत्री बने।

विश्व क्षयरोग दिवस: 24 मार्च

  • विश्व टीबी दिवस या विश्व तपेदिक दिवस या विश्व क्षयरोग दिवस’ वैश्विक तपेदिक महामारी समाप्त करने तथा तपेदिक (टीबी) के स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक परिणामों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता प्रसारित करने के प्रयासों को बढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष 24 मार्च को मनाया जाता है। डॉ॰ रॉबर्ट कॉख ने इस दिन वर्ष 1882 में टीबी के जीवाणु की खोज की थी, जिसके कारण टीबी होता है। वर्ष 2020 विश्व टीबी दिवस का थीम ‘It’s time’ है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में चर्चा में रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ क्या है? (नक्सल विरोधी अभियान )
  • निजी क्षेत्र की किस कंपनी के द्वारा भारत का पहला डेडिकेटेड कोविड-19 अस्पताल बनाने की घोषणा की गई है? (रिलायंस इंडस्ट्रीज)
  • एचआइवी दवाओं (लोपिनवीर. रीटोनेवीर, इंटरफेरॉन बीटा इत्यादि) और एंटी मलेरिया दवा क्लोरोक्वीन के संयोजन से बनी दवा का नाम क्या है? (रेमेडेसिवीर ड्रग)
  • किस राज्य के द्वारा स्कूली शिक्षा के सन्दर्भ में अंतरराष्ट्रीय मानकों व जरूरतों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय परीक्षा पीसा में शामिल होने का निर्णय लिया गया है? (दिल्ली)
  • किस विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय महत्त्व के संस्थान का दर्जा प्रदान करने हेतु विधेयक प्रस्तुत किया गया? (रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय, गांधीनगर)
  • हाल ही में किस फोरेंसिक संस्थान को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में दर्जा प्रदान करने हेतु विधेयक प्रस्तुत किया गया? (लो. जेपीएन. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी एंड फोरेंसिक साइंसेज)
  • कीटनाशक के कारोबार एवं रसायनों के नुकसान की भरपाई को विनियमित करने हेतु किस विधेयक को प्रस्तुत किया गया है? (नाशकजीवमार प्रबंध विधेयक, 2020)
  • कोरोना वायरस के कारण वित्तीय बाजारों पर पड़ रहे दबाव हेतु रिजर्व बैंक ने सावधि रीपो के तहत बैंकिंग तंत्र में कितना धन छोड़ने की घोषणा की है? (एक लाख करोड़ रूपये)
  • कोविड-19 के कारण चर्चा में रहे कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉसिबिलिटी के तहत कंपनियों को अपने शुद्ध लाभ का कितने प्रतिशत सामाजिक गतिविधियों पर खर्च करना होता है? (2%)
  • ड्राइविंग लाइसेंस के कारण चर्चा में रहे कलर ब्लाइंडनेस (वर्णांधता) से पीड़ित लोग किन रंगों के बीच में अंतर करने में अक्षम होते हैं? (लाल व हरे या नीले व पीले)
  • प्रतिवर्ष विश्व क्षयरोग दिवस कब मनाया जाता है एवं वर्ष 2020 की थीम क्या थी? (24 मार्च,‘It’s time’)
  • दिल्ली के शामिल होने से चर्चा में रहे आयुष्मान योजना को कब प्रारंभ किया गया था एवं इसमें प्रति व्यक्ति कितने रुपए तक का नि:शुल्क इलाज प्रदान किया जाता है? (2018, 5 लाख रुपए)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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