(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (24 फरवरी 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (24 फरवरी 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन

  • डीएफसीसीआईएल जल्द ही पार्सल सेवाओं के लिए पूर्वी गलियारे के कानपुर से खुर्जा खंड पर परिचालन शुरू कर देगी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (डीएफसीसीआईएल) को देश में मालवाहक रेलगाड़ियों की गति को 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचाने का लक्ष्य तय करने के साथ ही भारतीय रेलवे के 70 प्रतिशत मालवहन बोझ के खत्म होने की उम्मीद है।

महत्वपूर्ण लाभ

  • डीएफसीसीआईएल का मानना है कि इससे यात्री गाड़ियों के परिचालन की क्षमता बेहतर होगी। डीएफसीसीआईएल गलियारा पूरी तरह मालवहन को समर्पित है। भारतीय रेल का जब 70 प्रतिशत यातायात इस गलियारे पर आ जाएगा तो भारतीय रेल गतिमान और वंदे भारत जैसी तेज गति वाली और अधिक यात्री रेलगाड़ियां चला पाएगा। भारतीय रेल की यात्री गाड़ियां अभी 60 और 70 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से नहीं चल सकतीं क्योंकि समान पटरियों पर ही मालवाहक रेलगाड़ियां भी दौड़ती हैं और इनकी औसत गति 25 किलोमीटर प्रतिघंटा है।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर एक परिचय

  • यह गलियारा पंजाब में लुधियाना से शुरू होकर कोलकाता के पास दानकुनी तक जाता है। पूर्वी गलियारे के दिसंबर 2021 तक पूरा होने और आंशिक तौर पर चालू होने की उम्मीद है। डीएफसीसीआईएल जल्द ही पार्सल सेवाओं के लिए पूर्वी गलियारे के कानपुर से खुर्जा खंड पर परिचालन शुरू कर देगी। डीएफसीसीआईएल का पूर्वी गलियारा 1,856 किलोमीटर लंबा है। इसे विश्वबैंक की ओर से आंशिक मदद मिली है।
  • वहीं पश्चिम समर्पित मालवहन गलियारा हरियाणा के रेवाड़ी से शुरू होकर मुंबई के जवाहर लाल नेहरू बंदरगाह तक जाएगा। इसे जापान सरकार की वित्तीय सहायता इकाई जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जीका) से मदद मिली है।
  • भारतीय रेल 1950 के दशक से मालवहन कर रही है। पहले यह देश के कुल मालवहन का 86 प्रतिशत संभालती थी लेकिन अब यह घटकर 36 प्रतिशत रह गया है। अब देश का अधिकतर मालवहन सड़क मार्ग से होता है। उन्होंने कहा कि चीन में 47 प्रतिशत तक और अमेरिका में 48 प्रतिशत तक मालवहन रेल नेटवर्क से होता है जो एक आदर्श स्थिति है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

अमेरिका में ग्रीन कार्ड होल्डर को अब नहीं मिलेंगे सरकारी लाभ

  • अमेरिका में सोमवार से वह प्रावधान लागू हो जाएगा जिसके चलते वहां पर ग्रीन कार्ड होल्डर प्रवासियों को अमेरिकी नागरिकों वाले लाभ मिलने बंद हो जाएंगे। इस प्रावधान से अमेरिका में स्थायी रूप से रहने वाले बांग्लादेशी (61 फीसद) और पाकिस्तानी (48 फीसद) सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। जबकि सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने वाले महज 11 फीसद भारतीय प्रभावित होंगे। यह आंकड़ा सिर्फ दक्षिण एशियाई देशों का है। ग्रीन कार्ड कुछ शर्तो के साथ अमेरिका में स्थायी रूप से रहने की सुविधा है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मुश्किल

  • ग्रीन कार्ड होल्डर प्रवासियों के लिए सरकारी सुविधाओं में यह रोक सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के चलते लगेगी। यह आदेश शुक्रवार को आया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी स्टेफनी ग्रीशम ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश परिश्रमी अमेरिकी करदाताओं के हितों की रक्षा करेगा।

इनके लिए होगा मुफीद

  • यह उन अमेरिकी नागरिकों के हित में होगा जिन्हें वास्तव में सरकारी सुविधाओं की जरूरत है। इससे अमेरिका के सरकारी खजाने का घाटा कम करने में मदद मिलेगी। इससे देश का वह मूल सिद्धांत लागू होगा जिसके अनुसार समाज में शामिल होने वाले नए लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना चाहिए, जिससे वे अमेरिकी करदाताओं पर बोझ न बनें।

सोमवार से होगा लागू

  • अमेरिका में ग्रीन कार्ड धारियों को अभी तक चिकित्सा, खाद्यान्न और कुछ अन्य तरह की सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलता था। इससे वे एच-1 बी वीजा प्राप्त दक्ष पेशेवर भी प्रभावित होंगे जो ग्रीन कार्ड पाने के लिए आवेदन दे चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश वैसे तो 14 अगस्त, 2014 को ही अधिसूचित हो गया था। इसे 15 अक्टूबर, 2019 से लागू हो जाना था लेकिन विभिन्न अदालतों में लंबित याचिकाओं के चलते यह लागू नहीं हो पाया। अब यह सोमवार से लागू होगा।

बताना होगा नहीं उठाया वित्तीय फायदा

  • इस प्रावधान से होमलैंड सुरक्षा विभाग यह पहचान करेगा कि कौन विदेशी नागरिक देश में रहने योग्य नहीं है और क्यों उसे अमेरिका में स्थायी निवास की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि वह विदेशी भविष्य में कभी भी 'पब्लिक चार्ज' बन सकता है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा के अनुसार, नए कानून में स्थायी निवास की अनुमति मांग रहे व्यक्ति को दिखाना होगा कि उसने गैर प्रवासी दर्जा हासिल करने के बाद से वित्तीय फायदे वाली योजनाओं का लाभ नहीं उठाया।

पहला अंतरिक्ष प्रशिक्षण केंद्र खोलेगा तुर्की

  • यूरेशियाई देश तुर्की अपना पहला अंतरिक्ष प्रशिक्षण केंद्र खोलने के लिए तैयार है। उत्तर-पश्चिमी शहर बुर्सा में गोकमेन स्पेस एंड एविएशन ट्रेनिंग सेंटर (जीयूएचआएम) 23 अप्रैल को खुलेगा। इस दिन को तुर्की राष्ट्रीय संप्रभुता और बाल दिवस के रूप में भी मनाता है।
  • इस सेंटर की पहली मंजिल में अंतरिक्ष प्रशिक्षणों के लिए विभिन्न अनुप्रयोगों (एप्लीकेशंस) के साथ करीब 154 संवादात्मक तंत्र, एक नवाचार केंद्र, एक आधुनिक फ्लाइंग सिम्युलेटर स्थापित किया गया है। जबकि दूसरी मंजिल, जिसे 'स्पेस फ्लोर' नाम दिया गया है, वायुमंडलीय घटनाओं, सौर मंडल और आकाशगंगाओं के बारे में जानकारी प्रदान करेगा।
  • तुर्की दुनिया की शीर्ष 10 अर्थव्यवस्थाओं, अंतरिक्ष और विमानन प्रौद्योगिकियों में अग्रणी देशों में एक बनना चाहता है। उन्होंने स्वदेशी उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने के संबंध में एक परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि तुर्की को 'देशी अंतरिक्ष यात्रियों' की भी आवश्यकता है।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

भारत और अमेरिका के बीच शुरू होगा 'यूएस-इंडिया टैक्स फोरम'

  • सोमवार सुबह को डॉनल्ड ट्रंप भारत पहुंच रहे हैं। फिलहाल दोनों देश के बीच ट्रेड डील की दिशा में बात सकारात्मक रूप से बढ़ती नजर नहीं आ रही है, हालांकि टैक्स विवाद सुलझाने को लेकर एक पहल की शुरुआत की जा रही है। मंगलवार को अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (USISPF) द्वारा 'यूएस-इंडिया टैक्स फोरम' का शुभारंभ किया जाएगा।

फॉर्चून कंपनियों के टैक्स एक्सपर्ट होंगे हिस्सा

  • इस फोरम में फॉर्चून 500 कंपनियों के 50 से अधिक टैक्स एक्सपर्ट और वित्त मंत्रालय, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT), जीएसटी काउंसिल और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमाशुल्क (CBIC) के अधिकारी शामिल होंगे। यह जानकारी रविवार को USISPF की ओर से जारी एक बयान में दी गई। बयान के अनुसार, टैक्स नीति में पारदर्शिता और सक्षमता के संबंध में फीडबैक साझा करने के लिए सरकार के साथ फोरम की बैठक नियमित आधार पर होगी।

टैक्स संबंधी परेशानी दूर करेगा यह फोरम

  • बहुपक्षीय और एक पक्षीय कर संधियों के बीच कर नीति संबंधी सदभाव सुनिश्चित करने के लिए भी यह फोरम सरकार के साथ मिलकर काम करेगा। यूएसआईएसपीएफ के साथ-साथ भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की), ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओरआरएफ) भी यूएस-इंडिया फोरम का आयोजन करेगा जिसमें भारत और अमेरिका के मौजूदा व पूर्व सरकारी अधिकारी और निजी क्षेत्र के अग्रणी लोग मौजूद होंगे।

द्विपक्षीय व्यापार 160 अरब डॉलर हुआ

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप सोमवार को भारत के दो दिवसीय दौरे पर आएंगे। यूएसआईएसपीएफ के प्रेसिडेंट और सीईओ मुकेश अघी ने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप के दौरे से निस्संदेह दुनिया के सबसे पुराने और बड़े लोकतंत्रों के बीच वाणिज्यिक एवं रणनीतिक साझेदारी को मजबूती मिलेगी। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2019 में 12 फीसदी बढ़कर 160 अरब डॉलर हो गया जो दोनों देशों की मजबूत वाणिज्यिक साझेदारी को दर्शाता है।'

चीन को पीछे छोड़ अमेरिका बना भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार

  • अमेरिका ने चीन को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार होने का तमगा हासिल कर लिया है। इससे भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापार संबंधों का पता चलता है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 में भारत और अमेरिका के बीच 87.95 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ। इस दौरान भारत का चीन के साथ द्विपक्षीय व्यापार 87.07 अरब डॉलर रहा। इसी तरह 2019-20 में अप्रैल से दिसंबर के दौरान भारत का अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार 68 अरब डॉलर रहा, जबकि इस दौरान भारत और चीन का द्विपक्षीय व्यापार 64.96 अरब डॉलर रहा।
  • व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी यह चलन बना रह सकता है क्योंकि भारत और अमेरिका आर्थिक संबंधों को बढ़ाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। एक विशेषज्ञ का मानना है कि यदि दोनों देश मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) कर लेते हैं तो द्विपक्षीय व्यापार एक अलग ही स्तर पर पहुंच जाएगा। भारतीय निर्यात संगठन परिसंघ के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, 'अमेरिका के साथ एफटीए भारत के लिये बेहद फायदेमंद होगा क्योंकि अमेरिका भारतीय माल एवं सेवाओं का सबसे बड़ा बाजार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ भारत का आयात और निर्यात दोनों बढ़ रहा है, जबकि चीन के साथ आयात-निर्यात दोनों में गिरावट आ रही है।

भारत 16.85 अरब डॉलर के व्यापार लाभ की स्थिति में

  • अमेरिका उन चुनिंदा देशों में से है, जिसके साथ व्यापार संतुलन का झुकाव भारत के पक्ष में है। वर्ष 2018-19 में भारत का चीन के साथ जहां 53.56 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा था, वहीं अमेरिका के साथ भारत 16.85 अरब डॉलर के व्यापार लाभ की स्थिति में था। आंकड़ों के अनुसार, 2013-14 से लेकर 2017-18 तक चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार रहा है। चीन से पहले यह दर्जा संयुक्त अरब अमीरात को हासिल था। भारतीय विदेशी व्यापार संस्थान में प्रोफेसर राकेश मोहन जोशी ने कहा कि भारत को अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता करते वक्त सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि अमेरिका मक्का और सोयाबीन जैसे जिंसों का सबसे बड़ा उत्पादक व निर्यातक है।

इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी)

  • इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) अपने उपभोक्ताओं को अत्याधुनिक मोबाइल बैंकिंग सुविधा देने के लिए अप्रैल से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) से जुड़ने की तैयारी में है।
  • आपको बता दे यूपीआई एक त्वरित भुगतान प्रणाली है जिसे नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन आफ इंडिया द्वारा विकसित किया गया है। यूपीआई व्यक्ति को दो पक्षों के बैंक खातों के बीच त्वरित धन अंतरण की सुविधा प्रदान करती है।
  • आगामी अप्रैल से इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से जुड़ जाएगा जिससे आईपीपीबी के ग्राहक अपने खाते से किसी को भी भुगतान कर सकेंगे। आईपीपीबी में यूपीआई लागू होने से इस बैंक के ग्राहक आईआरसीटीसी पोर्टल पर रेल टिकट का भुगतान कर सकेंगे और साथ ही अन्य दुकानों पर क्यूआर कोड स्कैन कर सेवा या उत्पाद का भुगतान कर सकेंगे।
  • आईपीपीबी फास्ट टैग रिचार्ज की सुविधा पर भी काम कर रहा है और संभवतः अप्रैल महीने से बैंक के ग्राहक अपने खाते से फास्ट टैग का रिचार्ज कर सकेंगे। इसके लिए आईपीपीबी के एप्लीकेशन पर ही फास्ट टैग रिचार्ज की सुविधा शामिल करने पर काम चल रहा है।
  • वर्तमान में आईपीपीबी का खास जोर आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर है। इसके तहत ग्राहक अपने बैंक खाते का पैसा किसी भी डाकघर से निकाल सकते हैं, बशर्ते उसका बैंक खाता आधार से जुड़ा हो।
  • एईपीएस के तहत ग्राहक किसी भी बैंक से पैसा अपने आईपीपीबी के खाते में हस्तांतरिंत कर सकते हैं। हालांकि एईपीएस सुविधा का लाभ लेने के लिए उसके क्षेत्र में डाकघर होना जरूरी है और उसका एक खाता इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में भी होना चाहिए।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

नासा ने बृहस्पति के वातावरण में खोजा पानी

  • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों ने हाल ही में दावा किया है कि पृथ्वी के पड़ोसी ग्रह 'बृहस्पति' के वातावरण में पानी मौजूद है लेकिन इसका वितरण पूरी तरह असमान है। नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) की वेबसाइट पर जारी एक बयान के अनुसार, बृहस्पति के वायुमंडल में लगभग 0.25 फीसद पानी है, विशेषकर भूमध्यरेखीय क्षेत्रों के आसपास इसकी अधिकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि बृहस्पति में पानी मिलने के बाद सौर मंडल के गठन की पहेलियों को सुलझाने में मदद मिल सकती है।
  • जूनो मिशन के आंकड़ों पर आधारित खगोलविदों का यह अध्ययन विज्ञान पत्रिका 'नेचर एस्ट्रोनॉमी' में प्रकाशित हुआ है। इसमें नासा द्वारा 1995 में भेजे गए गैलीलियो मिशन के बाद पहली बार गैस की बहुलता वाले इस विशालकाय ग्रह (बृहस्पति) पर पानी की मौजूदगी के बारे में जानकारी दी गई है।

जूनो की यह खोज आश्चर्यजनक

  • जूनो के प्रमुख अन्वेषक स्कॉट बोल्टन ने नासा के एक लेख में कहा है कि जूनो की यह खोज आश्चर्यजनक है। हालाकि यहां बादलों के नीचे का वातावरण अभी भी एक पहेली बना हुआ है, जिसे हल करने के लिए खगोलविद प्रयासरत हैं। उन्होंने लेख में आगे लिखा है कि बृहस्पति में पानी के बारे में अभी तक किसी ने अनुमान भी नहीं लगाया होगा, लेकिन नए अध्ययन में इस बात के पुख्ता सुबूत हैं कि हमारे पड़ोसी ग्रह के कुछ क्षेत्रों में पानी की भरमार है।

धूल और गैसों से बना ग्रह

  • जेपीएल के शोधकर्ताओं के मुताबिक, बृहस्पति सूर्य के मुकाबले बेहद सूखा हो सकता है। यह तुलना दोनों पर पानी के तत्वों (ऑक्सीजन व हाइड्रोजन) की मौजूदगी के आधार पर की गई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि बृहस्पति संभवत: सबसे पहला ग्रह था और इसका अधिकतर हिस्सा धूल व गैसों से बना हुआ है, जो सूर्य में शामिल नहीं है। नासा के वैज्ञानिकों ने कहा कि बृहस्पति के निर्माण से जुड़ी मुख्य परिकल्पनाओं के मुताबिक, इस ग्रह का शेष हिस्सा उसके द्वारा सोखे गए पानी के कारण बना है। शोधकर्ताओं ने कहा, 'पानी की अत्यधिक मौजूदगी का संबंध इस विशालकाय गैस पिंड के मौसम और आंतरिक संरचना से जुड़ा हुआ है। बृहस्पति पर पानी के वितरण का आंकड़ा सूर्य से करीब तीन गुना अधिक है। इस ग्रह पर पानी की भरमार है, लेकिन इसका वितरण असमान है।

भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में है पानी की भरमार

  • जूनो मिशन से जुड़े वैज्ञानिक और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के चेंग ली ने बताया कि गैलीलियो की जांच में यह बात सामने आई है कि इसके भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में पानी की भरमार है क्योंकि बृहस्पति का यह क्षेत्र बहुत अनोखा है। उन्होंने कहा कि हमें इन परिणामों की तुलना इसके अन्य क्षेत्रों से भी करने की जरूरत है। ली ने कहा, 'खगोलविद दशकों से बृहस्पति में पानी की मौजूदगी का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और यह हमारे सौर मंडल के गठन की पहेली सुलझाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है।'

:: पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी ::

मृदा प्रदूषण से निजात दिलाने वाली नयी बैक्टीरिया की ख़ोज

  • शोधकर्ताओं ने बैक्टीरियाओं की एक नई प्रजाति खोजी है, जो विशेष रूप से हमारे चारों ओर मौजूद कार्बनिक पदार्थो को नष्ट करने यानी उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटने में माहिर है। साथ ही ये बैक्टीरिया कैंसर पैदा करने वाले रसायनों को खत्म करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ये रसायन मुख्य रूप से कोयला, गैस, तेल और अपशिष्ट उत्पादों को जलाए जाने पर निकलते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि ये बैक्टीरिया मृदा प्रदूषण कम करने में तो महत्वपूर्ण भूमिका निभाते ही हैं। साथ ही साथ जलवायु परिवर्तन से भी लड़ते हैं।

इंटरनेशनल जर्नल ने विस्तार से बताया

  • माइक्रोबियल इकोलॉजी के प्रोफेसर डैन बकले ने लायकमिंग कॉलेज के सहकर्मियों और कार्नेल यूनिवर्सिटी के पांच अन्य शोधकर्ताओं के साथ मिलकर यह अध्ययन किया है। नए बैक्टीरिया के बारे में 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ सिस्टमैटिक एंड इवोल्यूशनरी माइक्रोबायोलॉजी' में विस्तार से बताया गया है।
  • नए बैक्टीरिया जीनस परब्रूखोल्डि्रया से संबंध रखते हैं, जो बेंजीन और टोल्यूनि जैसे हाइड्रोकार्बन यौगिकों (सुगंधित यौगिकों) को नष्ट करने की अपनी क्षमता के लिए जाने जाते हैं और इनकी कुछ प्रजातियों में रूट नोड्यूल बनाने की क्षमता भी होती है, जिसके चलते ये वायुमंडलीय नाइट्रोजन का संतुलन भी बनाए रखते हैं।

छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट देता है बैक्टीरिया

  • शोधकर्ताओं ने कहा कि अध्ययन के पहले चरण में हमें बैक्टीरियम राइबोसेंमल आरएनए जीन्स की सीक्वेंसिंग करनी थी, जिसने ऐसे आनुवंशिक सबूत प्रदान किए जिससे यह पता लगा कि मडसेनियाना बैक्टीरिया की एक अनोखी प्रजाति है। नए बैक्टीरिया के अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि मडसेनियाना विशेष रूप से सुगंधित (एयरोमैटिक) हाइड्रोकार्बन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट देता है, जो लिग्निन का निर्माण करते हैं। यह प्लांट बायोमास और कार्बनिक पदार्थो का एक प्रमुख घटक है। एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन जहरीले पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (पीएएच) प्रदूषण में भी पाए जाते हैं।

जलवायु का पूर्वानुमान लगाने में भी है मददगार

  • शोधकर्ताओं ने कहा कि इसका मतलब है कि नया बैक्टीरिया बायोडिग्रीडेशन रिसर्च (जैवअवक्रमण अनुसंधान) और मृदा कार्बन के चक्र को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रारंभिक शोध से पता चलता है कि पेड़-पौधे जीवाणुओं यानी बैक्टीरिया को कार्बन खिलाते हैं और बदले में बैक्टीरिया मिट्टी में मौजूद कार्बनिक पदाथरें को नष्ट करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पेड़ों को नाइट्रोजन और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मिलते हैं। शोधकर्ताओं ने कहा ये बैक्टीरिया मिट्टी की स्थिरता और वैश्विक जलवायु के बारे में पूर्वानुमान लगाने में भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

साइबेरिया में मिले 46,000 साल पुराने पक्षी के अवशेष

  • वैज्ञानिकों को साइबेरिया की जमी हुई मिट्टी से हॉ‌र्न्ड लार्क पक्षी के अवशेष मिले हैं। अनुसंधानकर्ताओं को पता चला है कि यह पक्षी 46,000 साल पुराना है। इस अध्ययन से यह पता करने में मदद मिल सकेगी कि अंतिम हिम युग के अंत में क्षेत्र में किस तरह बदलाव आए जब अधिकांश पृथ्वी बर्फ से ढकी हुई थी। कम्यूनिकेशन बायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया है कि अंतिम हिम युग के दौरान उत्तरी यूरोप और एशिया तक फैला यह विशान मैदानी क्षेत्र अब विलुप्त हो चुकीं वूली मैमथ और वूली राइनोसरस जैसी प्रजातियों का निवास था।
  • शोधकर्ताओं के मुताबिक, आनुवांशिक विश्लेषण से पता चलता है कि यह पक्षी उस आबादी से संबंधित है जो आज मिलने वाली हॉ‌र्न्ड लार्क की दो उप-प्रजातियों की संयुक्त पूर्वज थीं। इन दोनों उप-प्रजातियों में से एक साइबेरिया और दूसरी मंगोलिया के विशाल मैदानों में मिलती है। वैज्ञानिकों का कहना है, इस जानकारी से यह समझने में मदद मिलगी कि इस पक्षी की उप-प्रजातियां कैसे विकसित हुईं।
  • जानकारों का कहना है कि साइबेरिया बेहद ठंडा इलाका है। यहां साल के अधिकतम दिन तापमान माइनस में रहता है। यही वजह रही कि इतने साल बाद भी इसके शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
  • यह पक्षी वर्तमान में पाए जाने वाले लार्क पक्षियों का पूर्वज है। इसकी एक प्रजाति उत्तरी रूस और दूसरी मंगोलिया में पाई जाती है। इस खोज का निष्कर्ष यह निकला कि हिमयुग के आखिर में होने वाले जलवायु परिवर्तन के कारण पक्षियों की नई उप-प्रजातियां बन गईं।
  • शोध के अगले चरण में पक्षी के पूरे जीनोम को शामिल किया गया है। इससे आज के लार्क पक्षियों के बारे में नई जानकारी मिल सकती है।वैज्ञानिक अभी दूसरे जानवरों के शरीर के आंतरिक और बाह्य अंगों पर काम कर रहे हैं। इनमें भेड़िया और हिरण जैसे जानवर शामिल हैं।

कीटनाशक के दुष्प्रभावों के विश्लेषण की रिपोर्ट

  • खेती के लिए कीटनाशक दवाएं जरूरत बन चुकी हैं। बड़ी चिंता ये हैं कि इनसे होने वाले नफे से ज्यादा अब नुकसान हो रहा है। ग्रीनपीस ब्रिटेन द्वारा पोषित वैश्विक संस्था अनअथ्र्ड और स्विस एनजीओ पब्लिक आई के विश्लेषण में चौंकाने वाली बातें निकलकर सामने आई हैं। भारत सहित दुनिया के 43 देशों में हुए इस अध्ययन के मुताबिक, खतरनाक कीटनाशक विकसित देशों के मुकाबले विकासशील और गरीब देशों को ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं। भारत में 59 फीसद खतरनाक कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं ब्रिटेन में यह महज 11 फीसद है।

रिपोर्ट के मुख्य तथ्य

  • गरीब देशों में ज्यादा : रिपोर्ट के अनुसार कीटनाशक कंपनियां मानव स्वास्थ्य या पर्यावरण के लिए उच्च खतरों को उत्पन्न करने वाले रसायनों से हर साल अरबों डॉलर कमाती हैं। इन अत्यधिक खतरनाक कीटनाशकों का बिक्री अनुपात अमीर देशों की तुलना में गरीब देशों में अधिक पाया गया। भारत में अत्यधिक खतरनाक कीटनाशकों की बिक्री 59 फीसद है।
  • पांच कंपनियों का प्रभुत्व : कीटनाशकों के बाजार में पांच कंपनियों - बेयर, बीएएसएफ, सिंजेंटा, एफएमसी और कोर्टेवा (पूर्व में डॉव और ड्यूपॉन्ट) का प्रभुत्व है। इन कंपनियों ने 2018 में 4.8 अरब डॉलर (345 अरब रुपये) के अत्यधिक खतरनाक कीटनाशक (एचएचपी) उत्पादों की बिक्री की, जो उनकी आय का 36 फीसद से अधिक है। बेयर ने विश्लेषण को भ्रामक बताया, लेकिन आंकड़े देने से इनकार कर दिया। कुछ कंपनियों ने इस्तेमाल की गई एचएचपी की सूची पर भी सवाल उठाया।
  • मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक : पांच बड़ी कंपनियों द्वारा बिक्री किए जाने वाले कुल कीटनाशक का एक चौथाई मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हैं। इनमें कैंसरजन्य तत्व शामिल थे, जबकि 10 फीसद कीटनाशकों के विषैले तत्व मधुमक्खियों द्वारा लाए गए थे। इसके अतिरिक्त विश्लेषण ने पाया कि 4 फीसद बिक्री रसायनों की थी जो कि मानवों के लिए हानिकारक होते हैं।
  • हर साल 2 लाख आत्महत्याएं : हर साल करीब 2 लाख आत्महत्याओं को कीटनाशक विषाक्तता के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। इनमें से लगभग सभी विकासशील देशों में हैं। विश्लेषण के अनुसार, अमीर देशों में एचएचपी की बिक्री का औसत अनुपात निम्न और मध्यम आय वाले देशों में 45 फीसद की तुलना में 27 फीसद था, जबकि दक्षिण अफ्रीका में यह 65 फीसद तक पहुंच गया।
  • सख्त हों नियम : विश्व स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन द्वारा 2018 में कीटनाशक प्रबंधन के वैश्विक सर्वेक्षण में पाया कि गंभीर रूप से विभिन्न कमियां हैं। पर्यावरण और मानवों पर हानिकारक प्रभावों को कम करने के लिए देशों को सशक्त नियम बनाने चाहिए। खतरनाक पदार्थों और मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक बैस्कुट तुनकक ने कहा कि कंपनियों द्वारा एचएचपी के जरिए आय अर्जित करना अनुचित है। इन उत्पादों का निरंतर उपयोग किया जा रहा है। यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का कारण बन रहा है।
  • स्वीकारी गलती : कीटनाशक उद्योग के लॉबी समूह क्रोपलाइफ इंटरनेशनल ने स्वीकार किया है कि उसके सदस्यों द्वारा बेचे जाने वाले रसायनों का 15 फीसद एचएचपी है। उन्होंने कहा कि इनमें से कई का उपयोग व्यवहार में सुरक्षित रूप से किया जा सकता है। हमारे सदस्य कीटनाशक प्रबंधन पर एफएओ अंतरराष्ट्रीय आचार संहिता का समर्थन करते हैं।
  • सरकारों को उठाने होंगे कदम : कई निम्न और मध्यम आय वाले देशों में प्रणालीगत मुद्दे उचित नियंत्रण और कीटनाशकों के उपयोग के किसी भी उचित आश्वासन को रोकते हैं। ग्रीनपीस ब्रिटेन के जुमान कुब्बा ने कहा दुनिया को जहरीले कीटनाशकों से सराबोर फसलों के आधार पर औद्योगिक खेती के मॉडल पर टिकाए रखना इन कंपनियों के हित में है, लेकिन इन खतरनाक रसायनों का स्वस्थ भोजन प्रणाली में कोई स्थान नहीं है और सरकारों को दुनिया भर में इन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
  • कंपनियों के अपने तर्क : बेयर भी इस सूची से इत्तेफाक नहीं रखता है। पीएएन ने आइएआरसी के 2015 के निष्कर्ष के आधार पर अपनी सूची में बेयर के ग्लाइफोसेट को शामिल किया है जो कि संभवत: मनुष्यों के लिए कैंसरजन्य है। बेयर का कहना है कि ग्लाइफोसेट अन्य निष्कर्षों के आधार पर सूची में नहीं होना चाहिए।

:: विविध ::

सनी हिंदुस्तानी

  • सोनी टीवी के मशहूर सिंगिंग रिएलिटी शो इंडियन आइडल 11 में सनी हिंदुस्तानी विनर बने। वहीं लातूर के रोहित राउत फर्स्ट रनरअप बने। की गई। फाइनलिस्ट में शामिल अकोना मुखर्जी तीसरे नंबर पर आईं जिन्हें 5 लाख मिले।

एडलिन कैस्टेलिनो ने जीता मिस दीवा 2020 का खिताब

  • लीवा मिस दीवा यूनीवर्स 2020 प्रतियोगिता में एडलिन कैस्टेलिनो विजेता रहीं। कैस्टेलिनो के बाद जबलपुर की आवृति चौधरी का स्थान रहा। पुणे की नेहा जायसवाल को मिस दीवा रनर-अप घोषित किया गया।

जम्मू की रिया ने जीता पहले खेलो इंडिया विश्वविद्यालय का पहला गोल्ड

  • जम्मू की रिया ने जीता पहले खेलो इंडिया विश्वविद्यालय का पहला गोल्ड : क्लसटर यूनिवर्सिटी जम्मू की रिया बख्शी ने तलवारबाजी में इन खेलों का पहला गोल्ड मेडल जीता। फायल फाइनल में उनकी टक्कर पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की काजल से हुई थी जिसे उन्होंने 15-11 से हराया।

हंगरी ओपन

  • अचंत शरत कमल और जी साथियान की भारत की पुरुष युगल जोड़ी को यहां आईटीटीएफ विश्व टूर हंगरी ओपन के फाइनल में बेनेडिक्ट डुडा और पैट्रिक फ्रांजिस्का की जर्मनी की जोड़ी के खिलाफ हार के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

सुहास एलवाई ने जीता पेरू ओपन

  • आईएएस अफसर और स्टार पैरा शटलर सुहास एलवाई ने ब्राजील ओपन के बाद पेरू ओपन में शानदार प्रदर्शन करते हुए एसएल-4 कैटेगिरी का एकल खिताब जीत लिया।

डॉ. नीति कुमार को एसईआरबी महिला उत्कृष्टता पुरस्कार -2020

  • सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ के मॉलिक्यूलर पैरासिटोलॉजी एंड इम्यूनोलॉजी प्रभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नीति कुमार को एसईआरबी महिला उत्कृष्टता पुरस्कार -2020 प्राप्त हुआ है। उन्हें 28 फरवरी, 2020 को विज्ञान भवन में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
  • यह पुरस्कार 40 वर्ष से कम आयु की महिला वैज्ञानिक को दिया जाता है, जिन्हें विभिन्न राष्ट्रीय अकादमियों से सम्मान प्राप्त हुआ है। महिला शोधकर्ताओं को भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड द्वारा 3 वर्षों के लिए 5 लाख प्रति वर्ष के अनुसंधान अनुदान की सहायता दी जाएगी।
  • उनका अनुसंधान समूह मलेरिया के लिए वैकल्पिक दवा लक्ष्यों के अन्वेषण के लिए मानव मलेरिया परजीवी में प्रोटीन गुणवत्ता नियंत्रण मशीनरी को समझने की कोशिश कर रहा है।
  • डॉ. नीति कुमार को इनोवेटिव यंग बायोटेक्नोलॉजिस्ट अवार्ड (डीबीटी-आईवाईबीए 2015), भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी द्वारा आईएनएसए मेडल फॉर यंग साइंटिस्ट (2010) आदि जैसे कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

मलेशियाई प्रधानमंत्री ने राजा को अपना इस्तीफा सौंपा

  • मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने सोमवार को अपना त्यागपत्र देश के राजा को सौंप दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी।विश्व के सबसे उम्रदराज नेता, 94 वर्ष के महातिर ने उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा सरकार गिराने की कोशिशों के बाद यह फैसला लिया।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में चर्चा में डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का पूर्वी गलियारा किन दो स्थानों को आपस में जोड़ेगा? (पंजाब में लुधियाना से शुरू होकर कोलकाता के दानकुनी तक)
  • हाल ही में चर्चा में डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का पश्चिमी गलियारा किन दो स्थानों को आपस में जोड़ेगा? (हरियाणा के रेवाड़ी से मुंबई के जवाहर लाल नेहरू बंदरगाह तक)
  • हाल ही में किस देश में ग्रीन कार्ड होल्डर प्रवासियों को स्थानीय नागरिकों के समान मिलने वाले लाभ बंद करने की घोषणा की है? (अमेरिका)
  • हाल ही में किस यूरेशियाई देश ने अपना पहला अंतरिक्ष प्रशिक्षण केंद्र खोलने की घोषणा की है? (तुर्की)
  • हाल ही में किस भारत के द्वारा देश के साथ टैक्स विवादों को सुलझाने के लिए एक संयुक्त मंच स्थापित करने की घोषणा की गई है? (अमेरिका)
  • अद्यतन आंकड़ों के अनुसार कौन सा देश भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है? (अमेरिका)
  • हाल ही में किस स्थान से 46000 वर्ष पुरानेहॉ‌र्न्ड लार्क पक्षी के अवशेष मिले हैं? (साइबेरिया)
  • हाल ही में किसने इंडियन आईडल का खिताब अपने नाम किया? (सनी हिंदुस्तानी)
  • किसने मिस दिवा 2020 का खिताब अपने नाम किया? (एडलिन कैस्टेलिनो)
  • पहले खेलो इंडिया विश्वविद्यालय खेलों में प्रथम गोल्ड हासिल करने वाली खिलाड़ी कौन है? (रिया बक्शी)
  • पहले खेलो इंडिया विश्वविद्यालय खेलों में प्रथम गोल्ड हासिल करने वाली रिया बख्शी किस खेल से संबंधित है? (तलवारबाजी)
  • हंगरी ओपन में किन भारतीय खिलाड़ियों ने पुरुष सिंगल जोड़ी का खिताब अपने नाम किया? (अचंत शरत कमल और जी साथियान)
  • हाल ही में किस पैरा शटलर ने पेरू ओपन का एकल खिताब अपने नाम किया? (सुभाष एलवाई)
  • हाल ही में किस महिला वैज्ञानिक को एसईआरबी महिला उत्कृष्टता पुरस्कार -2020 प्रदान किया गया? (डॉ नीति कुमार)
  • हाल ही में चर्चित रहे महातिर मोहम्मद किस देश के प्रधानमंत्री हैं? (मलेशिया)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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