(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (22 जून 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (22 जून 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

भौगोलिक संकेत(Geographical Indication)

चर्चा में क्यों?

  • UP के गौरजीत, बनारसी लंगड़ा और चौसा आम को GI टैग दिलाने के लिए प्रयास शुरू कर दिया गया है।
  • इस समय आम की मलिहाबाद और दशहरी (UP) रत्नागिरी का अल्फांसो, गिर (गुजरात) का केसर, मराठवाड़ा का केसर, आंध्र प्रदेश का बंगनापल्ली, भागलपुर का जरदालु, कर्नाटक के शिमोगा का अप्पीमिडी, मालदा (बंगाल) का हिमसागर, लक्ष्मण भोग और फजली को GI टैग मिल चुका है।

GI टैग क्या है?

  • जीआई टैग या भौगोलिक संकेत(Geographical Indication) किसी भी उत्पाद के लिए एक प्रतीक चिन्ह के समान होता है।
  • यह उत्पाद की विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति, विशेष गुणवत्ता और पहचान के आधार पर दिया जाता है।
  • जीआई टैग उस उत्पाद की गुणवत्ता और उसकी विशेषता को दर्शाता है।
  • किसी उत्पाद के जीआई टैग के लिए आवश्यक है कि "उत्पाद का उत्पादन या प्रोसेसिंग उसी क्षेत्र में होना चाहिए जहाँ के लिए जीआई टैग लिया जा रहा है।"
  • भारत में जीआई टैग को किसी विशेष फसल, प्राकृतिक और निर्मित उत्पादों को प्रदान किए जाते हैं।
  • कई बार जीआई टैग को एक से अधिक राज्यों में पाई जाने वाली फसलों या उत्पादों को प्रदान की जाती है। उदाहरण के लिए- बासमती चावल( पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड)
  • भारत में सबसे पहले दार्जिलिंग की चाय को 2004 में जीआई टैग प्राप्त हुआ था।
  • भारत के कुछ महत्वपूर्ण उत्पाद जिन्हें जीआई टैग प्राप्त है- महाबलेश्वर-स्ट्रॉबेरी, जयपुर - ब्लू पोटरी, बनारसी साड़ी, तिरुपति के लड्डू, मध्य प्रदेश के झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गा, कांगड़ा की पेंटिंग, नागपुर का संतरा, कश्मीर की पाश्मीना, हिमाचल का काला जीरा, छत्तीसगढ़ का जीराफूल और ओडिशा की कंधमाल हल्दी इत्यादि।

GI टैग का विनियमन

  • औद्योगिक संपत्ति के संरक्षण हेतु जीआई टैग को पेरिस कन्वेंशन के अंतर्गत बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के रूप में शामिल किया गया था।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीआई टैग का विनियमन विश्व व्यापार संगठन( डब्ल्यूटीओ) के द्वारा किया जाता है।
  • भारत में जीआई टैग का विनियमन वस्तुओं के भौगोलिक सूचक (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम 1999 के अंतर्गत किया जाता है।
  • वस्तुओं के भौगोलिक सूचक (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 15 सितंबर, 2003 से लागू हुआ था।
  • जीआई टैग का अधिकार हासिल करने के लिए चेन्नई स्थित जी आई डेटाबेस में अप्लाई करना पड़ता है।
  • एक बार जीआई टैग का अधिकार मिल जाने के बाद 10 वर्षों तक जीआई टैग मान्य होते हैं। इसके उपरांत उन्हें फिर रिन्यू कराना पड़ता है।

जीआई टैग से लाभ

  • जीआई टैग किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले उत्पादन को कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।
  • जीआई टैग के द्वारा उत्पादों के अनधिकृत प्रयोग पर अंकुश लगाया जा सकता है।
  • यह किसी भौगोलिक क्षेत्र में उत्पादित होने वाली वस्तुओं का महत्व बढ़ा देता है।
  • जीआई टैग के द्वारा सदियों से चली आ रही परंपरागत ज्ञान को संरक्षित एवं संवर्धन किया जा सकता है।
  • जीआई टैग के द्वारा स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिलती है।
  • इसके द्वारा टूरिज्म और निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।

"आकांक्षी" जिला कार्यक्रम

  • केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्यमंत्री, डॉ. जितेंद्र सिंह ने "आकांक्षी" जिलों में कोविड-19 की स्थिति और स्वास्थ्य सुविधा की समीक्षा की, जिसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने बताया कि कोविड महामारी को ध्यान में रखते हुए, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में स्वास्थ्य सुविधा को बढ़ावा देने के लिए, विशेष रूप से संक्रामक रोगों के प्रबंधन के लिए, बुनियादी ढांचे के विकास हेतु 190 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान करने का फैसला किया है।

आकांक्षी जिला कार्यक्रम के बारे में

  • जनवरी 2018 में शुरू किए गए ‘आकांक्षी जिलों का सुधार’ कार्यक्रम का उद्देश्य इन जिलों का त्वरित और कारगर रूप से सुधार करना है। इस कार्यक्रम की व्यापक रूपरेखा निम्नानुसार है – अभिसरण (केन्द्रीय और राज्य स्कीमों का), सहयोग (केन्द्रीय, राज्य स्तरीय ‘प्रभारी’ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों का) तथा जिलों के बीच जन आंदोलन द्वारा प्रेरित प्रतिस्पर्धा। राज्य इस कार्यक्रम के मुख्य संचालक होंगे और इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले के सबल पक्ष पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, तत्काल सुधार के लिए अपेक्षाकृत सरलता से बेहतर परिणाम देने वाले क्षेत्रों को चिहि्नत किया जाएगा, प्रगति को मापा जाएगा और जिलों को रैंक दिया जाएगा।
  • स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास तथा बुनियादी अवसंरचना इस कार्यक्रम के विशिष्ट क्षेत्र हैं। विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चाओं के कई दौर के बाद जिलों की प्रगति मापने के लिए 49 प्रमुख कार्यनिष्पादन संकेतकों का चयन किया गया है। जिलों को प्रतिस्पर्धी और सहयोगपूर्ण संघवाद की भावना से एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए और दूसरों से सीखते हुए पहले अपने राज्य के सर्वश्रेष्ठ जिले की बराबरी करने और तत्पश्चात् देश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

तीनों सेनाओं को प्रति प्रोजेक्ट 500 करोड़ रुपये तक का वित्तीय अधिकार

  • चीन के साथ सीमा पर जारी तनाव के बीच तीनों सेनाओं को लड़ाई के लिए जरूरी हथियार और गोला बारूद की खरीद के वास्ते प्रति प्रोजेक्ट 500 करोड़ रुपये तक का वित्तीय अधिकार दिया गया है। चीन के साथ अगर विवाद बढ़ता है तो सेना को इन हथियारों की जरूरत पड़ सकती है।
  • तीनों सेनाओं के उप प्रमुखों को प्रति प्रोजेक्ट 500 करोड़ रुपये तक की खरीद का वित्तीय अधिकार दिया गया है। ये अधिकार फास्ट ट्रैक प्रोसीजर के तहत जरूरी हथियारों की खरीद के लिए दिए गए हैं। इससे सेना के लिए हथियारों और गोला बारूद की कमी को पूरा किया जा सकेगा।

क्यों दिया गया अधिकार

  • पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ पिछले कई दिनों से जारी तनातनी को देखते हुए सेनाओं को यह वित्तीय अधिकार देने की जरूरत महसूस की गई। चीन से लगी करीब 3500 किमी सीमा पर भारी संख्या में सैनिकों को तैनात किया गया है। उरी हमले और पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद भी सशस्त्र सेनाओं को इस तरह के वित्तीय अधिकार दिए गए थे।

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा: पुरी

चर्चा में क्यों?

  • विश्व हिंदू परिषद ने कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते पुरी रथ यात्रा पर पिछले हफ्ते लगाए प्रतिबंध पर दोबारा समीक्षा करने की अपील की है। विहिप ने ओडिशा सरकार पर भी सर्वोच्च अदालत के सामने अपना पक्ष ठीक से न रखने का आरोप लगाया है।
  • उधर ओडिशा में पुरी और अन्य जगहों पर भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के 18 जून (सोमवार) के आदेश में कुछ बदलाव की मांग वाली 4 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।

पृष्ठभूमि

  • ध्यान रहे कि विगत गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने एक एनजीओ की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा था, 'इन हालात में पुरी रथयात्रा को मंजूरी दी तो भगवान जगन्नाथ भी कभी माफ नहीं करेंगे।'

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा

  • आपको बता दें कि पुरी की ये रथ यात्रा विश्‍व प्रसिद्ध है। इसे देखने और इसमें हिस्‍सा लेने के लिए देशभर से ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया से लाखों श्रद्धालु यहां पर पहुंचते हैं। इस यात्रा के दौरान लकड़ी के बने विशाल रथों को श्रद्धालु अपने हाथों से खींचते हैं। इस यात्रा में शामिल तीन अलग-अलग विशाल रथों में श्री कृष्‍ण, बलराम और उनकी बहन सुभद्रा विराजमान होती है। जगन्नाथ मंदिर को देश के चार धाम में से एक धाम माना गया है। इस पूरी यात्रा के दौरान भगवान बालभद्र का रथ सबसे आगे फिर उनकी बहन सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ का रथ होता है। इस यात्रा के दौरान बनाए गए भगवान जगन्‍नाथ के लकड़ी के विशाल रथ में 16 पहिए होते हैं। वहीं उनके भाई बलराम के रथ में 14 व बहन सुभद्रा के रथ में 12 पहिए लगे होते हैं। इस यात्रा का वर्णन विभिन्‍न धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में मिलता है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

शंघाई सहयोग संगठन

चर्चा में क्यों?

  • शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के महासचिव ब्लादिमीर नोरोव ने कहा है कि भारत औषधि के क्षेत्र में अपने विशाल अनुभव और गहरे ज्ञान से कोविड-19 महामारी के दौरान ‘दुनिया के औषधि केंद्र’ की भूमिका निभा रहा है और विभिन्न क्षेत्रीय एवं वैश्विक पहलों की दिशा तय कर रहा है।
  • नोरोव ने कहा कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना वायरस की रोकथाम और उपचार के लिए तत्काल कदम उठाए और उसके बाद भी उसने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में 133 देशों को दवाओं की आपूर्ति की है जो भारत की उदारता दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी शक्ति के आचरण का बहुमूल्य और जिम्मेदाराना उदाहरण है तथा इससे एससीओ के सदस्य देशों के बीच एक-दूसरे के लिए पूरकता और परस्पर सहयोग नजर आता है। भारत ने पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिरषद में गैर स्थायी सीट के लिए चुनाव व्यापक समर्थन से जीता।

शंघाई सहयोग संगठन क्या है?

  • अप्रैल 1996 में शंघाई में हुई एक बैठक में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिज़स्तान और ताजिकिस्तान आपस में एक-दूसरे के नस्लीय और धार्मिक तनावों से निपटने के लिए आपसी सहयोग करने पर राजी हुए थे। इसे शंघाई-फाइव कहा गया था। जून 2001 में चीन, रूस और चार मध्य एशियाई देशों कजाकिस्तान, किर्गिज़स्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के नेताओं ने शंघाई सहयोग संगठन शुरू किया और नस्लीय तथा धार्मिक चरमपंथ से निपटने और व्यापार एवं निवेश को बढ़ाने के लिए समझौता किया।
  • वर्ष 2005 में भारत और पाकिस्तान को इस समूह के पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल किया गया था। दोनों देशों को वर्ष 2017 में एससीओ का पूर्ण सदस्य बनाया गया। इसके अलावा चार पर्यवेक्षक देश अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया हैं। एससीओ में चीन, रूस के बाद भारत तीसरा सबसे बड़ा देश है। एससीओ को इस समय विश्व का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन माना जा रहा है।

नेपाल में नागरिकता कानून में बदलाव

चर्चा में क्यों?

  • देश का विवादित नया नक्शा पास कराने के बाद नेपाली सरकार ने भारत को एक और बड़ा झटका दिया है। नेपाली की ओली सरकार ने नागरिकता कानून में बड़ा बदलाव का फैसला कर भारतीय बेटियों पर निशाना साधा है। अब बहू बनकर नेपाल जाने वाली भारतीय बेटियों को वहां की नागरिकता के लिए सात साल इंतजार करना होगा।

नेपाल के गृहमंत्री ने किया ऐलान

  • नेपाल के गृहमंत्री राम बहादुर थापा ने ऐलान किया कि नागरिकता कानून में बदलाव का प्रस्ताव भारत को ध्यान में रखकर है। बदलाव के तहत जब कोई भारतीय लड़की नेपाली युवक से शादी करेगी तो उसे उसके साथ 7 साल लगातार रहने के बाद ही नेपाल की नागरिकता मिलेगी। राम बहादुर थापा ने कहा कि इस नियम में कुछ अलग नहीं किया है। भारत भी विदेशी लड़कियों को किसी भारतीय से शादी के सात साल बाद ही नागरिकता देता है। हमारा प्रस्ताव भी इसी आधार पर है।
  • हालाँकि नेपाली गृहमंत्री राम बहादुर थापा ने दावा तो कर दिया कि भारत में नेपाल से बहू बनकर आने वाली बेटियों को 7 साल बाद नागरिकता दी जाती है। लेकिन हकीकत इसके एकदम विपरीत है। 7 साल बाद नागरिकता देने का नियम नेपाल से भारत आने वाली बहू पर लागू नहीं होता है।

भारत नेपाल तनाव के हालिया घटनाक्रम

  • नेपाल ने तीन दिन पहले ही भारत की आपत्ति को दरकिनार करते हुए विवादित नक्शे को कानूनी अमलीजामा पहनाया था। नेपाली संसद के उच्च सदन से संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने हस्ताक्षर कर इसे संविधान का हिस्सा घोषित कर दिया। बता दें कि इस नए नक्शे में नेपाल ने लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को अपने क्षेत्र में दिखाया है।
  • नेपाल में इन दिनों राजनीति में वामपंथियों का दबदबा है। वर्तमान प्रधानमंत्री केपी शर्मा भी वामपंथी हैं और नेपाल में संविधान को अपनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में पहले प्रधानमंत्री बने थे। उन्‍हें नेपाल के वामपंथी दलों का समर्थन हासिल था। केपी शर्मा अपनी भारत विरोधी भावनाओं के लिए जाने जाते हैं। वर्ष 2015 में भारत के नाकेबंदी के बाद भी उन्‍होंने नेपाली संविधान में बदलाव नहीं किया और भारत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए केपी शर्मा चीन के खेमे में चले गए। नेपाल सरकार चीन के साथ एक डील कर ली। इसके तहत चीन ने अपने पोर्ट को इस्तेमाल करने की इजाज़त नेपाल को दे दी।

:: अर्थव्यवस्था ::

अमेरिकी सरकारी प्रतिभूतियां रखने के लिहाज से भारत का 12वां स्थान

  • भारत के पास अप्रैल के अंत में 157.4 अरब अमेरिकी डॉलर की अमेरिकी सरकारी प्रतिभूतियों थीं, जिसके साथ वह इन प्रतिभूतियों का 12वां सबसे बड़ा धारक बन गया। अमेरिकी वित्त विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भारत के पास ये प्रतिभूतियां मार्च में घटकर 156.5 अरब डालर रह गईं थीं, लेकिन अप्रैल में यह 0.9 अरब डॉलर बढ़कर 157.4 अरब डॉलर हो गईं। कोरोना वायरस महामारी के चलते वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत द्वारा इस साल अमेरिकी प्रतिभूतियों की खरीद-फरोख्त में कोई खास रुझान देखने को नहीं मिला है।
  • भारत के पास प्रतिभूतियों का अधिकतम स्तर फरवरी में जब रिजर्व बैंक के पास अमेरिका की 177.5 अरब डॉलर की सरकारी प्रतिभूतियां जमा हो गयी थीं। जनवरी में यह आंकड़ा 164.3 अरब डॉलर था। आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के अंत में जापान के पास सबसे अधिक 1266 अरब डॉलर की अमेरिकी प्रतिभूतियां थीं, जिसके बाद 1,073 अरब डॉलर के साथ चीन और 368.5 अरब डॉलर के साथ ब्रिटेन का स्थान था।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

आरएफ फ्रंट इंड इंट्रीग्रेटेड सर्किट (आईसी चिप) ध्रुव

चर्चा में क्यों?

  • आईआईटी मुंबई के शोधकर्ताओं ने एक नेविगेशन रिसीवर आरएफ फ्रंट इंड इंट्रीग्रेटेड सर्किट (आईसी चिप) ध्रुव का निर्माण किया है, जिसका इस्तेमाल नेविगेशन में हो सकता है। सीधे तौर पर कहें तो आने वाले समय में यह जीपीएस के साथ नेविगेशन का एक विकल्प हो सकता है।
  • सेटेलाइट के सिग्नल को डीकोड करने के लिए चिप की आवश्यकता होती है। हमारे सेलफोन में अभी जीपीएस चिप है। भारत के नेविक को डीकोड करने के लिए भारतीय चिप नहीं है। हमने पहला ऐसा चिप बनाया है कि हम किसी भी सेटेलाइट के नेविगेशन सिग्नल को डीकोड कर सकते हैं। हमारा फोन तीन से चार सेटेलाइट फोन के सिग्नल डीकोड कर बता देता है कि हमारी लोकेशन कहां है।

नेविगेशन के विभिन्न प्रयोग

  • नेविगेशन टेक्नोलॉजी से राष्ट्र अपनी टेरीटरी, अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखने और आपदा रिस्पांस को मैनेज करने का काम करता है।
  • स्मार्ट डिवाइस और आईओटी के युग में नेविगेशन एक आवश्यक फीचर है, जिसका इस्तेमाल हम विभिन्न पर्सनल और कमर्शियल अप्लीकेशंस में करते हैं। यह हमारे एक जगह से दूसरी जगह ट्रेवल करने के दौरान भी काफी मददगार होता है। ओला/उबेर भी नेविगेशन का प्रयोग कर एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं। इसी नेविगेशन की वजह से स्विगी या अन्य कंपनियां खाना डिलीवर करते हैं। यह टेक्नोलॉजी एरियल और मैरिन नेविगेशन में होती है।

दुनिया भर में इस तरह होता है नेविगेशन

  • विभिन्न देशों के अपने-अपने नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम है, जिसमें अमेरिका का ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस), रशियन फेडरेशन ग्लोबल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम (ग्लोनास), यूरोप का गैलेलियो, चीन का बाइडू और जापान का क्वासी जेनिथ सेटेलाइट सिस्टम (क्यूजेडएसएस) है। ऐसे में ध्रुव भारत में नेविगेशन का कारगर विकल्प हो सकता है।

कारगिल युद्ध में आई थी परेशानी

  • भारत ने अपना नेविगेशन सिस्टम, भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम (आईआरएनएसएस) या नेविगेशन विद इंडियन कंटेशलेशन (नेविक) बनाया है, जो कि विदेशी टेक्नोलॉजी पर आधारित है। कारगिल युद्ध (1999) के दौरान भारतीय सैनिक विदेशी जीपीएस सेटेलाइट का इस्तेमाल कर जरूरी पॉजिशन नहीं देख पा रहे थे। आईआरएनएसएस या नेविक सेटेलाइट को इसरो ने काफी साल पहले ऑर्बिट में भेजा था।

ध्रुव क्यों होगा फायदेमंद

  • इससे भारत के पास जीपीएस की तरह अपना सशक्त नेविगेशन माध्यम होगा
  • सभी सेटेलाइट के सिग्नल का डिकोड बेहतर तरीके से संभव हो सकेगा
  • यह व्यवधान डालने वाले सिग्नल को क्लीन करने का काम करेगा
  • ध्रुव के डिजिटल डाटा को किसी भी मानक डिजिटल सिग्नल प्रोसेसर द्वारा आगे संशोधित किया जा सकता है, ताकि किसी लोकेशन को सही ढंग से निर्धारित किया जा सकें

भारत पर साइबर अटैक का खतरा

चर्चा में क्यों?

  • भारत और चीन के बीच बढ़ते विवाद के बीच ऐसी खबरें आ रही हैं कि अब चीनी हैकर्स भारत पर साइबर अटैक कर सकते हैं। साइबर इंटेलिजेंस फर्म साइफर्मा (Cyfirma) ने चेतावनी दी है कि ये हैकर्स कई सरकारी एजेंसियों, मीडिया हाउसों, फार्मा कंपनियों, टेलीकॉम ऑपरेटरों और भारत की एक बड़ी टायर कंपनी पर साइबर अटैक कर सकते हैं।
  • करीब 10 दिन पहले मंदारिन और कैंटोनीज में चीनी हैकर्स ने डार्क वेब पर बात करना शुरू की थी। जिसमें भारत को सबक सिखाने के बारे में कहा गया है, विशेष रूप से चीन की आलोचना कर रहे मीडिया हाउस का जिक्र किया गया है।

भारत के मीडिया हाउस और टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर खतरा

  • साइफर्मा ने कहा, "चीनी हैकर्स बातचीत के दौरान कई भारतीय कंपनियों, मीडिया हाउस, टेलीकॉम ऑपरेटर्स और एक बड़ी टायर कंपनी के नाम थे। जब हमने इन लिस्ट को प्रकाशित करने वाले हैंडल को उनके सोर्स में वापस भेजना शुरू कर दिया, तो हमने पाया कि वे पॉपुलर हैकिंग ग्रुप गोथिक पांडा और स्टोन पांडा से संबंधित हैं।"
  • साइफर्मा ने CERT-In (कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम), साइबर हमले के लिए भारत की नोडल एजेंसी, और कुछ ऐसी कंपनियों को सूचित किया है जिनके नाम सूची में थे। साइफर्मा के अनुसार, सूची में MRF टायर्स, एयरटेल, BSNL, सन फार्मास्युटिकल, सिप्ला, रिलायंस जियो, हिंदुस्तान टाइम्स, टाइम्स ऑफ इंडिया और रिपब्लिक टीवी के नाम शामिल थे।

चीन की हैकर कम्युनिटी के बारे में

  • इन दोनों हैकर ग्रुप का चीन में सरकारी एजेंसियों और प्रतिस्पर्धी कंपनियों के खिलाफ साइबर हमले शुरू करने का इतिहास रहा है।" पिछले 10 सालों से अधिक समय से गोथिक पांडा अमेरिका और हांगकांग में बड़े पैमाने पर साइबर अटैक करने में सक्रिय रहा है।
  • एक अनुमान के मुताबिक चीन की हैकर कम्युनिटी में 3 लाख से भी ज्यादा लोग काम करते हैं। इनमें से 93 फीसदी चीनी सेना चाइनीज रिबल्किन आर्मी के लिए काम करते हैं। इनकी पूरी फंडिंग चीनी सरकार करती है। ये हैकर्स लगातार अमेरिका, जापान, साउथ कोरिया, भारत और साउथ ईस्ट एशिया के देशों में हैकिंग करते रहते हैं।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी)

चर्चा में क्यों?

  • राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बेंगलुरु के उपनगरीय क्षेत्र बोम्मसांद्रा के निकट किथिगनहल्ली झील में प्रदूषण फैलाने को लेकर कर्नाटक सरकार पर 10 लाख रूपये का अंतरिम जुमाना लगाया है और कहा है कि जलाशयों में प्रदूषकों को डाले जाने पर रोक नहीं लगाकर अधिकारियों द्वारा अपराध किया जा रहा है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal-NGT)

  • राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण अधिनियम, 2010 द्वारा भारत में एक राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की स्थापना की गई है।
  • यह एक विशेष पर्यावरण अदालत है जो पर्यावरण संरक्षण और वनों का संरक्षण से संबंधित मामलों कि सुनवाई करती है।
  • अधिकरण की प्रधान पीठ नई-दिल्ली में और भोपाल, पुणे, कोलकाता और चेन्नई अधिकरण के अन्य चार पीठें हैं।
  • इसमें पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में भारत के सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायिक सदस्य और विशेषज्ञ सदस्य शामिल होते हैं।
  • प्रत्येक श्रेणी में निर्धारित न्यायिक और विशेषज्ञ सदस्यों की न्यूनतम संख्या 10 अधिकतम संख्या 20 होती है।

:: विविध ::

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-21 जून

  • 21 जून को पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष 2020 की योग दिवस की थीम ‘Yoga for Health - Yoga at Home’ है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2020 पर आयुष मंत्रालय के द्वारा योग गतिविधियों को देश में "Yoga at Home, Yoga with Family” थीम के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। "/li>

पृष्ठभूमि

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा योग की महत्ता को विश्व में ख्याति दिलाने के उद्देश्य से इस दिवस को 2014 में UN में प्रस्तावित किया गया। जिसके उपरान्त दिसंबर 2014 में ‘वैश्विक स्वास्थ्य और विदेश नीति’ की कार्यसूची के तहत UN में सर्वसम्मति से 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गयी।
  • इस दिवस के लिए 21 जून की तारीख का चयन इसलिए किया गया क्योंकि यह दिन उत्तरी गोलार्द्ध (ग्रीष्मकालीन संक्रांति) का सबसे लंबा दिन होता है जिसका दुनिया के कई हिस्सों में विशेष महत्त्व है, साथ ही आध्यात्मिक कार्यों के लिए भी यह दिन विशेष महत्त्व रखता है। दरअसल भारतीय मान्यता के अनुसार आदि योगी शिव ने इसी दिन मनुष्य जाति को योग विज्ञान की शिक्षा देनी शुरू की थी, जिसके बाद वे आदि गुरू बने। स्मरणीय हो कि विश्व का पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईवाईडी) 21 जून 2015 को मनाया गया था।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • पूर्वोत्तर राज्यों में समीक्षा बैठक से चर्चा में रहे ‘आकांक्षी जिला कार्यक्रम’ को कब लागू किया गया था एवं इसका उद्देश्य क्या था? (2018, देश के सबसे पिछड़े जिलों का विकास करना)
  • दशहरी, चौसा इत्यादि आम की प्रजाति के संदर्भ में चर्चा में रहे जीआई टैग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विनियमन किस कन्वेंशन एवं संस्था द्वारा किया जाता है? (पेरिस कन्वेंशन के तहत बौद्धिक संपदा अधिकारों में शामिल, विश्व व्यापार संगठन)
  • हाल ही में आईआईटी मुंबई के द्वारा विकसित आईसी चिप ‘ध्रुव’ क्या है एवं इसका अनुप्रयोग क्या होगा? (एक नेविगेशन रिसीवर आरएफ फ्रंट इंड इंट्रीग्रेटेड सर्किट, नेविगेशन में)
  • हाल ही में न्यायालय द्वारा रोक लगाने से चर्चा में रहे पुरी रथ यात्रा किस आराध्य देव के उपलक्ष्य में निकाली जाती है? (भगवान जगन्नाथ)
  • हाल ही में किस देश ने अपने निवासियों से विवाह करने वाली भारतीय महिलाओं को लगातार 7 वर्ष के निवास करने के बाद ही नागरिकता प्रदान करने की घोषणा की है? (नेपाल)
  • हाल ही में भारत सरकार ने तीनों सेनाओं को जरूरी हथियार और गोला बारूद की खरीद हेतु प्रति प्रोजेक्ट कितने राशि के वित्तीय स्वायत्तता अधिकार प्रदान किए गए हैं? (500 करोड़ रुपए)
  • प्रतिवर्ष किस तिथि को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है एवं इस वर्ष की योग दिवस की थीम क्या है? (21,‘Yoga for Health - Yoga at Home’)
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2020 पर आयुष मंत्रालय के द्वारा योग गतिविधियों को देश में किस थीम के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है? ("Yoga at Home, Yoga with Family")
  • हाल ही में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा प्रदूषण के संदर्भ जुर्माना लगाने से चर्चा में रहे 'किथिगनहल्ली झील' कहां स्थित है? (बेंगलुरु, कर्नाटक)
  • हाल ही में भारत-चीन तनाव के संदर्भ में चर्चा में रहे गोथिक पांडा और स्टोन पांडा क्या है? (साइबर अटैक करने वाले ग्रुप, चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा समर्थित)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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