(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (21 सितंबर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (21 सितंबर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

गांधी सोलर पार्क

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र (यूएन) मुख्यालय में गांधी सोलर पार्क का उद्घाटन करेंगे। यह सोलर पार्क भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र को तोहफा है। पीएम मोदी महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में 24 सितंबर को यूएन मुख्यालय में होने वाले विशेष कार्यक्रम के दौरान सोलर पार्क के अलावा गांधी पीस गार्डन का भी उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र की ओर से गांधीजी की 150वीं जयंती पर एक डाक टिकट भी जारी किया जाएगा।
  • संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने गुरुवार को यहां कहा, 'यूएन हमेशा अक्षय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन के बारे में बात करता है। यह छोटा प्रयास हमारी उस इच्छा का प्रतीक है कि हम जलवायु परिवर्तन पर बातचीत से आगे जाने को तैयार हैं।'
  • गांधी सोलर पार्क पर दस लाख डॉलर (करीब सात करोड़ रुपये) की लागत आई है। इसके तहत यूएन मुख्यालय की छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। अकबरुद्दीन ने कहा, यह पहला प्रयास है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 देशों को दर्शाने की कोशिश की गई है। प्रत्येक देश को दर्शाने के लिए 193 पैनल लगाए गए हैं। हम ना सिर्फ सोलर पैनल बल्कि समानता में भी यकीन करते हैं।
  • सोलर पार्क से जितनी बिजली का उत्पादन किया जाएगा, उतनी बिजली पैदा करने में करीब 30 हजार किलोग्राम कोयले की जरूरत पड़ती। ये सोलर पैनल अधिकतम 50 केवी बिजली पैदा कर सकते हैं।
  • गांधी पीस गार्डन अनूठी पहल है। इसे न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास, एनजीओ शांति फंड और स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क ने मिलकर तैयार किया है। गांधी के विचारों को समर्पित यह गार्डन यूनिवर्सिटी के 600 एकड़ परिसर में स्थित है।

उत्तर आंचलिक परिषद की 29 वीं बैठक

  • 2019 को माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित की गई। परिषद ने पिछली बैठक में की गई सिफारिशों के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की तथा निम्नलिखित मुद्दों पर विशेष ध्यान आकर्षित किया गया:
  • 12 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के खिलाफ यौन अपराधों / बलात्कार की जांच और सुनवाई 2 महीने के भीतर में पूरी करने के लिए विस्तृत निगरानी तंत्र स्थापित करना।
  • उन गांवों का कवरेज, जो पांच किलोमीटर के रेडियल दूरी के भीतर बिना किसी बैंकिंग सुविधा के रहते हैं, तक भी सभी सुविधाएँ पहुँचाना ।
  • हरियाणा और हिमाचल के मध्य सीमा विवाद से संबन्धित सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत की गई जिससे दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को हल करने में सहायता मिलेगी ।
  • काउंसिल द्वारा पर्यावरण मंत्रालय के कैम्पा फंड की 47436 करोड़ रुपये की कई वर्षों से लंबित राशि के भुगतान पर संतुष्टि जताई ।
  • गृह मंत्री ने राज्यों से भारतीय दंड संहिता और आपराधिक प्रक्रिया संहिता में सुधार के लिए अपने सुझाव देने का भी आह्वान किया। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे नारकोटिक्स, POCSO अधिनियम, हत्याओं आदि जैसे जघन्य अपराधों के मामलों में मुख्य सचिव के स्तर पर जांच और अभियोजन के मामलों में नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। इस उद्देश्य के लिए बिना किसी और विलंब के राज्यों को निदेशक के पद को भरना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम के तहत अपराध के प्रति शून्य सहिष्णुता है। सटीक जांच और उच्च विश्वास सुनिश्चित करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब्स को भी मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की आवश्यकता पर भी जोर दिया। गृह सचिव और विशेष सचिव (अंतर-राज्यीय काउंसिल) द्वारा वीडियो सम्मेलन के माध्यम से ऊपर वर्णित विभिन्न क्षेत्रों में सभी निर्णयों की नियमित निगरानी भी होनी चाहिए।

जोनल काउंसिल

  • पांच जोनल काउंसिल (पश्चिमी, पूर्वी, उत्तरी, दक्षिणी और मध्य जोनल काउंसिल) की स्थापना राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत की गई थी ताकि राज्यों के बीच अंतर-राज्य सहयोग और समन्वय स्थापित किया जा सके। आंचलिक परिषदों को आर्थिक और सामाजिक नियोजन, सीमा विवाद, भाषाई अल्पसंख्यक या अंतर-राज्यीय परिवहन आदि के क्षेत्र में आम हित के किसी भी मामले पर चर्चा करने और सिफारिश करने के लिए अनिवार्य किया जाता है। आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से एक दूसरे से जुड़े इन राज्यों के सहकारी प्रयासों का यह एक क्षेत्रीय मंच है। उच्च स्तरीय निकाय होने के नाते यह मंच सम्बंधित क्षेत्रो के हितों की देखभाल तथा क्षेत्रीय मुद्दों के समाधान में सक्षम है।
  • काउंसिल की बैठक सौहार्द पूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई तथा अगली बैठक जयपुर में होगी।

ऑनलाइन रिफ्रेशर प्रोग्राम ‘अर्पित’ (एनुअल रिफ्रेशर प्रोग्राम इन टीचिंग)

  • उच्च शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता को सुधारने में जुटी सरकार को शिक्षकों के मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है। शिक्षकों के ज्ञान को बढ़ाने के लिए शुरू किए गए रिफ्रेशर कोर्स में ज्यादातर शिक्षकों ने हिस्सा ही नहीं लिया। इससे भी ज्यादा दिलचस्प यह है कि जो शिक्षक इसमें शामिल हुए और परीक्षा दी, उनमें 40 फीसद से ज्यादा असफल रहे। मौजूदा समय में देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में करीब 15 लाख शिक्षक पढ़ा रहे हैं। जबकि सिर्फ 6,411 ही रिफ्रेशर परीक्षा में हुए शामिल थे।
  • रिफ्रेशर कोर्सो को लेकर शिक्षकों की अरुचि का यह खुलासा मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से शुरू किए गए ऑनलाइन रिफ्रेशर प्रोग्राम ‘अर्पित’ (एनुअल रिफ्रेशर प्रोग्राम इन टीचिंग) से हुआ है। इसे मंत्रालय ने शिक्षकों का ज्ञान बढ़ाने के लिए 2018 में शुरू किया था। वैसे तो यह अनिवार्य नहीं था पर इसे पदोन्नति में शामिल करने की बात कही गई थी। बावजूद इसके ‘अर्पित’ कार्यक्रम को लेकर हाल ही में आए परिणामों से जो जानकारी सामने आई है वह वाकई चौंकाने वाली है। इसमें वैसे तो कुल 51 हजार शिक्षकों ने शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन परीक्षा में सिर्फ 6,411 शिक्षक ही शामिल हुए। इनमें कुल 3,807 शिक्षक ही सफल घोषित किए गए।
  • उच्च शिक्षण संस्थानों को लेकर शिक्षकों की यह अरुचि इसलिए भी अहम है क्योंकि इसके जरिये शिक्षकों को नई-नई जानकारियों से लैस करने और गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की गई थी। ‘अर्पित’ के जरिये आए इस परिणाम से मंत्रालय भी भौचक्का है। सूत्रों के मुताबिक, मानव संसाधन विकास मंत्री ने भी शिक्षकों के इस प्रदर्शन पर नाखुशी जताई है। साथ ही कहा है कि इसमें ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों को जोड़ा जाए। मंत्रलय ने हाल ही में 2019 के लिए भी ‘अर्पित’ कार्यक्रम शुरू किया है जिसमें शिक्षकों से रजिस्ट्रेशन कराने की मुहिम चलाई जा रही है।
  • शिक्षकों के लिए शुरू किए गए रिफ्रेशर कोर्स में फिलहाल 46 विषयों को शामिल किया गया है। इनमें कृषि, विज्ञान, इंजीनियरिंग, आईटी, उर्दू, संस्कृत जैसे विषयों के साथ ही जलवायु परिवर्तन, कौशल विकास, नेतृत्व और शासन जैसे विषय भी रखे गए हैं। वहीं, प्रशिक्षण से जुड़ी सामग्री तैयार करने के लिए 51 राष्ट्रीय संसाधन केंद्रों (एनआरसी) की पहचान की गई है जो एआइसीटीई की मदद से प्रशिक्षण सामग्री को ऑनलाइन अपलोड करने का काम करते हैं।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020

  • यह निर्णय लिया गया है कि शहरी स्थानीय निकायों की तरह शहरी नियोजन नियमन और विकास कार्य दायित्व वाले वैसे सभी क्षेत्र स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में शामिल होंगे, जो अधिसूचित नियोजन/ विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण/शहरी विकास प्राधिकरण और राज्य/केंद्रीय कानूनों के अंतर्गत प्राधिकरण है। ऐसे निकायों के उदाहरण नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जमशेदपुर, बोकारो स्टील सिटी, बंदरगाह विकास प्राधिकरण, साडा हो सकते हैं। केवल ऐसे शहरी विकास प्राधिकरण इस श्रेणी में शामिल होंगे जहां कोई वैधानिक शहरी निकाय नहीं है। उदाहरण के लिए अमरावती विकास प्राधिकरण स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के अंतर्गत ऐसे शहरों की अलग श्रेणी बनाई गई है।
  • वैसे टाउनशिप जो वैधानिक शहरी निकाय नहीं हैं उनके मूल्यांकन के मानक शहरी स्थानीय निकाय और छावनी बोर्ड के समान होंगे। ऐसे शहरी टाउनशिप के लिए अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में अलग से राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। जिसमें स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के तौर-तरीकों को बताया जाएगा।
  • सरकार ने ऐसे टाउनशिप के सभी प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि वे स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में कवरेज की जानकारी दें और इसके लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करें।
  • आवास और शहरी विकास मंत्रालय स्वच्छ शहरी मिशन (एसबीएम) लागू कर रहा है ताकि देश को स्वच्छ और खुले में शौच से मुक्त बनाया जा सके। मिशन की प्रगति की निगरानी के लिए वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण यानी स्वच्छ सर्वेक्षण की शुरूआत 2016 में की गई थी ताकि 73 स्थानीय निकायों का मूल्यांकन किया जा सके। अब इसका दायरा बढ़ाकर इसमें सभी 4,378 शहरी स्थानीय निकाय और सभी छावनी बोर्ड को शामिल किया गया है। शहरी नियोजन कार्य दायित्व वाले सभी क्षेत्रों को स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में शामिल किया गया

देश में पहली एकीकृत एमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS)

  • केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज देश में पहली एकीकृत ERSS का लोकार्पण किया जिससे अब चण्डीगढ में आम नागरिक को आपातकाल में सहायता के लिये अलग – अलग नम्बर याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी । इसके लिए नयी सेवा एमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम डायल 112 पर सभी तरह की सहायता आम जनता के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी ।
  • महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निर्भया फंड के अंतर्गत इस तरह के एप को जनता के लिए उपलब्ध कराया ताकि महिलाओं और बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों मे कमी लाई जा सके और इसी के अंतर्गत सैक्टर – 9 स्थित चण्डीगढ पुलिस मुख्यालय में 112 कामन कंट्रोल रूम से पहले से चालित, डायल न. 100 (पुलिस), 101 (दमकल) व 108 (स्वास्थ्य) सेवाओं को जोड दिया गया हैं । जिसके लिए पुलिस कंट्रोल रूम में इन सभी हेल्प लाइन के कर्मचारियों का अलग-अलग डेस्क बनाया गया है, डिस्पैचर यहीं बैठकर अपने-अपने विभाग के काल डिस्पैचर के जरिए निकटतम उपलब्ध पी सी आर / एंबुलेंस / फायर टेंडर को सूचित करेंगे । इसमें कंट्रोल रूम मेन काल डाइवर्ट करने की सुविधा भी होगी।
  • जब तक आम जनता इस आपातकालीन सेवा डायल 112 के बारे में पूरी तरह से जागरुक नही हो जाती तब तक पुराने आपातकालीन सेवा 100, 101, 108 भी चालू रखें जाएगें । भविष्य में अन्य सभी आपातकालीन सेवाओं जैसे कि यातायात (1073) महिला हैल्प लाईन ( 1091, 181) बाल हैल्प लाईन (1098), व आपदा प्रबंधन सहित अन्य सेवाओं को भी इस आपातकालीन सेवा डायल 112 से जोड दिया जाएगा। आज तक आपातकाल सहायता के लिए 20 से अधिक आपात नम्बर जनता की सुविधा के लिए चल रहे थे । कई बार नंबर व्यस्त रहने के कारण मिल नहीं पाता था लेकिन अब यह सेवा शुरु होने से इन सभी दिक्कतों का सामना नहीं करना पडेगा ।

ई- बीट बुक (E- Beat Book) व ई-साथी (E-SAATHI) एप का लोकार्पण

  • केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज देश में पहली एकीकृत ERSS, E-Beat Book, E-SAATHI App का लोकार्पण किया
  • ई-बीट बुक सिस्टम के तहत हर “ई-बीट बुक” के ईंचार्ज को एंडराइड फोन दिये गये हैं, जिसके अन्दर बीट-इंचार्ज के पास पूरी पुलिसिंग का रिकार्ड होगा एवम इस फोन पर एक क्लिक करते ही पूरे शहर से जुडी हर जानकारी जैसे की बाजार, आभूषण विक्रेता, शराब के ठेके, वरिष्ठ नागरिकों की सूची, पीजी क्षेत्र के अच्छे बुरे नागरिकों के बारे में बीट ईंचार्ज को मिल जायेगी । इस पर अपराधियों के बारे में पूरा रिकार्ड दर्ज होगा । आम नागरिक गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से अपने मोबाईल पर ई-साथी एप डाउनलोड कर सकता है, जिससे कि कोई भी नागरिक किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि, नशा-बिक्री, जुआ-सट्टे बाजी आदि की जानकारी पुलिस को आसानी से दे सकेगा । इसके साथ ही क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक भी इस एप के माध्यम से पुलिस के सम्पर्क में रहेंगे । ई-बीट मेन इंटरएक्टिव फीचर भी होगा जिससे की सम्बंधित क्षेत्र के निवासी से सीधा सम्पर्क करके अपने सुझाव और शिकायत दे पायेंगे ।
  • इसके अतिरिक्त “ई-साथी एप” से आम जनता को बिना थाने में गए “आपकी पुलिस आपके द्वार” योजना के तहत पासपोर्ट सत्यापन, किरायेदार सत्यापन, नौकर सत्यापन, चरित्र सत्यापन आदि सेवाओं की अपने क्षेत्र के थाना-अध्यक्ष को सूचना देनी होगी और उनके एक बटन दबाते ही सम्बंधित थानाध्यक्ष उनके दिए हुए समय पर बीट सिपाही भेजकर वाँछित सेवा प्रदान करेगा। इसके लिये नागरिकों को एक बटन दबाकर सम्बंधित एप्लिकेशन डाउनलोड करना होगा । इस प्रोद्योगिकी तकनीकी कुशलता से एक ओर जहां बीट सिपाही सशक्त और सक्षम होगा वही ये सीसीटीएनएस और ईआरएसएस से पूर्णत: समायोजित व अनुकुल होगा । इससे दो तरफा सूचना का संचार सरल हो सकेगा ।
  • इसके अतिरिक्त ई-बीट बुक सिस्टम की भी शुरूआत की गई है जिसके अंतर्गत 54 अटल सहभागिता केंद्रबनाए गए हैं। अटल सहभागिता केंद्र शहर की सभी 54 में बनाये गये हैं और प्रत्येक दो बीट पर एक बीट-अधिकारी नियुक्त किया गया है । जनता अपने थाने के अतिरिक्त अटल सहभागिता केंद्र में जाकर सुविधानुसार पुलिस को शिकायत व सुझाव दे सकती हैं । अब चण्डीगढ में बीट स्टाफ की कोई भी कानून व्यवस्था संबंधित ड्यूटी नही लगाई जाएगी वे केवल अपने क्षेत्र में रहकर पुलिसिंग व घटित अपराधों की ही जांच करेंगे । इस क्रांतिकारी तकनीकी रुप से सुदृढ़ योजना के द्वारा आपातकालीन प्रतिक्रिया के समय में कमी आएगी । आपातकालीन सेवाओं में समय अत्याधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ क्षण ही किसी का जीवन बचा सकते हैं।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

गंडान तेगचेन्लिंग बौद्ध मठ

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मंगोलिया के राष्ट्रपति महामहिम खाल्तमागिन बटुल्गा ने संयुक्त रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंगोलिया के गंडान तेगचेन्लिंग मठ में भगवान बुद्ध और उनके दो शिष्यों की प्रतिमा का अनावरण किया है।
  • प्रधानमंत्री ने 2015 में मंगोलिया यात्रा के दौरान गंडान तेगचेन्लिंग बौद्ध मठ में पूजा की थी और भारत तथा मंगोलिया में साझा बौद्धिक विरासत और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संपर्क के महत्व को ध्यान में रखते हुए बौद्ध मठ को भारत की ओर से भगवान बुद्ध की प्रतिमा उपहार स्वरूप देने की घोषणा की थी।
  • इस प्रतिमा में भगवान बुद्ध बैठी हुई मुद्रा में हैं और अपने शिष्यों को शांति, सहअस्तित्व और सद्भावना का उपदेश दे रहे हैं। यह प्रतिमा 6 से 7 सितंबर, 2019 तक मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर में दोनों देशों के बीच आयोजित द्विपक्षीय संवाद के तीसरे संस्करण के अवसर पर गंडान बौद्ध मठ में इस महीने के शुरू में स्थापित की गई थी। संवाद के माध्यम से दोनों देशों के बौद्ध धर्म के आध्यात्मिक नेताओं, विशेषज्ञों और विद्वानों को बौद्ध धर्म से जुड़े समकालीन विषयों पर चर्चा के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान किया गया।
  • गंडान तेगचेन्लिंग बौद्ध मठ मंगोलिया में बौद्ध धर्म और इससे जुड़ी कई मूल्यवान धरोहरों का बड़ा केन्द्र है। शांति के लिए एशियाई बौद्ध सम्मेलन की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर यहां 11वीं महासभा का आयोजन किया गया था। इस सम्मेलन में भारत, दक्षिण कोरिया, रूस, श्रीलंका, बंगलादेश, भूटान, नेपाल, उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, थाइलैंड और जापान सहित 14 देशों के डेढ़ सौ से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हुए थे।

गुलालई इस्माइल

  • पाकिस्तान में प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता गुलालई इस्माइल ने पाकिस्तान में जिंदगी को खतरा बताते हुए अमेरिका में राजनीतिक शरण मांगी है।
  • पिछले महीने अमेरिका पहुंची 32 वर्षीय गुलालई अपनी बहन के साथ न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में रह रही हैं। पिछले साल नवंबर में इस्लामाबाद हाईकोर्ट को सूचित किया गया था कि विदेश में गुलालई की कथित देश विरोधी गतिविधियों के लिए आईएसआई ने उनका नाम 27 मई को एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ब्लैकलिस्ट) में डालने की सिफारिश की है।
  • अमेरिकी आपत्ति के बावजूद पाक सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हालांकि, इस्माइल ने खुलासा नहीं किया कि वह देश छोड़ने में कैसे कामयाब रही। इस्माइल द्वारा ईसीएल में अपना नाम डालने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली एक याचिका के बाद इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने उसका नाम सूची से हटाने का आदेश दिया था।
  • इस्माइल ने वॉयसेज फॉर पीस एंड डेमोक्रेसी नाम का एक शोध और एडवोकेसी ग्रुप लॉन्च किया है। इस ग्रुप का मकसद दुनिया के संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं की रक्षा करना है। इस्माइल ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा यौन शोषण की घटनाओं को उजागर करने की कोशिश की थी।

:: राजव्यवस्था और महत्वपूर्ण विधेयक ::

इलेक्ट्रॉनिक रूप में परिवहन संबंधी सूचना की स्वीकृति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया

  • परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण पत्र तथा परिवहन संबंधी अन्य सूचना इलेक्ट्रॉनिक रूप में स्वीकार करने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किया है। मंत्रालय द्वारा नवम्बर, 2018 में केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन किया गया था। इसके माध्यम से पंजीकरण प्रमाण पत्र, बीमा, फिटनेस तथा परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रदूषण प्रमाण पत्र और अन्य प्रासंगिक दस्तावेजों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रस्तुत करने के लिए सहायता की गई।
  • नियमों से इस संशोधन के साथ लोगों के लिए अब आवश्यक है कि वे प्रासंगिक कागजी दस्तावेज अपने साथ रखें। लेकिन सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के अनुसार मूल दस्तावेजों के बराबर इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को कानूनी रूप से मान्य बनाने के लिए उपर्युक्त दस्तावेज डिजिलॉकर या एम-परिवहन एप पर उपलब्ध हैं। यदि इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज एम-परिवहन या डिजिलॉकर पर उपलब्ध नहीं है तो उसे मूल दस्तावेजों के बराबर कानूनी रूप से मान्य नहीं समझा जाएगा।
  • एम-परिवहन मोबाइल एप सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा एनआईसी के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। ड्राइविंग लाइसेंस/वाहन से संबंधित पंजीकरण संख्या मोबाइल एप में इंटर करने पर वास्तविक समय में आरसी, डीएल, फिटनेस वैधता, बीमा वैधता और परमिट वैधता की विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी।
  • भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर वाहन कॉलम में ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र के ब्यौरे आ जायेंगे और इलेक्ट्रॉनिक रूप में डिजिलॉकर एप में उपलब्ध होंगे।
  • नए वाहनों के बीमा तथा वाहन बीमा के नवीकरण से संबंधित डाटा ई-चालान एप पर केवल नियम लागू करने वाले अधिकारियों को ही उपलब्ध होंगे।
  • मंत्रालय द्वारा जारी एसओपी के अनुसार कोई व्यक्ति डिजिलॉकर एप या एम-परिवहन एप के जरिये दस्तावेजों और अन्य सूचनाओं को प्रस्तुत कर सकता है। इन एप के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र डाउनलोड किये जा सकते हैं और मोबाइल उपकरणों में संरक्षित रखे जा सकते हैं। इंटरनेट कनेक्टीविटी से एम-परिवहन एप के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन से संबंधित जानकारी देखी जा सकते है। नियम लागू करने वाली एजेंसियां साथ-साथ ई-चालान के माध्यम से ब्यौरा एक्सेस कर सकती हैं। ई-चालान एप में वाहन तथा लाइसेंस की स्थिति का ऑनलाइन सत्यापन करने के लिए डाटा होता है। इस प्लेटफार्म पर एम-परिवहन क्यूआरकोड का ऑफलाइन सत्यापन भी उपलब्ध है। इसके लिए सामान्य एंड्रोएड मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • इससे नियम लागू करने वाली एजेंसियों को लाभ होगा क्योंकि उन्हें भौतिक रूप से किसी दस्तावेज को नहीं देखना पड़ेगा और उनके कार्यालयों को कोई रिकार्ड रखने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा नागरिकों को भी अपने साथ मूल दस्तावेज लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी। यह तेज, पारदर्शी और उत्तरदायी प्रणाली वास्तविक समय में परिवहन तथा यातायात अधिकारियों और नागरिकों को उल्लंघन की ताजा स्थिति की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।

:: आर्थिक समाचार ::

कराधान कानून (संशोधन) अध्यादेश 2019

  • सरकार आयकर अधिनियम 1961 और वित्त (संख्या 2) अधिनियम 2019 में कुछ संशोधन करने के लिए कराधान कानून (संशोधन) अध्यादेश 2019 लेकर आई है। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज गोवा में एक प्रेस वार्ता के दौरान यह बात कही। वित्त मंत्री ने इस संशोधनों की विशेषताओं के बारे में बताया, जो कि निम्नलिखित हैः-
  1. विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए आयकर अधिनियम में एक नया प्रावधान डाला गया है, जो वित्तीय वर्ष 2019-20 से प्रभावी होगा। यह किसी भी घरेलू कंपनी को 22% की दर से आयकर का भुगतान करने का विकल्प देता है। इसके लिए शर्त यह है कि वह किसी तरह की छूट/प्रोत्साहन नहीं लेंगे। सरचार्ज और उपकर को मिलाकर कंपनियों के लिए प्रभावी कर की दर 25.17% होगी। ऐसी कंपनियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर का भुगतान करने की आवश्यकता भी नहीं होगी।
  2. विनिर्माण क्षेत्र में ताजा निवेश को आकर्षित करने और सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए आयकर अधिनियम में एक नए प्रावधान को शामिल किया गया है। यह वित्तीय वर्ष 2019-20 से प्रभावी होगा। ऐसी कोई भी नई घरेलू कंपनी जो 1 अक्टूबर 2019 या उसके बाद स्थापित हुई हो, उसे नए निवेश को शामिल करने की अनुमति होगी। उसके पास 15% की दर से कर चुकाने का विकल्प होगा। यह लाभ उन कंपनियों के लिए उपलब्ध है जो किसी तरह की छूट/प्रोत्साहन का लाभ नहीं उठाती हैं और उनका उत्पादन 31 मार्च, 2023 या उससे पहले शुरू हो जाएगा। सरचार्ज और उपकर मिलाकर इन कंपनियों के लिए प्रभावी कर की दर 17.01% होगी। ऐसी कंपनियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर का भुगतान करने की आवश्यकता भी नहीं होगी।
  3. एक कंपनी जो रियायती कर व्यवस्था का विकल्प नहीं चुनती है और कर छूट/प्रोत्साहन का लाभ उठाती है, वे पूर्व-संशोधित दर पर ही कर का भुगतान करती रहेगी। हालांकि, ये कंपनियां अपने कर छूट की अवधि समाप्त होने के बाद रियायती कर व्यवस्था का विकल्प चुन सकती हैं। विकल्प चुनने के बाद वे 22% की दर से कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होंगे और एक बार इस्तेमाल करने के बाद इस विकल्प को वापस नहीं लिया जा सकता है। ऐसी कंपनियों जो छूट/प्रोत्साहन का लाभ उठाना जारी रखती हैं, उन्हें राहत प्रदान करने के लिए न्यूनतम वैकल्पिक कर की दर को 18.5% से घटाकर 15% कर दिया गया है।
  4. पूंजी बाजार में धन के प्रभाव को स्थिर बनाए रखने के लिए वित्त (संख्या 2) अधिनियम, 2019 द्वारा बढ़ाया सरचार्ज कंपनी में शेयरों की बिक्री अथवा इक्विटी फंड यूनिट की बिक्री अथवा प्रतिभूति लेनदेन कर के लिए उत्तरदायी व्यवसायिक ट्रस्ट की एक इकाई को एक व्यक्ति, एचयूएफ, एओपी, बीओआई और एजेपी द्वारा होने वाले पूंजीगत लाभ पर प्रभावी नहीं होगा।
  5. बढ़ा हुआ सरचार्ज विदेशी पोर्टफोलियो वाले निवेशकों (एफपीआई) द्वारा डेरिवेटिव्स समेत किसी भी प्रतिभूति की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ पर भी लागू नहीं होगा।
  6. 5 जुलाई 2019 से पहले शेयरों के बायबैक का ऐलान करने वाली सूचीबद्ध कंपनियों को राहत पहुंचाने के क्रम में यह फैसला लिया गया है कि उन्हें शेयरों के बायबैक पर लगने वाला कर नहीं देना होगा।
  7. सरकार ने सीएसआर के तहत होने वाले 2% के खर्च को विस्तार देने का भी फैसला किया है। अब 2% सीआरआर राशि केंद्र अथवा राज्य सरकार अथवा किसी एजेंसी अथवा केद्र व राज्यों के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा वित्तपोषित इनक्यूबेटर्स पर भी खर्च की जा सकेगी। इसके साथ ही एसडीजी को प्रोत्साहन करने के मकसद से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं मेडिसिन के क्षेत्र में अनुसंधान करने वाले सरकारी विश्वविद्यालयों, आईआईटी, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और स्वायत्त संस्थाओं (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आईसीएआर, आईसीएमआर, सीएसआईआर, डीएई, डीआरडीओ, डीएसटी के संरक्षण में स्थापित) के लिए भी योगदान दे सकेंगे।
  • कॉर्पोरेट कर की दर में कटौती और दूसरी राहतों के ऐलान से राजस्व में 1,45,000 करोड़ रुपये की कटौती होगी।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

काशी लालिमा

  • भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ने 23 साल की मेहनत के बाद आखिरकार भिंडी की नई प्रजाति ‘काशी लालिमा’ विकसित करने में सफलता पा ली है। लाल रंग की यह भिंडी एंटी ऑक्सीडेंट, आयरन और कैल्शियम सहित अन्य पोषक तत्वों से भरपूर है।
  • उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेजीटेबल रिसर्च, आइआइवीआर) ने अपनी इस सफलता को खास करार दिया है। लाल रंग की भिंडी अब तक पश्चिमी देशों में प्रचलन में रही है और भारत में आयात होती रही है। इसकी विभिन्न किस्मों की कीमत 100 से 500 रुपये प्रति किलो तक है। अब भारतीय किसान भी इसका उत्पादन कर सकेंगे। दिसंबर से संस्थान में इसका बीज आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। पोषक तत्वों से भरपूर इस भिंडी के उत्पादन से न केवल भारतीय किसानों को फायदा मिलेगा, बल्कि आम लोगों को भी पोषण की पूर्ति का एक बेहतर विकल्प उपलब्ध हो जाएगा।
  • संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. बिजेंद्र की अगुआई में लाल भिंडी की प्रजाति पर 1995-96 में ही कार्य शुरू हो गया था। उन्हीं के मार्गदर्शन में काशी लालिमा का विकास शुरू हुआ। इसमें डॉ. एसके सानवाल, डॉ. जीपी मिश्रा और तकनीकी सहायक सुभाष चंद्र ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। 23 साल बाद इसमें सफलता मिली। भिंडी का रंग बैगनी-लाल है, लंबाई 11-14 सेमी और व्यास 1.5-1.6 सेमी है।

राफेल

  • भारतीय वायुसेना को गुरुवार को उसका पहला राफेल लड़ाकू विमान मिल गया। यहां एयर मार्शल वीआर चौधरी की अगुवाई में दसॉल्ट एविएशन मैन्युफैक्चरिंग युनिट में वायुसेना अधिकारियों को इसे सौंपा गया। पहले राफेल का नाम अगले एयर चीफ आरकेएस भदौरिया के नाम पर है।
  • एयर मार्शल चौधरी ने राफेल को करीब एक घंटा उड़ाकर जांचा-परखा भी। भारत ने इस उन्नत किस्म के लड़ाकू विमान के लिए 2016 में फ्रांस के साथ 60,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल खरीदने का एक करार किया था।
  • करार के मुताबिक, खरीदे गए राफेल को अभी परीक्षण के कई चरणों से गुजरना होगा और अभी यह कम से कम सात महीने फ्रांस में ही रहेगा।
  • पहले राफेल का नंबर आरबी-01 है। इसे यह नाम भारतीय अगले वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया के नाम पर दिया गया है, जिन्होंने देश के अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदे को मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

मेसोस्केल स्लेक्टिव प्लान-इल्यूमिनेशन माइक्रोस्कोप

  • वैज्ञानिकों ने एक ऐसा माइक्रोस्कोप (सूक्ष्मदर्शी) विकसित किया है, जो मस्तिष्क के ऊतकों की इमेजिंग में सुधार कर सकता है। इसके जरिये पैरालिसिस यानी लकवे के मरीजों का बेहतर उपचार खोजने में मदद मिल सकती है। इस माइक्रोस्कोप को मेसोएसपीआइएमएस (मेसोस्केल स्लेक्टिव प्लान-इल्यूमिनेशन माइक्रोस्कोप) के नाम से जाना जाता है। यह अध्ययन नेचर मेथड्स नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

बनाई जा सकती है हर अंग की थ्री-डी इमेज

  • एक नए अध्ययन में बताया गया है कि यह माइक्रोस्कोप एक मिनट से भी कम समय में मस्तिष्क के ऊतकों में अलग-अलग न्यूरॉन्स की इमेजिंग कर सकता है, जो मनुष्य के बालों से भी पांच गुना पतली होती है। इसका अर्थ है कि इस माइक्रोस्कोप के जरिये की गई इमेजिंग अन्य उपकरणों द्वारा की गई इमेजिंग के मुकाबले काफी स्पष्ट होती है। शोधकर्ताओं ने कहा कि इस माइक्रोस्कोप के जरिये शरीर के हर छोटे अंग की थ्री-डी संरचना बनाई जा सकती है।

नमूनों को टुकड़ों में बांटने नहीं पड़ेगी जरूरत

  • मेसोएसपीआइएमएस एक हल्की शीट (परत) वाला माइक्रोस्कोप है, जो परंपरागत माइक्रोस्कोप से बिल्कुल अलग है। परंपरागत माइक्रोस्कोप में किसी भी नमूने की जांच के लिए उसे पहले बहुत ही पतले टुकड़े में काटा जाता है और स्लाइड में रखकर प्रकाश की मदद से उसका विवरण निकाला जाता है। लेकिन नए माइक्रोस्कोप में नमूनों को टुकड़ों में बांटने की जरूरत नहीं होती। शोधकर्ताओं के अनुसार, इससे वैज्ञानिक नमूनों को नुकसान पहुंचाए बिना इमेजिंग कर सकते हैं। इस माइक्रोस्कोप की स्लाइड से निकले चित्रों को मिलाकर थ्री-डी इमेज भी बनाई जा सकती है, जो किसी भी बीमारियों की पड़ताल और उसके उपचार में सहायक सिद्ध हो सकती है।

लकवे के मरीजों को हो सकता है लाभ

  • जर्नल नेचर मेथड्स में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया है कि शोधकर्ताओं ने लकवे के मरीज और नशे की लत के शिकार लोग अक्सर गतिहीन हो जाते हैं। इसका संबंध उनके तंत्रिका तंत्र से होता है। सही जांच और उपचार से लकवाग्रस्त मरीज ठीक हो सकते हैं। ऐसे लोगों के मस्तिष्क, स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़ की हड्डी)का शोधकर्ताओं ने मेसोएसपीएमआइएस के जरिये अध्ययन किया। इस दौरान शोधकर्ताओं को उत्साहजनक परिणाम देखने को मिले।

मेसोएसपीएमआइएस करेगा जरूरतों को पूरा

  • स्विट्जरलैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख में ब्रेन रिसर्च इंस्टीट्यूट के फैबियन वोइगट ने कहा कि हमने माइक्रोस्कोप के उपकरणों और इमेजिंग के सॉफ्टवेयर में बदलाव कर मेसोएसपीएमआइएस बनाया है। उन्होंने कहा कि बड़े नमूनों से उच्च गुणवत्ता वाले संरचनात्मक डाटा की मांग करने वाले व्यक्तियों को आने वाले समय में कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मेसोएसपीएमआइएस उनकी जरूरतों को पूरा करेगा। यूरोपीय देशों में इसे तैयार किया जा रहा है।

तेजी से स्कैनिंग करने में सक्षम है मेसोएसपीआइएमएस

  • शोधकर्ताओं ने कहा कि स्टैंडर्ड लाइट शीट वाले माइक्रोस्कोप में सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि इससे जुटाए गए डाटा काफी बड़े होते हैं और उनका विश्लेषण करने में काफी समय लगता है। जबकि मेसोएसपीआइएमएस तेजी से स्कैनिंग करने में सक्षम है और इसकी इमेजिंग भी काफी अच्छी होती है और इससे प्राप्त डाटा का विश्लेषण करने में भी ज्यादा समय नहीं लगता। साथ ही इस माइक्रोस्कोप के मदद से कम समय में बड़ी संख्या में नमूनों की स्क्रीनिंग की जा सकती है और उच्च-रिजॉॅल्यूशन वाली इमेज (चित्र) तैयार की जा सकती हैं।

लिथियम आयन बैट्री की नई डिजाइन

  • स्मार्टफोन की चार्जिग जल्द खत्म होना और उसे चार्ज करने में बहुत ज्यादा समय लगना, अब अतीत की बात हो जाएगी। वैज्ञानिकों की टीम ने इसके लिए लिथियम आयन बैट्री की नई डिजाइन तैयार की है। इस डिजाइन को विकसित करने वाली टीम में कई भारतीय वैज्ञानिक भी शामिल हैं।
  • एसीएस नैनो मैटेरियल जनरल में दी गई जानकारी के अनुसार, बैट्री में रासायनिक तत्व एंटीमनी का इस्तेमाल किया गया है। इस बैट्री की लिथियम आयन को संग्रहीत करने की क्षमता अन्य से अधिक है। बैट्री में नैनोचेन नामक जालनुमा संरचना वाले इलेक्ट्रॉड इस्तेमाल किए गए हैं, जिससे लिथियम आयन के चार्ज होने की क्षमता बढ़ जाती है। नतीजतन चार्जिग में लगने वाला समय भी घट जाएगा।
  • वैज्ञानिकों का कहना है कि नई बैट्री से स्मार्टफोन के साथ कंप्यूटर भी ज्यादा दिन तक चल सकेंगे। दरअसल, इन डिवाइसों की लाइफ बैट्री में आयन संग्रहीत होने की क्षमता पर निर्भर करती है। यदि बैट्री में आयन खत्म हो जाए तो डिवाइस को चलाने के लिए जरूरी विद्युत प्रवाह रुक जाता है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

फ्राइडेज फॉर फ्यूचर (Fridays for future)

  • अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के लिए न्यूयॉर्क में जहां दुनियाभर के नेता इकट्ठा होंगे वहीं, दुनियाभर के लाखों छात्र एक साथ इकट्ठा होकर जलवायु परिवर्तन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन छात्रों ने फैसला किया है कि वह एक दिन स्कूल ना जाकर पर्यावरण के लिए आवाज उठाएंगे। इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व महज 16 साल की लड़की कर रही हैं। लड़की का नाम है ग्रेटा टुनबर्ग। छात्रों के इस आंदोलन का नाम है फ्राइडेज फॉर फ्यूचर (Fridays for future) है।

:: विविध ::

World Marrow Donor Day 2019: वर्ल्ड मैरो -डे

  • आज विश्व भर में मैरो -डे मनाया जा रहा है। बोर्न मैरो जैसी बीमारी से देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी लोग जूझ रहे हैं। इस बीमारी से बचने के लिए लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इस बीमारी के दौरान आपको हड्डियों से संबंधित बीमारी होने लगती है, यह हड्डियों का कैंसर भी हो होता है।
  • बोन मैरो यानि अस्थि मज्जा मुख्य हड्डियों के बीच में एक मुलायम व स्पॉंजी टिशू है। इसमें रक्त बनाने वाली अपरिपक्व कोशिकाएं होती हैं जिन्हें स्टेम सेल्स कहते हैं। स्टेम सेल्स लाल रक्त कोशिकाओं (जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाती है), सफेद कोशिकाएं (जो संक्रमण से लड़ती हैं) और प्लेटलेट्स( जो ब्लड क्लॉटिंग से मदद करती है) में विकसित होती हैं।
  • World Marrow Donor Day (WMDD) को वैश्विक स्तर सितंबर के महीने के तीसरे शनिवार को मनाया जाता है। हर साल इस दिन को 50 से ज्यादा देशों में मनाया जाता है। इसकी जागरुकता के लिए इटली में भी कई कार्यक्रम चलाए जाते हैं। साल 2015 में फ्रांस, स्पेन जैसे देशों ने इस दिवस को मनाना शुरू किया था।
  • इस दिन का मकसद वैश्विक स्तर पर उन सभी डोनर को धन्यवाद देना है, जिन्होंने बोन मैरो मरीजों की मदद के लिए अपना बल्ड देने के साथ सभी प्रकार के सहयोग देने में साथ निभाया।

International Day of Peace 2019: अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस

  • आज यानी शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस मनाया जा रहा है। जैसा की नाम से ही प्रतीत होता है कि इस दिन को शांति के लिए समर्पित किया किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के द्वारा इस दिन को घोषित किया गया था। इस खास मौके पर सोशल मीडिया पर भी कई नेताओं ने बधाई दी है। आपको बता दें कि इस साल यह दिन और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2019 में मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की 71 वीं वर्षगांठ है। यह दिन लोगों को शांति और सम्मान से जीने का अधिकार देता है।
  • संयुक्त राष्ट्र महसभा में वर्ष 1981 में अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस का प्रस्ताव रखा गया था। इसका मकसद शांति के आदर्शों को मनाने और मजबूत करने के लिए विश्व को समर्पित करना था। शुरुआत में इस दिन को सितंबर के तीसरे मंगलवार को बनाने के लिए तय किय गया था, इसके बाद 2001 में इसको बदलकर 21 सितंबर को तय किया गया।
  • यह दिन पहली बार 1981 में मनाया गया था, और कई देशों ने राजनीतिक समूहों, सैन्य समूहों और लोगों की मदद से इस इन दिन को मनाने में सहयोग दिया।
  • 2013 में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव द्वारा शांति शिक्षा के लिए इस दिन को समर्पित किया गया था। इसका मकसद युद्ध को कम करना है।

विश्व चैंपियनशिप-2019

  • भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। पूनिया ने 65 किग्रा भारवर्ग में मंगोलिया के तुल्गा तुमुर ओचिर को 8-7 से हराकर पदक अपने नाम किया। एक समय बजरंग 2-6 से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने इसके बाद शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की। खेल रत्न बजरंग का इस चैंपियनशिप में यह तीसरा पदक है। उन्होंने इससे पहले विश्व चैंपियनशिप में 2013 में कांस्य और 2018 में रजत पदक जीता था। इस चैंपियनशिप में वह तीन पदक जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान हैं।
  • इसके अलावा रवि कुमार दहिया ने भी विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। विश्व चैंपियनशिप में पदार्पण करने वाले रवि ने 57 किग्रा भारवर्ग में ईरान के रेजा अत्रिनाघारची को 6-3 से शिकस्त देकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।
  • खेल मंत्री किरन रिजिजू और बजरंग को टैग करते हुए ट्वीट किया गया, 'बजरंग ने कांस्य जीता। टॉप्स के हमारे पहलवान बजरंग ने 65 किग्रा में तुल्गा तुमुर ओचिर से 2-6 से पिछड़ने के बाद 8-7 से जीत दर्ज कर कांस्य जीता। यह उनका तीसरा विश्व चैंपियनशिप पदक है। वह पहले ही ओलंपिक कोटा हासिल कर चुके हैं।'

विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2019

  • एशियाई चैम्पियन अमित पंघाल (52 किग्रा) शुक्रवार को अंतिम चार के मुकाबले में कजाखस्तान के साकेन बिबोसिनोव को हराकर विश्व पुरूष मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बन गए। टूर्नामेंट में दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी अमित पंघाल ने इस चुनौतीपूर्ण मुकाबले में 3-2 से जीत हासिल की।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किस स्थान पर गांधी सोलर पार्क का उद्घाटन किया जाएगा? (संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में)
  • गांधी पीस गार्डन की स्थापना कहां की जा रही है? (न्यूयॉर्क)
  • किन संस्थानों के द्वारा संयुक्त रूप से गांधी पीस गार्डन की स्थापना की गई है? (न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास, एनजीओ शांति फंड और स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क)
  • हाल ही में किस स्थान पर उत्तर आंचलिक परिषद की 29 वीं बैठक का आयोजन किया गया? (चंडीगढ़)
  • शिक्षकों के ज्ञान को बढ़ाने के लिए हाल ही में कौन से बेहाल चर्चा में रहे? (‘अर्पित’-एनुअल रिफ्रेशर प्रोग्राम इन टीचिंग)
  • हाल ही में देश की पहली एकीकृत एमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के अंतर्गत कौन से नंबर की शुरुआत की गई है? (112)
  • हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा गंडान तेगचेन्लिंग मठ में भगवान बुद्ध और उनके दो शिष्यों की प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह मठ किस देश में स्थित है? (मंगोलिया)
  • प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता गुलालई इस्माइल ने पाकिस्तान किस देश के निवासी हैं? (पाकिस्तान)
  • काशी लालिमा किस फसल की आधुनिक प्रजाति का विकसित स्वरूप है? (भिंडी)
  • पर्यावरण संरक्षण के लिए हाल ही में सुर्खियों में रहे फ्राइडेज फॉर फ्यूचर (Fridays for future) आंदोलन का नेतृत्व किसके द्वारा किया जा रहा है? (ग्रेटा टुनबर्ग)
  • किस तिथि को वर्ल्ड मैरो -डे मनाया जाता है? (प्रत्येक वर्षसितंबर के महीने के तीसरे शनिवार को)
  • अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस किस तिथि को मनाया जाता है? (21 सितंबर)
  • हाल ही में आयोजित हुए विश्व चैंपियनशिप में किन भारतीय पहलवानों के द्वारा कांस्य पदक हासिल किया गया? (बजरंग पूनिया और रवि कुमार दहिया)
  • विश्व पुरूष मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज की उपलब्धि किस खिलाड़ी को प्राप्त हुई? (अमित पंघाल)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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