(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (21 जनवरी 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (21 जनवरी 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

सामाजिक बदलाव सूचकांक रिपोर्ट: डब्ल्यूईएफ

  • सामाजिक बदलाव के मामले में भारत का 82 देशों की सूची में 76वां स्थान रहा है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की ओर से तैयार इस सूचकांक में डेनमार्क पहले स्थान पर है। यह रिपोर्ट विश्व आर्थिक मंच की 50वीं सालाना बैठक से पहले जारी की गई है।
  • डब्ल्यूईएफ ने कहा कि सामाजिक बदलाव में 10 प्रतिशत वृद्धि से सामाजिक एकता को लाभ होगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था 2030 तक करीब पांच प्रतिशत बढ़ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ अर्थव्यवस्थाओं में सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए सही परिस्थितियां हैं।

प्रमुख संकेतक

  • रैंकिंग के लिए देशों को पांच कसौटियां पर परखा गया है, जिसके दस आधार स्तंभ शामिल हैं। ये श्रेणियां स्वास्थ्य; शिक्षा (पहुंच, गुणवत्ता एवं समानता); प्रौद्योगिकी; कामकाज (अवसर, वेतन, काम करने की स्थिति) और संरक्षण एवं संस्थान (सामाजिक संरक्षण तथा समावेशी संस्थान) हैं।

देशों का प्रदर्शन

  • यह दर्शाता है कि उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और आजीवन शिक्षा का सामाजिक बदलाव में सबसे बड़ा योगदान है। कुल 82 देशों की सूची में भारत 76वें स्थान पर रहा। आजीवन शिक्षा के मामले में वह 41वें और कामकाज की परिस्थिति के स्तर पर 53वें पायदान पर है। भारत को जिन क्षेत्र में बहुत सुधार करने की जरूरत है उनमें सामाजिक सुरक्षा (76वें) और उचित वेतन वितरण (79वें) शामिल हैं।
  • रिपोर्ट में शीर्ष पांच देशों में स्कैंडिनेवियाई देश (डेनमार्क, नॉर्वे, फिनलैंड, स्वीडन और आइसलैंड) हैं जबकि सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने से सबसे ज्यादा लाभ चीन, अमेरिका, भारत, जापान और जर्मनी को हुआ।
  • इस सूची में नॉर्डियक देश शीर्ष पांच स्थानों पर काबिज हैं। पहले पायदान पर डेनमार्क (85 अंक) है। इसके बाद नॉर्वे, फिनलैंड, स्वीडन और आइसलैंड है। शीर्ष दस देशों की सूची में नीदरलैंड (6वें), स्विट्जरलैंड (7वें), ऑस्ट्रिया (8वें), बेल्जियम (9वें) और लक्जमबर्ग (10वें) पायदान स्थान पर रहे।

एनआईसी टेक–कांक्लेव 2020

  • विधि एवं न्याय, संचार और इलेक्ट्रानिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद दूसरी ‘एनआईसी टेक–कांक्लेव 2020’ का उद्घाटन करेंगे। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) कल प्रवासी भारतीय केंद्र, चाणक्य पुरी, नई दिल्ली में करेगा। इस वर्ष की थीम ‘टेक्नोलॉजीस फॉर नेक्स्टजेन गर्वेनेंस’ है।

#BeTheBetterGuy अभियान

  • हाल के वर्षों में सड़क हादसों में बेतहाशा बढ़ोतरी के जो मामले सामने आए हैं, उनमें नाबालिग बच्चों द्वारा गाड़ी चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए गाड़ी चलाना, बिना हेलमेट के गाड़ी चलाना, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग आदि शामिल है। एक रिपोर्ट के मुताबिक सड़क दुर्घटनाओं के 65 प्रतिशत शिकार लोग 18 से 35 वर्ष के होते है। ऐसे में सरकार और निजी क्षेत्र की कंपनियों को चाहिए कि वह पूरी सजगता के साथ यातायात नियमों का पालन करने के लिए युवाओं को जागरूक करें।
  • इस मामले में ऑटोमोबाइल कंपनी Hyundai के प्रयास काफी सराहनीय है। इनका #BeTheBetterGuy नाम का अभियान लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। इस अभियान के जरिए Hyundai रोड सेफ्टी को लेकर लोगों को सतर्क व जागरूक कर रही है और बता रही है कि खुद की और दूसरों की सुरक्षा करके कैसे हम एक बेहतर इंसान बन सकते हैं?

आंध्र प्रदेश की तीन नयी राजधानी

  • आंध्र प्रदेश विधानसभा ने सोमवार देर रात तीन राजधानी की योजना को आकार देने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। नए विधेयक के तहत अमरावती प्रदेश की विधायी राजधानी होगी जबकि विशाखापत्तनम कार्यकारी राजधानी और कुर्नूल न्यायिक राजधानी होगी।
  • नए प्रस्ताव के अनुसार, मुख्यमंत्री का कार्यालय, राजभवन और सचिवालय समेत कई सरकारी दफ्तर अब विशाखापट्टनम में शिफ्ट होंगे। हाई कोर्ट कुर्नूल में शिफ्ट किया जाएगा। वहीं आंध्र प्रदेश विधानसभा अमरावती में रहेगी। तीन राजधानी वाली अवधारणा के पीछे आंध्र प्रदेश सरकार का तर्क है कि वह प्रदेश के तीनों क्षेत्रों - उत्तरी तट, दक्षिणी तट और रायलसीमा का समान विकास चाहती है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

ईरान ने एनपीटी से हटने की दी चेतावनी

  • ईरान ने कहा है कि अगर उसका मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जाता है तो वह परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) से बाहर आ जाएगा। प्रमुख यूरोपीय देशों ने 2015 के परमाणु समझौते से बाहर आकर परमाणु हथियार बनाने की कोशिश तेज करने पर ईरान को पूर्व की भांति संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लागू होने की चेतावनी दी है। प्रतिबंधों पर चर्चा सुरक्षा परिषद में होगी और ईरान को चेतावनी वाले देशों में शामिल फ्रांस और ब्रिटेन सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं।

क्या है एनपीटी और 2015 का परमाणु समझौता?

  • 1968 में प्रभाव में आई एनपीटी परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए बनी थी। ईरान भी उस पर दस्तखत कर चुका है। उसके परमाणु हथियार बनाने के प्रयासों को देखते हुए उस पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लागू कर दिए गए थे, लेकिन उसके बाद चली लंबी वार्ता के बाद 2015 में दुनिया के शक्तिशाली देशों ने ईरान के साथ परमाणु समझौता किया। इस समझौते के तहत ईरान को शांतिपूर्ण कार्यो के लिए यूरेनियम का शोधन करना था, बदले में उस पर से संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध हट गए थे। लेकिन 2018 में अमेरिका के समझौते से हटने और प्रतिबंध लगाने के बाद हालात बदलने लगे और 2019 में ईरान ने परमाणु समझौता तोड़ने की घोषणा कर दी।

:: भारतीय राजव्यवस्था ::

केरल में नहीं लागू होगा एनपीआर

  • नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के बाद राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के बीच तल्खियां बढ़ती जा रही हैं। पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली केरल सरकार ने साफ कहा है कि वह एनपीआर को अपने राज्य में लागू नहीं करेगी।
  • केरल कैबिनेट ने जनगणना रजिस्ट्रार जनरल को सूचित किया है कि राज्य में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) लागू नहीं किया जा सकता। हालांकि जनगणना 2021 के लिए राज्य पूरा सहयोग करेगा। राज्य सरकार लगातार कहती रही है कि वह अपने यहां एनपीआर या एनआरसी को लागू नहीं करेगी।

क्या है राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर)?

  • नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर यानी राष्ट्रीय जनगणना रजिस्ट्रर NPR के तहत 1 अप्रैल, 2020 से 30 सितंबर, 2020 तक नागरिकों का डेटाबेस तैयार करने के लिए देशभर में घर-घर जाकर जनगणना की तैयारी है। इसमें देश के हर नागरिक की जानकारी दर्ज होगी।
  • एनपीआर हर दस साल में होने वाली जनगणना का हिस्सा है। देश के सभी निवासियों की व्यापक पहचान का डेटाबेस बनाना एनपीआर का मुख्य उद्देश्य है।
  • सरकार के पास देश में रहने वाले हर निवासी की जानकारी होगी। एनपीआर का उद्देश्य लोगों का बायोमीट्रिक डेटा तैयार कर सरकारी योजनाओं का लाभ असली लाभार्थियों तक पहुंचाना भी है।
  • साल 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में एनपीआर तैयार करने की योजना की शुरुआत हुई थी। 2011 में जनगणना के पहले इस पर काम शुरू हुआ था। अब फिर 2021 में जनगणना होनी है। ऐसे में एनपीआर पर भी काम शुरू हो रहा है।

एनपीआर और एनआरसी में अंतर

  • नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) में काफी अंतर है। एनपीआर का नागरिकता से कोई लेना-देना नहीं है। एनआरसी का उद्देश्य जहां देश में अवैध नागरिकों की पहचान करना है, वहीं 6 महीने या उससे अधिक समय से स्थानीय क्षेत्र में रहने वाले किसी भी निवासी को एनपीआर में आवश्यक रूप से पंजीकरण करना होता है। बाहरी व्यक्ति भी अगर देश के किसी हिस्से में 6 महीने से रह रहा है तो उसे भी एनपीआर में दर्ज होना है।
  • बता दें कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) पर जल्द मोदी कैबिनेट की मुहर लग सकती है। एनपीआर को मंजूरी मिलने के बाद देश के हर नागरिक के लिए इसमें में अपना नाम दर्ज कराना जरूरी होगा। एनपीआर में ऐसे लोगों का रिकॉर्ड होगा, जो किसी इलाके में 6 महीने से रह रहे हों। हर नागरिक के लिए रजिस्टर में नाम दर्ज कराना अनिवार्य होगा।

जेएस वर्मा समिति की सिफारिशें लागू करने की जनहित याचिका

  • महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के विभिन्न पहलुओं से संबंधित जस्टिस जेएस वर्मा समिति की रिपोर्ट लागू करने के अनुरोध वाली एक जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र से जवाब देने को कहा। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और सूर्यकांत की पीठ ने इसी मुद्दे पर एक अन्य याचिका को इसके साथ संलग्न करते हुए गृह, मानव संसाधन विकास और कानून मंत्रालयों तथा अन्य को नोटिस जारी किया। यह जनहित याचिका कानून के एक छात्र बी श्रीनिवास गौड़ ने दायर की है।

वर्मा समिति

  • वर्मा समिति ने 23 जनवरी, 2013 को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के विभिन्न पहलुओं पर विचार करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री को रिपोर्ट सौंपी थी। राष्ट्रीय राजधानी में 16 दिसंबर, 2012 की रात पैरामेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या के बाद वर्मा समिति का गठन किया गया था, ताकि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के संबंध में उपाय सुझाए जा सकें।

पृष्टभूमि

  • देशभर में दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न की घटनाओं में वृद्धि और दोषियों को दंडित करने में देरी से त्वरित न्याय की अवधारणा बढ़ रही है। इसके परिणामस्वरूप हैदराबाद में पुलिस ने दुष्कर्म के चार आरोपितों की मुठभेड़ के नाम पर कथित रूप से हत्या कर दी। याचिका में कहा गया है कि वर्मा समिति की कुछ सिफारिशों को छोड़कर ज्यादातर को लागू नहीं किया गया है।

चुनावी बॉड योजना पर रोक लगाने की याचिका

  • उच्चतम न्यायालय ने राजनीतिक दलों को धन मुहैया कराने के वास्ते शुरू हुई चुनावी बांड योजना पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका पर केन्द्र और चुनाव आयोग से जवाब देने को कहा। न्यायालय ने हालांकि चुनावी बॉड योजना पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया।
  • प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने केन्द्र और चुनाव आयोग से एनजीओ ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ द्वारा दायर अंतरिम आवेदन के दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है। एनजीओ की ओर से आरोप लगाया कि इस योजना का मकसद बेहिसाबी काले धन को सत्तारूढ़ दल तक पहुंचाना है।

क्या है चुनावी बॉन्ड (Electoral Bond)

  • चुनावों में राजनीतिक दलों के चंदा जुटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चुनावी बॉन्ड घोषणा की थी. चुनावी बॉन्ड एक ऐसा बॉन्ड है जिसमें एक करेंसी नोट लिखा रहता है, जिसमें उसकी वैल्यू होती है. ये बॉन्ड पैसा दान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इस बॉन्ड के जरिए आम आदमी राजनीतिक पार्टी, व्यक्ति या किसी संस्था को पैसे दान कर सकता है. इसकी न्यूनतम कीमत एक हजार रुपए जबकि अधिकतम एक करोड़ रुपए होती है. चुनावी बॉन्ड 1 हजार, 10 हजार, 1 लाख, 10 लाख और 1 करोड़ रुपये के मूल्य में उपलब्ध हैं.

अनाथ बच्चों को वंचित वर्ग में शामिल करने की मांग

  • स्कूलों में प्रवेश के लिए अनाथ बच्चों को शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत वंचित वर्ग में शामिल करने की मांग संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब तलब किया है।
  • प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने पौलोमी पाविनि की जनहित याचिका पर केंद्र और राज्य सरकारों से चार हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका में मांग की गई है कि अनाथ बच्चों को वंचित वर्ग में शामिल करने के लिए राज्य सरकारों को अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए जाने चाहिए।
  • पाविनि ने दलील दी, 'दिल्ली सरकार ने सरकारी गृहों में अनाथ बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश देने के लिए विशेष तौर पर अधिसूचना जारी की है। अन्य राज्यों को भी निर्देश दिए जाने चाहिए, अगर आदेश पारित नहीं हुआ तो वे इस साल भी प्रवेश से वंचित रह जाएंगे।'
  • याचिका में आरोप लगाया गया है कि केंद्र और राज्य सरकारें वर्षो तक 2.5 करोड़ अनाथ बच्चों के लिए पुनर्वास योजना लागू करने में विफल रहीं जो लगातार मुश्किल जीवन जी रहे हैं और कोई उनकी देखभाल करने वाला नहीं है।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

IMF ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर 4.8% किया

  • अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने 2019 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को कम कर 4.8 प्रतिशत कर दिया है। गैर-बैंकिग वित्तीय कंपनियों में दबाव और ग्रामीण भारत में आय वृद्धि कमजोर रहने का हवाला देते हुए वृद्धि अनुमान को कम किया गया है।
  • विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) का सालाना शिखर सम्मेलन शुरू होने से पहले वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए आईएमएफ ने वैश्विक वृद्धि दर के साथ साथ भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में संशोधन की जानकारी दी है।
  • मुद्राकोष के अनुसार 2019 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत, 2020 में 5.8 प्रतिशत और 2021 में 6.5 प्रतिशत रह सकती है। भारत में जन्मीं आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा कि मुख्य रूप से गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र में नरमी तथा ग्रामीण क्षेत्र की आय में कमजोर वृद्धि के कारण भारत की आर्थिक वृद्धि दर अनुमान कम किया गया है।
  • उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी तरफ चीन की आर्थिक वृद्धि दर 2020 में 0.2 प्रतिशत बढ़कर 6 प्रतिशत करने का अनुमान है। यह अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के प्रभाव को बताता है। मुद्राकोष ने कहा कि भारत में घरेलू मांग उम्मीद से हटकर तेजी से घटी है। इसका कारण एनबीएफसी में दबाव और कर्ज वृद्धि में नरमी है।
  • आईएमएफ ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019 में कम होकर 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि 2020 और 2021 में यह सुधरकर क्रमश: 5.8 प्रतिशत और 6.5 प्रतिशत रह सकती है। मुद्राकोष के अक्टूबर में जारी विश्व आर्थिक परिदृश्य के पूर्व अनुमान के मुकाबले यह आंकड़ा क्रमश: 1.2 प्रतिशत और 0.9 प्रतिशत कम है।
  • गोपीनाथ ने यह भी कहा कि 2020 में वैश्विक वृद्धि में तेजी अभी काफी अनिश्चित बनी हुई है। इसका कारण यह अर्जेन्टीना, ईरान और तुर्की जैसी दबाव वाली अर्थव्यवस्थाओं के वृद्धि परिणाम और ब्राजील, भारत और मेक्सिको जैसे उभरते और क्षमता से कम प्रदर्शन कर रहे विकासशील देशों की स्थिति पर निर्भर है।

'टाइम टू केयर': ऑक्सफैम

  • भारत में लोगों की संपत्ति को लेकर आई एक रिपोर्ट के आंकड़े सुनकर आप चौंक सकते हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, देश के एक फीसद लोगों के पास भारत की 70 फीसद आबादी की कुल संपत्ति के चार गुना के बराबर पैसा है। वहीं, देश के 63 अमीरों के पास बजट से भी ज्यादा पैसा है। यहां आपको बता दें कि साल 2018-19 में देश का बजट 24 लाख 42 हजार 200 करोड़ रुपये था। ये आंकड़े दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ऑक्सफैम द्वारा अपनी रिपोर्ट 'टाइम टू केयर' में रखे गए हैं।
  • इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के 2153 अमीरों के पास विश्व की जनसंख्या के 60 फीसद (4.6 अरब लोगों) के मुकाबले ज्यादा धन है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से यह कहा गया कि पूरी दुनिया में आर्थिक असमानता बड़ी तेजी से फैल रही है, क्योंकि अमीर बहुत तेजी के साथ ज्यादा अमीर हो रहे हैं। पिछले दस सालों में दुनिया में अरबपतियों की तादात में बड़ी तेजी आई है, हालांकि साल 2019 में इनकी कुल संपत्ति में गिरावट आई है।
  • वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ऑक्सफैम इंडिया के सीईओ अमिताभ बेहर ने भी इस संबंध में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अमीर और गरीब के बीच तेजी से बढ़ती यह खाई तब तक नहीं कम होगी, जब तक कि सरकार की तरफ से इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। बेहर ने कहा कि इस असमानता को कम करने के लिए सरकार को गरीबों के लिए विशेष नीतियां लेकर आनी होगी।
  • ऑक्सफैम की रिपोर्ट 'टाइम टू केयर' में लिंग असमानता का भी मुद्दा उठा है। रिपोर्ट में कहा गया कि एक महिला डमेस्टिक वर्कर को एक टेक कंपनी के CEO के बराबर कमाने में 22 हजार 277 साल लग जाएंगे। रिपोर्ट में बताया गया कि एक सीईओ एक सेकंड में ही 106 रुपये से अधिक कमा लेता है। वह 10 मिनट में जितना कमाएगा, उतना कमाने में एक महिला डमेस्टिक वर्कर को एक साल से भी अधिक का समय लग जाएगा।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम’ (सार्स)

  • चीन में रहस्यमयी सार्स जैसे विषाणु का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है और इसकी चपेट में आने से तीसरे व्यक्ति की मौत हो गई। चीन के आसपास भी रोग फैलना शुरू हो गया है। तीसरा एशियाई देश इसकी चपेट में आ गया है। प्राधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
  • कोरोनावायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है लेकिन इनमें से केवल छह विषाणु ही लोगों को संक्रमित करते हैं। इसके सामान्य प्रभावों के चलते सर्दी-जुकाम होता है। लेकिन ‘सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम’ (सार्स) से इसका जुड़ाव ने खतरे की घंटी बजा दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि 2002-03 में चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की मौत हो गई थी।

क्या है कोरोना वायरस?

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कोरोना वायरस सी-फूड से जुड़ा है। कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है। यह वायरस ऊंट, बिल्ली तथा चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है। कोरोना वायरस के मरीजों में आमतौर पर जुखाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण देखे जाते हैं। इसके बाद ये लक्षण न्यूमोनिया में बदल जाते हैं और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। अभी तक इस वायरस से निजात पाने के लिए कोई वैक्सीन नहीं बनी है।

सार्स क्या है

  • SARS यानी सीवियर एक्यूट रेसपिरेटरी सिंड्रोम एक वायरस से फैलने वाली श्वसन संबंधी बीमारी है। सार्स वर्ष 2002 से 2003 के दौरान चीन और हांगकांग में करीब 800 लोगों की जान ले चुका है।

SU-30 MKI एयरक्राफ्ट

  • देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ जनरल बिपिन रावत और वायुसेना के एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने सोमवार को तंजावुर एयरबेस में पहले सुखोई-30MKI (Sukhoi-30MKI) को शामिल किया।
  • यह दक्षिण भारत में पहला एसयू -30 एमकेआई लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन है जो समुद्र में भी अहम भूमिका निभाएगा। SU-30 MKI में ब्रह्मोस सुपर सोनिक मिसाइलों को भी लगाया गया जो 300 किमी दूरी तक निशाना साध सकता है। नए नाम टाइगर शार्क वाला यह फाइटर एयरक्राफ्ट अपने साथ 2.5 टन के वजन वाला सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल को अपने साथ रखने में सक्षम है। चौथी पीढ़ी का यह सुखोई 12वां स्क्वाड्रन है जिसको 'टाइगर शार्क्‍स' फाइटर स्‍क्‍वाड्रन का नाम दिया गया है।

:: विविध ::

री सोन गॉन

  • अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में आए गतिरोध के बीच उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने पूर्व रक्षा कमांडर री सोन गॉन को देश का नया विदेश मंत्री चुना है।

क्रिस्टल अवॉर्ड

  • दीपिका पादुकोण को सामाजिक जगत में सराहनीय कार्य करने के लिए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ओर से क्रिस्टल अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। 'पादुकोण को 2014 में अपने डिप्रेशन के बारे में पता चला था और उन्होंने इससे निजात पाने के लिए प्रोफेशनल मदद ली थी। जून 2015 में, उन्होंने स्ट्रेस, टेंशन, डिप्रेशन का अनुभव करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को आशा देने के लिए द लाइव लव लाफ फाउंडेशन (टीएलएलएलएफ) की स्थापना की थी।'

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में किस संस्था के द्वारा सामाजिक बदलाव सूचकांक रिपोर्ट को प्रस्तुत किया गया? (विश्व आर्थिक मंच-डब्ल्यूईएफ)
  • सामाजिक बदलाव सूचकांक में भारत की रैंकिंग क्या रही? (76 वां)
  • सामाजिक बदलाव सूचकांक में किस देश को सर्वोच्च रैकिंग प्राप्त हुई? (डेनमार्क)
  • किस ऑटोमोबाइल कंपनी के द्वारा #BeTheBetterGuy अभियान चलाया जा रहा है? (हुंडई)
  • एनआईसी टेक कांक्लेव 2020 का आयोजन कहां किया जा रहा है? (नई दिल्ली)
  • एनआईसी टेक कांक्लेव 2020 की थीम क्या है? (‘टेक्नोलॉजीस फॉर नेक्स्टजेन गर्वेनेंस’)
  • आंध्र प्रदेश विधान सभा द्वारा किन नए जिलों को अपनी राजधानी के रूप में मान्यता दी है? (अमरावती, विशाखापट्टनम और कुर्नूल)
  • हाल ही में चर्चा में रही जेएस वर्मा समिति की रिपोर्ट किस विषय से संबंधित थी? (महिला के विरुद्ध हिंसा और अपराध)
  • अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष आईएमएफ ने 2019 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान क्या रखा है? (4.8%)
  • किस वैश्विक संस्था के द्वारा 'टाइम टू केयर' रिपोर्ट प्रस्तुत की गई? (ऑक्सफैम)
  • उत्तर कोरिया के नवनियुक्त विदेश मंत्री कौन है? (री सोन गॉन)
  • हाल ही में किस भारतीय अभिनेत्री को विश्व आर्थिक मंच के द्वारा प्रतिष्ठित क्रिस्टल अवार्ड प्रदान करने का निर्णय लिया गया है? (दीपिका पादुकोण)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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