(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (21 अगस्त 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (21 अगस्त 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

ई-टूरिस्ट वीजा

  • दुनिया के 160 देशों के पर्यटकों के लिए भारत फ्लेक्सिबल ई-टूरिस्ट वीजा व्यवस्था लागू करने जा रहा है। यह व्यवस्था पर्यटकों के आगमन की संख्या पर आधारित होगी।
  • इसके तहत पर्यटकों से जुलाई से मार्च के बीच व्यस्तता वाले महीनों में ज्यादा, जबकि अप्रैल से जून के बीच के खाली महीनों के लिए कम फीस ली जाएगी।
  • 30 दिनों से पांच साल तक के लिए जारी होने वाले वीजा के लिए 10-80 अमेरिकी डॉलर (करीब 716 से 5731 रुपये) तक की फीस ली जाएगी।

किसे कितने दाम चुकाना होंगे

  • भारत की तरफ से ई-वीजा की सुविधा उपलब्ध कराए जाने वाले 160 देशों के पर्यटकों को खाली मौसम में 30 दिनों के लिए 10 डॉलर (करीब 716 रुपये) तथा इतने ही समय के लिए व्यस्तता वाले मौसम में 25 डॉलर (करीब 1791 रुपये) देने होंगे।

पांच साल के लिए इतने डॉलर

  • एक साल के ई-वीजा के लिए 40 डॉलर (करीब 2865 रुपये) तथा पांच साल के लिए 80 डॉलर (करीब 5731 रुपये) देने होंगे। हालांकि, जापान, सिंगापुर और श्रीलंका के पर्यटकों को एक और पांच साल के ई-वीजा के लिए 25 डॉलर ही चुकाने होंगे।

इन पर्यटकों को सुविधा नहीं :

  • भारत ने जिन 160 देशों के पर्यटकों को ई-वीजा की सुविधा प्रदान की है, उनमें अमेरिका, ब्रिटेन व रूस शामिल हैं।

नहीं देनी होगी फीस

  • हालांकि, फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (एफआइजीआइसी) से जुड़े 14 देशों- फिजी, कुक द्वीपसमूह, किरिबाती, मार्शल द्वीपसमूह, माइक्रोनेशिया, नाउरु, नीयू द्वीप, पलाऊ, पापुआ न्यू गुएना, समोआ, सोलोमन द्वीपसमूह, टोंगा, तुवालू व वानूआतू के पर्यटकों को कोई फीस नहीं चुकानी होगी।

दी गई फीस से छूट

  • इसी प्रकार म्यांमार, अजेर्टीना, इंडोनेशिया, जमैका, मॉरीशस, सेशेल्स, दक्षिण अफ्रीका और उरुग्वे के पर्यटकों को भी फीस से छूट दी गई है।

सभी के लिये मकान का लक्ष्य

  • आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि प्रत्येक भारतीय को अपना घर उपलब्ध कराने के सरकार के लक्ष्य को दो साल पहले यानी 2020 में ही हासिल कर लिया जायेगा। केन्द्र सरकार ने इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये 2022 तक का समय रखा है। रीयल एस्टेट क्षेत्र के उद्योगपतियों के संगठन नेशनल रीयल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के यहां आयोजित 15वें राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन हरदीप पुरी ने कहा कि मोदी सरकार का 2022 तक प्रत्येक भारतीय को अपना घर उपलब्ध कराने का एक बड़ा मिशन है।

उप्र इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग नीति-2019

  • प्रदूषण की रोकथाम के प्रयास के साथ ही सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते बाजार को भुनाना चाहती है। इसके लिए बनाई गई उप्र इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग नीति-2019 की अधिसूचना शासन ने जारी कर दी है। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के 10 शहरों को आदर्श इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नगर घोषित करने का निर्णय लिया है।
  • इस नीति को बनाने के पीछे सरकार का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) में निवेश को बढ़ावा देना है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तंत्र से सरकार अगले पांच वर्ष में 40 हजार करोड़ का निवेश और 50 हजार रोजगार के अवसर विकसित करना चाहती है। लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि 2024 तक पारंपरिक वाणिज्यिक बेड़े और रसद वाहनों को उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
  • इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन में 2030 तक एक हजार इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है। वर्ष 2020 तक पहले चरण में 25 फीसद, 2022 तक दूसरे चरण में शेष 35 फीसद और तीसरे चरण में बाकी 40 फीसद बसें शामिल की जाएंगी। दस शहरों के निजी परिवहन में 2024 तक पचास फीसद इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन शुरू किया जाना है।

ये शहर बनेंगे आदर्श

  • नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मथुरा, आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी। इनमें नोएडा पायलट नगर होगा, जहां 2020 तक नीति का क्रियान्वयन होना है।

ऐसे दिया जाएगा प्रोत्साहन

  • नीति की अवधि में पहले एक लाख वाहनों के क्रेताओं को वाहन पंजीकरण शुल्क में सौ फीसद की छूट।
  • दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स में सौ फीसद और अन्य वाहनों को 75 फीसद की छूट दी जाएगी।
  • सभी अवस्थापना सुविधाएं भी निवेशकों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएंगी।

‘वन महोत्सव’ समारोह के तहत वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत

  • राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज (20 अगस्त, 2019) को राष्ट्रपति भवन एस्टेट में मौलसरी का पौधा लगाया और ‘वन महोत्सव’ समारोह के तहत वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की।
  • वन महोत्सव समारोह के तहत राष्ट्रपति सचिवालय अगले कुछ सप्ताह में राष्ट्रपति एस्टेट में 3,252 पेड़ और 2,962 छोटे पौधे लगाएगा। इसमें पीपल, नीम, मौलसरी, चंपा, गुलमोहर, आम, चीकू, अंजीर और अमरूद जैसे सजावटी तथा फलदार पेड़ शामिल होंगे।
  • समृद्ध जैव विविधता वाला राष्ट्रपति एस्टेट 330 एकड़ के क्षेत्र में फैला है। इस प्रख्यात एस्टेट में सीता अशोक, बिस्टेंडू, शीशम, गब, लौकी की बेल, जंगली बादाम, नींबू सुगंधित गोंद, दून सिरिस समेत कई अन्य पेड़-पौधे लगे हैं।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस)

  • सीरिया के बड़े इलाके से खात्मे के बाद आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) एक बार फिर सक्रिय होने लगा है। अमेरिका समर्थित सेना ने करीब पांच महीने पहले सीरिया से इसका सफाया कर दिया था।
  • आईएस इराक और सीरिया में वह घात लगाकर हमले करने के साथ ही अपने वित्तीय नेटवर्क को फिर से सक्रिय कर रहा है। अमेरिका और इराक के सैन्य व खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, नए आतंकी बनाने के लिए आईस विस्थापितों के शिविर को अपना निशाना बना रहा है। खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, आईएस केवल सीरिया और इराक ही नहीं बल्कि पश्चिम अफ्रीका में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करवा रहा है।
  • अमेरिका ने सीरिया में तैनात अपने सैनिकों की संख्या आधी कर दी है और ईरान से बढ़ती तनातनी के बीच उसका सारा ध्यान पश्चिम एशिया पर है। ऐसे में आईएस का फिर मजबूत होना अमेरिकी हितों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार सीरिया पर आईएस का फिर से कब्जा होने की आशंका कम है। लेकिन उसने सीरिया और इराक में बचे हुए अपने आतंकियों को इकट्ठा कर लिया है। इन स्लीपर सेल की मदद से वह सुरक्षा बलों की हत्या और अपहरण जैसे अपराधों को अंजाम दे रहा है।
  • सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार आईएस मुख्यतः ग्रामीण इलाकों में ही फैला हुआ है। वहां वह दर्जनों के समूह में रहकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। आईएस आतंकी जबरन वसूली भी कर रहे हैं। उत्तरी इराक के जो भी किसान उन्हें पैसे देने से इन्कार करते हैं, उनकी फसलें जला दी जाती हैं।
  • शिविरों की कमजोर सुरक्षा व्यवस्था का उठा रहा फायदा हाल के महीनों में आईएस ने सीरियाई विस्थापितों के शिविर में अपनी पैठ बना ली है। इन शिविरों में करीब 70 हजार लोग रह रहे हैं जिनमें आईएस आतंकियों के परिजन भी हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, सीरियाई कुर्द इन शिविरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बरकरार रखने में विफल हो रहे हैं। आईएस इसका फायदा उठा रहा है।

कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में जायेगा

  • कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान ने पूरी दुनिया से गुहार लगाई, लेकिन किसी देश ने भाव नहीं दिया। यहां तक कि चीन के सहारे मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भी उठा दिया, लेकिन वहां भी मुंह की खाना पड़ी। अब इमरान खान सरकार ने इस मुद्दे को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में ले जाने का फैसला किया है।
  • इमरान खान ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान के लिए कश्मीर अग्रिम सुरक्षा पंक्ति है। इमरान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान कश्मीर मसले को आक्रामक तरीके से उठाने का फैसला भी किया है।
  • वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल से कहा, 'कश्मीर मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालत में उठाने का फैसला किया गया है।' वहीं, प्रधानमंत्री इमरान खान की विशेष सूचना सहायक फिरदौस आशिक अवान ने कहा कि कैबिनेट ने कश्मीर मसले को आईसीजे में ले जाने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान हर मोर्चे पर कश्मीर की लड़ाई जारी रखेगा।
  • बता दें कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने छह अगस्त को संसद के विशेष सत्र में कहा था कि वह कश्मीर मसले को सुरक्षा परिषद सहित हर मंच पर उठाएंगे। आईसीजे के पास भी ले जाएंगे।

क्रूज मिसाइल टॉमहाक

  • अमेरिका ने सतह से सतह पर मार करने वाली नई क्रूज मिसाइल टॉमहाक का परीक्षण किया है। यह परीक्षण रूस के साथ परमाणु हथियार संधि खत्म होने के बाद किया गया है।
  • अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के मुताबिक परीक्षण के दौरान मिसाइल ने 500 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी पर स्थित अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इस मिसाइल को कैलिफोर्निया के सैन निकोलस द्वीप से रविवार दोपहर ढाई बजे के करीब लांच किया गया था। मिसाइल परीक्षण को लेकर रूस ने आरोप लगाया है कि अमेरिका इसके जरिये सैन्य तनाव भड़काने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका ने यह परीक्षण रूस के साथ इसी महीने खत्म हुई इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज (आइएनएफ) संधि के बाद किया है।
  • अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा है कि आइएनएफ संधि खत्म होने के बाद अमेरिका जमीन से दागी जाने वाली पारंपरिक मिसाइल प्रणाली का पूरी तरह से विकास करेगा। पेंटागन के मुताबिक, इस परीक्षण से प्राप्त डाटा और अनुभव को अमेरिकी रक्षा विभाग भविष्य के मद्देनजर मध्यम-दूरी वाली मिसाइल तैयार करने में उपयोग करेगा।
  • अमेरिका के इस परीक्षण पर प्रतिक्रिया जताते हुए मॉस्को में रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने कहा कि अमेरिका क्रूज मिसाइल परीक्षण के जरिये सैन्य तनाव भड़काने में लगा हुआ है। लेकिन रूस इसमें शामिल नहीं होगा। अमेरिका और रूस ने 1987 में परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मध्यम-दूरी की मिसाइलों पर प्रतिबंध के लिए आइएनएफ समझौता किया था। इस संधि के खत्म होने के बाद दोनों देशों के बीच फिर हथियारों की होड़ शुरू होने की आशंका जताई जा रही है।

:: राजव्यवस्था और महत्वपूर्ण विधेयक ::

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से संबंधित मुद्दों की समीक्षा

  • गृहमंत्री अमित शाह ने असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के अंतिम प्रकाशन से संबंधित मुद्दों की समीक्षा की है। इस समीक्षा बैठक में राज्य के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, केंद्रीय गृह सचिव, असम के प्रमुख शासन सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
  • केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआरसी को लेकर विभिन्न आशंकाओं को दूर करने का प्रयास करते हुए मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी की अंतिम सूची में नाम नहीं होने का मतलब स्वत: किसी व्यक्ति का विदेशी नागरिक घोषित हो जाना नहीं है। एनआरसी में नाम शामिल नहीं होने के खिलाफ अपील के पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं।
  • मंत्रालय ने कहा कि वह राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से बाहर होने वालों के लिए विदेशी नागरिक न्यायाधिकरण में अपील दायर करने की समय सीमा 60 दिन से बढ़ाकर 120 करने के लिए नियमों में संशोधन करेगा। असम के निवासियों की सूची से संबंधित अंतिम राष्ट्रीय नागरिक पंजी 31 अगस्त को प्रकाशित की जाएगी।
  • मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि विदेशी नागरिक कानून 1946 और विदेशी नागरिक (न्यायाधिकरण) आदेश 1964 के प्रावधानों के तहत विदेशी नागिरक न्यायाधिकरण के पास ही किसी व्यक्ति को विदेशी घोषित करने का अधिकार है।
  • इसमें कहा गया कि एनआरसी से किसी व्यक्ति का नाम छूटने का यह मतलब नहीं है कि उसे स्वत: विदेशी घोषित किया जा रहा है।
  • असम के जिन लोगों के नाम सूची में शामिल नहीं होंगे, उनके लिए सरकार अपील करने की पूरी व्यवस्था करेगी। एनआरसी की अंतिम सूची इस माह के अंत में जारी होनी है।

:: आर्थिक समाचार ::

रेटिंग एजेंसियों और भेदिया कारोबार के लिये कड़े नियम

  • पूंजी बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों की सुरक्षा और नियमों का उल्लंघन करने वालों को दंडित करने की और पुख्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कुछ और कड़े कदम उठाने की तैयारी में है। नियामक क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों पर कड़ी निगरानी रखने और कंपनियों में भेदिया कारोबार के बारे में जानकारी देने वालों को एक करोड़ रुपये तक का पुरस्कार देने जैसे उपायों पर गौर कर रहा है।
  • भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) नगर निगमों द्वारा धन संसाधन जुटाने के लिये जारी किये जाने वाले ‘मुनी बॉंड’ के मामले में भी नियमों को सरल बनाने की योजना बना रहा है। नियामक अब स्मार्ट शहरों के विकास कार्यों में शामिल दूसरी इकाइयों को भी इस तरह के बॉंड जारी करने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है। नगर निकायों की ही तरह काम करने वाले दूसरे उद्यम अथवा निकाय भी ‘मुनिशिपल बॉंड’ जारी कर धन जुटा सकेंगे और उन्हें शेयर बाजारों में सूचीबद्ध किया जायेगा।
  • सेबी निदेशक मंडल की बैठक बुधवार को मुंबई में होने जा रही है। इस बैठक में तमाम मुद्दों पर बात होगी और निर्णय लिया जायेगा। बैठक में म्युचूअल फंड और स्टार्ट अप की सूचीबद्धता प्लेटफार्म के बारे में भी चर्चा हो सकती है। बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों से जुड़ी सूचनाओं को ‘ग्राहक गोपनीयता’ का हवाला देते हुये नहीं बताये जाने और उनके कर्ज भुगतान में असफल रहने जैसी सूचनाओं के नहीं मिलने के बारे में सेबी अब अपने नियमों को कड़ा करने जा रहा है और ऐसी सूचनाओं को क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को उपलब्ध कराना अनिवार्य बनाने जा रहा है।
  • आईएल एण्ड एफएस का सबसे बड़ा ऐसा मामला सामने आया है। कंपनी करोड़ों रुपये का कर्ज नहीं चुका पाई, इसमें असफल रही और रेटिंग एजेंसियों ने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी। इस मामले में रेटिंग एजेंसियां भी अब संदेह के घेरे में आई हैं कि उन्होंने संभावित जोखिम के बारे में क्यों नहीं बताया। सेबी का अब रेटिंग एजेंसियों को लेकर अपने नियमों में संशोधन का प्रस्ताव है। इन एजेंसियों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि वह किसी भी सूचीबद्ध अथवा गैर- सूचीबद्ध कंपनियों को रेटिंग देने से पहले उनके मौजूदा और भविष्य में लिये जाने वाले कर्ज के बारे में स्पष्ट जानकारी प्राप्त करेगी।
  • सेबी ने भेदिया कारोबार के बारे में सूचना देने वालों को एक करोड़ रुपये तक का पुरस्कार देने का भी प्रस्ताव किया है। गोपनीय सूचना देने के लिये एक अलग हॉटलाइन भी रखी जायेगी। जांच में सहयोग करने पर मामूली गलतियों के लिये माफी अथवा निपटान समझौता भी किया जा सकेगा। सेबी के एजेंडा में और भी कई प्रस्ताव हैं। म्युचूअल फंड के मामले में सेबी चाहता है कि कोष अपने समूचे निवेश को सूचीबद्ध कंपनियों अथवा सूचीबद्ध होने जा रही कंपनियों की इक्विटी और रिण प्रतिभूतियों में निवेश करें। यह काम चरणबद्ध ढंग से किया जायेगा। म्युचूअल फंड को बिना रेटिंग वाली रिण प्रतिभूतियों में 25 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत पर लाना होगा।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

थर्मोइलेक्ट्रिक मटीरियल

  • हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (Indian Institute of technology) (आईआईटी) (IIT) के शोधकर्ता एक थर्मोइलेक्ट्रिक मटीरियल विकसित कर रहे हैं, जो ऊष्मा (गर्मी) को प्रभावी रूप से बिजली में परिवर्तित कर सकता है। सौर ऊर्जा (Solar energy) पर जहां काफी ध्यान दिया जा रहा है, वहीं अन्य वैकल्पिक स्त्रोत भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं, भले ही वे अज्ञात हों।
  • हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (Indian Institute of technology) (आईआईटी) (IIT) के शोधकर्ता एक थर्मोइलेक्ट्रिक मटीरियल विकसित कर रहे हैं, जो ऊष्मा (गर्मी) को प्रभावी रूप से बिजली में परिवर्तित कर सकता है। सौर ऊर्जा (Solar energy) पर जहां काफी ध्यान दिया जा रहा है, वहीं अन्य वैकल्पिक स्त्रोत भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं, भले ही वे अज्ञात हों। उदाहरण के लिए, ऊष्मा से बिजली पैदा करना आकर्षक है, क्योंकि ऊर्जा संयंत्रों, घरेलू उपकरणों और वाहन जैसे उद्योगों में बहुत सारी ऊर्जा उत्पन्न होती है, जहां इस ऊष्मा का अधिकांश हिस्सा व्यर्थ चला जाता है।
  • आईआईटी-मंडी के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज में एसोसिएट प्रोफेसर (भौतिकी) अजय सोनी के नेतृत्व में एक शोध दल उन सामग्रियों का अध्ययन कर रहा है, जो ऊष्मा को बिजली में बदल सकती हैं। शोध दल थर्मोइलेक्ट्रिक सामग्रियों पर शोध में लगी हुआ है और इसके कई शोध पत्र प्रतिष्ठित पीयर-रिव्यू अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं, जिसमें एप्लाइड फिजिक्स लेटर्स, फिजिकल रिव्यू बी और जर्नल ऑफ एलॉयज एंड कंपाउंड्स शामिल हैं।
  • थर्मोइलेक्ट्रिक मटीरियल्स सीबैक प्रभाव के सिद्धांत पर काम करती है, जिसमें दो धातुओं के संधि स्थल पर तापमान के अंतर के कारण बिजली पैदा होती है। पश्चिमी दुनिया में फॉक्सवैगन, वोल्वो, फोर्ड और बीएमडब्ल्यू जैसी कई वाहन कंपनियां थर्मोइलेक्ट्रिक हीट रिकवरी सिस्टम्स को विकसित कर रही हैं, जो ईंधन दक्षता में तीन से पांच फीसदी सुधार करती है।
  • दुनिया में 70 फीसदी ऊर्जा को उष्मा के रूप में बर्बाद कर दिया जाता है और यह ऊष्मा वातावरण में चली जाती है, जो ग्लोबल वार्मिंग का प्रमुख कारण है। इस ऊष्मा को ऊर्जा में बदलने से दोहरा उद्देश्य पूरा होगा। एक तो बिजली की जरूरत पूरी होगी, दूसरी तरफ पर्यावरण का भी संरक्षण होगा।

केले के रेशे से बने सेनेटरी नैपकिन

  • आईआईटी दिल्ली से जुड़े एक स्टार्टअप ने पहली दफा 120 बार इस्तेमाल में लाये जा सकने वाले सेनेटरी नैपकिन की पेशकश की है, जिसे समग्र केले के रेशे से बनाया गया है। इस प्रकार इसे दो वर्षो तक चल सकता है और इसे लगभग 120 बार पुन: उपयोग में लाया जा सकता है। आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसरों की सहायता से ‘‘सैनफे’’ द्वारा विकसित दो नैपकिन की कीमत 199 रुपये रखी गई है। टीम ने इस उत्पाद के लिए एक पेटेंट का आवेदन जमा कराया है।
  • स्टार्टअप के संस्थापकों में से एक अर्चित अग्रवाल ने कहा, ''अधिकांश सैनिटरी नैपकिन सिंथेटिक सामग्री और प्लास्टिक से बने होते हैं, जिन्हें सड़ने में 50-60 साल से ज्यादा वक्त लग सकते हैं। मासिक धर्म के समय इस्तेमाल किऐ जाने वाले इन नैपकीन को कूड़ेदान,खुले स्थान या और जल में फेंक दिया जाता है, जला दिया जाता है या मिट्टी में दबा दिया है या फिर शौचालयों में बहा दिया जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये निपटान तकनीकें पर्यावरण के लिए खतरा पैदा करती हैं। उदाहरण के लिए, जलने से डाइऑक्सिन के रूप में कार्सिनोजेनिक धुएं का उत्सर्जन होता है, जिससे वायु प्रदूषण का खतरा पैदा होता है। इस कचरे को लैंडफिल में डालने से केवल कचरे का बोझ बढ़ता है।’’ अग्रवाल ने हैरी सेहरावत के साथ अपने स्टार्टअप की स्थापना उस समय की थी, जब वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में बीटेक कर रहे थे।

मोबाइल मैटलिक रैंप

  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने आज डीआरडीओ भवन में हुए एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना को मोबाइल मैटलिक रैंप यानी धातु के गतिशील रैंप (एमएमआर) का डिजाइन सौंपा। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के चेयरमैन डा. जी सतीश रेड्डी ने एमएमआर के डिजाइन को उपसेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबू के सुपुर्द किया।
  • 70 मीट्रिक टन की भार क्षमता वाले एमएमआर को डीआरडीओ की प्रमुख रिसर्च प्रयोगशाला अग्नि, विस्फोटक एवं पर्यावरण सुरक्षा केंद्र (सीएफईईएस) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। सेना ने अपने बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों की सामरिक आवाजाही में लगने वाले समय को कम करने के लिए इसकी जरूरत बताई थी। यह रैंप बख्तरबंद और मैकेनाइज्ड इकाइयों और सेना की टुकड़ियों को सामरिक गतिशीलता प्रदान करेगा। इसका डिजाइन पोर्टेबल, मॉड्यूलर है, जिसे आसानी से जोड़ा और अलग किया जा सकता है।

पर्यटन मंत्रियों का राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन

  • पर्यटन मंत्रियों के एक दिवसीय राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन का नई दिल्‍ली में आयोजन किया गया। केन्‍द्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित इस सम्‍मेलन का उद्घाटन केन्‍द्रीय पर्यटन एवं संस्‍कृति राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने किया। इस सम्‍मेलन में 19 राज्‍यों के पर्यटन म‍ंत्रियों, पर्यटन सचिवों और राज्‍यों तथा केन्‍द्र शासित प्रदेशों के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्‍होंने पर्यटन क्षेत्र के विकास एवं संवर्धन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
  • पर्यटन मंत्री ने आज सम्‍मेलन के दौरान ‘अतुल्‍य भारत’ के नए पोर्टल का हिंदी वर्जन लॉन्‍च किया। उन्‍होंने घोषणा की कि अतुल्‍य भारत की नई वेबसाइट के अरबी, चीनी और स्‍पैनिश वर्जन अगले माह लॉन्‍च किए जाएंगे। अतुल्य भारत की नई वेबसाइट को पिछले वर्ष 14 जून को लॉन्‍च किया गया था।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

संसद और रेलवे होगी प्लास्टिक मुक्त

  • प्रधानमंत्री की पहल पर एक बार फिर प्लास्टिक के इस्तेमाल के खिलाफ चौतरफा अभियान शुरू हो गया है। संसद भवन परिसर भी अब इससे मुक्त होगा। लोकसभा सचिवालय ने मंगलवार को संसद भवन परिसर को प्लास्टिक की बोतलों और एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ रेलवे और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक को लेकर यह सक्रियता उस समय बढ़ी है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में इसके इस्तेमाल को पूरी तरह से बंद करने का सुझाव दिया था। साथ ही इसे लेकर दो अक्टूबर को देश भर में अभियान चलाने की भी घोषणा की थी।
  • लोकसभा सचिवालय ने संसद भवन में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्लास्टिक के सामान के बजाय पर्यावरण के अनुकूल थैलों या सामान का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। देश भर में ऐसे करीब दो हजार स्कूल हैं।
  • रेल मंत्रालय ने भी एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। इसके तहत दो अक्टूबर से रेलवे स्टेशन सहित समूचे रेलवे में इसके इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक रहेगी। हालांकि इसके अलावा प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल जारी रहेगा, लेकिन अब यह जगह-जगह फेंकी नहीं जाएगी, बल्कि यात्रियों से लेकर इसे एक जगह एकत्र किया जाएगा। इसका जिम्मा भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम ( आइआरसीटीसी) को सौंपा गया है। इसके साथ ही प्लास्टिक की बोतलों को नष्ट करने की भी प्रत्येक स्टेशन पर व्यवस्था की जाएगी। मौजूदा समय में देश के 170 रेलवे स्टेशनों पर प्लास्टिक की बोतलों को नष्ट करने की व्यवस्था है।

:: विविध ::

राष्ट्रीय खेल पुरस्कार -2019

  • खेलों में उत्कृष्टता को मान्यता देने और पुरस्कृत करने के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कार हर साल दिए जाते हैं। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार चार वर्ष की अवधि के दौरान खेलों के क्षेत्र में सबसे शानदार और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है। अर्जुन पुरस्कार 4 वर्षों के दौरान लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए दिया जाता है। द्रोर्णाचार्य पुरस्कार प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पदक विजेता तैयार करने वाले कोच को प्रदान किया जाता है। खेलों के विकास में जीवन पर्यन्त योगदान देने के लिए ध्यानचंद पुरस्कार दिया जाता है। कॉरपोरेट संस्थाओं (निजी और सार्वजनिक क्षेत्र दोनों में) और उन व्यक्तियों को राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाता है जिन्होंने खेलों के प्रोत्साहन और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में कुल मिलाकर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय को मौलाना अबुल कलाम आजाद (एमएकेए) ट्रॉफी प्रदान की जाती है।
  • इस वर्ष (2019) के पुरस्कारों के लिए बड़ी संख्या में नामांकन प्राप्त हुए, जिनपर पूर्व अर्जुन पुरस्कार विजेताओं, द्रोर्णाचार्य पुरस्कार विजेताओं, खेल पत्रकारों/विशेषज्ञों/कमंटेटरों और खेल प्रशंसकों की चयन समितियों द्वारा विचार किया गया। खेल पुरस्कार 2019 के लिए गठित चयन समिति के अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुकुंदकम शर्मा थे।
  • समिति की सिफारिशों और गहन जांच के बाद सरकार ने निम्नलिखित खिलाड़ियों, कोच, संस्थाओं और विश्वविद्यालय को पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है : -

(ए) राजीव गान्धी खेल रत्न पुरस्कार

क्र.सं. स्पोर्ट्सपर्सन का नाम खेल
1 श्री बजरंग पुनिया कुश्ती
2 सुश्री दीपा मलिक पैरा एथलेटिक्स

(बी) द्रोणाचार्यपुरस्कार

नियमित श्रेणी

क्र.सं. कोच का नाम खेल
1 श्री विमल कुमार बैडमिंटन
2 श्री संदीप गुप्ता टेबल टेनिस
3 श्री मोहिंदर सिंह ढिल्लों एथलीटिक्स

जीवन-पर्यन्त श्रेणी

क्र.सं. कोच का नाम खेल
1 श्री मरज़बान पटेल हॉकी
2 श्री रामबीर सिंह खोखर कबड्डी
3 श्री संजय भारद्वाज क्रिकेट

(सी) अर्जुन पुरस्कार

क्र.सं. खिलाड़ी का नाम खेल
1 श्री तजिंदरपाल सिंह तूर एथलीटिक्स
2 मोहम्मद अनस याहिया एथलीटिक्स
3 श्री एस भास्करन बॉडी बिल्डिंग
4 सुश्री सोनिया लाथेर मुक्केबाज़ी
5 श्री रवींद्र जडेजा क्रिकेट
6 श्री चिंगलेनसाना सिंह कंगुजम हॉकी
7 श्री अजय ठाकुर कबड्डी
8 श्री गौरव सिंह गिल मोटर स्पोर्ट्स
9 श्री प्रमोद भगत पैरा स्पोर्ट्स (बैडमिंटन)
10 सुश्री अंजुम मौदगिल शूटिंग
11 श्री हरमीत राजुल देसाई टेबल टेनिस
12 सुश्री पूजा ढांडा कुश्ती
13 श्री फौआद मिर्ज़ा घुड़सवारी
14 श्री गुरप्रीत सिंह संधू फ़ुटबॉल
15 सुश्री पूनम यादव क्रिकेट
16 सुश्री स्वप्ना बर्मन एथलीटिक्स
17 श्री सुंदर सिंह गुर्जर पैरा स्पोर्ट्स (एथलेटिक्स)
18 श्री भमिदीपति साई प्रणीत बैडमिंटन
19 श्री सिमरन सिंह शेरगिल पोलो

(डी) ध्यानचंद पुरस्कार

क्र.सं. नाम खेल
1 श्री मैनुअल फ्रेड्रिकस हॉकी
2 श्री अरूप बसक टेबल टेनिस
3 श्री मनोज कुमार कुश्ती
4 श्रीनितेनकिरतने टेनिस
5 श्री सी. लालरेमसंगा तीरंदाजी

(ई) राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार

क्र.सं. वर्ग राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार, 2019 के लिए सिफारिश की गई
1 उभरती हुई और युवा प्रतिभा की पहचान और पोषण
  1. गगन नारंग स्पोर्ट्स प्रमोशन फाउंडेशन
  2. गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन
2 कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के माध्यम से खेलों को प्रोत्साहन --
3 'खिलाड़ियों को रोजगार और अन्य कल्याणकारी उपाय' --
4 विकास के लिए खेल रायलसीमा विकास ट्रस्ट

(एफ) मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (एमएकेए) ट्रॉफी, 2019 : पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़

  • राष्ट्रपति भवन में 29 अगस्त, 2019 को विशेष रूप से आयोजित समारोह में राष्ट्रपति पुरस्कार विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार विजेताओं को पदक, प्रशस्ति पत्र के अलावा साढ़े सात लाख रूपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। अर्जुन, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद पुरस्कार विजेताओं को लघु प्रतिमा, प्रमाण पत्र और पांच-पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2019 में संस्था को एक ट्रॉफी, प्रमाण पत्र दिया जाता है। राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में कुल मिलाकर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय को एमएकेए ट्रॉफी, 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • भारत सरकार के द्वारा कितने देशों के पर्यटकों के लिए फ्लेक्सिबल ई-टूरिस्ट वीजा की व्यवस्था प्रदान की जाएगी? (160)
  • केंद्र सरकार द्वारा किस वर्ष तक प्रत्येक भारतीय को घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है? (2022)
  • उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा कितने शहरों को आदर्श इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नगर घोषित करने का निर्णय लिया गया है? (10)
  • हाल ही में किस स्थान पर राष्ट्रपति द्वारा ‘वन महोत्सव’ समारोह के तहत वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की गई? (राष्ट्रपति भवन एस्टेट)
  • किस देश के द्वारा सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल टॉमहाक का परीक्षण किया गया? (अमेरिका)
  • हाल ही में पर्यटन मंत्रियों का राष्ट्रीय सम्मेलन कहां पर आयोजित किया गया? (नई दिल्ली)
  • हाल ही में केंद्रीय पर्यटन मंत्री के द्वारा पर्यटन से संबंधित किस पोर्टल का हिंदी वर्जन लांच किया गया? (अतुल्य भारत)
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा एकबार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के उपयोग पर पाबंदी लगाने हेतु किस तिथि से राष्ट्रीय अभियान चलाया जाएगा? (2 अक्टूबर)
  • राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2019 में किन खिलाड़ियों को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार हेतु चयन किया गया है? (श्री बजरंग पुनिया, दीपा मलिक)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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