(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (20 मार्च 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (20 मार्च 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

कोरोना वायरस से बचाव के लिए जनता कर्फ्यू

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में लोगों से जनता कर्फ्यू लगाने का आह्वान किया है। जनता कर्फ्यू रविवार 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक लगाने की पीएम मोदी ने अपील की है। इस दौरान लोग घरों में रहेंगे, लेकिन जरूरी सेवाओँ से जुड़े लोग अपना काम करते रहेंगे। पीएम ने डाक्टरों, मीडिया से जुड़े लोगों, होम डिलीवरी करने वाले कर्मियों आदि के कार्यो की प्रशंसा करते हुए कहा कि जनता क‌र्फ्यू के दौरान शाम 5 बजे घर की बालकनी से ताली या थाली बजाकर ऐसे लोगों को धन्यवाद दें।
  • आपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण इस समय पूरा विश्व संकट के गंभीर दौर से गुजर रहा है। इस संकट ने पूरी मानव जाति को संकट में डाल दिया है। संकट की घ़़डी में मेरी सभी देशवासियों से अपील है कि 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कफ्र्यू का पालन करें और लोगों को इसके बारे में जागरक करें।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे देशवासियों से एक् हफ्ते का वक्त चाहिए। हम कोरोना से बच गए, ये सोचना अभी ठीक नहीं है। हमें बचाव के लिए खुद भीड़ में न जाने का संकल्प लेना होगा, इसके अलावा 60-65 साल के बुजुर्ग भी कुछ हफ्ते आइसोलेट रहें।

पीएम ने किया ये आग्रह

  • वर्तमान में जरूरी यह है कि केंद्र और राज्य सरकार का गाइडलाइन का पालन करें।
  • इस समय एक ही मंत्र काम करता है 'हम स्वस्थ तो जग स्वस्थ'। हमारा संकल्प और संयम इस बीमारी से निपटने में ब़़डी भूमिका निभाने वाला है।
  • जितना हो सके अपना काम संभव हो तो अपने काम अपने घर से करें।
  • मेरा आग्रह है कि हमारे वृद्घजन घर से बाहर न निकले।
  • हम रविवार शाम 5 बजे ऐसे सभी लोगों को आभार व्यक्त करें जो खतरे के बाद भी लोगों की सेवा में लगे हैं।
  • सामान्य चेकअप के लिए घर से निकलने से बचे। यदि कोई सर्जरी जरूरी नहीं हो तो उसको भी टाल दें।

स्वावलंबन एक्सप्रेस शुरू करेगा सिडबी

  • भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) ने घोषणा की है कि वह नए उद्यमियों के लिए इस साल पांच जून को स्वावलंबन एक्सप्रेस शुरू करेगी। सिडबी ने कहा कि विभिन्न हितधारकों की राय और सुझावों के आधार पर एक विशेष रेलगाड़ी शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
  • “स्वावलंबन एक्सप्रेस पांच जून को लखनऊ से चलेगी और 11 उद्यमशील शहरों की यात्रा करेगी। इनमें जम्मू, दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, भुवनेश्वर, कोलकाता और अंतिम गंतव्य के रूप में वाराणसी शामिल हैं। यह गाड़ी 15 दिनों में 7,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।” इस दौरान 20 से अधिक कार्यशालाओं और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

ग्रीस से टोक्यो पहुंची ओलंपिक मशाल

  • ग्रीस ने कोरोना वायरस महामारी के कारण ओलंपिक को स्थगित करने की अपीलों के बीच गुरुवार को यहां बंद दरवाजों के अंदर आयोजित किए गए समारोह में टोक्यो 2020 के आयोजकों को ओलंपिक मशाल सौंपी। दर्शकों की गैरमौजूदगी में ओलंपिक जिम्नास्ट चैंपियन लेफ्टेरिस पेट्रोनियास ने मशाल लेकर दौड़ लगाई, जबकि ओलंपिक पोल वॉल्ट चैंपियन कैटरीना स्टेफनिडी ने पैनथैनेसिक स्टेडियम के अंदर ओलंपिक 'अग्निकुंड को प्रज्ज्वलित किया।
  • इसी स्टेडियम में 1896 में पहले आधुनिक ओलंपिक खेल हुए थे। इसके बाद यह मशाल टोक्यो 2020 के प्रतिनिधि नाओको इमोतो को सौंप दी गई। इमोतो तैराक हैं और उन्होंने 1996 अटलांटा ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया था।
  • यूनिसेफ की प्रतिनिधि इमोतो को आखिरी क्षणों में नियुक्त किया गया क्योंकि वो ग्रीस में रहती हैं ओर उन्हें जापान से यात्रा करने की जरूरत नहीं पड़ी। पिछले सप्ताह प्राचीन ओलंपिया में मशाल प्रज्जवलित करने का समारोह भी दर्शकों के बिना आयोजित किया गया था।

अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस-20 मार्च

  • प्रत्येक वर्ष 20 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस (International Day of Happiness) मनाया जाता है। इस बार की थीम है ‘HAPPINESS FOR ALL, TOGETHER’। संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली ने 12 जुलाई 2012 को प्रस्ताव 66/281 के तहत हर वर्ष 20 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस मनाने की घोषणा की थी। इस प्रस्ताव को भूटान ने प्रस्तुत किया था। अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस की अवधारणा भूटान के सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता (Gross National Hppiness- GNH) संकल्पना पर आधारित है। 1970 के दशक में भूटान के प्रधानमंत्री जिग्मे वाई थिनले ने सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता- GNH की संकल्पना दी थी। भूटान विश्व का एक ऐसा देश है जो 1970 से ही राष्ट्रीय आय की तुलना में राष्ट्र की खुशहाली को तरजीह देता आया है।
  • 2015 में यूएन ने 17 सतत विकास लक्ष्यों को लॉन्च किया जिसमे तीन प्रमुख पहलुओं पर बल दिया गया (गरीबी को समाप्त करने, असमानता को कम करना और हमारे ग्रह की रक्षा करना) है। ये हमें कल्याण और खुशी की ओर ले जाते हैं।

विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट:

  • प्रसन्नता को मापने की अवधारणा सर्वप्रथम भूटान से शुरू हुई थी। भूटान के प्रस्ताव पर सतत् विकास समाधान नेटवर्क ने संयुक्त राष्ट्र संघ के अंतर्गत साल 2012 में पहली विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट जारी की थी। पहली रिपोर्ट में भारत का स्थान 111वाँ था, जबकि डेनमार्क पहले स्थान पर था।
  • वर्ष 2012 से जारी की जाने वाली इस रिपोर्ट का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों को अपने नागरिकों की संतुष्टि एवं प्रसन्नता के स्तर को ध्यान में रखते हुए लोक-नीतियों के निर्माण हेतु प्रेरित करना है।

विश्व प्रसन्नता सूचकांक के प्रमुख घटक

  • जीडीपी, प्रति व्यत्ति आय
  • स्वस्थ जीवन प्रत्याशा
  • सामाजिक स्वतंत्रता
  • भ्रष्टाचार का अभाव
  • सामाजिक अवलंबन
  • उदारता

विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट, 2020

  • आज संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क ने विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट, 2020 जारी कर दी है। इसमें फिनलैंड प्रथम, डेनमार्क द्वितीय और स्विट्जरलैंड को तीसरा स्थान मिला है। इस रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग 144 रही है। पिछले वर्ष भारत की रैंकिंग 140 थी। 2020 की इस रिपोर्ट में सबसे निचले स्थान पर अफगानिस्तान काबिज है।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

‘राजकोषीय सुदृढ़ीकरण की रूपरेखा’ की समीक्षा के लिए समिति का गठन

15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष ने सामान्‍य सरकार (जनरल गवर्नमेंट) के ‘राजकोषीय सुदृढ़ीकरण की रूपरेखा’ की समीक्षा करने के लिए एक समिति का गठन किया है। समिति के विचारार्थ विषय निम्‍नलिखित हैं –

  • यह समिति केंद्र सरकार, सभी राज्यों, सामान्य सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के लिए घाटे एवं कर्ज की परिभाषा पर अपनी सिफारिशें पेश करेगी। इसके तहत संप्रभु सरकार की सभी स्पष्ट एवं आकलन की जा सकने वाली देनदारियों पर विचार कर और इसके साथ ही ऋण (स्टॉक) तथा घाटे (प्रवाह) की परिभाषा के बीच अनुरूपता सुनिश्चित कर यह कार्य पूरा किया जाएगा।
  • इसके अलावा, यह समिति समुचित समायोजन के साथ सामान्य सरकार और समेकित सार्वजनिक क्षेत्र के ऋण भार का अंदाजा या अनुमान लगाने के लिए सिद्धांतों को निर्दिष्ट करेगी, ताकि दोहरी-गणना से बचा जा सके।
  • यह समिति आकस्मिक देनदारियों को परिभाषित करेगी। इसके अलावा समिति, जहां कहीं भी संभव हो, इस तरह की देनदारियों के मात्रात्मक आकलन के तरीके उपलब्ध कराएगी और इसके साथ ही उन शर्तों को निर्दिष्ट करेगी जिनके तहत ‘आकस्मिक’ देनदारियां सार्वजनिक क्षेत्र की ‘स्पष्ट’ देनदारियां बन जाती हैं।
  • उपर्युक्त परिभाषा के आधार पर समिति विभिन्न स्तरों पर घाटे और ऋण भार की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करेगी।
  • उपर्युक्‍त के आधार पर यह समिति केंद्र सरकार, सभी राज्यों और सामान्य सरकार के लिए वित्‍त वर्ष 2021 से लेकर वित्‍त वर्ष 2025 तक के लिए ऋण एवं राजकोषीय सुदृढ़ीकरण की एक रूपरेखा के बारे में अपनी सिफारिश पेश करेगी और इसके साथ ही यह समिति सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के लिए समुचित परिदृश्य विकसित करने की को‍शिश करेगी।

समिति के बारे में

  • 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री एन. के. सिंह इस समिति की अध्यक्षता करेंगे। इस समिति के अन्य सदस्य ये होंगे: श्री ए.एन. झा और डॉ. अनूप सिंह (जो 15वें वित्त आयोग के सदस्य हैं); भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और लेखा महानियंत्रक के कार्यालयों के एक-एक प्रतिनिधि; तथा वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग में संयुक्त सचिव (बजट)। दो बाहरी विशेषज्ञ, अर्थात डॉ. साजिद जेड. चिनॉय और डॉ. प्राची मिश्रा भी इस समिति के सदस्य होंगे। इसके अलावा, समिति में राज्य सरकारों के प्रतिनिधि भी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। तमिलनाडु सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एस. कृष्णन और पंजाब सरकार के प्रधान सचिव श्री अनिरुद्ध तिवारी इनमें शामिल हैं।
  • इस समिति को विश्लेषणात्मक और डेटा संबंधी सहयोग नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान की एक टीम द्वारा प्रदान किया जाएगा। इसी तरह वित्त आयोग सचिवालय का आर्थिक प्रभाग इस समिति के कामकाज को सुगम बनाएगा और आवश्‍यक सहयोग देगा।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

‘कोविड-19 इकोनॉमिक रिस्पांस टास्क फोर्स’

  • सरकार पर इन दिनों कारोबार के विभिन्न सेक्टर को राहत पैकेज देने के लिए चौतरफा दबाव है। इनमें एमएसएमई सेक्टर से लेकर कई रोजगारपरक क्षेत्र शामिल हैं। इसके लिए सरकार ने वित्त मंत्री के नेतृत्व में ‘कोविड-19 इकोनॉमिक रिस्पांस टास्क फोर्स’ का गठन कर दिया है। एमएसएमई मंत्रालय की तरफ से छोटे उद्यमियों के लिए राहत पैकेज की मांग करते हुए वित्त मंत्रालय को एक प्रस्ताव भी भेजा गया है। राहत पैकेज के तहत वित्त मंत्रालय एयरलाइंस को फ्यूल टैक्स के साथ अन्य टैक्स में छूट दे सकता है। कोरोना की वजह से यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट की आशंका को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रलय ने वित्त मंत्रालय के पास यह प्रस्ताव भेजा है। इससे सरकार का 10,000-12,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्रभावित होगा।

इन क्षेत्रों पर दिख रहा कोरोना का असर

  • सूत्रों के मुताबिक एयरलाइंस के बाद सरकार टेक्सटाइल, होटल, ऑटोमोबाइल्स व फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों को भी वित्तीय मदद दे सकती है। ये सभी क्षेत्र रोजगारपरक क्षेत्र हैं और इन पर कोरोना का असर दिखने लगा है। यूरोप और अमेरिका के खरीदारों ने गारमेंट के निर्यातकों का ऑर्डर होल्ड कर दिया है। होटल में यात्रियों की संख्या में 50 फीसद तक कमी आ चुकी है। कोरोना के कारण वर्ष 2020 में ऑटोमोबाइल्स की बिक्री में आठ फीसद तक की गिरावट रह सकती है।

पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाया था एक्‍साइज ड्यूटी

  • सूत्रों के मुताबिक इन क्षेत्रों को राहत पैकेज देने के लिए सरकार पेट्रोल व डीजल पर हाल ही में एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी से होने वाली अतिरिक्त आय का इस्तेमाल कर सकती है। पिछले सप्ताह सरकार ने पेट्रोल व डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में तीन रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है जिससे सरकार को चालू वित्त वर्ष में 40,000 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है।

घट सकती है जीडीपी ग्रोथ रेट

  • एसबीआइ के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार एसके घोष के मुताबिक कोविड-19 से प्रभावित क्षेत्रों की मदद के लिए सरकार जरूरत के मुताबिक एक्साइज ड्यूटी में और बढ़ोतरी कर सकती है और लोगों को कच्चे तेल के दाम में गिरावट का फायदा देने से रोक सकती है। कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा कोरोना संकट के कारण भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में चालू वर्ष की पहली छमाही में 0.1 फीसद तक की गिरावट की आशंका जाहिर की गई है।

अमेरिका ने किया राहत पैकेज का एलान

  • कोरोना से प्रभावित अमेरिका ने अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए दो लाख करोड़ डॉलर के राहत पैकेज का एलान किया है जिसे विभिन्न क्षेत्रों में वितरित किया जाएगा। ब्रिटेन ने 33,000 करोड़ पाउंड के राहत पैकेज की योजना बनाई है। इस पैकेज से छोटे कारोबारियों को वित्तीय मदद दी जाएगी ताकि वे अपने कर्मचारियों को सैलरी दे सके।

आरबीआई ने यस बैंक को दी 60 हजार करोड़ रुपए की सहायता

  • भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यस बैंक को 60,000 करोड़ रुपए सहायता दी है ताकि यह जमाकर्ताओं के दायित्व को पूरा कर सके। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने 16 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि, 'मैं यस बैंक के खाताधारकों को यह यकीन दिलाना चाहता हूं कि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा था कि "यस बैंक के पास किसी भी आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त फंड है। यदि कोई आवश्यकता है, तो आरबीआई उसकी पूरी मदद करेगा। यस बैंक में सामान्य रूप से कामकाज शुरू हो चुका है।

किस बैंक ने यस बैंक में कितना निवेश किया

  • एसबीआई को 6050 करोड़ रुपए में 605 करोड़ शेयर आवंटित किए गए हैं। इस कदम के बाद एसबीआई की यस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी। आरबीआई की रेस्क्यू स्कीम के मुताबिक एसबीआई, यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी 26 फीसदी से कम नहीं कर सकेगा। संकट के दौर से जूझ रहे यस बैंक में आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी ने भी यस बैंक में 1,000-1,000 करोड़ रुपए का निवेश करने का फैसला किया है। दोनों ही बैंक ने 10 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 100-100 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे हैं। एक्सिस बैंक 600 करोड़ रुपए और कोटक महिंद्रा बैंक 500 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। इसके अलावा यस बैंक में 300 करोड़ रुपए का निवेश बंधन बैंक करेगा। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने भी यस बैंक में 250 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। इससे पहले फेडरल बैंक ने भी यस बैंक में 300 करोड़ रुपए का निवेश करने का ऐलान किया था। फेडरल बैंक यस बैंक के 30 करोड़ शेयर खरीदेगा।

सामान्य हुआ यस बैंक में काम-काज

  • यस बैंक ने बुधवार से अपना काम-काज शुरू कर दिया है, बैंक के ग्राहक अब पहले की तरह बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे। रिजर्व बैंक ने 5 मार्च को बैंक पर पाबंदी लगा दी थी। इसके तहत ग्राहकों को तीन अप्रैल तक अपने खाते से 50,000 रुपए तक निकालने की छूट दी गई थी। सरकार ने पिछले सप्ताह पुनर्गठन योजना को अधिसूचित किया।

विवाद से विश्वास स्कीम

  • सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने विवाद से विश्वास स्कीम को लेकर ऑनलाइन सिस्टम के साथ रूल्स और फॉर्म जारी कर दिए हैं। इस स्कीम के तहत टैक्स विवाद का फायदा लेने वाले करदाताओं को डिक्लेरेयशन फॉर्म 31 मार्च तक आयकर विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन जमा करना होगा। इस स्कीम का फायदा लेने की अंतिम तारीख 31 मार्च ही है। 5 करोड़ रुपए से कम के टैक्स विवादों में ही इस स्कीम का फायदा मिल पाएगा। इस स्कीम के तहत 30 जून 2020 तक टैक्स का भुगतान किया जा सकता है।

4.83 लाख केसों में फंसी है 9.32 लाख करोड़ रुपए की राशि

  • आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस समय देश में टैक्स विवाद से जुड़े 4.8 लाख मामले विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। इन मामलों में करीब 9.32 लाख करोड़ रुपए की राशि फंसी पड़ी है। सरकार का मकसद इन विवादों का निपटारा करके ज्यादा से ज्यादा राशि का संग्रह करना है। दरअसल आयकर विभाग अधिकांश विवादों में केस हार जाता है। इससे सरकार को नुकसान होता है। इस नुकसान से बचने के लिए ही सरकार विवाद से विश्वास स्कीम लेकर आई है।

ऐसे करना होगा टैक्स का भुगतान

  • यदि करदाता ने अपील की है तो उसे 31 मार्च तक विवादित रकम का भुगतान करना होगा। इसमें पेनल्टी और ब्याज शामिल नहीं होगी। सर्च के मामलों में 25 फीसदी अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
  • यदि विवाद पेनल्टी, ब्याज या फीस की रकम पर है तो केवल विवादित राशि का 25 फीसदी चुकाना होगी। बाकी की रकम माफ कर दी जाएगी।
  • सर्च के मामलों में करदाता ने अपील की है तो उसे पेनल्टी और ब्याज को छोड़कर विवादित राशि का 35 फीसदी अतिरिक्त चुकाना होगा। इसी तरह सर्च के मामलों में पेनल्टी, ब्याज या फीस पर विवाद है तो 30 फीसदी रकम चुकानी होगी।
  • यदि इनकम टैक्स विभाग ने अपील की है तो करदाता को विवादित राशि का 50 फीसदी और सर्च के मामलों में 12.5 अतिरिक्त चुकाना होगा। ब्याज और पेनल्टी की छूट रहेगी। यदि विवाद ब्याज, पेनल्टी या फीस को लेकर है तो केवल 12.5 फीसदी का भुगतान करना होगा। बाकी राशि माफ कर दी जाएगी।

विदेशों में लंबित मामलों में भी मिलेगा लाभ

  • केंद्र सरकार की ओर से इस साल आम बजट में पेश की गई इस विवाद से विश्वास स्कीम का फायदा विदेशों में लंबित मामलों में भी मिलेगा। इनकम टैक्स विभाग की ओर से हाल ही में कहा गया है कि विदेशों में लंबित टैक्स विवादों में करदाता इस स्कीम के तहत आवेदन करके फायदा ले सकते हैं।

31 मार्च के बाद भुगतान पर अतिरिक्त 10% देना होगा

  • इस स्कीम के तहत यदि कोई करदाता विवाद समाप्त कराने के लिए 31 मार्च तक पूरा भुगतान करना होगा। 31 मार्च तक भुगतान किए जाने वाली राशि पर किसी भी प्रकार को कोई ब्याज या पैनल्टी नहीं देनी होगी। यदि कोई करदाता 31 मार्च तक भुगतान में चूक जाता है तो उसे 10 फीसदी अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होगा। योजना के तहत टैक्स का भुगतान 30 जून 2020 तक किया जा सकता है।

‘बीईपीएस एक्शन प्लान 13’

  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि एक बहुराष्ट्रीय उद्यम अपने लाभ के बारे में उस स्‍थान या क्षेत्राधिकार में अवश्‍य ही सही ढंग से जानकारी देगा जहां उसे अर्जित किया गया है, आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) ने ‘आधार क्षरण और लाभ स्थानांतरण (बीईपीएस) एक्शन प्लान 13’ नामक एक कार्य योजना तैयार की थी। ‘बीईपीएस एक्शन प्लान 13’ के तहत सभी बड़े बहुराष्ट्रीय उद्यमों (एमएनई) के लिए आय के वैश्विक आवंटन, लाभ एवं अदा किए गए टैक्‍स के साथ-साथ उन कर क्षेत्राधिकारों में की जा रही आर्थिक गतिविधियों से जुड़े समग्र आंकड़ों वाली देश-दर-देश (सीबीसी) रिपोर्ट तैयार करना आवश्यक है जहां उनका कारोबारी संचालन होता है। संक्षेप में, सीबीसी रिपोर्ट एक वार्षिक रिटर्न है जिसमें क्षेत्राधिकार के आधार पर वित्तीय विवरणों के प्रमुख अवयवों का विस्‍तृत ब्‍यौरा होता है। सीबीसी रिपोर्ट से स्थानीय कर प्राधिकरणों को संबंधित एमएनई के राजस्व, आय, अदा किए गए एवं संचित टैक्‍स, रोजगार, पूंजी, बरकरार रखी गई आय, वास्तविक परिसंपत्तियों और विभिन्‍न कार्यकलापों के बारे में महत्‍वपूर्ण जानकारियां प्राप्‍त होती हैं।
  • इस सीबीसी रिपोर्ट का उपयोग राजस्व जोखिम के आकलन के लिए आयकर अधिकारियों द्वारा एक पुष्टिकरण सामग्री के रूप में किया जाता है।
  • भारत के आयकर कानूनों के संबंधित प्रावधानों के अनुसार प्रत्‍येक एमएनई समूह, जिसकी कोई घटक इकाई भारत में अवस्थित है, के लिए आयकर विभाग को अपनी मूल इकाई और वैकल्पिक रिपोर्टिंग इकाई के साथ-साथ उन देशों के बारे में भी सूचित करना अनिवार्य है जहां इस तरह के निकाय या इकाई अवस्थित हैं। इस तरह की मूल इकाई या वैकल्पिक रिपोर्टिंग इकाई के लिए ‘देश-दर-देश रिपोर्ट’ नामक एक रिपोर्ट प्रस्तुत करना आवश्यक है, जिसमें निम्‍नलिखित कुछ विशेष सूचनाएं हों:
  1. प्रत्येक देश या क्षेत्र, जहां समूह का कारोबार संचालित होता है, के संबंध में आयकर पूर्व राजस्व, लाभ या हानि, अदा किए गए आयकर, संचित आयकर, वर्णित पूंजी, संचित आय, कर्मचारियों की संख्या और वास्‍तविक परिसंपत्तियों से जुड़ी समग्र सूचनाएं जो नकद या नकद समतुल्‍य नहीं हों;
  2. समूह की प्रत्येक घटक इकाई का विवरण जिसमें उस देश या क्षेत्र का उल्‍लेख भी शामिल हो जहां इस तरह की घटक इकाई को निगमित या संगठित या स्थापित किया गया है और जिसमें उस देश या क्षेत्र का उल्‍लेख भी शामिल हो जहां वह अवस्थित है;
  3. प्रत्येक घटक इकाई के मुख्य कारोबार का स्‍वरूप और विवरण।

:: भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

फेवीपिरावीर और ड्रोक्लोरोक्वीन

  • कोरोना वायरस ने ऐसा महामारी का रूप लिया है दुनियाभर में इस वक्त लॉकडाउन जैसी स्थिति बनी हुई है। अब तक हजारों लोग इसकी चपटे में चुके हैं और कई लोगों की जानें जा चुकी है। ऐसे में चीन की तरफ से इसकी दवा को लेकर बड़ा दावा किया गया है। जापान के मीडिया ने गुरूवार को कहा कि चीन के मेडिकल अथॉरिटीज ने यह दावा किया है कि जापान में इन्फ्लूएंजा में इस्तेमाल होनेवाली दवा काफी फायदेमंद साबित हुई है।
  • चीन के विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारी झांग जिनमिन ने कहा- फुजीफिल्म की अधीनस्थ कंपनी की तरफ से बनाई गई फेवीपिरावीर का वुहान और शेनझांग में क्लीनिकल ट्रायल के दौरान 340 मरीजों पर काफी कारगर नतीजा देखने को मिला। झांग ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा- "यह सुरक्षित और इलाज में काफी प्रभावकाली साबित हुआ है।"
  • पब्लिक ब्रॉडकास्टर एनएचके ने बताया कि जो कोरोना के मरीज पॉजिटीव पाए गए थे उन्हें शेनझांग में यह दवा देने के चार दिन बाद वायरस की रिपोर्ट निगेटिव आई थी।

अमेरिका ने दी कोरोना के इलाज में एंटी मलेरिया दवा को मंजूरी

  • कोरोना वायरस से दुनियाभर में लगातार हो रही मौत और हजारों नए केस आने के बाद जहां स्थिति भयावह बनी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका की तरफ से मलेरिया के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली दवा को इसके इलाज में कारगर होने का दावा किया गया है।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मलेरिया और अर्थराइटिस में इस्तेमाल होनेवाली दवा कोरोना वायरस के इलाज में बेहतर साबित हुई है।राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरूवार को कहा कि उनके प्रशासन की तरफ से गठित कोरोन वायरस टास्क फोर्स कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए एंटी मलेरिया ड्रग को मंजूरी दी है।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ने कोरोना वायरस टास्क फोर्स की ब्रीफिंग के दौरान कहा- मलेरिया और अर्थराइटिस में लंबे समये से इस्तेमाल होने वाली दवा है। ड्रोक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) जो डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर कोरोना वायरस के मरीजों के लिए 'फौरन उपलब्ध' कराई जाएगी। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, अमेरिका ने कोरोना वायरस से अब तक 7,701 मरीज और 118 मौत की पुष्टि की है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

‘विश्व गौरैया दिवस’ (World Sparrow Day)

  • प्रति वर्ष 20 मार्च को संपूर्ण विश्व में ‘विश्व गौरैया दिवस’ (World Sparrow Day) मनाया जाता है। विश्व भर में गौरैया की 26 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से 5 भारत में भी मिलती हैं। गौरैया की घटती आबादी को देखते हुए नेचर फॉरेवर सोसायटी के अध्यक्ष मोहम्मद दिलावर के विशेष प्रयासों से पहली बार वर्ष 2010 में विश्व गौरैया दिवस मनाया गया था। महाराष्ट्र के नासिक जिले के मोहम्मद दिलावर वर्ष 2008 से गौरैया के संरक्षण को लेकर काम कर रहे हैं।

गौरेया पक्षी के बारे में जानकारी

  • घरेलू गौरेया पास्सेर डोमेस्टिकस विश्व गौरैया परिवार पास्सेराइडे की सबसे पुरानी सदस्य है । कुछ लोग मानते हैं कि यह वीबर फिंच परिवार की सदस्य है । इस पक्षी की कई अन्य प्रजातियां भी पायी जातीं हैं । इन्हें प्राय इसके आकार तथा गर्दन के रंग के आधार पर अलग किया जाता है । विश्व के पूर्वी भाग में पायी जाने वाली इस चिड़िया के गाल धवल तथा पश्चिमी भाग में भूरे होते हैं । इसके अलावा नर गौरैया की छाती का रंग अंतर के काम में लाया जाता है । दक्षिण एशिया की गौरैया पश्चिमी गोलार्ध्द की तुलना में छोटी होती है । यूरोप में मिलने वाली गौरैया को पास्सेर डोमेस्टिकस. खूजिस्तान में मिलने वाली को पास्सेर पर्सीकस . अफगानिस्तान व तुर्कीस्तान में पास्सेर बैक्टीरियन . रूसी तुर्कीस्तान के पूर्वी भाग के सेमीयेरचेंस्क पर्वतों पर मिलने वाली गौरैया को पास्सेर सेमीरेट्सचीन्सिस कहा जाता है । फिलीस्तीन और सीरिया में मिलने वाली गौरैया की छाती का रंग हल्का होता है । भारत .श्रीलंका और हिमालय के दक्षिण में पायी जानी वाली गौरैया को पास्सेर इंडिकस कहते हैं जबकि नेपाल से लेकर कश्मीर श्रीनगर में इस चिड़िया की पास्सेर परकीनी नामक प्रजाति पायी जाती है।
  • भारत के हिन्दी पट्टी इलाके में इसका लोकप्रिय नाम गौरैया है तथा केरल एवं तमिलनाडु में इसे कुरूवी के नाम से जाना जाता है । तेलुगू में इसे पिच्चूका . कन्नड में गुब्बाच्ची . गुजराती में चकली .तथा मराठी में चिमनी. पंजाब में चिरी. जम्मू कश्मीर में चायर. पश्चिम बंगाल में चराई पाखी तथा उडीसा में घाराचटिया कहा जाता है । उर्दू भाषा में इसे चिड़िया और सिंधी भाषा में इसे झिरकी के नाम से पुकारा जाता है।

लक्षण

  • 14 से 16 सेंटीमीटर लंबी इस पक्षी के पंखों की लंबाई 19 से 25 सेंटीमीटर तक होती है जबकि इसका वजन 26 से 32 ग्राम तक का होता है । नर गौरैया का शीर्ष व गाल और अंदरूनी हिस्से भूरे जबकि गला. छाती का ऊपरी हिस्सा श्वेत होता है । जबकि मादा गौरैया के सिर पर काला रंग नहीं पाया जाता बच्चों का रंग गहरा भूरा होता है ।
  • गौरैया की आवाज की अवधि कम समय की और धात्विक गुण धारण करती है जब उसके बच्चे घोंसले में होते हैं तो वह लंबी सी आवाज निकालती है । गौरैया एक बार में कम से कम तीन अंडे देती है । इसके अंडे का रंग धवल पृष्ठभूमि पर काले .भूरे और धूसर रंग का मिश्रण होता है । अंडो का आकार अलग अलग होता है जिन्हें मादा गौरैया सेती है । इसका गर्भधारण काल 10 से 12 दिन का होता है । इनमें गर्भधारण की क्षमता उम्र के साथ बढती है और ज्यादा उम्र की चिड़िया का गर्भकाल का मौसम जल्द शुरू होता है ।

अन्य तथ्य

  • घरेलू गौरैया को एक समझदार चिड़िया माना जाता है और यह इसकी आवास संबंधी समझ से भी पता चलता है जैसे घोसलों की जगह. खाने और आश्रय स्थल के बारे में यह चिड़िया बदलाव की क्षमता रखती है । विश्वभर में गाने वाली चिड़िया के नाम से मशहूर गौरैया एक सामाजिक पक्षी भी है तथा लगभग साल भर यह समूह में देखा जा सकता है । गौरैया का समूह 1.5 से दो मील तक की दूरी की उडान भरता है लेकिन भोजन की तलाश में यह आगे भी जा सकता है । गौरैया मुख्य रूप से हरे बीज. खासतौर पर खाद्यान्न को अपना भोजन बनाती है । लेकिन अगर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं है तो इसके भोजन में परिवर्तन आ जाता है इसकी वजह यही है कि इसके खाने के सामानों की संख्या बहुत विस्तृत है । यह चिड़िया कीड़ो मकोड़ों को भी खाने में सक्षम है खासतौर पर प्रजनन काल के दौरान यह चिड़िया ऐसा करती है ।
  • घरेलू गौरैया को अपने के आवास के निर्माण के लिए आम घर ज्यादा पसंद होते हैं । वे अपने घोंसलों को बनाने के लिए मनुष्य के किसी निर्माण को प्राथमिकता देती हैं । इसके अलावा ढंके खंभों अथवा घरेलू बगीचों या छत से लटकती किसी जगह पर यह पक्षी घोंसला बनाना पसंद करता है लेकिन घोंसला मनुष्य के आवास के निकट ही होता है । नर गौरैया की यह जिम्मेदारी होती है कि वह मादा के प्रजननकाल के दौरान घोंसले की सुरक्षा करे और अगर कोई अन्य प्रजाति का पक्षी गौरैया समुदाय के घोंसले के आसपास घोंसला बनाता है तो उसे गौरैया का कोपभाजन बनना पडता है । गौरैया का घोंसला सूखी पत्तियों व पंखों और डंडियों की मदद से बना होता है । इसका एक सिरा खुला होता है ।

क्यों चिंता की बात है?

  • गौरैया गिद्ध के बाद सबसे संकट ग्रस्त पक्षी है। यूरोप में गौरैया संरक्षण-चिंता के विषय वाली प्रजाति बन चुकी है और ब्रिटेन में यह रेड लिस्ट में शामिल हो चुकी है।
  • भारत में भी इस चिड़िया की जनसंख्या में हाल के वर्षो में भारी गिरावट दर्ज की गयी है । यूरोप महाद्वीप के कई जगहों पर पायी जाने वाली गौरैया की तादाद में यूनाइटेड किंगडम. फ्रांस. जर्मनी. चेक गणराज्य. बेल्जियम .इटली और फिनलैंड में खासी कमी पायी गयी है।
  • केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय भी मानता है कि देशभर में गौरेया की संख्या में कमी आ रही है। देश में मौजूद पक्षियों की 1200 प्रजातियों में से 87 संकटग्रस्त की सूची में शामिल हैं। गौरैया के जीवन संकट को देखते हुए वर्ष 2012 में उसे दिल्ली के राज्य पक्षी का दर्जा भी दिया गया था।

गौरैया की जनसंख्या में गिरावट के कारण?

  • सीसे रहित पेट्रोल का प्रयोग होना है । इसके जलने से मिथाइल नाइट्रेट जैसे पदार्थ निकलते हैं । जो छोटे कीड़े के लिए जानलेवा होते हैं और ये कीड़े ही गौरैया के भोजन का मुख्य अंग हैं ।
  • भवनों के नए तरह के डिजायन जिससे गौरेया को घोंसला बनाने की जगह नहीं मिलती है । कंक्रीट के भवनों की वजह से घोंसला बनाने में मुश्किल आती हैं
  • इसके अलावा घरेलू बगीचों की कमी व खेती में कीटनाशकों के बढते प्रयोग के कारण भी इनकी संख्या में कमी आयी है ।
  • हाल के दिनों में इनकी जनसंख्या में गिरावट का मुख्य कारण मोबाइल फोन सेवा मुहैया कराने वाली टावरें हैं । इनसे निकलने वाला विकिरण गौरैया के लिए खतरनाक साबित हो रहा है । ये विकिरण कीड़ो मकोड़ों और इस चिड़िया के अंडो के विकास के लिए हानिकारक साबित हो रहा है ।
  • इंडियन क्रेन्स और वेटलैंडस वकिर्गं ग्रुप से जुडे के एस गोपी के अनुसार हालांकि इस बारे में कोई ठोस सुबूत या अध्ययन नहीं है जो इसकी पुष्टि कर सके पर एक बात निश्चित है कि इनकी जनसंख्या में गिरावट अवश्य आयी है । उनके अनुसार खेतों में प्रयोग होने वाले कीटनाशक आदि वजहों से गौरैया का जीवन परिसंकटमय हो गया है ।
  • कोयम्बटूर के सालिम अली पक्षी विज्ञान केंद्र एवं प्राकृतिक इतिहास के डा. वी एस विजयन के अनुसार यह पक्षी विश्व के दो तिहाई हिस्सों में अभी भी पाया जाता है लेकिन इसकी तादाद में गिरावट आयी है । बदलती जीवन शैली और भवन निर्माण के तरीकों में आये परिवर्तन से इस पक्षी के आवास पर प्रभाव पड़ा है ।

गौरैया के संरक्षण के लिए क्या करे?

हालाँकि 'State of India's Birds Report 2020' के अनुसार गौरैया और मोर जैसे पक्षियों के सन्दर्भ में सकारात्मक खबर है । फिर भी इस दिशा में काफी कुछ करने की आवश्यकता है-

  • अगर वह हमारे घर में घोंसला बनाए, तो उसे बनाने दें। हम नियमित रूप से अपने आंगन, खिड़कियों और घर की बाहरी दीवारों पर उनके लिए दाना-पानी रखें।
  • कृत्रिम घर बनाये (जूते के डिब्बों, प्लास्टिक की बड़ी बोतलों और मटकियों में छेद करके) एवं उन्हें उचित स्थानों पर लगाये
  • शोधकर्ताओ और जनता के बीच सहयोग को बढ़ावा दें
  • उपेक्षित प्रजातियो को बेहतर ढंग से समझने के प्रयास शुरू करें
  • गिरावट के कारणो की जांच करें
  • देखे हुये पक्षियो को अभिलिखित करें एवं सार्वजनिक मंच पर डेटा प्रविष्ट करें
  • कम बर्डवॉचिग वाले क्षेत्रों में जानकारी के अंतर को भरने में मदद करें
  • बर्डवॉचिग का संदेश फैलाएं ,और क्षेत्रीय निगरानी प्रयासों की शुरुआत करें

:: विविध ::

ग्लोबल टीचर प्राइज-2020

  • यूनेस्को की साझेदारी में होने वाले वार्षिक वर्कले फाउंडेशन ग्लोबल टीचर प्राइज-2020 के लिए 50 संभावित विजेताओं को चुना गया है जिनमें तीन भारतीय शिक्षक शामिल हैं। पुरस्कार के तौर पर 10 लाख डॉलर की राशि दी जाती है।
  • इस पुरस्कार के लिए 140 देशों के करीब 12 हजार शिक्षकों को नामांकित किया गया था जिनमें से 50 शिक्षकों को संभावित विजेताओं के रूप में चुना गया है। इनमें राजस्थान के शिक्षा निकेतन बेयरफुट कालेज में नागरिकता के शिक्षक शुवजीत पायने, महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के परितावाडी स्थित जिला परिषद प्राथमिक स्कूल में शिक्षक रंजीतसिंह दिसाले, दिल्ली स्थित एसआरडीएवी पब्लिक स्कूल में कंप्यूटर विज्ञान की शिक्षिका विनीता गर्ग शामिल हैं।
  • ग्लोबल टीचर प्राइज का यह छठा संस्करण है और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए यह सम्मान दिया जाता है एवं संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक, सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) साझेदार है। उल्लेखनीय है कि पुरस्कार समिति इन 50 शिक्षकों में दस अंतिम दावेदारों को चुनेगी और जून में नतीजों की घोषणा की जाएगी।

प्रो. रूप मलिक को ‘घनश्याम दास बिड़ला वैज्ञानिक शोध पुरस्कार’

  • मुंबई स्थित टाटा इंस्ट्टियूट ऑफ फन्डामेंटल रिसर्च में बॉयोलॉजिकल साइंसेस विभाग के प्रोफेसर रूप मलिक को 2019 का ‘घनश्याम दास बिड़ला वैज्ञानिक शोध पुरस्कार’ दिया जाएगा। प्रो मलिक को यह पुरस्कार जैव-भौतिकी के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने मानव शरीर की कोशिकाओं के अंदर पायी जाने वाली संचार प्रणाली पर शोध कार्य किया है ।

  • साल 1991 में स्थापित हुआ यह पुरस्कार भारत में काम कर रहे 50 वर्ष या उससे कम आयु के भारतीय वैज्ञानिकों के उल्लेखनीय वैज्ञानिक कार्यों को सम्मान देने के उद्देश्य से दिया दिया जाता है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • किस संस्था के द्वारा स्वालंबन एक्सप्रेस को प्रारंभ करने की घोषणा की गई है एवं इसकी शुरुआत कहाँ से की जाएगी? (भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक, लखनऊ से प्रारंभ)
  • किस तिथि को ‘अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस’ मनाया जाता है? (20 मार्च)
  • विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट, 2020 में किस देश को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ? (फिनलैंड)
  • वित्त आयोग के द्वारा ‘राजकोषीय सुदृढ़ीकरण की रूपरेखा’ की समीक्षा के लिए गठित समिति के अध्यक्ष कौन हैं? (एन.के. सिंह)
  • कोरोना वायरस से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव से मुकाबले के लिए सरकार द्वारा किस टास्क फोर्स का गठन किया गया है? (‘कोविड-19 इकोनॉमिक रिस्पांस टास्क फोर्स’)
  • भारतीय रिजर्व बैंक के द्वारा यस बैंक को वित्तीय आवश्यकताओं के लिए कितनी धनराशि प्रदान की गई है? (60,000 करोड़ रुपए)
  • टैक्स विवादों के समाधान के लिए सरकार ने हाल ही में किस योजना को अधिसूचित किया है? (विवाद से विश्वास स्कीम)
  • हाल ही में चर्चा में रहे ‘आधार क्षरण और लाभ स्थानांतरण (बीईपीएस) एक्शन प्लान 13’ को किस संस्थान के द्वारा विकसित किया गया है? (आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन-ओईसीडी)
  • किस तिथि को ‘विश्व गौरैया दिवस’ मनाया जाता है? (20 मार्च)
  • 2019 का ‘घनश्याम दास बिड़ला वैज्ञानिक शोध पुरस्कार’ किसे प्रदान किया जाएगा? (प्रोफेसर रूप मलिक)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

<< मुख्य पृष्ठ पर वापस जाने के लिये यहां क्लिक करें